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नेपाल में बस दुर्घटना, 7 भारतीयों की मृत्यु

March 15, 2026

नेपाल में बस दुर्घटना, 7 भारतीयों की मृत्यु

काठमांडू, (नेपाल) 15 मार्च 26, गोरखा जिले में कल शाम एक बस दुर्घटना में सात भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार बस में सोलह लोग सवार थे, जिनमें चौदह भारतीय तीर्थयात्री शामिल थे जो मनकामना मंदिर से लौट रहे थे। पुलिस ने बताया कि मृतकों में दो महिलाएं और पांच पुरुष शामिल थे। घायलों का उपचार किया जा रहा है। बस का चालक बच गया है, जबकि उसका सहायक घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है और आगे की जांच जारी है।

भागवत कथा में नंदोत्सव की धूम, जमकर थिरके श्रद्धालु

News Posted on 15.03.2026 Sunday Time 06.26 PM, Mathura,  Vrandavan Report by Atul Kumar
बलदेव, 15 मार्च 26 (उप्र समाचार सेवा) कस्बा स्थित रीढ़ा मोहल्ला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भागवत प्रवक्ता आचार्य मनीष गर्गाचार्य  ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि कंस के अत्याचारों से पृथ्वी को मुक्त कराने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लिया। कथा स्थल पर  नंदोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें भक्तजन भजनों की धुन पर झूमते नजर आए।
इस दौरान भगवान के बाल रूप की सजीव झांकी सजाई गई थी। भगवान के जन्म पर बधाई गीत भी गाए गए। पूरे समय श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे।
इस अवसर पर परीक्षित श्याम सुन्दर अग्रवाल,रेखा अग्रवाल,अमन अग्रवाल,रवेंद्र सिंह,उमेश अग्रवाल,पूर्व ब्लॉक प्रमुख यतेंद्र सिकरवार,चंद्रभान प्रधान,विनय अग्रवाल,अखिलेश पाठक,अवधेश दुबे,रिंकू सोनी, हरिओम सेठ,देवकीनंदन ,हरिमोहन , विनोद कुमार,बांकेलाल,रवि अग्रवाल,देव अग्रवाल,सतेंद्र ,संजीव अग्रवाल,योगेंद्र आचार्य,धीरज आचार्य,बच्चू सिंह,पवन गोयल,युवा समाजसेवी सुजीत वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

महंत पीर गणेश नाथ के स्मृति समारोह में शामिल हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

