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यूपी के स्कूलों में जल संरक्षण पखबाड़ा शुरु

April 16, 2026

यूपी के स्कूलों में जल संरक्षण पखबाड़ा शुरु

लखनऊ, 16 अप्रैल 2026,   प्रदेश में जलशक्ति अभियान के अंतर्गत आज से राज्य के सभी स्कूलों और शिक्षा संस्थानों में जल पखवाड़ा शुरु हो गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना और जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाना है।

जिला स्तर पर प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। पखवाड़े के दौरान विद्यालयों को जल संरक्षण केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा और विद्यालय में प्रतिदिन जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी। पेयजल स्रोतों और भंडारण सुविधाओं की सफाई के लिए भी प्रत्येक विद्यालय में विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

माओवादियों की तलाशी अभियान में विस्फोट से सीआरपीएफ जवान घायल

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Posted on 16.04.2026  Time 08.01 PM Thursday, Ranchi Jharkhand, Maoist, CRPF SEARCH

रांची, 16 अप्रैल 2026. माओवादियों की तलाशी अभियान में हुए विस्फोट में गुरुवार को सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया है। उसे इलाज के लिए यहां लाया गया है। संदिग्घ माओवादियों की तलाश के लिए दो दिन से केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 205वीं बटालियन खोज अभियान में लगी है। इसी बटालियन के चार जवान मुठभेड़ में घाय हुए थे।

चाईबासा के सारंडा जंगलों में माओवादियों के खिलाफ जारी तलाश अभियान के दौरान दूसरे दिन एक आईईडी विस्फोट हुआ। इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया  इस इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के छिपे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान शुरु किया  गया है।  इस पर एक करोड का ईनाम है।

आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिएः पीएम मोदी

Posted on 16.04.2026  Time 08.01 PM Thursday

नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2026, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि देश की पचास प्रतिशत आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि नारी शक्ति देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और नीति निर्माण में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व देना समय की मांग है।

पीएम श्री मोदी गुरुवार को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संवैधानिक संशोधन से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा के दौरान विचार व्यक्त कर रहे थे। ये तीन विधेयक हैं- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026, परिसीमन विधेयक-2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक-2026. प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विपक्ष से इस ऐतिहासिक विधेयक को राजनीतिक रंग न देने की अपील की। उन्‍होंने कहा कि यह सभी के लिए और देश के लोकतंत्र के लिए लाभकारी होगा।

उन्होने कहा कि इस विधेयक का विरोध करने वालों को भविष्य में इसके परिणाम भुगतने पडेंगे। उन्‍होंने कहा कि यह विधेयक देश की दिशा और भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक विकसित भारत केवल बुनियादी ढांचे, रेलवे या आर्थिक संकेतकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें महिलाओं की समान भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार नीति निर्माण में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ काम कर रही है।

चर्चा में भाग लेते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है। उन्होंने इतने महत्वपूर्ण विधेयक को जल्दबाजी में लाने पर सवाल उठाया। श्री यादव ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक नवीनतम जनगणना पूरी होने के बाद ही पेश किया जाना चाहिए। तेलुगु देशम पार्टी की नेता डॉ. बायरेड्डी शबरी ने कहा कि आज महिलाएं राष्ट्रीय स्तर तक देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने शासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लाए गए इस महत्वपूर्ण विधेयक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।

इससे पहले विधि और न्‍याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 और परिसीमन विधेयक-2026 पेश किया। गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक-2026 पेश किया। विधेयकों को पेश करते हुए श्री मेघवाल ने कहा कि सरकार महिलाओं को राजनीतिक न्याय दिलाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026, महिलाओं के लिए समानता सुनिश्चित करेगा। डॉ. बी.आर. आम्‍बेडकर का हवाला देते हुए मेघवाल ने कहा कि किसी समुदाय की प्रगति का आकलन महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति के स्तर से किया जाता है। विधि और न्‍याय मंत्री ने कहा कि देश भर में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का एक समान और कानूनी रूप से सुसंगत वितरण लागू करने के लिए लोकसभा में सीटों की कुल संख्या में पचास प्रतिशत की वृद्धि करना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही लोकसभा सदस्‍यों की संख्या 815 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो मौजूदा आवंटन के अतिरिक्त हैं।

श्री मेघवाल ने कहा कि जनगणना-2027 के परिणाम वर्ष 2028 की शुरुआत से पहले आने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने बताया कि इसलिए, क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्व्यवस्थापन या विभाजन तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटों के आवंटन के लिए 2011 की जनगणना का उपयोग किया जाएगा।

चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसे सरल बनाया जाना चाहिए और परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को लागू करने में अनावश्यक देरी कर रही है और सरकार से इसे तुरंत लागू करने का आग्रह किया।

भाजपा के तेजस्वी सूर्या ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि देश की महिलाएं लगभग चार दशकों से इसका इंतजार कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पहली बार देश की नारी शक्ति को राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में मुखर, प्रत्यक्ष, विश्वसनीय और ठोस प्रतिनिधित्व मिलेगा।

 

मल्टीनेशनल कंपनियाओं के खिलाफ बजरंग दल,विहिप का प्रदर्शन

इंपीरियल तिराहे पर प्रदर्शन, जाम लगा

Post on 16.4.26
Thursday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)
उत्पाद पर चित्र के उपयोग पर मल्टीनेशनल कंपनियों के खिलाफ हिन्दू संगठनों ने विरोध जताया। विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और प्रदर्शन करते हुए
‘जिहादी मानसिकता’ का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गुरुवार को शहर में इंपीरियल तिराहे पर बजरंग दल महानगर संयोजक राजीव ठाकुर के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। हिन्दू संगठनों ने मल्टी नेशनल कंपनियों पर आरैप लगाया कि उनके उत्पादों पर हिन्दू देवी देवताओं के चित्रों का उपयोग से धार्मिक भावनाओं को ठेस लगी रही हैं।संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया व जिहादी मानसिकता का पुतला जलाया। तिराहे पर प्रदर्शन से हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। संगठन के संयोजक ने कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून बने। मांग कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएं।

बलिया में दो बोरी गेहूं के लिए बेटे ने की पिता की हत्या

बलिया। रसड़ा थाना क्षेत्र के नथूपुर गांव में दो बोरी गेहूं को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी।
जानकारी के अनुसार मृतक महेंद्र चौहान ने अपनी विवाहित बेटी को घर का कुछ गेहूं देने का निर्णय लिया था। यह फैसला उनके बेटे पप्पू चौहान को इतना नागवार गुजरा कि उसने लाठी-डंडों से पिता पर हमला कर दिया बुजुर्ग पिता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। स्थिति तब और भयावह हो गई जब बीच-बचाव करने आई मां पर भी आरोपी ने हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। हत्या के बाद आरोपी ने शव को खेत में फेंककर साक्ष्य छिपाने की कोशिश की।

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