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कंगना रनौत केस में कल आगरा की कोर्ट ले सकती है फैसला

April 15, 2026

कंगना रनौत केस में कल आगरा की कोर्ट ले सकती है फैसला

Posted on 15.04.2026 Wednesday Time 06.01 PM, Agra

Agra. Trouble seems to be mounting for BJP MP and film actress Kangana Ranaut from the Mandi Lok Sabha constituency in Himachal Pradesh. A major verdict in the case related to insult of farmers and sedition is expected tomorrow in the Special Court (MP-MLA) in Agra. The court is likely to decide tomorrow whether to summon Kangana Ranaut or not.

तलब आदेश हुआ तो पेश होना पड़ेगा

आगरा। हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। किसानों के अपमान और राजद्रोह से जुड़े मामले में कल आगरा के स्पेशल कोर्ट (एमपी-एमएलए) में अहम फैसला आने की संभावना है। अदालत कल ही यह तय कर सकती है कि कंगना रनौत को तलब किया जाए या नहीं।

मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए के न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह की अदालत में चल रही है। जानकारी के अनुसार, इस केस में दोनों पक्षों के बीच 3 अप्रैल 2026 को विस्तृत बहस पूरी हो चुकी है। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी लिखित दलीलें कोर्ट में पेश की थीं, साथ ही मौखिक बहस भी की गई थी।

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने मामले को आदेश के लिए सुरक्षित रखते हुए 16 अप्रैल की तारीख तय की थी। ऐसे में कल यह स्पष्ट हो सकता है कि अदालत इस मामले में संज्ञान लेते हुए कंगना रनौत को समन जारी करती है या नहीं।

कंगना रनौत के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने किसानों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे आक्रोश फैल गया था। इसी के आधार पर राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्य़क्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा द्वारा उनके खिलाफ राजद्रोह समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया गया था। अब अदालत को यह तय करना है कि प्रस्तुत साक्ष्य और दलीलों के आधार पर मामला आगे बढ़ाने लायक है या नहीं।

अगर अदालत संज्ञान लेते हुए तलब आदेश जारी करती है, तो कंगना रनौत को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है। इससे न केवल कानूनी लड़ाई तेज होगी, बल्कि राजनीतिक और फिल्मी हलकों में भी इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

चूंकि कंगना रनौत वर्तमान में भाजपा की सांसद भी हैं, ऐसे में इस मामले का राजनीतिक असर भी व्यापक हो सकता है। विपक्ष पहले ही इस मुद्दे को लेकर हमलावर रहा है, जबकि समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं।

कुल मिलाकर कोर्ट का कल का फैसला इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा कि मामला आगे बढ़ेगा या यहीं थम जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

हवाई अड्डे पर अमेरिकी नागरिक से मिला प्रतिबंधित सैटेलाइट फोन

News Posted on 15.04.2026, Wednesday, Agra News, By Ashok Agnihotri Tau

सुरक्षा एजेंसियों ने किया जब्त

आगरा, 15 अप्रैल। यहां खेरिया हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच के दौरान एक अमेरिकी व्यापारी पर प्रतिबंधित सैटेलाइट फोन मिलने की खबर है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ के बाद सैटेलाइट फोन जब्त कर लिया। बता दें कि देश में बिना अनुमति के सैटेलाइट फोन के प्रयोग पर रोक है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया के चार्टर प्लेन से अमेरिकी उद्यमियों और व्यापारियों का दल ताजमहल देखने के लिए आया था। यह दल ताजमहल देखने के बाद वापस जाने एयरपोर्ट पहुंचा। दल को चार्टर प्लेन से ही जयपुर जाना था।

खेरिया एयरपोर्ट पर जांच के दौरान 59 साल के एक अमेरिकी बिजनेसमैन के पास सैटेलाइट फोन मिला। प्रतिबंधित सैटेलाइट फोन मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों और थाना शाहगंज पुलिस को सूचना दे दी गई।

सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के पूछताछ करने पर अमेरिकी बिजनेसमैन ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती है। सैटेलाइट फोन से वह अपने परिजन और डॉक्टर के संपर्क में रहते हैं।

