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एक्स मुस्लिम यात्रा को लेकर गंगा अध्यक्ष के बयान पर स्वामी रामविशाल दास ने किया पलटवार

April 13, 2026

एक्स मुस्लिम यात्रा को लेकर गंगा अध्यक्ष के बयान पर स्वामी रामविशाल दास ने किया पलटवार

श्री गंगा सभा से की नितिन गौतम व उज्जवल पंडित को सभा से बाहर करने की मांग
हरिद्वार, 13 अप्रैल। एक्स मुस्लिम यात्रा को लेकर उठे सवाल एवं आरोप प्रत्यारोपों के बीच स्वामी रामविशाल दास महाराज ने श्री गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम एवं तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित के बयान पर पलटवार किया है। प्रैस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान स्वामी रामविशाल दास महाराज ने कहा कि वे एक्स मुस्लिम यात्रा के ना तो संयोजक हैं, ना ही आयोजक हैं। वे केवल मुस्लिम से हिंदू बने लोगों का सम्मान करने पहुंचे थे। लेकिन श्री गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम ने उन्हें कालनेमि कहकर संतों का अपमान किया है। रामविशाल दास ने कहा कि संत बनने के बाद वे संत परंपरांओं का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। संतों के प्रचार प्रसार के चलते ही पूरे देश से लोग हरकी पैड़ी आते हैं। एक संत को कालनेमि बताने वाले व्यक्ति को श्री गंगा सभा का अध्यक्ष रहने का कोई अधिकार नहीं है। श्री गंगा सभा को नितिन गौतम व उज्जवल पंडित को तुरंत बाहर करना चाहिए। स्वामी रामविशाल दास ने गंगा सभा अध्यक्ष को डिबेट की चुनौती भी दी और कहा कि यदि किसी के टोपी पहनने पर आपत्ति थी तो मौके पर इसे रोका जा सकता था। लेकिन कार्यक्रम के दौरान किसी ने कोई आपत्ति नहीं जतायी। बाद में विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संतों के अपमान के इस मुद्दे को लेकर बुधवार को संत समाज की बैठक आयोजित की गयी है। बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक के दौरान विनोद महाराज ने कहा कि एक्स मुस्लिम शब्द इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। सनातन हिंदू संस्कृति में विश्वास जताकर हिंदू धर्म अपना चुके लोगों को अब हिंदू ही कहा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संतों को कालनेमि कहने का किसी कोई अधिकार नहीं है। स्वामी देवानंद ने कहा कि किसी भी तरह के आरोप लगाने से पहले सत्यता जाननी चाहिए। जिससे विवाद उत्पन्न ना हो।

April 12, 2026

पत्रकार राष्ट्र और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाएं : गंगवार

उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ़ जर्नलिस्ट (उपज) का पर्यटक आवास गृह होटल राही में प्रादेशिक अधिवेशन

मुरादाबाद 11 अप्रैल 2026, उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ़ जर्नलिस्ट (उपज) के प्रादेशिक अधिवेशन में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पत्रकारों से राष्ट्र और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन करने का आह्वान किया।
दिल्ली रोड स्थित पर्यटक आवास गृह होटल राही में आयोजित अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए श्री गंगवार ने कहा कि रुहेलखंड के पत्रकारों ने आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज डिजिटल मीडिया के दौर में मीडिया की यही मूल भावना प्रासंगिक है । पत्रकारों की समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका है। इस बदलते युग में आप इस तरह की पत्रकारिता करें जो जनसरोकारों से जुड़ी हुई हो और लोग आपको लंबे समय तक याद रखें। उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं की चर्चा करते हुए कहा जब मैं श्रम मंत्री था तब मैंने पत्रकारो के हित से जुड़े कई काम किए थे।
विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य उत्तर प्रदेश एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ. भूपेन्द्र सिंह ने कहा पत्रकारिता केवल प्रोफेशन नहीं है यह मिशन है, एक साधना है और सबसे बढ़कर यह समाज के प्रति एक नैतिक उत्तरदायित्व है। कलम की शक्ति तलवार से अधिक इसलिए मानी गई क्योंकि वह विचारों को गढ़ती है, जनमत को आकार देती है और व्यवस्था को आइना दिखाती है।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार, पूर्व कुलपति एवं नेशनल बुक ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष बल्देव भाई शर्मा ने कहा कि पत्रकारों का यह अधिवेशन संवाद, समन्वय और सामूहिक चिन्तन का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने आह्वान किया वर्तमान विषम परिस्थितियों में पत्रकारों का दायित्व है कि वे राष्ट्र हित में राष्ट्र निर्माण में अपनी लेखनी के माध्यम से योगदान दें ।
विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य उत्तर प्रदेश डॉ. जयपाल सिंह ‘व्यस्त’ ने कहा लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी निष्पक्ष कलम केवल खबर नहीं लिखती, समाज की चेतना लिखती है।
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इण्डिया) के राष्ट्रीय महासचिव त्रियुग नारायण तिवारी ने संस्था द्वारा पत्रकारों के हित में किये गए कार्यों का उल्लेख किया।
उपज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह ने स्वागत भाषण में मंचासीन अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया।
राष्ट्र गान और अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से आरम्भ अधिवेशन का संचालन बाबा संजीव आकांक्षी ने किया। आभार उपज के जिलाध्यक्ष हरि प्रकाश शर्मा ने व्यक्त किया।
प्रदेश महामंत्री आनन्द कर्ण, जिला महामंत्री कुमार देव, डॉ मनोज रस्तोगी, अभिषेक भारद्वाज, वीरभान सिंह,सुशील कुमार शर्मा, अभिव्यक्ति सिन्हा , कृति पांचाल विश्वकर्मा ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया ।
उद्घाटन समारोह के पश्चात आम सभा की बैठक तथा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक दो अलग-अलग सत्रों में आयोजित की गई। इन बैठकों में पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रमुख मुद्दों में पत्रकार पेंशन, आयुष्मान चिकित्सा कार्ड की विसंगतियां, रेल यात्रा रियायत बहाल कराना, आवासीय कॉलोनी की व्यवस्था, प्रेस मान्यता समिति का गठन, रोडवेज में सहवर्ती की निशुल्क यात्रा, पत्रकार सुरक्षा, छोटे समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापन की सुविधा शामिल हैं।

