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हर दिन पिछले दिन से बेहतर बनने के लिए प्रयासरत रहें युवा: मोदी

August 8, 2026

हर दिन पिछले दिन से बेहतर बनने के लिए प्रयासरत रहें युवा: मोदी

नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली, 08 अगस्त 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान- आई.आई.टी. दिल्ली के विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने निर्णयों में राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखें और स्वयं से यह प्रश्न करें कि उनके कार्यों से देश को किस प्रकार लाभ हो सकता है और उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है। श्री मोदी ने ये बातें आई.आई.टी. दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पीढ़ी अपने समय की विशिष्ट चुनौतियों का सामना करती है और अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने कहा कि स्नातक विद्यार्थियों द्वारा अगले 30 से 35 वर्षों में किए जाने वाले कार्य का देश के विकसित भारत के मार्ग पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में नए क्षेत्र उभर रहे हैं, जो युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष और ड्रोन जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। श्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता की यह पहल विकसित भारत के निर्माण के लिए एक मजबूत आधार का काम करेगी।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया के युग में उत्पन्न होने वाले विकर्षणों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वेतन, नौकरी या कार्यक्षेत्र के आधार पर दूसरों से अपनी तुलना करने से बचना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि जीवन कोई लीडरबोर्ड नहीं है और किसी की यात्रा दूसरों से प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि स्वयं से प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे हर दिन पिछले दिन से बेहतर बनने के लिए प्रयासरत रहें।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण ने भारत के शिक्षा तंत्र को शिक्षार्थी-केंद्रित, अनुसंधान-आधारित और भविष्य के लिए तैयार बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के संस्थानों में नया आत्मविश्वास जगाया है। उन्‍होंने कहा कि देश के कैंपस न केवल स्नातक, बल्कि नवप्रवर्तक, शोधकर्ता और राष्ट्र निर्माता भी तैयार करने में सक्षम हैं।
आई.आई.टी. दिल्ली के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष हरीश साल्वे और आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी भी समारोह में उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आई.आई.टी. दिल्ली में ‘परम प्रज्ञा’ नामक एक उच्च दक्षता की कंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन भी किया।

ब्रिक्स बैठक में संस्कृति का भोपाल घोषणापत्र जारी

भोपाल, 08 अगस्त 2026, भारत की ब्रिक्‍स अध्यक्षता में आज मध्‍य प्रदेश के भोपाल में 11वीं ब्रिक्‍स संस्कृति मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में ‘भोपाल घोषणापत्र’ को अपनाया गया। इसका उद्देश्‍य ब्रिक्‍स सदस्य और सहयोगी देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मज़बूत करना है। बैठक में 10 ब्रिक्‍स सदस्य और चार सहयोगी देशों सहित कुल 14 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने कलाकारों के लिए और ज़्यादा मौके बनाने पर भी ध्यान दिया। बैठक में कलाकारों को बड़े बाज़ारों तक पहुँचने में मदद करने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा और उसे बहाल करना भी एक अहम मुद्दा था।

भारत ने ब्रिक्‍स देशों के कलाकारों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पेशेवर नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए एक पायलट योजना ‘स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री’ शुरू करने की घोषणा की। बैठक में कलाकारों के अधिकारों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में कॉपीराइट वाले कामों के सही इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भोपाल ने सांस्कृतिक सहयोग के लिए एक व्यावहारिक और भविष्य की सोच वाला ढांचा तैयार किया है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए पारंपरिक ज्ञान, भाषाओं, लोक संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को सुरक्षित रखने की ज़रूरत पर बल दिया। श्री शेखावत ने कहा कि मध्य प्रदेश की संस्कृति और विरासत पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि इन सांस्कृतिक परंपराओं को बचाने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

सहकारी बैंकों के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा आवश्यक: अमित शाह

