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कार्य विस्तार के साथ विचारों को कायम रखना बड़ी चुनौती: डॉ. मोहन भागवत जी

July 4, 2026

कार्य विस्तार के साथ विचारों को कायम रखना बड़ी चुनौती: डॉ. मोहन भागवत जी

News Posted on 04.07.2026, Time 07.24 PM Saturday, Nagpur RSS

नागपुर, 03 जुलाई 2026। लक्ष्मीनगर स्थित साइंटिफिक सोसायटी सभागार में आयोजित ‘डॉ. हेडगेवार – आधुनिक युग के शालिवाहन’ यूट्यूब वीडियो के सार्वजनिक प्रसारण समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि किसी भी संगठन का कार्य समय के साथ विस्तार पाता है, प्रतिष्ठा बढ़ती है और समाज में उसके प्रति विश्वास तथा सम्मान भी बढ़ता है। लेकिन ऐसे समय में सबसे बड़ी चुनौती अपने मूल विचारों और तत्वों को कायम रखने की होती है। कार्य का स्वरूप बदल सकता है, पर उसके मूल तत्व नहीं बदलने चाहिए। स्वयंसेवक बनना कोई अल्पकालीन प्रक्रिया नहीं, बल्कि जीवनभर निरंतर चलने वाली साधना है। जिसके लिए अहंकार ही नहीं, बल्कि अपने स्वभाव तक का समर्पण करना पड़ता है। यहां तक कि ‘समर्पण का भी अहंकार’ मन में नहीं आना चाहिए।

इस अवसर पर मिलिंद रहाटगांवकर की दृकश्रव्य श्रृंखला ‘असु आम्ही सुखाने, पत्थर पायातील’ के 101वें भाग का लोकार्पण सरसंघचालक जी ने किया। कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश अवचट, सचिव श्रीराम पिंपळीकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

सरसंघचालक जी ने कहा कि किसी भी संस्था के कार्य का विस्तार होने पर समाज में उसके प्रति विश्वास और प्रेम बढ़ता है। संघर्ष और उपेक्षा का दौर समाप्त होने लगता है, संसाधन उपलब्ध होने लगते हैं और प्रशंसा भी मिलने लगती है। लेकिन यह आत्मसंतुष्ट होकर बैठ जाने का समय नहीं होता। यह निरंतर आत्ममंथन करने का समय है कि हमारा समर्पण अभी भी ध्येय के प्रति उतना ही दृढ़ है या नहीं तथा हमारे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं। विचारों और सिद्धांतों को केवल पुस्तकों से नहीं समझा जा सकता। उन्हें जीवन में उतारना पड़ता है। किसी भी कार्य को समझने के लिए उसकी जड़ों तक जाना आवश्यक है। दूसरों से अपेक्षा करने से पहले स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ का कार्य केवल सक्रिय कार्यकर्ता तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसा स्वयंसेवक बनाना है जो अपने जीवन में संघ के संस्कारों को जीता हो।

उन्होंने कहा कि संघ की शाखा केवल दैनिक गतिविधियों का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्ति निर्माण की प्रयोगशाला है। शाखा से निकलने वाला स्वयंसेवक विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहकर समाज के लिए कार्य करता है। पढ़ने और सुनने की अपेक्षा संघ को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से अधिक गहराई से समझा जा सकता है। उन्होंने स्वयंसेवक निर्माण की प्रक्रिया को आजीवन साधना बताते हुए कहा कि यह एक दिन में पूरी होने वाली प्रक्रिया नहीं है। स्वयंसेवक को जीवनभर स्वयं को निरंतर विकसित करना पड़ता है। इसके लिए केवल समय या श्रम का नहीं, बल्कि अपने स्वभाव और अहंकार तक का समर्पण आवश्यक है। समर्पण करने के बाद भी व्यक्ति के भीतर ‘मैं समर्पित हूं’ का अहंकार नहीं आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक का पारिवारिक, सामाजिक और व्यावसायिक जीवन आदर्श होना चाहिए। समाज में श्रेष्ठ आचरण प्रस्तुत करते हुए नए स्वयंसेवकों का निर्माण करना ही वास्तविक सक्रियता है। देश-विदेश से अनेक लोग संघ के कार्य को देखने आते हैं। क्या उनके देशों के युवाओं को भी समाज के प्रति समर्पित होकर कार्य करने का प्रशिक्षण संघ दे सकता है, ऐसा वह पूछते हैं।

उन्होंने संघ को लेकर प्रचलित एक धारणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ किसी भी संगठन या संस्था का ‘रिमोट कंट्रोल’ नहीं चलाता। विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत संगठन स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं, जबकि संघ का मूल कार्य केवल व्यक्ति निर्माण और समाज के लिए समर्पित स्वयंसेवकों का निर्माण करना है।

July 1, 2026

Lucknow Agra Express way पर एक्सीडेंट,2 बच्चों समेत 5 की मौत, 8 घायल

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Uttar Pradesh News, Unnao News Posted on 01.07.2026 Wednesday, Time 11.04 AM, News Source: UP Samachar Sewa, UP News

