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भारत तब विकसित होगा, जब उ0प्र0 विकसित होगा: योगी आदित्यनाथ

June 20, 2026

भारत तब विकसित होगा, जब उ0प्र0 विकसित होगा: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने झांसी में ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ को सम्बोधित किया
पहले बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे मात्र कल्पना था, अब मूर्त
रूप ले चुका, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर झांसी से होकर जा रहा
झांसी, 20 जून, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश में सबसे अधिक कार्यकाल का रिकॉर्ड बनाया है। भारत तब विकसित होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा। उत्तर प्रदेश तब विकसित होगा, जब झांसी समेत प्रदेश के सभी जनपद विकसित होंगे। झांसी तब विकसित होगा, जब प्रत्येक ग्राम पंचायत व नगर निकाय आत्मनिर्भर व विकसित होंगे। क्रान्ति की इस धरा पर विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज झांसी में ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास सर्वसमावेशी होना चाहिए। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2014 में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ मंत्र देशवासियों को दिया था। जब 140 करोड़ भारतवासियों का विश्वास व प्रयास जुड़ेगा तथा कार्ययोजना बनेगी, तो विकसित भारत बनने में देर नहीं लगेगी। सबके सामूहिक प्रयास से ही अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मन्दिर बना। यह नये व भव्य भारत का राष्ट्र मन्दिर है। यह नये भारत के निर्माण की शुरूआत भी है।
मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2022 में जब दुनिया इस सदी की सबसे बड़ी महामारी से जूझ रही थी, तब प्रधानमंत्री जी देशवासियों को आगामी 25 वर्षों की कार्ययोजना व विकसित भारत संकल्प से जोड़ रहे थे। उन्होंने देशवासियों से पंचप्रण अपनाने की बात कही थी। इनमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत का सम्मान, देश के शहीदों, सेना के जवानों व वर्दीधारी फोर्स का सम्मान, सामाजिक एकता के लिए कार्य करना तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन करना सम्मिलित है। दुनिया में वही विकसित हुआ है, जो अपने बल पर कार्ययोजना तैयार कर आगे बढ़ा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से कोई व्यक्ति स्वावलम्बी नहीं हो सकता। आत्मनिर्भरता के लिए गुलामी की मानसिकता दूर करना तथा अपनी विरासत का सम्मान करना आवश्यक है। भारत अपनी यात्रा को अनवरत आगे बढ़ा रहा है। हम इसलिए चैन से सोते हैं, क्योंकि हमारे सैनिक माइनस टेम्परेचर में सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। पैरामिलिट्री का जवान नक्सल क्षेत्र में मजबूती के साथ कार्य कर रहा है। पुलिस के जवान सजगता से पेट्रोलिंग कर रहे हैं। इन सभी के प्रति हमारे मन में सम्मान का भाव होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए। जो जिस क्षेत्र में है, उसे उस क्षेत्र में ईमानदारीपूर्वक कार्य करना चाहिए। एक शिक्षक राष्ट्र निर्माण के योग्य नागरिक का निर्माण कर सके, इस उद्देश्य से उसे अपने शिक्षण कार्य को पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ करना चाहिए। व्यापारी को उपभोक्ता के प्रति ईमानदारी से अपना कर्तव्य निर्वहन करना चाहिए। वह कालाबाजारी तथा वस्तुओं के दाम में अनावश्यक वृद्धि न होने दे। समय पर टैक्स जमा करे, यह उसका नागरिक कर्तव्य है। किसान समय पर बीज बोकर समाज का पेट भरने के लिए कृषि कार्य ईमानदारी से करे। यह उसका नागरिक कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत ने विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जो यात्रा प्रारम्भ की, इसके परिणामस्वरूप आज भारत की गिनती दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था में होती है। दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है। यह दुनिया में सर्वाधिक तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। भारत का इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतरीन हुआ है। यहां की रोड कनेक्टिविटी पहले से बेहतर हुई है। रेलवे तथा