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Gorakhpur:राप्ती नदी में नहाने गए तीन किशोरों की डूबकर मौत, एनडीआरएफ ने बरामद किए शव

May 26, 2026

Gorakhpur:राप्ती नदी में नहाने गए तीन किशोरों की डूबकर मौत, एनडीआरएफ ने बरामद किए शव

Posted on 26/05/2026
Time 19:34 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

गोरखपुर। 26 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा) राजघाट स्थित राप्ती नदी में मंगलवार को एक भीषण हादसा हो गया, जिसमें नहाने गए तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना से तुर्कमानपुर क्षेत्र में मातम छा गया है। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों द्वारा चलाए गए घंटों के सर्च ऑपरेशन के बाद देर शाम तीनों किशोरों के शव बरामद कर लिए गए।

​मृतकों की पहचान तुर्कमानपुर निवासी 15 वर्षीय निक्कू पुत्र सुनील, 15 वर्षीय सत्ती पुत्र मोहन और इरफान पुत्र फखरुद्दीन के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये तीनों किशोर दोपहर में राप्ती नदी के राजघाट पर नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान वे गहरे पानी के भंवर में फंस गए और देखते ही देखते नदी की तेज धारा में ओझल हो गए।

​घटना की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर दीपक गुप्ता की देखरेख में एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सबसे पहले निक्कू और सत्ती के शव बरामद किए।
​इरफान की तलाश के लिए टीम ने अपना अभियान जारी रखा और देर शाम उसका शव भी नदी से निकाल लिया गया।

​तीनों किशोरों के शवों के बरामद होने के बाद परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। इस घटना से पूरे तुर्कमानपुर में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे बैरिकेडिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

​प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। विशेष रूप से अभिभावकों से कहा गया है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें नदी या किसी भी असुरक्षित जलाशय के पास अकेले न जाने दें। ​पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।

डेमोग्राफिक चेंज पर हाई लेवल कमेटी गठित

Amit Shah Home Minister

https://x.com/AmitShah/status/2059216835590103418?s=20

  • भारत  सरकार ने ’High-Level Committee on Demographic Change’ का गठन किया
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 15 अगस्त 2025 को ‘High-powered Demography Mission’ की घोषणा की थी
  • केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है
  • जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बनी इस कमिटी में जनगणना आयुक्त के साथ श्री दुर्गा शंकर मिश्रा (Retd IAS), श्री बालाजी श्रीवास्तव (Retd IPS) और डॉ. शमिका रवि समिति के सदस्य होंगे
  • Demographic Change हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है
  • यह कमिटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे demographic changes का व्यापक मूल्यांकन करेगी
  • समिति, धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के pattern का विश्लेषण करेगी तथा इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी
  • समिति एक वर्ष के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, आवश्यकता होने पर समिति के कार्यकाल को छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है

Posted Date:- May 26, 2026, News Source PIB

नई दिल्ली, 26 मई 2026, भारत सरकार ने अवैध आप्रवास और अन्य असामान्य कारणों से उत्पन्न जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का अध्ययन करने और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से निपटने के उपायों पर सुझाव देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को “High-powered Demography Mission” की घोषणा की थी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 11 सितंबर, 2025 को इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी थी।

समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) होंगे और जनगणना आयुक्त के अतिरिक्त 03 प्रतिष्ठित विशेषज्ञ, श्री दुर्गा शंकर मिश्रा (सेवानिवृत्त आईएएस), श्री बालाजी श्रीवास्तव, (सेवानिवृत्त आईपीएस) और डॉ. शमिका रवि, समिति के सदस्य होंगे। संयुक्त सचिव (Foreigners-I), गृह मंत्रालय, समिति के सदस्य सचिव होंगे। यह समिति एक वर्ष के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी और आवश्यकता होने पर गृह मंत्रालय द्वारा समिति के कार्यकाल को छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा “घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘High-Level Committee on Demographic Change’ की घोषणा की थी। मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि सरकार ने इस कमिटी का गठन कर लिया है। जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बनी इस कमिटी में जनगणना आयुक्त के साथ श्री दुर्गा शंकर मिश्रा (Retd IAS), श्री बालाजी श्रीवास्तव (Retd IPS) और डॉ. शमिका रवि समिति के सदस्य होंगे। संयुक्त सचिव (Foreigners-I), गृह मंत्रालय, इस समिति के सदस्य सचिव होंगे। Demographic Change हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। यह कमिटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे demographic changes का व्यापक मूल्यांकन करेगी और धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के pattern का विश्लेषण करेगी तथा इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी।“