नई दिल्ली, 08 अगस्त 2026, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर बल दिया है। आज मुंबई में आयोजित ‘सहकार नव-क्रांति’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि डिजिटल लेनदेन में धोखाधड़ी बढ़ रही है और बैंकिंग सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत फोरेंसिक सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने साइबर और वित्तीय अपराधों से निपटने में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
गृह मंत्री ने एक सुरक्षा संचालन केंद्र का भी शुभारंभ किया, जो शहरी सहकारी बैंकों को चौबीसों घंटे साइबर निगरानी और सुरक्षा सहायता प्रदान करेगा। श्री अमित शाह ने मुंबई के फोर्ट क्षेत्र में राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के नए कार्यालय भवन का भी उद्घाटन किया। इन पहलों का उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और भारत के शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के आधुनिकीकरण में तेजी लाना है।

गृह और सहकारिता मंत्री ने देश के सभी सहकारी बैंकों से राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम में शामिल होने का आग्रह किया है। यह निगम देश के सहकारी बैंकों का एक छत्र संगठन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संगठन अपनी सेवाओं को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाकर शहरी बैंकिंग क्षेत्र में परिवर्तन लाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि समृद्धि प्राप्त करने के लिए केवल पूंजी बाजार ही पर्याप्त नहीं होगा। स्वरोजगार की एक समानांतर प्रणाली भी विकसित की जानी चाहिए, और इस संबंध में शहरी सहकारी बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों का उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं है, बल्कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है। श्री अमित शाह ने कहा कि संगठन का मुख्यालय जल्द ही दिल्ली से महाराष्ट्र स्थानांतरित किया जाएगा, क्योंकि महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और कर्नाटक मिलकर भारत के 70 प्रतिशत शहरी सहकारी बैंकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

श्री अमित शाह की उपस्थिति में राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने ‘बैंक इन ए बॉक्स’ पहल, सुरक्षा संचालन केंद्र और कई संबंधित सेवाओं का शुभारंभ किया। श्री अमित शाह ने एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया और कार्यक्रम में छह सहकारी बैंकों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

मुंबई: सिद्धिविनायक मंदिर में दान चोरी की जांच के आदेश

मुंबई, 08 अगस्त 2026, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में दान के गबन के आरोपों की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मंदिर के पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड की जांच करने का निर्देश दिया है। मंदिर के न्यासी बोर्ड ने गुरुवार को श्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और 2023 से 2026 के बीच प्राप्त दान का विस्तृत रिकॉर्ड प्रस्तुत किया। बैठक के बाद, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पिछले वर्षों के रिकॉर्ड की भी जांच करने का निर्देश दिया।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर में 18 करोड़ रुपये के दान के गबन का आरोप लगाया था। इस मामले में पहले नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना’ में चयनित बुनकर सम्मानित 