एयर कनेक्टिविटी बहुत अच्छी हो गयी है। नमो भारत, वंदे भारत तथा अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। डिफेंस कॉरिडोर बनने से बुन्देलखण्ड का युवा केवल रोजगार ही नहीं प्राप्त करेगा, बल्कि यहां बनने वाली तोप और मिसाइल से दुश्मन थर्रा उठेगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया में ब्रह्मोस की ताकत देखी है। यह प्रधानमंत्री जी के ‘विकसित भारत’ विजन का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर झांसी, चित्रकूट, कानपुर, आगरा, लखनऊ, अलीगढ़ में तेजी के साथ विकसित किया जा रहा है। इसमें 37 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हुए हैं। हजारों युवाओं को नौकरी मिल रही है। प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। पहले बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे मात्र कल्पना था, अब यह मूर्त रूप ले चुका है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर झांसी से होकर जा रहा है। बीडा भारत के सबसे बड़े औद्योगिक शहर के रूप में विकसित हो रहा है। बुन्देलखण्ड में फार्मा पार्क का सपना भी साकार हो रहा है। यहां मेडिकल कॉलेजों का संजाल बिछाया जा रहा है। झांसी, जालौन और ललितपुर में एक-एक मेडिकल कॉलेज बन चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विदेशी आक्रांता हम पर इसलिए हावी हो गए, क्योंकि हम जाति, भाषा, क्षेत्र तथा सम्प्रदाय के नाम पर विभाजित थे। हमारी निष्ठा देश व सनातन धर्म के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की जाति के लिए थी। परिणामस्वरूप विदेशी आक्रांता हमें विभाजित कर हम पर राज करते थे। इसलिए हमें एकता पर बल देना चाहिए। जो समाज को जाति के नाम पर बांट रहे हैं, वह समाज के दुश्मन हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले भारत के विकसित बनने के लिए पर्याप्त संसाधन थे। आज से 02 हजार पूर्व तक दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में जितन धन-धान्य, वैभव तथा समृद्धि थी, उसमें भारत की 44 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। भारत में स्थित तक्षशिला दुनिया का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय था। वह वृहत्तर भारत के हिस्से में था, दुर्भाग्य से पाकिस्तान में चला गया। कालान्तर में नालंदा, विक्रमशिला विश्वविद्यालय स्थापित हुए। देश के अलग-अलग स्थानों पर अन्य विश्वविद्यालय भी स्थापित हुए। काशी, पश्चिम बंगाल स्थित नवलदीप, दक्षिण भारत में कांची तथा मध्य भारत में उज्जैन ज्ञान की धरोहर थे। देश में स्थित कुम्भ के 04 क्षेत्र परस्पर ज्ञान के आदान-प्रदान, विद्वान व ऋषि परम्परा की भूमि थे। यह केवल स्नान के माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान की धाराओं को आपस में जोड़ने तथा उनके आदान-प्रदान का माध्यम थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज से 400 वर्ष पूर्व तक विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत थी। सन् 1950 तक आते-आते यह हिस्सा मात्र 02 प्रतिशत रह गया था। मुगलों व अंग्रजों के शासन ने भारत को खोखला कर दिया। भारत को पिछड़ा बनाने के लिए इन्होंने भारत के उद्योगों, कला, कारीगरों तथा परम्परा को अपमानित करने का कार्य किया। भारतीयों के मन में यह भाव पैदा कर दिया कि भारतीय व्यक्ति बेकार तथा बाहरी व्यक्ति ही सब कुछ है। परिणामस्वरूप हमारे मन में गुलामी की मानसिकता बैठ गयी। हमें बताया गया कि जो विदेशी है, वह अच्छा है तथा भारत की वस्तु खराब है। हमने अंग्रेजी भाषा स्वीकार कर संस्कृत तथा अपनी स्थानीय भाषा का तिरस्कार कर दिया। हम अपनी कला, संस्कृति, लोक गाथा, नाटक आदि भूल गए। लोक काव्य हमारी परम्परा की थाती थी, जिसे हमने अस्वीकार कर पॉप गीतों को अपना लिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने अपने परम्परागत वाद्यों को छोड़कर पाश्चात्य संगीत की ओर उन्मुख हो गए। मध्य काल में संत तुलसीदास से कहा गया कि आप अकबर के दरबार में जाइए, वहां आप नवरत्नों में सम्मिलित किए जाएंगे। तुलसीदास जी ने कहा कि उनके राजा केवल श्रीराम हैं। उन्होंने श्रीरामलीला की शुरुआत कर ‘बोलो राजा राम चन्द्र की जय’ का उद्घोष किया। ओरछा में भगवान श्रीराम आज भी राजा के