सुरक्षा एजेंसियों ने उनके सैटेलाइट फोन को जब्त कर लिया। अभी तहकीकात चल रही है। एयरपोर्ट के निदेशक विवेक शर्मा ने मीडिया से कहा कि सैटेलाइट फोन को जब्त कर लिया गया। दूसरा चार्टर प्लेन मंगाकर अमेरिकी बिजनेसमैन को जयपुर भेज दिया गया।
गौरतलब है कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एयरपोर्ट व अन्य स्थानों पर चेकिंग के दौरान, विशेषकर विदेशी नागरिकों से प्रतिबंधित उपग्रह फोन पाए जाने पर उन्हें जब्त कर लिया जाता है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम, 1933 के तहत कार्रवाई की जाती है।

April 14, 2026

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण

लखनऊ : 14 अप्रैल, 2026 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज देहरादून, उत्तराखण्ड से 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली-उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। इसके पूर्व, प्रधानमंत्री जी ने जनपद सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के अन्तर्गत निर्मित वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण किया तथा माँ डाट काली मन्दिर में दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी तथा केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी सम्मिलित हुए।
प्रधानमंत्री जी ने कार्यक्रम को देहरादून से वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पूरा करने में माँ डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति के रूप में रहा। इस एक्सप्रेस-वे का बहुत बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। इससे गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे अनेक शहरों को लाभ होगा। पर्यटन के दृष्टिकोण से यह प्रोजेक्ट काफी अहम है। आज बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी की पावन जयन्ती भी है। बीते दशक में सरकार की नीतियां व निर्णय संविधान की गरिमा को पुनर्स्थापित करने वाले रहे। अनुच्छेद-370 हटने के बाद सम्पूर्ण देश में भारत का संविधान लागू है। जिन जिलों में माओवाद व नक्सलवाद का खात्मा हुआ है, वहां भी संविधान की भावना के अनुरूप कार्य हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू करना संविधान की अपेक्षा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब का जीवन गरीबों, वंचितों, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार उसी भावना के साथ प्रत्येक गरीब व वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी हुई है। देश का संतुलित विकास सामाजिक न्याय का बहुत बड़ा माध्यम है। बाबा साहब आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगीकरण की वकालत करते थे। भविष्य की दशा और दिशा के लिए अक्सर लोग हस्तरेखाएं दिखाते हैं। यदि इसे राष्ट्र के सन्दर्भ में देखा जाए, तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं सड़कें, हाई-वे, एक्सप्रेस-वे, एयर-वे, रेलवे, वॉटर-वे होती हैं। बीते एक दशक से देश विकसित भारत बनाने के लिए अभूतपूर्व निवेश कर विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। विकास की यह भाग्य रेखाएं सिर्फ आज की सुविधाएं नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारण्टी हैं।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व, ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए पूरे देश में प्रतिवर्ष 02 लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे। आज यह आंकड़ा 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। 21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड व स्केल पर कार्य कर रहा है, उसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। कुछ सप्ताह पूर्व दिल्ली मे मेट्रो का विस्तार हुआ। मेरठ में मेट्रो की शुरूआत हुई। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल देश को समर्पित की गयी। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट की शुरूआत हुई। हवाई जहाजों के लिए एम0आर0ओ0 फैसिलिटी पर कार्य शुरू हुआ। आज देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे शुरू हो रहा है। 