यह उच्चस्तरीय समिति अवैध आप्रवास और अन्य असामान्य कारणों से देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का वैज्ञानिक रूप से आकलन करेगी, उनके कारणों का विश्लेषण करेगी और उचित नीति, विधायी और प्रशासनिक उपायों की सिफारिश करेगी। समिति की प्रस्तावित संरचना और कार्यक्षेत्र (terms of Reference) इस प्रकार हैं-

(i)       अवैध आप्रवास सहित जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों पर व्यापक विचार करना।

(ii)      ऐसे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के संभावित कारणों का अध्ययन करना, जैसे सीमा पार गतिविधियाँ (अवैध आप्रवास सहित), आर्थिक अवसर और अन्य सामाजिक-पर्यावरणीय कारक।

(iii)     इन परिवर्तनों के पीछे अन्तर्निहित कारकों की पहचान करना, जिसमें अवैध आप्रवास, असामान्य बसावट पैटर्न और नियोजित प्रवास शामिल हैं।

(iv)     धार्मिक या सामाजिक समुदायों के स्तर पर संरचनात्मक जनसंख्या परिवर्तनों का विश्लेषण करना, विशेष रूप से समान रुझानों से अलग होने पर।

(v)      देश में पहले से ही रहने वाले अवैध आप्रवासियों की कानूनी, निष्पक्ष और समयबद्ध पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए एक सुव्यवस्थित और स्थायी परिचालन प्रणाली की सिफारिश करना।

(vi)     ऐसे रुझानों की निरंतर निगरानी के लिए सीमा प्रबंधनजनसंख्या स्थिरीकरण और पहचान प्रणालियों को मजबूत करने के लिए एक उपयुक्त संस्थागत तंत्र की सिफारिश करना।

(vii)    अवैध आप्रवास और परिणामी जनसांख्यिकीय असंतुलन से संबंधित मामलों में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचा प्रस्तावित करना।

(viii)   समिति जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों, जिनमें अवैध आप्रवास भी शामिल है, से निपटने के लिए किसी अन्य उपाय, जिसे वह उचित समझे, की सिफारिश कर सकती है।

May 22, 2026

Firozabad: एक्सप्रेस वे पर बस में लगी आग, 24 यात्री झुलसे, चालक की मृत्यु

Posted on 22.05.2026 Time 08.16 AM,Road Accident in Firozabad

फिरोजाबाद, 22 मई 2026 (उप्र समाचार सेवा) एक्सप्रेस वे पर रात करीब 2 बजे कानपुर से गुरुग्राम जा रही बस कंटेनर से टकरा कर आग का गोला बन गई। बस में सवार 30 यात्रियों में से 24 झुलस गए, लगभग 11 की हालत गंभीर है। चालक की बस में ही मृत्यु हो गई।

जानकारी के अनुसार जिले के थाना मटसेना क्षेत्र में बस एक कंटेनर से टकरा गई। बस तेज गति में थी। बस ने कंटेनर में पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर होते ही बस में आग लग गई। यात्रियों में चीख पुकार मच गई। तत्काल आसपास के ग्रामीण पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया। अधिकांश यात्रियों को पुलिस और ग्रामीणों ने निकल लिया, किंतु चालक शंभू स्टीयरिंग में फंस गया, जिससे उसकी वहीं झुलसकर मृत्यु हो गई।

