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वरिष्ठ पत्रकार शंकरदास और डा प्रसून शुक्ल बने एनयूजे एक्जीक्यूटिव मेंबर

January 6, 2026

वरिष्ठ पत्रकार शंकरदास और डा प्रसून शुक्ल बने एनयूजे एक्जीक्यूटिव मेंबर

लखनऊ, 06 जनवरी 2026, उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के वरिष्ठ सदस्य शंकरदास (बरेली) और डा प्रसून शुक्ल (नोएडा) को नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) में राष्ट्रीय कार्यसमिति का विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किया गया है।

इस आशय का पत्र एनयूजे के राष्ट्रीय महासचिव त्रियुग नारायण तिवारी ने अध्यक्ष सुरेश शर्मा के परामर्श के बाद जारी किया है। इस मनोनयन पर उपज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह और महामंत्री आनंद कर्ण ने प्रसन्नता व्यक्त की है और दोनों सदस्यों को बधाई दी है।

January 5, 2026

अंकिता भंडारी मामले को लेकर कांग्रेस का देहरादून में प्रदर्शन

देहरादून,04 जनवरी 2026, अंकिता भंडारी की हत्या मामले ने उत्तराखंड की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। इसी मामले को लेकर कांग्रेस ने रविवार को देहरादून में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन और मुख्यमंत्री आवास तक मार्च के भारी संख्या में नागरिक पहुंचे। इनमें महिलाओं की भी पर्याप्त संख्या थी।

अंकिता भंडारी Ankita Bhandari का मामला गत दिनों उर्मिला सनावर के आरोपों के बाद सुर्खियों में आया है। उन्होंने इस मामले को किसी वीआईपी से जोड़ते हुए सनसनी फैला दी थी। तभी से उत्तराखंड में विपक्ष इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर कांग्रेस रविवार को मुख्यमंत्री आवास तक कूच करने का फैसला किया। हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग करके प्रदर्शनकारियों को पहले ही रोक दिया। लेकिन प्रदर्शन के कारण शहर में यातायात जाम की स्थिति हो गई। पूरा राजपुर रोड जाम हो गया।

11 को देहरादून बंद

प्रदर्शन में भारी संख्या में अन्य पहाड़ी जिलों के लोग भी पहुंचे। इससे कांग्रेस उत्साहित है। अब कांग्रेस ने 11 जनवरी को देहरादून बंद का आह्वाहन किया है।

January 4, 2026

दस जनवरी से मनरेगा बचाओ आन्दोलन चलाएगी कांग्रेस

नई दिल्ली, 04 जनवरी 2026, कांग्रेस ने वीबी जी राम जी ग्रामीण रोजगार योजना का विरोध करने और मनरेगा को बचाने के लिए 10 जनवरी से देश व्यापी आन्दोलन करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस का आन्दोलन जिला और ग्राम सभाओं के स्तर पर किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य की विधान सभाओं के घेराव की भी योजना है। देश भर में मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस 4 ब़ड़ी रैलियां भी करेगी।

काग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश और केसी बेणुगोपाल ने पत्रकार वार्ता में घोषणा की है कि कांग्रेस का आन्दोलन 10 जनवरी से 25 फरवरी तक चलेगा। इसके साथ ही इस कानून को अदालत में चुनौती दी जाएगी। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आन्दोन में जी राम जी को वापस लेने की मांग की जाएगी।

आन्दोलन के चरणों की घोषणा करते हुए कांग्रेस नेताओं ने ब ताया कि 10 व 11 जनवरी को देश भऱ के सभी जिला मुख्यालयों पर उपवास, धरना और प्रदर्शन के कार्यक्रम होंगे। इसके बाद 12 से 29 जनवरी तक पंचायतों में जनसम्पर्क, बैठकें और सभाएं आयोजित की जाएंगीं।जबकि 30 जनवरी को वार्ड स्तर पर बैठकें और सभाएं होंगीं। इसी क्रम में 7 से 15 फरवरी तक विधान सभाओं के  घेराव का कार्यक्म है। इसके बाद 16 से 25 फरवरी के बीच देश के चार प्रमुख स्थानों पर रैलियां होंगीं। इन रैलियों में राष्ट्रीय नेता भाग लेंगे।

मनरेगा से बेहतर है वीबी जी राम जी योजनाः शिवराज सिंह चौहान

कांग्रेस ग्रामीण रोजगार योजना के बारे मं भ्रम फैला रही है

नई दिल्ली,04 जनवरी 2026, केन्द्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वीबी जी राम जी ग्रामीण विकास योजना मनरेगा से बेहतर है। इस योजना के बारे में कांग्रेस द्वारा अनावश्यक रूप से भ्रम फैलाया जारहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार की भरमार थी। वे कांग्रेस द्वारा नई ग्रामीण योजना के विरोध में कांग्रेस द्वारा शुरु किये जा रहे आन्दोलन पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मनरेगा में भारी भ्रष्टाचार था। ग्राम सभाओं के सोशल आडिट में 10,51,000 से अधिक शिकायतें भ्रष्टाचार से सम्बन्धित प्राप्त हुई थीं। मनरेगा में एक ही काम को कई बार किया गया दर्शाया गया। मजदूरों की जगह मसीनों से काम करा दिया गया। मनरेगा का पैसा नहरों की सफाई सड़कों पर खर्च हुआ दिखाय दिया गया।