कैथल (हरियाणा) : 14 मार्च, 2026 , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ब्रह्मलीन श्री मंहत पीर गणेश नाथ जी के आठ मान भण्डारा, देशमेल एवं शंखाढाल कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह कार्यक्रम पूज्य श्री महंत पीर गणेश नाथ जी महाराज के शिष्य महंत देवनाथ जी महाराज द्वारा अपने गुरु की स्मृति में आयोजित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीते जी सम्मान प्रदान करने के साथ ही भौतिक रूप से अपने मध्य न रहने के बाद भी अपने गुरुओं और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का भाव व्यक्त करना सनातन परम्परा का हिस्सा है। इसी भाव के तहत हम सब यहां एकत्रित हैं। ‘कृते च प्रति कर्तव्यम् एष धर्मः सनातनः’ अर्थात यदि किसी ने हमारे प्रति कोई योगदान दिया है, तो उस योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना वास्तविक सनातन धर्म की पहचान है। हम सनातनी इसलिए हैं, क्योंकि हम बड़ों का सम्मान करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की भूमि वीरता  और भक्ति की भूमि रही है। इसके रज-रज में सिक्खों का प्रभाव देखने को मिलता है। कहा जाता है कि जब सिकन्दर विश्व विजेता बनने का सपना लेकर भारत पर हमला करने आया, उस समय उसके मन में यह अहंकार था कि वह विश्व विजेता बन जाएगा। वह जिस देश में जाता था, उस देश का शासक उसके समक्ष नत्मस्तक हो जाता था। इसी गलत फहमी में उसने भारत पर हमला करने का दुस्साहस किया।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि जब सिकन्दर के सैनिक हमला करने के लिए भारत में घुसे तो उसको बताया गया कि यहां एक चमत्कारिक सिद्ध योगी है। वह जो बोल देता है, वह सिद्ध हो जाता है। सिकन्दर ने कहा कि उस योगी को बुलाकर लाओ। उसके सिपहसालारों ने योगी के समक्ष जाकर कहा कि आपको विश्व विजेता सिकन्दर ने बुलाया है। उस योगी ने कहा कि कौन सिकन्दर। विश्व विजेता मनुष्य नहीं हो सकता है। गलत फहमी मत पालो। हम किसी सिकन्दर को नहीं मानते। सिकन्दर के सिपहसालारों ने वापस जाकर बताया कि यह योगी चमत्कारिक है, लेकिन कहते हैं कि वह सिकन्दर को नहीं मानते। यदि आपका आदेश हो तो बल प्रयोग से उस योगी को लाया जाए। सिकन्दर ने मना किया और कहा कि वह स्वयं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकन्दर यह मानता था कि जिस प्रकार अनेक राजाओं ने उसके समक्ष नतमस्तक होकर उसकी अधीनता स्वीकार की, उसी प्रकार यह योगी भी करेगा। सिकन्दर के उस योगी के सामने आने पर सिपहसालार उस योगी को बताते हैं कि सिकन्दर आए हैं। उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। योगेश्वर अपने आसन पर जमे रहे। सिकन्दर को लगा कि वह योगी उनका अपमान कर रहा है। तो उन्होंने पूछा कि मैं सिकन्दर हूं, क्या आप मुझे नहीं पहचानते। योगेश्वर ने जवाब दिया कि वह केवल मनुष्य को पहचानते हैं। ईश्वर के अलावा वह किसी को नहीं मानते हैं। ईश्वर सबसे महान है। वह अपनी कृपा सब पर समान रूप से बरसाता है। आप ईश्वर से बड़े नहीं हो सकते हैं और जो ईश्वर से बड़ा नहीं हो सकता उसे मैं महान नहीं मानता। सिकन्दर को पूरी सेना के सामने उस योगी के समक्ष नत्मस्तक होना पड़ा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सन्यासी ने सिकन्दर से कहा कि यह भारत भूमि है। अभी तो यह पहला मुकाबला है, आगे बढ़ोगे, तो वापस नहीं जा पाओगे। अच्छा होगा कि वापस चले जाओ, नहीं तो वापस जाने का मौका भी नहीं मिलेगा। यह भारत के संतो व सन्यासियों की वह परम्परा है, जिसने सदैव सदाचार व कर्तव्य को राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव को सर्वोच्च मान्यता दी तथा स्वयं के अहंकार से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लिए अपने आपको समर्पित किया है। इसीलिए गांव या शहर में रहने वाला भारत का प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी आज भी  सन्यासियों के प्रति आदर का भाव रखता है। यही आदर का भाव उसकी ताकत व संस्कार बनता है। यही संस्कार हम सभी को आगे बढ़ने तथा फलने-फूलने का अवसर उपलब्ध कराता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी चाहता था कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मन्दिर का निर्माण हो तथा गुलामी की बेड़ियां टूटें। करोड़ों लोग अयोध्या नहीं गये होंगे, लेकिन उनके मन में भाव था कि भगवान श्रीराम भारत के सनातन के प्रतीक व आधार स्तम्भ हैं। 500 वर्ष पूर्व एक विदेशी आक्रांता ने श्रीराम जन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम मन्दिर को अपवित्र करते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया था। दिन व वर्ष बीतते रहे तथा हिन्दू संघर्ष करता रहा। कोई भी हिन्दू की बात को सुनने वाला नहीं था।