रूप में विराजमान हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम परम्परा व विरासत से विलग होते गए। यही कारण था कि सन् 1947 में देश आजाद होने के बाद जब भारत माता के सपूत लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, तो उनका विरोध किया गया। जब पहले राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए सोमनाथ मंदिर जा रहे थे, तो लोगों ने इस पर आपत्ति दर्ज की। क्योंकि लोगों के मन में गुलामी की मानसिकता हावी हो चुकी थी। यह पहली बार हुआ, जब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास, प्राण-प्रतिष्ठा तथा धर्म ध्वजा आरोहण कार्यक्रम के लिए स्वयं पधारे। उन्होंने अपने कर-कमलों से तीनों कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। यह विरासत का सम्मान है।
आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हर स्वाधीनता संग्राम सेनानी के स्मारक को सम्मान देना हमारी प्राथमिकता में रहा है। जनप्रतिनिधियों ने अपने गांव, ब्लॉक तथा जनपद में स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्मारकों का पुनरुद्धार कराया। आज अयोध्या, काशी, माँ विन्ध्यवासिनी धाम तथा अन्य तीर्थों का कायाकल्प दिखायी दे रहा है।
इस धरा ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के पराक्रम तथा वीरांगना झलकारीबाई के शौर्य को देखा है। राष्ट्रीयता से ओत-प्रोत रचना के माध्यम से भारत के साहित्यिक आकाश को नयी ऊंचाई देने वाले राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त, सुप्रसिद्ध रचनाकार वृन्दावन लाल वर्मा तथा हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चन्द्र इसी धरा से सम्बन्धित हैं। यहां स्थित झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के किले में पहले की तुलना में व्यापक परिवर्तन दिखायी दे रहा है। जनप्रतिनिधिगण अपने-अपने क्षेत्र में किसी न किसी मंदिर का पुनरुद्धार कर रहे हैं। पूर्व में स्थित ओरछा में राजाराम झांसी को संरक्षण प्रदान करते हैं। पश्चिम में जगत जननी माँ भगवती पीतम्बरा देवी रक्षक के रूप में प्रेरणा प्रदान कर रही हैं। आज सुबह दतिया में पीताम्बरा पीठ में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड के युवाओं को सरकारी नौकरियों से जोड़ा जा रहा है। जब नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाला कोई अभ्यर्थी झांसी के किसी विकासखण्ड का नाम लेता है, तो सुखद अनुभूति होती है। बुन्देलखण्ड का युवा अब पलायन नहीं कर रहा, बल्कि प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत युवाओं को गारण्टी व ब्याज मुक्त धनराशि उपलब्ध करायी जाती है। यह सब प्रयास करने से होता है। जब अच्छे लोग चुने जाते हैं, नीति निर्माण होता है, तभी विकास सम्भव होता है। पिछली सरकारें पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार थीं। नीयत ठीक न होने से नीति नहीं बना पाते थे। जब नीतियां नहीं बनती थीं, तो उनके क्रियान्वयन का सवाल ही नहीं उठता।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में ‘सबका साथ सबका विकास’ मंत्र के साथ बिना भेदभाव प्रत्येक जरूरतमंद को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। आज से 09 वर्ष पूर्व झांसी में अव्यवस्था व गंदगी देखने को मिलती थी। आज स्वच्छता, रौनक के साथ विकसित झांसी की परिकल्पना साकार होती दिखायी देती है। यही विकसित भारत की संकल्पना की शुरुआत है। हमें स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। भारत तब समृद्ध था, जब परम्परागत खेतीबाड़ी होती थी तथा परम्परागत उद्यम विकास में सहभागी बनता था। जब यह दोनों ताकतें मिलती थीं, तो दुनिया के बाजार में हमारा वर्चस्व स्थापित हो जाता था। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ तथा ‘पी0एम0 विश्वकर्मा’ जैसी योजनाएं इसी अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति श्री कुंवर मानवेन्द्र सिंह, सांसद श्री अनुराग शर्मा, झांसी के महापौर श्री बिहारी लाल आर्य, विधायक श्री रवि शर्मा, श्री राजीव सिंह पारीछा, श्री जवाहर लाल राजपूत, डॉ0 रश्मि आर्य, विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल, श्री रमा निरंजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