श्री चौहान ने कहा कि मोदी सरकार ने अब तक मनरेगा स्कीम में 8,48000 करोड़ रूपये जारी किये हैं, जबकि यूपीए सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में इसके लिए सिर्फ 2 लाख करोड़ रूपये जारी किये थे। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में ग्रामीण रोजगार योजना के जी राम जी के लिए सरकार 1,51,282 करोड़ रुपये की व्यवस्था करेगी, इसमें केन्द्रीय हिस्सेदारी 95,600 करोड़ की होगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस योजना के बारे में भ्रम फैला कर जनता को गुमराह कर रही है। श्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस नए विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में उपस्थित ही नहीं थे। ज्ञातब्य है कि काग्रेस 10 जनवरी से 25 फरवरी तक मनरेगा बचाओ अभियान के तहत आन्दोलन करेगी।

नया विधेयक वीबी जी राम जी पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने 21 दिसम्बर को हस्ताक्षर कर दिये। इसके बाद यह कानून बन गया है। इस बिल को राज्य सभा ने 18 दिसम्बर को पारित किया था। इसके एक घंटे बाद ही लोकसभा ने इसे पारित कर दिया था।

 

आईसीएआर द्वारा विकसित 25 फसलों की 184 नई किस्में राष्ट्र को समर्पित भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ दिया हैः शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली, 04 JAN 2026 ( By PIB Delhi) केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान Shivraj Singh Chauhan ने आज नई दिल्ली के एनएएससी कॉम्प्लेक्स स्थित ए.पी. शिंदे ऑडिटोरियम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ICAR द्वारा विकसित 25 फील्ड फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया। इस अवसर पर श्री चौहान ने कहा कि भारत एक खाद्य-कमी वाले देश से वैश्विक खाद्य प्रदाता वाले देश में बदल गया है जो कृषि विकास एवं खाद्य सुरक्षा में एक ऐतिहासिक रूप से मील का पत्थर साबित हुआ है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने चावल के उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत का चावल उत्पादन 150.18 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जबकि चीन का उत्पादन 145.28 मिलियन टन है, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। साथ ही दुनिया के खाद्य आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका भी मजबूत हुई है।

उन्होंने पोषण सुरक्षा पर सरकार के फोकस पर भी ज़ोर दिया और कहा कि भारत का लक्ष्य अब सिर्फ़ पर्याप्त भोजन पैदा करना नहीं है, बल्कि दालों और तिलहनों पर विशेष ध्यान देते हुए पौष्टिक तथा उच्च गुणवत्ता वाली फसलें सुनिश्चित करना भी है।

डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप, ने कहा कि पिछले दशक में विकसित और जारी की गई फसल किस्मों की संख्या पिछले चार से पांच दशकों में जारी की गई किस्मों की तुलना में अधिक हैं जो देश में कृषि अनुसंधान को दी गई अभूतपूर्व गति और प्राथमिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी किस्मों का विकास जलवायु लचीलेपन, बायोफोर्टिफिकेशन, प्राकृतिक और जैविक खेती प्रणालियों के लिए उपयुक्तता तथा अम्लीय एवं खारी मिट्टी जैसी चुनौतियों का समाधान करने पर केन्द्रित होगा, ताकि कृषि को अधिक टिकाऊ एवं उभरते तनावों के प्रति लचीला बनाया जा सके।

सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि बीज के क्षेत्र में एक साथ सुधार, परिवर्तन तथा जानकारी दी जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नवाचार किसानों तक जल्दी और पारदर्शी तरीके से पहुंचें। उन्होंने कहा कि बीज की उपलब्धता को मजबूत करने के लिए बीज गुणन दर को 1.5 से 2 गुना बढ़ाया गया है जबकि राष्ट्रीय एवं राज्य बीज निगम सस्ती कीमतों पर गुणवत्ता वाले बीज सुनिश्चित कर रहे हैं।

श्री चतुर्वेदी ने कहा कि भाकृअनुप की देखरेख में बीज ट्रेसबिलिटी तथा निजी क्षेत्र के अनुसंधान की मान्यता से नई किस्में किसानों तक एक से दो साल पहले पहुंच सकेंगी। 1969 में किस्मों की अधिसूचना शुरू होने के बाद से, 57 सालों में 7,205 फसल किस्मों को अधिसूचित किया गया है। इनमें से, 3,236 किस्में अकेले पिछले 11-12 सालों में अधिसूचित की गईं जिसमें पिछले पांच सालों में 1,661 किस्में शामिल हैं जो किस्मों के विकास में तेज़ी से बढ़ोतरी को दिखाता है।

हाल ही में जारी की गई 184 किस्मों में 122 अनाज, 6 दालें, 13 तिलहन, 11 चारा फसलें, 6 गन्ना, 24 कपास (जिसमें 22 बीटी कपास शामिल हैं) और जूट और तंबाकू की एक-एक किस्म शामिल हैं। भाकृनुप संस्थानों, राज्य/केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालयों तथा निजी बीज कंपनियों द्वारा विकसित ये किस्में जलवायु-अनुकूल, अधिक उपज देने वाली तथा प्रमुख कीटों और बीमारियों के प्रति प्रतिरोधी हैं। कई किस्मों में विशेष गुण होते हैं जैसे लवणता, सूखा, कम फास्फोरस, शाकनाशी, कीटों और बीमारियों के प्रति सहनशीलता, जल्दी पकना, बायोफोर्टिफिकेशन, उच्च प्रोटीन, दाना न झड़ना तथा कई बार कटाई वाली चारे की क्षमता। इनमें बेहतर चावल, मक्का, बाजरा, दालें, तिलहन, गन्ना, कपास, जूट और चारा फसलें शामिल हैं जो विशिष्ट तनावों और उत्पादन प्रणालियों के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

 

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