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देववाणी परोपकार मिशन का पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न

March 11, 2026

देववाणी परोपकार मिशन का पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न

हरिद्वार, 11 मार्च 26, देववाणी परोपकार मिशन हरिद्वार द्वारा 11 वां सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता 2025 ,26 प्रेस क्लब हरिद्वार में पुरस्कार वितरण किया गया।

देववाणी परोपकार मिशन के अध्यक्ष ईश्वर सुयाल ने बताया कि सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय तृतीय छात्र-छात्राओं को नगद पुरस्कार एवं शील्ड प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया जिसमें प्रथम स्थान आलोक पांडे वेद विद्यार्थी देहरादून जया रेडियंट पब्लिक स्कूल द्वितीय स्थान प्राची भारद्वाज सिवा नेशनल स्कूल भव्य कानेकर ,साध्वी आनंद ज्योति स्कूल ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान राशि अग्रवाल चेतन ज्योति जूनियर हाई स्कूल ,सारांश कौशिक भागीरथी विद्यालय हरिपुर ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया प्रतिभागियों को संयुक्त रूप से क्रमशः 5100,₹2100 और ₹1100 नगद पुरस्कार प्रदान किया गया इसके साथ ही हिमालयन अकैडमी हिमांगी, अंशिका , दून पब्लिक स्कूल के गुंजन सिंह, गिरीश चंद्र रवाली, हरि भारती संस्कृत विद्यालय में राहुल भट्ट ,सरोज ,आयुष गॉड शिव नेशनल स्कूल से स्नेहा गुप्ता ,प्राची भारद्वाज आयुषी जोशी सप्त ऋषि संस्कृत विद्यालय से रवि पांडे ,रोशन कुमार दुबे भागीरथी विद्यालय सार्थक राणा को मंच पर शील्ड प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया इस मौके पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हरिद्वार नगर निगम महापौर श्रीमती किरण जैसल ने कहा कि छात्र-छात्राओं में स्कूली ज्ञान के साथ-साथ सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है इससे छात्रों को एक मंच मिलता है और अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर होता है जो आने वाले प्रतियोगी परीक्षाओं में उनके लिए मील का पत्थर साबित होगी उन्होंने ऐसे आयोजन पर देववाणी परोपकार मिशन को शुभकामनाएं दी गरीब दासी आश्रम के अध्यक्ष स्वामी रवि देव शास्त्री ने कहा कि हिंदी संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता से छात्र-छात्राओं में प्रतिस्पर्धा का मार्ग खुलता है छात्रों को अध्ययन अध्यापन के साथ सामान्य ज्ञान बहुत जरूरी है आज के इस भौतिक आधुनिक युग में पूरे विश्व भर की खबरें हर किसी को पता होना चाहिए इस मौके पर युवा भारत साधु समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम महंत ने कहा कि संस्कृत हिंदी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता बहुत ही उपयोगी है जहां छात्रों को संस्कृत और हिंदी अंग्रेजी सभी माध्यमों के छात्रों को एकजुट होकर परीक्षाएं देनी हो रही हैं इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष ईश्वर सुयाल ने सभी का अभिनंदन स्वागत किया इस मौके पर विनय यादव मोहित जोशी नवीन सुयाल राहुल भट्ट स्नेहा गुप्ता राजवीर सिंह मुकेश सैनी प्रदीप कुमार कमल किशोर प्राची देवी गुंजन सिंह आयुषी जोशी आदि उपस्थित रहे