यह देश धर्मशाला नहीं है; घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकाला जाएगा” – कोल्हापुर से गृह मंत्री अमित शाह का स्पष्ट संदेश

  • केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज कोल्हापुर, महाराष्ट्र में आयोजित ‘धन्यवाद सभा’ को मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित किया
  • ₹1500 करोड़ की लागत से अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की शुरुआत महाराष्ट्र में एक बार फिर धर्म और संस्कृति के शासन का आरंभ है
  • राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ-बद्रीनाथ, सोमनाथ और कामाख्या के बाद अब अंबाबाई कॉरिडोर – विरासत के संरक्षण के प्रति हमारी सरकार कटिबद्ध
  • ग्रामीण-सहकारी विकास से लेकर सेमीकंडक्टर, क्वांटम और न्यू-एज टेक्नोलॉजी तक, हर क्षेत्र में मोदी जी ने भारत को नई पहचान दिलाई

Posted Date:- Jun 20, 2026, News Maharastra Kolhapur, Amit Shah

कोल्हापुर (महाराष्ट्र), 20 जून 2026, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज यहां आयोजित ‘धन्यवाद सभा’ को मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडण्वीस और उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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इस अवसर पर श्री शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में, जब से नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से असंभव माने जाने वाले अनेक कार्य हमारे नेता नरेन्द्र मोदी जी ने पूरे कर के दिखाए हैं। प्रभु श्री राम की ही कृपा से वर्ष 2014 में मोदी जी प्रधानमंत्री बने और अयोध्या में भव्य राम मंदिर आज अपनी दिव्य भव्यता के साथ खड़ा है। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण, केदारधाम और बद्रीधाम का पुनर्निर्माण किया गया। सोमनाथ मंदिर को फिर से सोने का बनाया जा रहा है। माँ कामाख्या का कॉरिडोर बन रहा है और अब अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर का कॉरिडोर बनाने का कार्य भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि देशभर में‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र के तहत संस्कृति का पुनर्जागरण हो रहा है। महाराष्ट्र में सभी ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ मंदिर पुनर्निर्मित हो रहे है, ये हमारे लिए गौरव का विषय है।

केन्द्रीय गृह एवं सहाकारिता मंत्री ने कहा इन 12 वर्षों में अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर के जीर्णोद्धार और कॉरिडोर निर्माण का कार्य शुरू होना भी कई अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर कॉरिडोर निर्माण की शुरुआत, महाराष्ट्र में एक बार फिर से धर्म के शासन और सांस्कृतिक जागरूकता को नई ऊँचाई दी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि 12 वर्षों में मोदी जी के नेतृत्व में सोमनाथ से लेकर गंगासागर तक पूरे देश में हमारी सरकार को जनता का समर्थन और विश्वास मिला है। श्री शाह ने कहा कि न केवल बंगाल की सीमाओं से घुसपैठ पूरी तरह बंद की जाएगी, बल्कि देश भर से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा, यह देश कोई धर्मशाला नहीं है।