भगवान श्रीराम के भव्य मन्दिर के निर्माण की पहल को उस समय नई ऊंचाइयां प्राप्त हुईं, जब श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने। आज उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्रीराम मन्दिर मुक्त ही नहीं हुआ, बल्कि दुनिया का सबसे भव्यतम मन्दिर बनकर तैयार हो गया तथा रामलला विराजमान हो गये।
आजादी के उपरान्त अनेक सरकारें आयीं और गयीं। लेकिन किसी ने लोगों की आस्था के बारे में नहीं सोचा। उनके पास तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति से फुर्सत नहीं थी। केन्द्र व प्रदेश में एक जैसी सरकार होने से राम मन्दिर का निर्माण हुआ। आज उत्तर प्रदेशवासियों को सुरक्षा की गारण्टी मिली है तथा अयोध्या ने देशवासियों को आस्था की गारण्टी दी है। इसी प्रकार काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम तथा महाकाल में महालोक का निर्माण हुआ है। उत्तराखण्ड के बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में भव्य मन्दिर का निर्माण हो चुका है। यह तब सम्भव होता है, जब उसके बारे में सोचने वाली सरकारें होती हैं। सनातन विरोधी सरकारें रहेंगी, तो वह तुष्टीकरण करेंगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत का दुश्मन हमेशा इस फिराक में रहता है कि कैसे हम इस देश को कमजोर करें। दुश्मन पाकिस्तान भारत में नशे कारोबार को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। हम अपनी युवा पीढ़ी व समाज को जागरूक करें। नशे के खिलाफ अभियान चलायें, क्योंकि नशा नाश का कारण है। नशे के खिलाफ हमारे द्वारा किये गये प्रयास, देश की सेवा है। हमें नशे के खिलाफ एक आन्दोलन को आगे बढ़ाना होगा। नशे के सौदागर देश के दुश्मन हैं, इन्हें किसी भी परिस्थिति में प्रश्रय नहीं देना चाहिये। यह मौत के सौदागर देश की सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी ऊर्जा और क्षमता से भरपूर है। अवसर मिलने पर युवा पीढ़ी ने देश व दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस युवा पीढ़ी से किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने देना चाहिये। धर्मसभाओं के माध्यम से हमें आम जनमानस को जागरूक करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिये। प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी को सनातन धर्म स्थलां पर जाकर बिना भेद-भाव के दर्शन-पूजन व अन्य अनुष्ठान करने चाहिये। भारत को नयी ऊंचाईयां तक पहुंचाने में योगदान देने के लिये सभी को एक साथ मिलकर इन स्थलों पर आना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे धर्म स्थल पूजा मात्र के स्थल नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की चेतना के भी केन्द्र होते हैं। यह केन्द्र आस्था के साथ-साथ समरसता के प्रतिनिधि भी बनने चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को बिना भेद-भाव अपनी आस्था व्यक्त करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिये। यह देश उस समय कमजोर हो गया था, जब यह जातियों के नाम पर बंटा हुआ था। आपसी मतभेदों में उलझा हुआ था। एक-दूसरे को नीचा दिखाने की दुष्प्रवृत्ति हावी हो रही थी। जब यह देश कमजोर हुआ, तो विदेशी आक्रान्ताओं ने यहा आकर धर्म स्थलों को नष्ट किया। बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में आज किसी प्रकार की अराजकता नहीं है। हम सभी को नये भारत का दर्शन हो रहा है। वर्तमान भारत पर हम सभी को गौरव की अनुभूति करनी चाहिये। यह देश दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर है। आज यहां इतना बड़ा आयोजन चल रहा है। दुनिया में अन्यत्र इतना बड़ा आयोजन सम्भव नहीं है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आप सभी को पता होगा कि खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है। दुनिया में अराजकता है, लेकिन भारत अन्नदाता किसानों के पुरुषार्थ व देश के यशस्वी नेतृत्व के मार्ग-दर्शन में विकास की यात्रा में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। यह समय है, जब 145 करोड़ देशवासी अपने नेतृत्व पर विश्वास जताकर मजबूती से देश के साथ खड़े हों। देश के नेतृत्व का जो भी आदेश हो, उसका पालन करें। कुछ लोग अफवाह के नाम पर अराजकता फैला रहे हैं। जनता जिन लोगों पर अपना विश्वास खो चुकी है, वह लोग अफवाह का सहारा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें मिलकर कार्य करना होगा। अव्यवस्था व अफवाह पर अंकुश लगाना होगा। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में हम सबको मजबूती के साथ कार्य करना होगा। देश सुरक्षित रहेगा, तो सनातन भी सुरक्षित रहेगा। यदि सनातन सुरक्षित रहेगा, देश भी सुरक्षित रहेगा। यह दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।
इस अवसर पर सन्तगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे

March 14, 2026

पुलिस भर्ती परीक्षा: कई सवालों ने चौंकाया,उलझन बढ़ी

यूपी पुलिस भर्ती व प्रोन्नति परीक्षा, 2026

*पहली पाली में अभ्यर्थियों से पूछे आईटी एक्ट,करंट अफेयर्स, अपराध से जुड़े सवाल*

मुरादाबाद,(उप्र समाचार सेवा)।
यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड परीक्षा की पहली पाली में अभ्यर्थियों को सवालों का सामना करना पड़ा। खासकर नए क्षेत्र आईटी एक्ट के अलावा करंट अफेयर्स, अपराध और संविधान से जुड़े सवाल पूछे गए। कई सवालों के जवाब अभ्यर्थियों ने आसानी से हल कर लिया। जबकि अन्य संबंधित सवाल अभ्यर्थियों को मुश्किल में डाल गए। हालांकि परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थी प्रश्नों के उत्तर से संतुष्ट रहें।

पूरे प्रदेश में पुलिस भर्ती परीक्षा का अंत पहला दिन है।जिले में 28 केंद्रों पर हो रही परीक्षा में करीब 45 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी है। शनिवार को पहली पाली की परीक्षा में प्रश्न पत्र अभ्यर्थियों के लिए मिला-जुला रहा। अभ्यर्थी प्रश्नों पत्रों को हल करने में चूके तो कईयो के चेहरे मुस्कान भरे हुए थे। परीक्षा में पुलिस के लिए जरूरी आईटी एक्ट, ताजा जानकारी से संबंधित करंट अफेयर्स और अपराध के बारे में अपडेट से जुड़े सवाल पूछे गए। परीक्षा में विज्ञान व भूगोल के अलावा संविधान की बाबत प्रश्न शामिल हुए।

प्रमुख प्रश्न।-

-भारत में विदेशी मुद्रा निपटान प्रणाली किसने शुरू की।
-2025 में नोबेल पुरस्कार से संबंधित प्रश्न
-डिजिटल इंडिया अभियान अब शुरू हुआ
-आई टी एक्ट, 2000 की धारा 69 ए किससे संबंधित
-भारत में आयकर का प्राथमिक कानून कौन सा है।
-प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री किस परिषद का हिस्सा हैं।
-निम्न में से कौन सा क्लाऊड कंप्यूटिंग सेवा है।

March 13, 2026

राजनाथ सिंह ने ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के कार्यां का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया

  • 299 करोड़ रु0 लागत से फेज-02 के कार्यां का लोकार्पण तथा 1,220 करोड़ रु0 लागत से फेज-03 व फेज-04 के कार्यों का शिलान्यास शामिल
  • लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे मार्च के अन्त या अप्रैल माह की शुरुआत में प्रारम्भ हो जाएगा
  • ब्रह्मोस मिसाइल अब लखनऊ की धरती पर बनेगी
  • लखनऊ बेहतरीन राजधानी के साथ सुगम यातायात का उत्कृष्ट केन्द्र : मुख्यमंत्री
लखनऊ : 13 मार्च, 2026, केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां 1,519 करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ के यातायात एवं अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने वाली ‘ग्रीन कॉरिडोर परियोजना’ के कार्यां का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इनमें 299 करोड़ रुपये लागत से फेज-02 के कार्यां का लोकार्पण तथा 1,220 करोड़ रुपये लागत से फेज-03 व फेज-04 के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। रक्षा मंत्री जी तथा मुख्यमंत्री जी के समक्ष लखनऊ शहर के समग्र विकास का मास्टर प्लान बनाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर और लखनऊ विकास प्राधिकरण के मध्य एक एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया। ग्रीन कॉरिडोर बनाने वाले श्रमिकों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए रक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि लखनऊ को लक्ष्मणनगरी कहा जाता है। यह भूमि त्रेतायुग से ही सांस्कृतिक रूप से जुड़ी हुई है। लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तर प्रदेश अपने आप में भारत का सांस्कृतिक प्रतिबिम्ब है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश के विकास के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत किया है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। माफियाओं, गुण्डों, अपराधियों में भय व्याप्त है। उनकी पहचान बुलडोजर बाबा के रूप में है। बुलडोजर केवल तोड़ता ही नहीं है, बल्कि तोड़ने के बाद विकास की जमीन भी तैयार करता है। मुख्यमंत्री जी विकास की जमीन तैयार कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज दुनिया में लखनऊ की चर्चा तहजीब के साथ-साथ उसके विकास के लिए भी हो रही है। यूनेस्को ने लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता दी है। खान-पान के लिए प्रसिद्ध विश्व के श्रेष्ठ शहरों की सूची में लखनऊ को स्थान मिलना हमारे लिए गौरव का विषय है। दुनिया के रहने लायक शहरों में लखनऊ का विशेष स्थान है। यह सभी डबल इंजन सरकार के प्रयासों से सम्भव हुए हैं। विगत कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उत्तर प्रदेश भारत का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से प्रगति कर रहा है। हाल ही में उनकी जापान और सिंगापुर की सफल यात्रा सम्पन्न हुई। वहाँ हुए निवेश समझौतों से उत्तर प्रदेश को और तेजी से आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। अगर हम वहाँ के लोगों के अच्छे अनुभवों को उत्तर प्रदेश की मेहनत और क्षमता से जोड़ेंगे, तो परिणाम और अधिक बेहतर होंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि 28 किलोमीटर लम्बी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना की लागत 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। यह ग्रीन कॉरिडोर लखनऊ शहर के मध्य से गुजरते हुए शहीद पथ और किसान पथ को आपस में जोड़ेगा। इससे यात्रा का समय बचेगा और लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह परियोजना लखनऊवासियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। इस परियोजना में ग्रीनरी को व्यवस्थित करने का कार्य किया गया है। सड़क के रास्ते में आए पेड़ों को काटा नहीं गया है, बल्कि उन्हें दूसरी जगह प्रत्यारोपित किया गया है।
आई0आई0एम0 रोड से पक्का पुल तक बांध चौड़ीकरण के साथ-साथ फ्लाईओवर बन चुका है, जिससे आवागमन सुगम हुआ है। परियोजना के दूसरे चरण में डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक आज लखनऊवासियों को समर्पित 07 किलोमीटर लम्बे इस कॉरिडोर से 15 लाख की आबादी लाभान्वित होगी। अगली कड़ी में समतामूलक चौक से शहीद पथ तक 10 किलोमीटर ग्रीन कॉरिडोर का विस्तार किया जाएगा।