उन्नाव, 01 जुलाई 2026 । आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार तड़के हुये एक्सीडेंट में 2 बच्चों समेत 5 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 8 अन्य घायल हो गए। एक्सीडेंट उस समय हुआ जब हरियाणा से बिहार जा रही तेज रफ्तार स्लीपर बस अनियंत्रित होकर आगरा से लखनऊ जा रही अर्टिगा कार से टकरा गई।
टक्कर के बाद  बस एक्सप्रेसवे से नीचे गड्ढे में गिरकर पलट गई। सूचना मिलते ही पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

माना जा रहा है कि बस के चालक को झपकी आने के कारण दुर्घटना हुई है।

June 27, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए विक्‍टोरिया पहुंचे

विक्टोरिया (सेशेल्स) 27 जून 2926, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी तीन दिन की सेशेल्‍स यात्रा पर विक्‍टोरिया पहुंच गए हैं। हवाई अड्डे पर सेशेल्‍स के राष्‍ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने उनका हार्दिक स्‍वागत किया। सोशल मीडिया पोस्‍ट में श्री मोदी ने इसके लिए राष्‍ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्‍स हिंद महासागर में भारत का महत्‍वपूर्ण समुद्री साझेदार और करीबी मित्र है। श्री मोदी ने दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए भारत और सेशेल्‍स के दीर्घकालिक संबंधों और सहयोग को बढावा देने के लिए सार्थक यात्रा की उत्‍सुकता प्रकट की।

प्रधानमंत्री बोटैनिकल गार्डन्‍स देखने गए और पौध रोपण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान श्री मोदी ने डॉक्‍टर हर्मिनी की उपस्थिति में कोको-डे-मेर का पौधा रोपा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह प्रधानमंत्री की एक पेड़ मां के नाम पहल का अंग था। इससे पर्यावरण स्थिरता के प्रति भारत और सेशेल्‍स की साझा प्रतिबद्धता का पता चलता है।

श्री मोदी ने बोटैनिकल गार्डन में विशाल कछुआ भी देखा। सोशल मीडिया पोस्‍ट में श्री मोदी ने कहा कि इस विशाल अल्डाब्रा कछुए का संबंध भारत और सेशेल्‍स के बीच विशेष मैत्री से भी है। उनमें से दो कछुए 2014 में कोलकाता के अलीपुर प्राणी उद्यान को उपहार में दिए गए थे।

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्‍यों के साथ बातचीत भी की। उन्‍होंने कहा कि प्रवासी भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच जीवंत पुल के रूप में कार्य करता है और लोगों के बीच साझेदारी को समृद्ध तथा मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री सेशेल्‍स के पचासवें स्‍वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्‍य अतिथि होंगे। वे सेशेल्‍स के राष्‍ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे।

हिंदू साम्राज्य दिवस पर शिवाजी महाराज के आदर्शों का स्मरण

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यक्रम, राष्ट्रसेवा और सामाजिक संगठन पर दिया गया जोर

हाथरस ।  वीर शिवाजी महाराज ने धर्म की रक्षा और हिन्दू समाज को संरक्षित करने का कार्य किया।  उन्होंने हिन्दू पद पादशाही की स्थापना कर सम्पूर्ण हिन्दू समाज को गौरवान्वित किया।  छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिन्दू समाज को जाग्रत और संगठित करने का जो कार्य किया वही कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी कर रहा है। यह देश हिन्दुओं का है।
हिन्दुओं के शासन को विदेशी आताताई एवँ देश में बेठे राष्ट्रविरोधी कभी स्वीकार नही करेंगे और षड्यंत्र रचकर हिन्दू समाज को बांटने का कार्य करेंगे। ऐसे राष्ट्रविरोधीयों के षड्यंत्रों को ध्वस्त कर समस्त हिन्दू समाज को एकजुटता के साथ आगे बढ़ना है तभी विश्व मे भारत माता की जयजयकार होगी। उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हरिगढ़ विभाग सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख जगदीश ने कही। वह गोपालधाम में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हिन्दू साम्राज्य दिवस को संबोधित कर रहे थे।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा वीर छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत ने अतिथियों ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन किया। स्वयंसेवक कन्हैया ने “उठो जवानों, हम भारत के स्वाभिमान सरताज हैं, अभिमन्यु का रथ का पहिया चक्रव्यूह की मार है” गीत प्रस्तुत किया।
मुख्य वक्ता जगदीश ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि समर्थ गुरु रामदास ने वीर शिवाजी महाराज को हिन्दू समाज और राष्ट्र को जागृत करने के लिए राजा बनने का आशीर्वाद दिया था।  सन 1674 में ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी को हिन्दू पदपादशाही की स्थापना हुई और वीर छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ। इसी दिवस को संघ हिन्दू सम्राज्य दिवस के रूप में मनाता है।
जगदीश ने कहा कि शिवाजी महाराज वीर थे उन्होने कभी झुकना नही सीखा।  गोरिल्ला युद्वनीति के उन्नायक शिवाजी महाराज ने क्रूर शासकों से लोहा लेकर  मुगलों को धूल
चटाने का कार्य किया और सूझबूझ से अनेकों किलों को जीता। वह कहते थे कि राष्ट्रहित में कुछ भी करना पड़े वह  न्यायसंगत है।
जगदीश ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन हमें अधर्म एवँ राष्ट्र विरोधियों के खिलाफ लड़ने के लिये ऊर्जा प्रदान कर निरन्तर देश एवँ समाज की सेवा के लिये प्रेरित करता रहेगा।  उन्होंने उपस्थित लोगों से शिवाजी महाराज के आदर्शों और नीतियों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सक डॉ. अनुभव वर्मा ने की।इस अवसर पर जिला संघचालक डॉ यूएस गौड़ ,जिला बौद्धिक प्रमुख पवन शर्मा ,जिला सेवा प्रमुख योगेश बागड़ी ,जिला व्यवस्था प्रमुख मनीष अग्रवाल ,जिला प्रचार प्रमुख आशीष सेंगर ,जिला सोशलमीडिया प्रमुख विकास गुप्ता ,जिला अभलेखगार प्रमुख सागर शर्मा ,नगर संघचालक डॉ पीपी सिंह ,नगर कार्यवाह भानु ,सह नगर कार्यवाह टिंकू राना ,सहित अनेक दायित्वान कार्यकर्ता एवँ स्वयंसेवक मौजूद रहे।