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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ चाहे ग्रामीण विकास हो, शहरी विकास हो, कृषि को समृद्ध बनाने के लिए सहकारिता मंत्रालय का गठन हो, नगर नियोजन के नए मानक स्थापित करना हो या पीएलआई स्कीम लाकर भारत को वैश्विक उत्पादन का हब बनाना हो — हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेमीकंडक्टर, क्वांटम इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर, डेटा सेंटर और न्यू एज टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत को नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने की ठोस शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने चंद्रयान-3 के माध्यम से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक पहुंचकर ‘शिव शक्ति पॉइंट’ स्थापित किया और समूचे भारतवासियों के हृदय को गर्व और खुशी से भर दिया।

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केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, कोल्हापुर में पवित्र करवीर क्षेत्र स्थित माता अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर, जहां माता स्वयं सैकड़ों वर्षों से विराजमान हैं, के जीर्णोद्धार और विकास के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कार्य शुरू किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा करवीर नगर स्थित श्री अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर के जीर्णोद्धार तथा मंदिर कॉरिडोर निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत 1500 करोड़ रुपये है और यह 28,000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सातवीं शताब्दी में स्थापित इस प्राचीन मंदिर के पुनर्विकास के दौरान पुरातत्व विभाग के परामर्श से आसपास के लगभग 41छोटे-बड़े मंदिरों के संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करते हुए एआई आधारित सुरक्षा कैमरों, एलईडी प्रकाश सज्जा, आउटडोर गैलरी, हेरिटेज वॉकवे, लाइट एवं साउंड शो, मल्टीपर्पस हॉल, अन्नछत्र, पुलिस चौकी तथा हेरिटेज कोर्टयार्ड सहित पूर्ण यात्री सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। श्री शाह ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर कोल्हापुर का यह पावन तीर्थ स्थल छह माह के भीतर एक पूर्ण विकसित यात्रा धाम बन जाएगा। इससे न केवल अंबाबाई माता के लाखों भक्तों में भक्ति का पुनर्जागरण होगा, बल्कि कोल्हापुर और महाराष्ट्र के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास को संरक्षित और प्रचारित करने का अवसर भी मिलेगा, जो विशेष रूप से युवा पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि 1500 करोड़ रुपये कोई बड़ी राशि नहीं है, क्योंकि जहां हमारा इतिहास, हमारी आस्था और हमारी संस्कृति बसी हुई है, ऐसे पावन स्थानों का विकास और महिमा-मंडन पूरे देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है।

Yoga Day विश्व को भारत की अनुपम देन योग

Posted on 20.06.2026 Saturday, Time 08.29 PM Article World Yoga Day, by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News