Posted on 07.08.2026
लखनऊ : 07 अगस्त, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रदेश के हथकरघा उद्योग से जुड़े हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों ने अपने कौशल एवं परिश्रम से भारत की विरासत को नई ऊचाइयों तक पहुंचाया है। प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारत के स्वाधीनता आन्दोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। 07 अगस्त, 1905 को भारत के स्वाधीनता आन्दोलन को नई दिशा मिली थी। इसी दिन आजादी के आन्दोलन में स्वदेशी की भावना ने पदार्पण किया था। स्वदेशी के मंत्र ने भारत को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के संकल्प को आगे बढ़ाया था।
मुख्यमंत्री जी आज यहां ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026’ को मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अन्तर्गत राज्य स्तर पर चयनित बुनकरों को सम्मानित किया तथा मुख्यमंत्री हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने ओ0डी0ओ0पी0 उत्पादों तथा हथकरघा उद्योग पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी के समक्ष हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं एवं संस्थागत भागीदारों-हैण्डलूम प्रमोशन एक्सपोर्ट काउंसिल चेन्नई, तनैरा बेंगलुरु, कारिगो डी0टी0डी0सी0, इन्टरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल तथा फूल कानपुर के मध्य एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महात्मा गांधी ने खादी, स्वदेशी तथा हथकरघा को आजादी के आन्दोलन का सबसे बड़ा शस्त्र बनाया था। स्वदेशी उत्पाद को नया जीवन देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 07 अगस्त की तिथि को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। यह दिवस वर्ष 2015 से देश में प्रत्येक वर्ष मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी का यह निर्णय हथकरघा से जुड़े देश के लाखों उद्यमियों, व्यवसायियों तथा हस्तशिल्पियांं का सम्मान है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वदेशी हमारी विरासत है। हमारे हस्तशिल्पी एवं हथकरघा उद्यमी बड़ी मेहनत एवं परिश्रम से अपना कार्य करते हैं। प्रदेश के 2.5 लाख परिवारों के 14-15 लाख लोग हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं। पावरलूम को जोड़ देने पर यह संख्या बढ़कर लगभग 30 लाख हो जाती है। यह उद्योग 30 लाख लोगों की आजीविका तथा स्वावलम्बन का आधार है। इसके माध्यम से वह आत्मनिर्भरता के साथ निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों व बुनकरों को प्रत्येक सुविधा सम्मानपूर्वक प्रदान कर रही है। लगभग 40,000 बुनकरों को मुख्यमंत्री हथकरघा उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना तथा विद्युत दर रियायत जैसी योजनाओं के माध्यम से 109 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करयी गई है। आज का समय प्रतिस्पर्धा का है, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में हम तब टिक पाएंगे, जब आज की मांग के अनुरूप डिजाइन तथा वस्त्र तैयार करेंगे। आज यहां लगायी गयी प्रदर्शनी बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों के कौशल को प्रदर्शित करने का मंच व उत्पादों की ब्राण्डिंग का आधार है। यह मंच उत्पादों को बाजार से जोड़ने का माध्यम व लाखों लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा तथा बरेली आदि जनपदों के हस्तशिल्पी व कारीगर अपने उत्पादों के माध्यम से देश-दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं। लखनऊ की चिकनकारी का काम अत्यन्त उत्कृष्ट है। व्यापारी और हस्तशिल्पी के बीच में विश्वास का रिश्ता होता है। बाराबंकी, अम्बेडकर नगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, भदोही, मीरजापुर आदि जनपदों के हस्तशिल्पियों के उत्पादों को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। भदोही का कालीन उद्योग वर्ष 2017 से पूर्व मृतप्राय हो गया था। आज वहां से सैकड़ों करोड़ रुपए का निर्यात हो रहा है। भदोही की कालीन दुनिया के बाजार में छा गई है। देश की नई संसद में जब कालीन बिछाने की बात आयी, तो प्रधानमंत्री जी ने भदोही की कालीन को प्राथमिकता दी। कालीन के माध्यम से संसद में उत्तर प्रदेश के कारीगरों का सम्मान हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम जब स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देंगे तथा उन्हें प्रोत्साहित करेंगे, तो देश का पैसा देश में ही लगेगा। हस्तशिल्पियों के चेहरे पर खुशहाली तथा जीवन में समृद्धि आएगी। यह पूरे देश की समृद्धि का कारण बनेगा। प्रदेश सरकार इस दिशा में अनेक प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से भदोही में कालीन एक्सपो सेन्टर बनाया गया है। वाराणसी में ट्रेड फैसिलिटेशन सेन्टर स्थापित हो चुका है, इससे वहां के उत्पाद को वैश्विक मान्यता मिलेगी। प्रदेश सरकार सिल्क क्लस्टर्स को वैश्विक मान्यता दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उत्पादों को टेक्नोलॉजी, डिजाइन, पैकेजिंग, एक्सपोर्ट तथा बाजार से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों तथा बुनकरों के साथ सदैव खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा वाराणसी के फैसिलिटेशन सेन्टर से