March 10, 2026

कैबिनेट ने जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाया

नई दिल्ली 10 मार्च 26, मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने  नई दिल्ली में संवाददाताओं को यह जानकारी दी।
उन्‍होंने बताया  कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में जल शक्ति मंत्रालय के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन को बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर सेवा वितरण के स्‍तर तक पुनर्गठित किया जाना है।
जल जीवन मिशन के पुनर्गठन के लिए मंत्रिमंडल ने इसके कुल परिव्यय को बढाकर 8 लाख 69 हजार करोड रुपये कर दिया है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 3 लाख 59 हजार करोड़ रुपये की सहायता शामिल है।
सुजलम भारत की स्थापना को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने  इसके साथ ही एक समान राष्ट्रीय डिजिटल ढांचा, “सुजलम भारत”, स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। इसके तहत प्रत्येक गांव को एक विशिष्ट सुजल गांव/सेवा क्षेत्र आईडी आवंटित की जाएगी। इससे स्रोत से नल तक संपूर्ण पेयजल आपूर्ति प्रणाली का डिजिटल मानचित्रण किया जाएगा।
मदुरै हवाई अड्डे का दर्जा अंतरराष्ट्रीय 
मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा देने का फैसला किया है। मदुरै शहर में स्थित मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार और पर्यटन तथा तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है। मदुरै हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा देने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अंतर्राष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आकर्षित करने की हवाई अड्डे की क्षमता शहर के ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप है।
जेवर हवाई अड्डे तक पहुंच के लिए धनराशि 
इस बीच, मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना सेक्‍शन से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जोडने के लिए ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी परियोजना के लिए 3 हजार 630 करोड 77 लाख रुपये मंजूर किए हैं। कुल करीब साढ़े 31 किलोमीटर लंबा यह गलियारा दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीधे और तीव्र गति का संपर्क जरिया बनेगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आर्थिक विकास और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा उज्जैन 
आर्थिक मामलों की समिति ने एनएच-752डी के बदनवार-पेटलावाद-थंदला-तिमरवानी खंड से 80दशमलव45 किलोमीटर लंबे चार-लेन कॉरिडोर के विकास को भी मंजूरी दी है। इसपर कुल 3 हजार 839 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत आएगी। यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तिमरवानी इंटरचेंज से जोड़ेगा। प्रस्तावित चार-लेन कॉरिडोर परियोजना का प्रमुख उद्देश्य यात्रा को सुगम बनाने के साथ ही  यात्रा समय में लगभग एक घंटे की कमी लाना है।
कैबिनेट समिति ने रेल मंत्रालय की दो परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है, जिनकी कुल लागत 4 हजार 474 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में सैंथिया-पाकुर चौथी लाइन और संतरागाछी-खड़गपुर चौथी लाइन बनाया जाना शामिल हैं। इससे भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा।

उत्तराखंड: विधानसभा में “देवभूमि परिवार विधेयक-2026” पेश

देहरादून, 10उत्तराखंड सरकार ने बजट सत्र के दौरान आज विधानसभा में “देवभूमि परिवार विधेयक-2026” पेश किया। इसका उद्देश्‍य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। इस विधेयक के पारित हो जाने पर राज्य में एक एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस तैयार किया जा सकेगा। इसमें परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य को मुखिया के रूप में दर्ज किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों में दर्ज लाभार्थियों के डेटा को एक साथ जोड़ा जा सकेगा। इससे सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में सभी सरकारी विभाग अलग-अलग लाभार्थी डेटाबेस इस्तेमाल करते हैं, जिससे आंकड़ों में दोहराव, पुनः सत्यापन की जटिलताएं और समन्वय की कमी जैसी समस्याएं आती हैं।

भारत चावल का सबसे बड़ा उत्पादक देश: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली, 10 मार्च 26, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछले दस वर्षों में देश में खाद्यान्न उत्पादन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रश्नों का उत्तर देते हुए श्री चौहान ने कहा कि देश ने 357 करोड़ टन के खाद्यान्न उत्पादन से महत्‍वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लाभ और खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में कई सुधार और नीतियां लागू की गई हैं। चीन को पीछे छोड़कर भारत चावल का विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। उन्होंने कहा कि दालों का उत्पादन भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है, जो 19 करोड़ टन से बढ़कर लगभग 26 करोड़ टन हो गया है।

श्री चौहान ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में संतुलित वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना देश भर के सौ जिलों में लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने इस योजना को लागू नहीं किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की सहायता और उत्पादन बढ़ाने के लिए इस कार्यक्रम के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के चार जिलों – पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम का चयन किया गया है।

श्री चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष किसानों के लिए किफायती दर पर उर्वरक उपलब्‍ध कराने के लिए एक लाख 86 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की है।

गैस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

Posted on: 10.03.2026 Time 02.35 PM Tuesday, New Delhi

नई दिल्ली, 10 मार्च, पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए प्राकृतिक गैस के उत्पादन को विनियमित करने, आपूर्ति बनाए रखने, समान वितरण और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार घरेलू पाइपलाइन प्राकृतिक गैस आपूर्ति, परिवहन के लिए सीएनजी, एलपीजी उत्पादन, पाइपलाइन कंप्रेसर ईंधन और अन्य आवश्यक पाइपलाइन परिचालन आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में प्राथमिकता दी गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि आपूर्ति को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 100 प्रतिशत परिचालन उपलब्धता के अधीन बनाए रखा जाएगा।

आदेश में कहा गया है कि उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 70 प्रतिशत के बराबर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। गैस विपणन संस्थाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि राष्ट्रीय गैस ग्रिड के माध्यम से आपूर्ति किए जाने वाले चाय उद्योग, विनिर्माण और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 80 प्रतिशत के बराबर गैस की आपूर्ति बनी रहे। आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी शहरी गैस वितरण संस्थाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति किए जाने वाली गैस उनकी पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत का 80 प्रतिशत हो।

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