समग्र स्वास्थ्य की गारंटी योग
सर्वेश कुमार सिंह
योग विश्व को भारत की अमूल्य देन है। कई हजार साल की खोज, अनुसंधान और प्रमाणित परिणामों के बाद भारत के ऋषि,मुनियों ने योग को प्रतिपादित किया। योग के महत्व और समग्र स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भारतीय जनमानस इसे सदियों से अपना रहा है। लेकिन आधुनिक भारत में योग से विश्व को परिचित कराने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को है। उनके सदप्रयासों और दूरदृष्टि से योग को संयुक्त राष्ट्र महासभा में मान्यता मिली और 21 जून विश्व योग दिवस घोषित हो सका।
संयुक्त राष्ट्र महासभा का सर्वसम्मत प्रस्ताव
योग ऐसा विषय है, जिसे विश्व ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया है। आम तौर पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के संकल्प और प्रस्ताव मतदान से पारित और स्वीकृत होते है। लेकिन 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित करने का प्रस्ताव मतदान से नहीं बल्कि 193 सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से पारित किया। इस प्रस्ताव को जब औपचारिक रूप से 27 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महासभा की 69वीं बैठक में अपने भाषण के बाद प्रस्तुत किया तो 177 देश प्रस्ताव के सह प्रायोजक बने। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को महासभा ने सर्वसम्मत निर्णय लिया कि 21 जून विश्व योग दिवस होगा।
भारतीय ज्ञान परंपरा में शीर्ष पर
भारत ज्ञान और विज्ञान के शीर्ष पर रहा है। प्राचीन ज्ञान के रूप में आध्यामिक चेतना के साथ ही योग ने मानव के समग्र विकास, समग्र स्वास्थ्य और समग्र उन्नयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रमाणित की है। पतंजलि के अष्टांग योग में सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के उपाय सिर्फ आसन ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान के तत्व मौजूद है। ये आठ अंग यम, नियम,आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि मानव के संपूर्ण स्वास्थ्य और व्यक्तित्व का निर्माण करते है। योग समाज में एकात्मकता और कार्यकुशलता निर्माण करने का केंद्रीय तत्व है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में योग का वर्णन करते हुए कहा है “योग: कर्मसुकौशलम”। योग यूज धातु से बना शब्द है, जिसका अर्थ है, जोड़ना। योग को “यूज्यतेसौ योग:” कहा है। अर्थात जो युक्त करे उसे योग कहते हैं। पतंजलि योग दर्शन कहता है “योगषःचित्तवृत्ति निरोध:”।
विश्व में योग का प्रसार
योग के आदि जनक भगवान शिव है। योग को आदि, वैदिक और पौराणिक काल में भगवान श्रीकृष्ण के साथ ही महर्षि पाराशर, व्यास जी, अष्टावक्र और पतंजलि ने अलग अलग समय और युग में प्रतिपादित किया। इनके द्वारा रचित और उद्बोधित साहित्य में योग वर्णित है। इनमें प्रमुख रूप से उपनिषद, योग वशिष्ठ, योग सूत्र, भगवद्गीता, योग दर्शन आदि है।
आधुनिक विश्व में गत लगभग दो सौ वर्ष में भारत के अनेक ऋषि, सन्यासी और आध्यात्मिक गुरुओं ने इसे प्रचारित और प्रसारित किया। इन महानुभावों ने योग की महत्ता से पश्चिमी जगत को परिचित कराया। इन महापुरुषों में स्वामी विवेकानंद, स्वामी शिवानंद, स्वामी यतीश्वरानंद, स्वामी रंगनाथानंद, महर्षि महेश योगी, परमहंस योगानंद, श्रीश्री रविशंकर प्रमुख है। भारत में योग को 21वीं सदी में लोकप्रिय बनाने में बाबा रामदेव का उल्लेखनीय योगदान है।
गीता प्रेस का योगदान
योग पर साहित्य प्रकाशन में गोरखपुर का गीता प्रेस संस्थान अग्रणी है। गीता प्रेस ने यूं तो सनातन संस्कृति की सेवा में अनेक ग्रंथों, पुस्तकों का प्रकाशन किया है। लेकिन उसके द्वारा योग पर प्रकाशित साहित्य अतुलनीय है। गीता प्रेस ने योग पर चार उपयोगी, संग्रहणीय विशेषांक प्रकाशित किए है। कल्याण पत्रिका के विशेषांकों के रूप में गीता प्रेस ने 1935 में “योगांक” प्रकाशित किया। इसमें 141 लेख समाहित हैं। 1980 में “निष्काम कर्मयोग” विशेषांक प्रकाशित किया। इसमें 177 लेख समाहित हैं। इसके बाद 1999 में “योगतत्त्व अंक” प्रकाशित किया। इसमें 170 लेख समाहित हैं।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

June 19, 2026

जटोई ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं का आरोप, जांच की उठी मांग

Hathras News Posted on 19.06.2026, Friday Time 08.31 PM

रोजगार सेवक पर फर्जी मस्टर रोल तैयार कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