जुड़े विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। गत वर्ष लगभग 450 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई। उन्हें डिजाइनिंग, टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती प्रदान करने के लिए लखनऊ तथा हरदोई के बीच 1,000 एकड़ क्षेत्रफल में पी0एम0 मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। वस्त्र उद्योग कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने से उनके चेहरे पर खुशहाली आती है। वह अपनी सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग देश व प्रदेश के विकास में कर पाते हैं। इस प्रयास को नई दिशा देने की आवश्यकता है। प्रदेश के पांच स्थानों पर सन्त कबीरदास के नाम पर टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इससे बुनकरों व हस्तशिल्पियों को नया प्लेटफार्म उपलब्ध होगा। यह कार्य 2017 से पूर्व हो जाने चाहिए थे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों में विज़न व सकारात्मक सोच का अभाव था। प्रत्येक कार्य को केवल वोट बैंक की दृष्टि से देखने पर गरीबों, कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों का सम्मान पिछड़ जाता है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में बिजली तथा सड़क आदि का अभाव था। प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था के कारण बेटी, व्यापारी, हस्तशिल्पी तथा कारीगर सुरक्षित नहीं थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हथकरघा ऐसा क्षेत्र है, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्य कर रही हैं। वर्ष 2017 के पश्चात हमने परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित किया। ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के माध्यम से उत्पादों की ब्राण्डिंग की गई। प्रधानमंत्री जी जब किसी देश के दौरे पर जाते हैं, तो वहां के राष्ट्राध्यक्ष को उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पाद को प्रदान करते हैं। यह हस्तशिल्पियों और कारीगरों का सम्मान है। प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयां कार्य कर रही हैं। हथकरघा प्रदेश में सबसे बड़ा कुटीर उद्योग है। सभी एम0एस0एम0ई0 उत्पादों का रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही प्रत्येक एम0एस0एम0ई0 इकाई को 05 लाख रुपये का सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हथकरघा विभाग हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार की मांग के अनुसार टेक्नोलॉजी, डिजाइनिंग आदि से जोड़े। प्रदेश सरकार ने हस्तशिल्पियों व कारीगरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और पी0एम0 विश्वकर्मा योजना के माध्यम से टूलकिट तथा ट्रेनिंग प्रदान करने की व्यवस्था की है। इस क्षेत्र में कुछ नया करने वाले लोगों को आज यहां संत कबीर हथकरघा पुरस्कार योजना से सम्मानित किया गया है। दीपावली, होली तथा ईद आदि त्योहारों पर हमें प्रदेश के कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पाद को अपने सगे-सम्बन्धियों को गिफ्ट के रूप में उपलब्ध कराना चाहिए। इन उपहारों में भदोही की कालीन, फिरोजाबाद की मूर्ति, मुरादाबाद की पीतल की वस्तु तथा मेरठ का खेल का सामान आदि हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज मेरठ स्पोर्ट्स आइटम का केन्द्र बिन्दु बना है। वर्ष 2017 से पूर्व पहले यह उद्योग दम तोड़ रहा था। भट्टियों में पारम्परिक ईंधन प्रयोग करने से पर्यावरण प्रदूषित होता था। आज प्रदेश सरकार वहां पी0एन0जी0 पाइप लाइन पहुंचा दी है। बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उत्पादों को टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि से जोड़ा गया है। उन्हें निर्यात हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में हथकरघा से जुड़े उत्पाद को खरीदने की व्यवस्था बनाई है। विभाग तत्काल इस पर कार्यवाही आगे बढ़ाए। अस्पतालों तथा गेस्टहाउस में स्थानीय हस्तशिल्पियों तथा कारीगरों द्वारा निर्मित बेडशीट तथा तौलिए आदि के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उत्पादों की ब्राण्डिंग का अवसर मिलेगा।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी बुनकर परम्परा तथा स्वदेशी अवधारणा को सम्मान प्रदान करने का उत्सव है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार हथकरघा उद्योग को निरन्तर प्रोत्साहित कर रही है। हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। उत्पादों को ब्राण्डिंग, तकनीक, पैकेजिंग तथा मार्केट आदि से जोड़ा जा रहा है। उत्सवों और त्योहारों आदि पर हमें प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान हथकरघा उद्योग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई तथा मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी द्वारा हथकरघा दिवस पर दिये गए संदेश का प्रसारण किया गया।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य श्री मुकेश शर्मा, डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक श्रीमती जयदेवी, श्री नीरज बोरा, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री के0 विजयेन्द्र पांडियन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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