21वीं सदी का भारत आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के जिस युग में प्रवेश कर रहा है, वह अभूतपूर्व व अकल्पनीय है। आज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले अनेक इकोनॉमिक कॉरिडोर यथा- दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, बेंगलूरू-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, ईस्ट-कोस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर, अमृतसर-कोलकाता इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर पर काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नये द्वार हैं। इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई हैं। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क के अतिरिक्त नये-नये व्यापार और कारोबार का मार्ग बनाते हैं। फैक्ट्रियों, गोदामों के नेटवर्क का आधार तैयार करते हैं। देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी सम्पूर्ण क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। इससे समय बचेगा, आवागमन सस्ता व तेज होगा और रोजगार में वृद्धि होगी। किसानों और पशुपालकों की उपज अब तेज गति से मण्डियों और बड़े बाजारों तक पहुंचेगी। इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ रुपये व्यय हुए। हजारों श्रमिकों, इंजीनियरों व अन्य स्किल्ड वर्कफोर्स तथा ट्रान्सपोर्ट से जुड़े लोगों को बहुत बड़ी मात्रा में काम मिला।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हम ऐसा भारत बनाने में जुटे हुए हैं, जहां प्रगति, प्रकृति व संस्कृति की त्रिवेणी हो। आज होने वाले हर निर्माण को इसी त्रिवेणी के मूल्यों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर से इंसान को भी सुविधा मिले और वहां रहने वाले वन्य जीवों को भी असुविधा न हो, यही सरकार का प्रयास है। इसलिए इस एक्सप्रेस-वे पर लगभग 12 किलोमीटर लम्बा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे हाथियों को असुविधा न हो।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि दुनिया में बड़ा संकट आया है। इससे दुनिया के विकसित देशों में भी हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे मुश्किल हालात में भी सरकार का निरन्तर प्रयास है कि हमारी बहनों को कम से कम परेशानी हो। बहन-बेटियों की भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव देश के सामने है। चार दशकों के इन्तजार के बाद संसद ने नारी शक्ति वन्दन अधिनियम पारित किया था। इससे विधानसभा व लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय हो गया। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून का समर्थन किया। महिलाओं को मिले इस हक को लागू करने में अब देर नहीं होनी चाहिए। वर्ष 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव और आगे होने वाले विधानसभा चुनावों में यह लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना तथा प्रत्येक बहन-बेटी की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए आगामी 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गयी है। मैंने देश की माताओं-बहनों को खुला पत्र लिखकर इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सरकार सेना की सामर्थ्य को सशक्त करने तथा सैनिक परिवारों की सुविधा के लिए निरन्तर प्रयासरत है। ‘वन रैंक-वन पेंशन‘ के माध्यम से सरकार ने अब तक लगभग सवा लाख करोड़ रुपये पूर्व फौजियों के खाते में जमा किए हैं। इस वर्ष पूर्व सैनिकों के लिए हेल्थ स्कीम का बजट 36 प्रतिशत बढ़ाया गया है। 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पूर्व सैनिकों के लिए दवाइयों की डोर-स्टेप होम डिलीवरी शुरू की गयी है। पूर्व सैनिकों के बच्चों की एजुकेशन ग्राण्ट दोगुनी तथा बेटियों के विवाह की सहायता राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 01 लाख रुपये की गयी है। हमें देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति जैसे प्रत्येक आयाम को जोड़ते हुए देश को विकसित बनाना है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद सहारनपुर से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सहारनपुर से दिल्ली की जो दूरी पहले 05 से 06 घण्टे में पूरी होती थी, अब इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से 2.5 घण्टे में पूरी की जा सकेगी। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर अन्नदाता किसानों के गुड़ की मिठास, सब्जी तथा फल, सहारनपुर की काष्ठ कला एवं शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत में बनने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के साथ-साथ दुनिया के बाजारों में पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
