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दक्षिण भारत के हजारों लोगों ने ली मूल गर्भगृह स्थल पर मंदिर निर्माण की शपथ

April 6, 2026

दक्षिण भारत के हजारों लोगों ने ली मूल गर्भगृह स्थल पर मंदिर निर्माण की शपथ

चिन्ना जीयर स्वामी बोले, प्राकट्य स्थल पर मंदिर बनना ही चाहिए
हमारे पास ठोस साक्ष्य, सभी के सहयोग से जीतेंगे मुकदमा: महेंद्र प्रताप
दक्षिण भारत में विस्तार लेने लगा श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का आंदोलन
वृंदावन (मथुरा): वृंदावन धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण को लेकर माहौल भावनात्मक हो गया। कथा स्थल पर दक्षिण भारत से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर निर्माण कराने की शपथ ली।
हैदराबाद स्थित स्टैच्यू ऑफ इक्वेल्टी  आश्रम के आध्यात्मिक गुरु श्रीमन्नारायण रामानुज चिन्ना जीयर स्वामी के सान्निध्य में एक होटल में आयोजित कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने दक्षिण भारत से आए भक्तों को मथुरा स्थित शाही ईदगाह मस्जिद के विवादित स्थल को मुक्त कर वहां मंदिर निर्माण में सहयोग की शपथ दिलाई। इससे पहले उन्होंने श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़ने के इतिहास पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उनके पास इस मामले में ठोस साक्ष्य हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि न्यायालय में विजय मिलेगी। उन्होंने कहा कि हिंदुओं का जागा हुआ संकल्प ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि को कब्जा मुक्त कराएगा।
कार्यक्रम के दौरान दक्षिण भारत से आए श्रद्धालुओं ने महेंद्र प्रताप सिंह को अपने यहां आमंत्रित भी किया। भक्तों ने कहा कि वह दक्षिण भारत में भी श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन को बढ़ाने का कार्य तेजी करेंगे। साथ श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को बार बार तोड़े जाने की जानकारी अपने क्षेत्र के लोगों के साथ में साझा करेंगे। टी. रमेश गुप्ता, मोहन शर्मा, विठ्ठल और पुन्ना गोपाल राव ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब दक्षिण भारत के लोग श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी भव्य मंदिर निर्माण की उम्मीद लगाए हुए हैं। कहा कि जल्द हैदराबाद में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेंगे, जिसमें मुख्य अतिथि भी हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट होंगे।
इस अवसर पर स्वामी जी महाराज ने कहा कि यह विषय हिंदुओं की आस्था और अस्मिता से जुड़ा है। जिस स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ, वहां मंदिर बनना चाहिए। उन्होंने इस आंदोलन में महेंद्र प्रताप सिंह के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों का स्वागत किया गया। इस मौके पर गोपी स्वामी, मोहन शर्मा, टी. रमेश गुप्ता, एम. एसएसआर वर्मा, बी. रघुनंदन राव, विठ्ठल, पुनर्गोपाल राव, सत्यनारायण राव, मनोज, मनोहर व श्रीमती देवी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

April 3, 2026

Agra कंगना रनौत केस में अदालत में हुई बहस, किसानों संबंधी बयान पर तीखे सवाल

KANGNA RANAUT

16 अप्रैल को आएगा फैसला

आगरा। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा की सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ दर्ज किसानों के अपमान और राजद्रोह से जुड़े मामले में आज स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में सुनवाई के दौरान जोरदार बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्णय के लिए 16 अप्रैल 2026 की तिथि निर्धारित कर दी है।

यह मामला हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद कंगना रनौत द्वारा किसानों को लेकर दिए गए कथित विवादित बयानों से जुड़ा है। सुनवाई स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए के न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह की अदालत में हुई, जहां लगभग ढाई से तीन घंटे तक दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस चली।

वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा, जो स्वयं किसान पृष्ठभूमि से जुड़े हैं, ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 26 अगस्त 2024 को दिए गए बयान में कंगना रनौत ने किसान आंदोलन को लेकर गंभीर और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कोर्ट में अपनी खेती से जुड़े दस्तावेज (खसरा-खतौनी) भी प्रस्तुत किए और कहा कि इस बयान से करोड़ों किसानों की भावनाएं आहत हुई हैं।

बादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान, दुर्गविजय सिंह भैया, राजवीर सिंह, बीएस फौजदार, विष्णु उपाध्याय, प्रीति कुमारी, राजेंद्र गुप्ता, धीरज, अजय सागर, पवन गौतम सहित कई अधिवक्ताओं ने बहस में हिस्सा लिया। उन्होंने अदालत के समक्ष यह सवाल भी उठाया कि क्या 1947 में मिली आजादी को भीख कहना उचित है और क्या किसान आंदोलन को गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया।

वहीं, कंगना रनौत की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अनुसूया चौधरी ने पक्ष रखते हुए कहा कि विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और इंटरव्यू में आंदोलन के दौरान कुछ विवादित घटनाओं का उल्लेख हुआ था, जिनके आधार पर बयान दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान अलगाववादी नारे और कुछ आपराधिक घटनाएं सामने आई थीं।

इस पर वादी पक्ष ने तीखा प्रतिवाद करते हुए कहा कि किसान आंदोलन केवल तीन कृषि कानूनों के विरोध में था और कुछ अलग घटनाओं के आधार पर पूरे आंदोलन को बदनाम करना गलत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है, उनमें किसी किसान का नाम या प्रत्यक्ष संबंध सिद्ध नहीं हुआ।