हाथरस। मुरसान विकासखंड की ग्राम पंचायत जटोई में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं ने रोजगार सेवक पर फर्जी मस्टर रोल तैयार कर सरकारी धनराशि के दुरुपयोग तथा बिना कार्य कराए भुगतान कराने का आरोप लगाया है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई है।शिकायत के अनुसार रोजगार सेवक सत्य प्रकाश द्वारा अपने चहेते लोगों के नाम मनरेगा मस्टर रोल में दर्ज कर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि जिन लोगों ने मनरेगा के तहत कार्य नहीं किया, उनके नाम पर भी भुगतान दर्शाया गया तथा कई लाभार्थियों को 100 दिनों का रोजगार पूरा दिखाकर भुगतान किया गया।शिकायत में कहा गया है कि ग्राम पंचायत में बम्बा से मंदिर के तालाब तक कच्ची नाली खुदाई कार्य के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,07,425 रुपये स्वीकृत किए गए। आरोप है कि 14 से 20 अप्रैल तथा 6 से 21 मई 2026 तक कार्य होना दर्शाकर मस्टर रोल और माप पुस्तिका (एमबी) तैयार कर दी गई, जबकि मौके पर नाली खुदाई का कार्य नहीं हुआ। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2022-23 में भी इसी कार्य के लिए लगभग 96 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उस समय भी कार्य धरातल पर नहीं कराया गया।इसके अलावा अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण कार्य में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में अमृत सरोवर के लिए स्वीकृत लगभग 50.85 लाख रुपये की धनराशि के सापेक्ष निर्धारित कार्य पूर्ण नहीं हुए। आरोप है कि सरोवर के किनारों का पक्का निर्माण भी नहीं कराया गया।शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच मंडलायुक्त स्तर के अधिकारी से कराने, दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा यदि सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों से उसकी रिकवरी कराने की मांग की है।

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सभी ग्राम पंचायतों में योग दिवस मनाया जाए- डीपीआरओ

Mainpuri samachar UP Web News
Mainpuri News Posted on 19.06.2026 Friday Time 07
मैनपुरी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी ने गुरुवार को आयोजित बैठक में कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में योग दिवस मनाया जाए, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में ग्रामवासी उपस्थित हों।
विकास भवन में आयोजित बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने कहा कि 21 जून को योग दिवस ग्राम के अमृत सरोवर के पास या पंचायत सचिवालय परिसर में आयोजित होगा। 20 जून को सभी ग्रामों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जायेगा।अभियान के दौरान विशेष रूप से योग स्थल के लिए चयनित स्थल की सफाई का कार्य होगा। इस वर्ष के योग दिवस की थीम है”स्वस्थ आयु के लिए योग” उन्होंने बैठक में बताया कि सभी पंचायत सचिव प्रधानमंत्री का प्रधानों के नाम पत्र की प्रति प्रधानों को उपलब्ध करा दें। सोशल मीडिया के विभागीय एकाउंट पर पंचायत सहायक योग दिवस से सम्बंधित गतिविधियों को पोस्ट करेंगे।योग दिवस में भाग लेने वाले प्रतिभागी टोल फ्री नम्बर 1800- 315- 7008 पर रजिस्ट्रेशन कराकर आयुष मंत्रालय के योग प्रमाणन  बोर्ड द्वारा योग मित्र स्वयं सेवक प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी ने विभागीय कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देशित किया कि प्रत्येक ग्राम में शौचालय के पात्र लाभार्थियों की सूची एक सप्ताह में तैयार कर ली जाये। कूड़ा संग्रहण केंद्र और सामुदायिक शौचालय का नियमित संचालन हो। रेट्रोफिटिंग का कार्य 15 दिन में पूर्ण कर लिया जाए। हमारी तलैय्या अभियान में चिन्हित तालाबों पर काम कराकर उन्हें मॉडल घोषित किया जाए। 15 वें वित्त और राज्य वित्त के अपूर्ण काम पूर्ण करा लिए जाएं। बैठक में जिला समन्यवक नीरज शर्मा, राजकुमार, फ़राज, जिला परियोजना प्रबंधक अजय विक्रम, प्रभा अवस्थी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत मनोज प्रभाकर, अरविंद, राजवीर, जयकुमार सक्सेना, नरेंद्र यादव, रामकुमार यादव, भवानी सिंह, अनिल मिश्रा, अमित कुलश्रेष्ठ, सहित खण्ड प्रेरक  शशी बाला, अनुपम पाल, अमरदीप, सुनीलम, कर्मवीर, आशू, सुनीता गौतम, पूनम व कम्प्यूटर आपरेटर मौजूद रहे।
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