इस परियोजना की विशेष बात यह है कि इसमें सिविल और डिफेंस सेक्टर दोनों ने मिलकर कार्य किया है। यह आपसी तालमेल इस बात का उदाहरण है कि जब सिविल और डिफेंस सेक्टर साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। लखनऊ में बाधारहित ट्रांसपोर्टेशन सम्भव हो सके, इस दृष्टि से यह ग्रीन कॉरिडोर परियोजना बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी पूरी कोशिश रही है कि लखनऊ की मल्टीमोडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी को और भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।
रक्षा मंत्री जी ने कहा कि लखनऊवासियों को 4,500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लगभग 62 किलोमीटर लम्बे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलने जा रही है। यह एक्सप्रेस-वे मार्च के अन्त या अप्रैल माह की शुरुआत में प्रारम्भ हो जाएगा। इससे लोग लखनऊ से कानपुर की यात्रा 35 से 40 मिनट में पूरी कर सकेंगे।
लगभग 07 हजार करोड़ रुपये की लागत से 100 किलोमीटर से अधिक लम्बे बाराबंकी-बहराइच सड़क अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद बाराबंकी से बहराइच की यात्रा का समय ढाई घण्टे से घटकर एक घण्टा 15 मिनट रह जाएगा। लखनऊ में किसान पथ सर्विस रोड प्रोजेक्ट और लखनऊ-सीतापुर हाई-वे 6-लेन प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। लखनऊ-सुल्तानपुर हाई-वे प्रोजेक्ट को लखनऊ-सुल्तानपुर-वाराणसी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे क्षेत्रीय सम्पर्क और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
रक्षा मंत्री जी ने कहा कि एक समय था जब लखनऊ की सड़कों पर जाम लगा रहता था। ट्रैफिक की समस्या को हल करने के लिए अमर शहीद पथ का विस्तार किया गया, कई फ्लाईओवर निर्मित कराए गए। लखनऊ मेट्रो का विस्तार किया जा रहा है। रिंग रोड परियोजना को आगे बढ़ाया गया, ताकि भारी वाहन शहर के भीतर आए बिना ही निकल सकें। यह सभी इस बात का प्रमाण हैं कि यदि सही इरादे, मजबूत इच्छा शक्ति और नेक नीयत वाली सरकार हो, तो देश और प्रदेश के विकास के लिए बड़े प्रयास होते हैं।
लखनऊ के सरोजनीनगर में कुछ दिन पूर्व ही अशोक लेलैण्ड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र का उद्घाटन हुआ है। इससे हजारों परिवारों को रोजगार मिलेगा। साथ ही, पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। हमारा लखनऊ तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में हमने कई ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो पहले सोचे भी नहीं गए थे। हम सभी ने इस पर ध्यान दिया है कि डिफेंस सेक्टर में लखनऊ पीछे नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में कई सारी डिफेंस फैसिलिटी स्थापित की गई हैं।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस इण्टीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी सेण्टर लखनऊ में स्थापित किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान के आतंकियों के दांत खट्टे करने का कार्य किया। यह ब्रह्मोस मिसाइल अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की धरती पर बनेगी। राष्ट्र की सुरक्षा व विकास के लिए लखनऊ के सैनिक और संसाधन तथा लखनऊ का सांसद सभी समर्पित भावना से कार्य कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
के0जी0एम0यू0 में विश्रामालय जैसी सुविधाएँ विकसित हुई हैं। पार्कों में ओपन जिम बनाए गए हैं। शेष पार्कों में भी ओपन जिम की व्यवस्था शीघ्र ही हो जाएगी। हमारा प्रयास रहा है कि विकास कागज पर न होकर लोगों के जीवन में दिखायी देना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि लखनऊ बेहतरीन राजधानी के साथ सुगम यातायात का बेहतरीन केन्द्र बना है। देश व दुनिया के अतिथि आकर यहाँ की साफ-सफाई व नवाचार की सराहना करते हैं। लोग कहते हैं कि लखनऊ ने कुछ नया करके दिखाया है। ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’, यह लखनऊ का प्रतीक बन चुका है। लखनऊ मेट्रो के कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार ने धनराशि स्वीकृत कर दी है तथा भारत सरकार के साथ मिलकर लखनऊ में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए हैं। आज ग्रीन कॉरिडोर लखनऊवासियों के सुगम आवागमन के लिए समर्पित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ की कनेक्टिविटी को प्रभावी बनाने के रक्षा मंत्री जी के विजन को एल0डी0ए0 साकार कर रहा है। प्राधिकरण ने शासन की भूमि को कब्जामुक्त कराकर तथा इसे मॉर्गेज कर धन अर्जित किया तथा इस प्रोजेक्ट के माध्यम से लखनऊ की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का कार्य किया। ग्रीन कॉरिडोर के कार्यां के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण को बजट से धनराशि नहीं दी गयी, बल्कि प्राधिकरण ने मलेसेमऊ की 40 एकड़ भूमि को कब्जामुक्त कराकर लगभग 1,000 करोड़ रुपये मॉर्गेज करते हुए विस्तार देने का कार्य प्रारम्भ किया है। इसी प्रकार गऊ घाट में 70 करोड़ रुपये कीमत की 11 एकड़ भूमि को विकसित करने का कार्य किया गया। जिस दूरी को तय करने में पहले एक घण्टे तक का समय लगता था, अब ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से वह मात्र 10 से 15 मिनट में बिना किसी बाधा के तय की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अर्बनाइजेशन इसका एक महत्वपूर्ण घटक है। लखनऊ इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में इसके विकास को तीव्र करने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रक्षा मंत्री जी लखनऊ के सांसद हैं। उन्होंने दुश्मन को ठिकाने लगाने के लिए इसी लखनऊ से ब्रह्मोस मिसाइल बनाना प्रारम्भ किया है। इस परियोजना में कार्य करने वाले नौजवान इंजीनियरों का चयन लखनऊ के ए0के0टी0यू0 में हुआ है। अधिकांश इंजीनियर्स ने लखनऊ के ए0के0टी0यू0, पॉलिटेक्निक, आई0टी0आई0 से डिप्लोमा-डिग्री प्राप्त किया है और अब देश की रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ रक्षा सेवाओं में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गौरव के साथ अपना योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित हो रहा है। लखनऊ को ए0आई0 सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने धनराशि की व्यवस्था कर दी है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में लखनऊ आगे है। यह देश की रक्षा आवश्यकताओं के नये केन्द्र के रूप में भी विकसित हुआ है। आत्मनिर्भरता इसकी महत्वपूर्ण कड़ी है। लखनऊ के विकास, कनेक्टिविटी, यहाँ निवेश की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने तथा इसे इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के हब के रूप में विकसित करने के लिए रक्षा मंत्री जी का जो भी मार्गदर्शन होगा, उसे प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में उत्तर प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज गल्फ क्षेत्र में युद्ध चल रहा है। दुनिया में आर्थिक अराजकता की स्थिति है। सक्षम एवं योग्य नेतृत्व के कारण इन परिस्थितियों में भी हमारा देश मजबूती के साथ अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। योग्य नेतृत्व में प्रत्येक सेक्टर की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए भारत तेजी के साथ प्रगति कर रहा है। इस प्रगति में उत्तर प्रदेश ग्रोथ इंजन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगामी 19 मार्च को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ होने वाले नव संवत्सर से झूलेलाल महोत्सव के कार्यक्रम भी प्रारम्भ होंगे। आज यहाँ जिस झूलेलाल वाटिका में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है, पहले इस वाटिका पर कब्जा हो गया था। तत्कालीन मेयर डॉ0 दिनेश शर्मा ने इसे कब्जामुक्त कराकर इसका सौन्दर्यीकरण कराया। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेशवासियों को वासंतीय नवरात्रि एवं रामनवमी की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यसभा सदस्य डॉ0 दिनेश शर्मा व श्री संजय सेठ, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, विधायक श्रीमती जय देवी, नीरज बोरा, ओ0पी0 श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य डॉ0 महेन्द्र कुमार सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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