आज भारत में सामाजिक न्याय को धरातल पर उतारने वाले संविधान शिल्पी बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी की 135वीं पावन जयन्ती है। उन्होंने संविधान के माध्यम से भारत के प्रत्येक नागरिक, चाहे वह किसी भी जाति, सम्प्रदाय, क्षेत्र, लिंग या आयु का हो, को एकसमान अधिकार देकर सशक्त भारत की नींव रखी थी। बाबा साहब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने देश में पंचतीर्थ बनवाए। आज उनकी प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने तय किया है कि बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि और सामाजिक न्याय के महापुरुषों की मूर्तियां जहां स्थापित हैं, यदि वहां बाउण्ड्रीवॉल नहीं है और मूर्तियों के ऊपर छत्र नहीं है, तो प्रदेश सरकार धनराशि देकर इस कार्य को कराएगी। यह कार्य प्रारम्भ होने जा रहा है। यह सम्मान का भाव आने वाली पीढ़ी को एकसूत्र में जोड़कर प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अभियान को आगे बढ़ाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब की जयन्ती के अवसर पर सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री जी कर-कमलों से यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्राप्त हो रहा है। आज प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए हम सब यहां उपस्थित हुए हैं। पहले माँ डाट काली के स्थान से जब उत्तराखण्ड में प्रवेश करते थे, तो रोड ब्लॉक हो जाती थी। बरसात के दिनों में आवागमन बन्द हो जाता था। सहारनपुर व अन्य जनपदों के लोग इस मार्ग से देहरादून नहीं पहुँच पाते थे। उन्हें हरिद्वार मार्ग का सहारा लेना पड़ता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नया भारत विकास, सुशासन तथा सेवा का जो मॉडल खड़ा कर रहा है, उस मॉडल को इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से हम सभी देख रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का एक नया केन्द्र बनकर उभरा है। यह डबल इंजन सरकार की ताकत है कि अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड और दिल्ली में बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को लाने में कोई दुविधा नहीं है। अब सहारनपुर में माता शाकुम्भरी के नाम पर विश्वविद्यालय बन चुका है। सरसावां में सिविल टर्मिनल व एयरपोर्ट बन रहा है। जेवर में एशिया का सबसे बड़ा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट प्रारम्भ हो चुका है। वहां फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है। यह कला एवं कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा को समाज के समक्ष प्रस्तुत करने का एक माध्यम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि माता शाकुम्भरी देवी का भव्य कॉरिडोर बन रहा है। यह तभी सम्भव होता है, जब सरकार विरासत के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके आगे बढ़ाती है। सहारनपुर, मेरठ, बागपत में अधिकारियों को इण्डस्ट्रियल तथा हाउसिंग क्लस्टर तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। इससे रोजगार के अनेक अवसर सृजित होंगे। यहां के किसानों के उत्पाद को देश की राजधानी दिल्ली के साथ गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से लखनऊ व अन्य वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। अन्नदाता किसानों को उपज की अच्छी कीमत मिलेगी।
इसके पूर्व, राज्यपाल जी तथा मुख्यमंत्री जी ने बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने देहरादून से वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित किया। केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री द्वय श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री ब्रजेश पाठक ने सहारनपुर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा, संसदीय कार्य तथा औद्योगिक विकास राज्यमंत्री श्री जसवन्त सिंह सैनी, लोक निर्माण राज्यमंत्री श्री ब्रजेश सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