Bullet train दिल्ली से लखनऊ 2 घंटा 10 में पहुंचेंगे

*₹40,000 करोड़ के आयातित प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) का उत्पादन अब होगा देश के अंदर, जेवर बनेगा उत्पादन का प्रमुख केंद्र: केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव*

*मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश के जेवर में ₹6,750 करोड़ लागत की इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं का किया शिलान्यास।*

*केंद्र सरकार के सहयोग से जेवर में 206 एकड़ क्षेत्रफल में लगभग 417 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का किया जा रहा है विकास।*

*बुलेट ट्रेन के माध्यम से दिल्ली से लखनऊ का सफ़र मात्र 2 घंटे 10 मिनट में पूरा होगा, जबकि जेवर से लखनऊ जाने में केवल 1 घंटा 40 मिनट लगेगा: केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव*

नोएडा, 27 जून 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर के जेवर की यमुना सिटी में लगभग 6,750 करोड़ रुपये के निवेश वाली दो प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुये केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जेवर आने वाले वर्षों में देश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जिस अत्याधुनिक प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) का लगभग 40,000 करोड़ रुपये का आयात भारत करता था, उसका निर्माण अब देश में ही होगा और इसकी शुरुआत जेवर से होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का आधार प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) है, जिसमें अत्यंत जटिल बहु-स्तरीय (मल्टी-लेयर) सर्किट तकनीक का उपयोग होता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस उच्च तकनीक का निर्माण भारत में होने से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिलेगी।

श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर के बाद अब जेवर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की अनेक नई परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में स्थापित होंगी और राज्य देश के अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित होगा।

दिल्ली – लखनऊ – वाराणसी – पटना – सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का जिक्र करते हुये केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा स्वीकृत बुलेट ट्रेन परियोजना उत्तर प्रदेश के परिवहन परिदृश्य में ऐतिहासिक बदलाव लाएगी। इसके संचालन के बाद दिल्ली से लखनऊ की यात्रा लगभग 2 घंटे 10 मिनट तथा जेवर से लखनऊ की यात्रा मात्र 1 घंटा 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार को नई गति प्रदान करेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) में स्थापित होने वाली पहली औद्योगिक इकाई की भी आधारशिला रखी। केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित किये जा रहे 206 एकड़ क्षेत्रफल के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का विकास लगभग 417 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार का 144 करोड़ रुपये का योगदान है। यह क्लस्टर उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

*भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण*

‘सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम’ के अंतर्गत शुरू किया गया भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) देश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) का एक मजबूत एवं व्यापक इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। जून 2026 तक सरकार ने लगभग ₹1.64 लाख करोड़ के निवेश वाले 12 सेमीकंडक्टर विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इनमें एक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट, दो कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट तथा नौ सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट शामिल हैं।

यह मिशन ‘डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI)’ योजना के माध्यम से भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन इकोसिस्टम को भी सुदृढ़ बना रहा है। अब तक 24 डिजाइन परियोजनाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है, 105 कंपनियों को उन्नत इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स तक पहुंच उपलब्ध कराई गई है तथा विभिन्न फाउंड्रीज़ में उन्नत प्रौद्योगिकी नोड्स सहित 23 चिप टेप-आउट सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का उद्देश्य सेमीकंडक्टर उपकरणों एवं सामग्रियों, स्वदेशी बौद्धिक संपदा, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला तथा उन्नत विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देना है। यह पहल वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय सेमीकंडक्टर हब के रूप में भारत की पहचान को और अधिक सशक्त बनायेगी।

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