April 8, 2026

मोहसिना किदवई के निधन पर कांग्रेस नेताओं ने शोक जताया

काँग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहिसना किदवई का निधन ।
नई दिल्ली। वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता और मेरठ से तीन बार सांसद रहीं मोहसिना किदवई के निधन पर कांग्रेस नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे कांग्रेस की कर्मठ नेता रहीं।

मोहसिना किदवई का बुधवार को निधन हो गया। 93 साल की उम्र में किदवई ने बुधवार सुबह चार बजे अस्‍पताल में आखिरी सांस लीमोहसिन किदवई के निधन पर कई राजनेताओं ने शोक व्‍यक्‍त किया है। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी शोक जताया है। राहुल गांधी ने सोशल साइट एक्स पर लिखा है, “पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद मोहसिना किदवई जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। वे कांग्रेस पार्टी की एक वरिष्ठ और निष्ठावान नेता थीं ।

प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।” मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, “कांग्रेस पार्टी की दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती मोहसिना किदवई जी के निधन से मैं अत्यंत व्यथित हूं, जिन्होंने अपने जीवन के छह दशकों से अधिक समय राष्ट्र सेवा में समर्पित किया। लोकसभा और राज्यसभा में दीर्घकालिक सांसद और कई वर्षों तक कांग्रेस कार्यसमिति की एक सम्मानित सदस्य के रूप में, वे पार्टी के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी मार्गदर्शक बनी रहीं। उनका निधन कांग्रेस पार्टी और राष्ट्र के लिए एक गहरा नुकसान है।

अपमानजनक बयान पर खरगे के खिलाफ RSS ने थाने में शिकायत दर्ज कराई

गोवाहाटी, 08 अप्रैल 2026, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दक्षिण असम में आयोजित चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ दिए गए अपमानजनक, उकसावेपूर्ण एवं साम्प्रदायिक बयान पर संघ (आरएसएस) की उत्तर असम प्रांत एवं दक्षिण असम प्रांत इकाइयों ने कार्रवाई की मांग करते हुए क्रमशः दिसपुर पुलिस थाना तथा सिलचर पुलिस थाना में औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायतों के अनुसार, कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने श्रीभूमि जिले के करीमगंज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नीलामबाजार में आयोजित चुनावी सभा में सोमवार को विवादास्पद टिप्पणी की। उन्होंने आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा की तुलना “ज़हरीले साँप” से करते हुए उसे समाप्त किए जाने का आह्वान किया।

खड़गे ने कहा – “यदि आप नमाज़ अदा कर रहे हों और आपके सामने एक ज़हरीला साँप आ जाए, तो आपको नमाज़ रोककर पहले उस साँप को मारने के लिए दौड़ना चाहिए – क़ुरान यही सिखाती है। मैं कहता हूँ कि आरएसएस और भाजपा उसी ज़हरीले साँप की तरह हैं; यदि आप आरएसएस और भाजपा जैसे ज़हरीले साँप को समाप्त नहीं करेंगे, तो आप जीवित नहीं रह पाएंगे।”

RSS ने इस प्रकार के वक्तव्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियाँ चुनावी अभियान के दौरान धार्मिक भावनाओं का उपयोग करते हुए आरएसएस एवं भाजपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के विरुद्ध शत्रुता, भय तथा हिंसा को उकसा सकती हैं।

शिकायतों में कहा गया है कि यह बयान जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 83 के अंतर्गत भ्रष्ट चुनावी आचरण की श्रेणी में आता है। इससे जनता को आपराधिक रूप से भयभीत करने और विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक समूहों के समर्थकों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया गया है। आरएसएस एवं भाजपा की विचारधारा को “ज़हरीला” बताना तथा उनके उन्मूलन की बात करना संगठन के सदस्यों एवं समर्थकों को शारीरिक क्षति पहुँचाने के लिए उकसाने के रूप में देखा जा सकता है।