ऊर्जा संचरण को सुपरकंडक्टर की दरकारः प्रो. प्रकाश चौहान

Prof Prakash Chauhan lecture in TMU Moradabad

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज विभाग की छठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैटेरियल्स एंड डिवाइसेज- एनसीएमडी-2026 में एक्सपर्ट्स ने दिए व्याख्यान

  • सामग्री के गुणों की सटीक पहचान पर जोरः एक्सपर्ट दिनेश चंद्र
  • डॉ. मयंक अग्रवाल ने एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर की चर्चा
  • वीसी प्रो. वीके जैन ने प्रभावशीलता और दक्षता के बीच बताया अंतर
  • डीन प्रो. आरके द्विवेदी बोले, एडवांस्ड मटेरियल्स का विकास आवश्यक
  • कॉन्फ्रेंस के फर्स्ड डे चुनौतियों और परिणामों पर 65 रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत
  • एनसीएमडी-2026 में अतिथियों ने कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग का किया विमोचन

मुरादाबाद, 14 अप्रैल 2026, नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद के निदेशक प्रो. प्रकाश चौहान ने स्टुडेंट्स को प्रेरित करते हुए कहा, असफलताओं से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने चंद्रयान-2 के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा, उच्च तापमान सहन करने वाली सामग्रियों के विकास की आवश्यकता है। प्रो. चौहान ने जोर देते हुए वर्ष 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय मानव मिशन के लक्ष्य की चर्चा की। साथ ही पारंपरिक धातुओं से लेकर आधुनिक सेंसर, डिटेक्टर और अंतरिक्ष तकनीक तक के विकास पर जोर दिया। उन्होंने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया, चंद्रमा के लिए विकसित भारतीय कैमरों का डेटा वैश्विक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने ऊर्जा संचरण के लिए सुपरकंडक्टर की आवश्यकता, महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्भरता की चुनौतियों और आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सौर ऊर्जा के महत्व, फ्लोटिंग सोलर पैनल पर हो रहे कार्य और भारत में उपलब्ध थोरियम के ऊर्जा उत्पादन में संभावित उपयोग पर भी प्रकाश डाला। प्रो. चौहान तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज विभाग की ओर से आयोजित छठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैटेरियल्स एंड डिवाइसेज-एनसीएमडी-2026 के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रो. सतेंद्र पाल सिंह बतौर कीनोट स्पीकर अपने अनुभव साझा किए। आईयूएसी, नई दिल्ली के डॉ. प्रवीन कुमार की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। कॉन्फ्रेंस के फर्स्ड डे चुनौतियों और परिणामों पर 65 रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत किए गए। अतिथियों ने कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग का विमोचन भी किया।

इससे पूर्व मुख्य अतिथि प्रो. प्रकाश चौहान, विशिष्ट अतिथियों- इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस एंड ट्रेनिंग सेंटर, नैनीताल के प्रिंसिपल डायरेक्टर श्री दिनेश चंद्र, जीके यूनिवर्सिटी, हरिद्वार के डॉ. मयंक अग्रवाल, टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस एंड ट्रेनिंग सेंटर, नैनीताल के प्रिंसिपल डायरेक्टर श्री दिनेश चंद्र ने बतौर विशिष्ट अतिथि सामग्री के गुणों की सटीक पहचान और उनके सुरक्षित उपयोग पर बल दिया। जीके यूनिवर्सिटी, हरिद्वार के डॉ. मयंक अग्रवाल ने मैटेरियल्स एवं डिवाइसेज के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। आधुनिक अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तकनीकों के माध्यम से सामग्री के गुणों का पूर्वानुमान, डिज़ाइन तथा अनुकूलन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है, जिससे इस क्षेत्र में नवाचार की गति तेज हो रही है। टीएमयू के कुलपति प्रो. वीके जैन ने प्रभावशीलता एवम् दक्षता के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए संचार, समन्वय और नेतृत्व के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने हनुमान जी को उत्कृष्ट संचारक का उदाहरण बताया। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी ने सम्मेलन की थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा, वर्तमान समय में उपकरणों का तीव्र गति से लघुकरण हो रहा है, जिसके लिए एडवांस्ड मटेरियल्स का विकास अत्यंत आवश्यक है। अंत में सम्मेलन के सह-संयोजक डॉ. पराग अग्रवाल ने वोट ऑफ थैंक्स दिया। संचालन संयोजक डॉ. दिप्तोनिल बनर्जी ने किया।

Moradabad, 14 April 2026, Prof. Prakash Chauhan motivated the students and said, “There is no need to be afraid of failures, but one should learn from them and move forward. Referring to the experiences of Chandrayaan-2, he said, “There is a need to develop materials that can withstand high temperatures.” Prof. Chauhan emphasized the goal of an Indian manned mission to the Moon by 2040. At the same time, emphasis was laid on developments ranging from traditional metals to modern sensors, detectors, and space technology. Referring to India’s space achievements, he pointed out, the data from Indian cameras developed for the Moon is being used globally.

 

सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री

Samrat. Chaudhary

Posted on 14.04.2026, Time 06.22 PM Tuesday, Patna , Bihar News, Bihar Samachar

पटना, 14 अप्रैल 2026, भारतीय जनता पार्टी के विधान मंडल दल ने आज उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को नेता चुन लिया। उनका चयन पर्यवेक्षक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में हुआ। भाजपा के नेता चयन के बाद उन्हें नीतीश कुमार की मौजूदगी में राजग का नेता चुना गया।

सम्राट चौधरी के चुनाव के बाद बिहार में नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी को लेकर असमंजस समाप्त हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में यादव के बाद सबसे बड़े पिछड़े वर्ग कुशवाहा से नेता का चयन किया है। भाजपा ने बिहार से पूरे देश को संदेश देने की कोशिश की है।

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