May 20, 2026

इटली में पीएम मोदी को एग्रीकोला सम्मान

रोम, 20 मई 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज इटली के रोम में स्थित खाद्य और कृषि संगठन (एफ.ए.ओ) के मुख्यालय में प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’ से सम्मानित किया गया। उन्‍होंने  पुरस्कार ग्रहण करते हुए, इस सम्मान को भारत के लाखों किसानों, पशुपालकों, मछली पालकों, कृषि वैज्ञानिकों और श्रमिकों को समर्पित किया। श्री मोदी को यह मेडल एफ.ए.ओ  के महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने  प्रदान किया ।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार खाद्य सुरक्षा, सतत विकास और मानव कल्याण के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि खाद्य सुरक्षा केवल एक नीतिगत मामला नहीं है, बल्कि मानवता के प्रति एक ज़िम्मेदारी है।

श्री मोदी ने कहा कि भारत एक सतत, जलवायु-अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार कृषि पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है, जबकि पूरे देश में ‘मिशन मोड’ में वैज्ञानिक कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी भारतीय कृषि की एक बड़ी ताकत बनती जा रही है। उन्‍होंने   इस बात पर ज़ोर दिया कि खेती का भविष्य केवल अधिक उत्पादन करने में नहीं, बल्कि बेहतर उत्पादन करने में निहित है।

भारत इटली में 15 समझौते, मोदी मैलानी की बैठक के बाद हस्ताक्षर

रोम, 20 मई 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों को बड़ी मज़बूती मिली है। भारत और इटली ने अलग-अलग क्षेत्रों में 15 अहम नतीजों को अंतिम रूप दिया है। इन समझौतों पर आज रोम में प्रधानमंत्री मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद हस्‍ताक्षर किए गए। इन नतीजों से दोनों देशों के रिश्तों का स्तर बढ़कर ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ तक पहुँच गया है।

दोनों देशों ने कृषि, अहम खनिजों, आयुर्वेद, विज्ञान तथा टेक्नोलॉजी, समुद्री परिवहन और बंदरगाहों के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्‍ताक्षर किए। भारतीय नर्सों के इटली आने-जाने को आसान बनाने के लिए भी एक समझौता किया गया, जिससे कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। एक और अहम समझौता लोथल में ‘राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर’ के विकास पर केंद्रित है, जो सांस्कृतिक और समुद्री विरासत के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को दिखाता है। भारत और इटली ने टैक्स से जुड़े अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने के खिलाफ़ तालमेल को मज़बूत करने पर भी सहमति व्‍यक्‍त की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद,  संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि ‘भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029’ दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए एक व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी रोडमैप देगी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष ‘भारत-इटली इनोवेशन सेंटर’ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। श्री मोदी ने यह भी बताया कि ‘भारत-इटली रक्षा औद्योगिक रोडमैप’ ने रक्षा क्षेत्र में मिलकर विकास करने और मिलकर उत्पादन करने के नए रास्ते खोल दिए हैं।

श्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली, समुद्री ताकतों के तौर पर शिपिंग, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करेंगे। वैश्विक चुनौतियों का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। श्री मोदी ने इस बात को दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि भारत और इटली इस मामले में एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने वाले नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।

आर्थिक सहयोग पर बल देते हुए श्री मोदी ने कहा कि इटली दुनिया भर में अपने डिज़ाइन और बारीकी के लिए जाना जाता है, जबकि भारत को बड़े पैमाने, प्रतिभा और किफायती नवाचार के एक केंद्र के रूप में पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश “भारत और इटली में डिज़ाइन तथा विकास  और इन्‍हें दुनिया के लिए उपलब्ध कराने” के सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे।

इटली की पीएम जोर्जिया मेलोनी ने कहा कि ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ भारत और इटली के रिश्तों की बढ़ती गहराई को दिखाती है, जो आपसी भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र’ में नौवहन की आज़ादी सुनिश्चित करने और अहम क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। श्री मोदी की इस यात्रा के परिणामों से आर्थिक जुड़ाव, नवाचार साझेदारी और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को और बढ़ावा मिलने की आशा है, साथ ही वैश्विक शांति, सतत विकास और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग भी मज़बूत होगा।

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