यह बयान हिन्दू और मुस्लिम समुदायों के बीच साम्प्रदायिक विभाजन को बढ़ावा देने का प्रयास प्रतीत होता है, जिससे असम में सार्वजनिक शांति एवं सौहार्द प्रभावित हो सकता है तथा चुनावी वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। शिकायतों में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इस प्रकार के वक्तव्य साम्प्रदायिक तनाव या टकराव का कारण बन सकते हैं।

संघ ने बल देकर कहा है कि लोकतांत्रिक संवाद संवैधानिक एवं विधिक मर्यादाओं के भीतर रहना चाहिए तथा चुनावी राजनीति में ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए जो सामाजिक सद्भाव और सार्वजनिक शांति को खतरे में डाले।

शिकायतें निम्नलिखित पदाधिकारियों ने प्रस्तुत की —

1. खगेन सैकिया, प्रांत कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तर असम प्रांत, गुवाहाटी (दिसपुर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज)

2. ज्योत्स्नामय चक्रवर्ती, प्रांत संघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दक्षिण असम प्रांत, सिलचर (सिलचर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज)

April 7, 2026

पीएमओ के नाम पर ठगी, दो पत्रकार गिरफ्तार

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Posted on 07.04.2026 Tuesday Time 09.22 PM, Mumbai

पीएम मोदी के ‘फर्जी’ हस्ताक्षर से 4 लाख की रंगदारी; प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नाम पर ठगी करने वाले दो ‘पत्रकार’ गिरफ्तार

मुंबई 07 अप्रैल 2026 । मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाले फर्जी पत्र का इस्तेमाल करके 4 लाख फिरौती मांगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टारगेट मीडिया से जुड़े तौसीफ हुसैन इस्माइल पटेल (44) और सिद्धिनाथ दीनानाथ पांडे उर्फ ​​सुनील (43) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी शास्त्री नगर, गोरेगांव (पश्चिम) के निवासी हैं। शिकायत के अनुसार, पीड़िता “मेगा श्रेया” नामक एक गैर सरकारी संगठन चलाती हैं, जो 2020 से वंचित बच्चों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों के लिए सामाजिक कार्य कर रहा है।

शिकायतकर्ता की मुलाकात तौसीफ पटेल और उसके सहयोगी फरनाज वाडिया से 2022 में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई। दोनों ने खुद को पत्रकार बताया और व्हाट्सएप के जरिए शिकायतकर्ता के सामाजिक कार्यों के बारे में जानकारी साझा करते हुए संपर्क में रहे। 18 मार्च को पटेल ने कथित तौर पर व्हाट्सएप पर एक वॉयस नोट भेजा, जिसमें पैसे के बदले प्रधानमंत्री कार्यालय से जन्मदिन की बधाई का पत्र भेजने की पेशकश की गई थी। शिकायतकर्ता ने शुरू में इस दावे को फर्जी बताकर खारिज कर दिया। हालांकि, आरोपियों ने पत्र को असली बताते हुए 4 लाख रुपये जनसंपर्क शुल्क की मांग की। इसके बाद, 28 मार्च को फरनाज वाडिया ने प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर वाला एक पत्र की डिजिटल प्रति भेजी, जो शिकायतकर्ता को संबोधित था और उसके सामाजिक कार्यों की प्रशंसा करता था। शिकायतकर्ता ने शुरू में पत्र को सोशल मीडिया पर साझा किया, लेकिन सहकर्मियों द्वारा इसकी प्रामाणिकता पर संदेह जताए जाने के बाद इसे हटा दिया। आरोपी ने कथित तौर पर अपनी मांगों को तेज कर दिया और फर्जी संदेश को विश्वसनीयता प्रदान करने के लिए शिकायतकर्ता के नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को वर्ली के एक कैफे में बुलाया.

यहां आरोपियों ने दावा किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में उनके संपर्क हैं और उन्होंने एक “असली” पत्र के बदले में 4 लाख रुपये की मांग दोहराई। लगातार दबाव और धमकियों के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ ने वर्ली सी फेस स्थित एक होटल में जाल बिछाया, जहां आरोपियों को शिकायकर्ता से पैसे लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से प्रधानमंत्री द्वारा कथित तौर पर हस्ताक्षरित एक फर्जी जन्मदिन का बधाई पत्र, खिलौने वाले नोटों के बंडल, दो असली 500 रुपये के नोट और अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए।

इसके बाद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में एफआईआर वर्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी और बाद में जांच के लिए जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ को स्थानांतरित कर दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच की और वर्ली इलाके में जाल बिछाया, जहां आरोपियों को रंगे हाथों जबरन वसूली की रकम लेते हुए पकड़ा गया। पुलिस को अन्य आरोपियों की संलिप्तता का संदेह है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के जाली हस्ताक्षर और लेटरहेड के स्रोत, फर्जी दस्तावेज बनाने में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरण सहित पहले भी इस तरह की धोखाधड़ी समेत अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है।

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