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कोर्ट के पूर्व आदेश (16 मार्च 2026) के अनुपालन में कंगना रनौत की ओर से उनकी अधिवक्ता ने 500 रुपये का जुर्माना वादी पक्ष को अदा किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

करीब ढाई घंटे तक चली विस्तृत बहस के बाद अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए 16 अप्रैल 2026 को आदेश सुनाने की तिथि तय कर दी।

इस दौरान जिला कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन कुमार शर्मा सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता भी अदालत परिसर में मौजूद रहे। मामले की अगली सुनवाई अब 16 अप्रैल को होगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

सपा सांसद ने लोकसभा में उठाया गुलदार के आतंक का मुद्दा

SP MP MORADABAD RUCHI VEERA

मुरादाबाद: गुलदार के आतंक पर लोकसभा में गूंजा मुद्दा, सपा सांसद ने 25 लाख मुआवजे और विशेष टास्क फोर्स की मांग उठाई। मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते गुलदार (तेंदुआ) के हमलों का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने लोकसभा में इस गंभीर समस्या को जोरदार तरीके से उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने क्षेत्र में लगातार हो रही जनहानि और लोगों में व्याप्त भय का मुद्दा उठाते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की।

लोकसभा में बोलते हुए रुचि वीरा ने कहा कि मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आम लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में तेंदुए के हमलों में दर्जनों किसानों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन घटनाओं के चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग खेतों में जाने तक से डर रहे हैं।

सांसद ने कहा कि यह केवल वन्यजीवों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे-सीधे लोगों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तेंदुए के हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद हो सके।
इसके साथ ही रुचि वीरा ने प्रभावित क्षेत्रों में एक विशेष टास्क फोर्स तैनात करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मौजूदा व्यवस्था इस समस्या से निपटने में पर्याप्त साबित नहीं हो रही है, इसलिए एक समर्पित और प्रशिक्षित टीम की जरूरत है, जो तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखे और समय रहते कार्रवाई कर सके।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि लोग वन्यजीवों से बचाव के उपायों को समझ सकें और किसी भी आपात स्थिति में सही कदम उठा सकें। साथ ही, तेंदुओं को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की व्यवस्था को भी और मजबूत करने पर जोर दिया।

इस मुद्दे के लोकसभा में उठने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र और राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगी। मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी इस पहल को लेकर आशान्वित हैं और चाहते हैं कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकले।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय से मुरादाबाद मंडल के कई गांवों में गुलदार की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। ऐसे में इस मुद्दे का संसद तक पहुंचना इसे और गंभीर बनाता है और अब सभी की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

April 2, 2026

राम का जीवन ही रामोत्सव: मुकेश खांडेकर

रामोत्सव में राम के आदर्शों पर चलने का आह्वान

हाथरस। विश्व हिंदू परिषद द्वारा अंगूमल धर्मशाला में आयोजित रामोत्सव कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में पहली बार हाथरस पहुंचे क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश विनायक खांडेकर ने कहा कि राम का सम्पूर्ण जीवन ही रामोत्सव है और उनके आदर्श समाज को संगठित व सशक्त बनाने की प्रेरणा देते हैं।उन्होंने अपने उद्बोधन में प्रभु राम के जीवन चरित्र के माध्यम से मर्यादा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रत्नेश रत्न ने समरस समाज की आवश्यकता पर बल देते हुए जात-पात से ऊपर उठकर एकता का आह्वान किया।कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और भगवान राम के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया गया।इस अवसर पर संगठन के विभिन्न पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रवीण खंडेलवाल ने किया, जबकि आभार संजय गर्ग ने व्यक्त किया। आयोजन को सामाजिक एकता और संगठन शक्ति के उदाहरण के रूप में देखा गया।

April 1, 2026

जनगणना 2027 का पहला चरण आज से

नई दिल्ली 01 अप्रैल 26, विश्व की सबसे बड़ी जनसंख्या प्रक्रिया, जनगणना-2027 का पहला चरण आज से शुरू होगा। जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना तथा दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना होगी। इसके लिए 1 मार्च, 2027 को संदर्भ तिथि निर्धारित की गई है। पहली बार जनगणना डिजिटल माध्यम से होगी, जिसमें स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध होगा। यह स्व-गणना आज से इस महीने की 15 तारीख तक चलेगी। मकान सूचीकरण और आवास गणना 16 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक जारी रहेगी।
मकान सूचीकरण में सभी भवनों और संरचनाओं की सूची तैयार की जाएगी तथा आवासीय स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। भवनों की जियो-टैगिंग भी की जाएगी और प्रत्येक संरचना को एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी।
देशभर में इस कार्य के लिए 30 लाख से अधिक गणनाकर्मी, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी तैनात किए गए हैं। साथ ही, नागरिक सोलह भाषाओं में अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।
दूसरा चरण अगले वर्ष फरवरी में आयोजित किया जाएगा। इसमें आयु, लिंग, व्यवसाय, साक्षरता और जाति संबंधी विवरण एकत्र किए जाएंगे।
केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये से अधिक राशि को मंजूरी दी है। बर्फबारी वाले क्षेत्रों, जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर, 2026 निर्धारित की गई है।
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