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जय पाल सिंह व्यस्त ने बजट सत्र में रखी मुरादाबाद में मेडिकल कॉलेज और बरेली में केंद्रीय विवि की मांग

February 20, 2026

जय पाल सिंह व्यस्त ने बजट सत्र में रखी मुरादाबाद में मेडिकल कॉलेज और बरेली में केंद्रीय विवि की मांग

Posted on 20.02.2026 Friday , Time 10.24 AM, Dr Jay Pal Singh Vyast, MLC, Vidhan Parishad, Lucknow 

लखनऊ, 20 फरवरी। बरेली मुरादाब खंड स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य डॉक्टर जय पाल सिंह व्यस्त ने सदन में बजट भाषण के दौरान मुरादाबाद में मेडिकल कालेज और बरेली में केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग रखी।

उन्होंने कहा मुरादाबाद में राजकीय मेडिकल कॉलेज, लाइनपार क्षेत्र में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खोला जाए। साथ ही लोकोशेड से प्रभात मार्केट तक एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाय।

डा व्यस्त ने कहा बरेली में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की मांग का समर्थन करता हूं। उन्होंने अपने भाषण में 9.12 लाख करोड़ के बजट की प्रशंसा की।

रविवार को पंचायत भवन में मेगा विधिक साक्षरता शिविर

Post on 20.2.26
Friday, Time 8.30 Am
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद, 20 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद में रविवार को मेगा विधिक साक्षरता शिविर लगेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज सैय्यद माऊज बिन आसिम के निर्देशन में साक्षरता शिविर पंचायत भवन में लगेगा। गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तपस्या त्रिपाठी ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।
प्राधिकरण सचिव तपस्या त्रिपाठी ने बताया कि शिविर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, आयुष्मान भारत योजना, माटीकला ऋण, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री आवास आदि योजनाओं में पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाएगा।
जिला सचिव ने विभागीय अधिकारियों को लाभार्थियों के पंजीकरण कराने के लिए दिशा-निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि यदि किसी लाभार्थी के पंजीकरण में समस्या आती हैं तो उसका तत्काल निराकरण भी किया जाएं।

14 मार्च को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
मुरादाबाद।
राष्ट्रीय लोक अदालत का 14 मार्च को लगेगी। यह इस साल की यह पहली राष्ट्रीय लोक अदालत है।
पिछले दिनों जिला जज सैय्यद माउज बिन आसिम के निर्देश पर एक बैठक भी बुलाई गई। जिसमें ‘‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0 अभियान’’ में मेगा विधिक सहायता शिविर के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।

हाथरस में सर्किट हाउस निर्माण को मंजूरी

Shweta Chaudhary Hathras Nagar Palika Chairperson
निरीक्षण करती पालिकाध्यक्ष  श्वेता चौधरी
हाथरस। नगर पालिका परिषद हाथरस के वार्ड नंबर 19 हतीसा भगवन्तपुर स्थित पालिका स्वामित्व भूमि पर सर्किट हाउस निर्माण को राज्य सरकार द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए जिला अधिकारी द्वारा प्रस्तावों को स्वीकृति देने की प्रक्रिया जारी है।
नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण कार्य को क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रस्तावित सर्किट हाउस के निर्माण से प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी तथा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए आधुनिक अतिथि सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इस संबंध में पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी ने मौके पर पहुंचकर भूमि की साफ-सफाई एवं जल निकासी कार्य का उच्च स्तरीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता और समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पालिका अध्यक्ष ने कहा कि सर्किट हाउस के निर्माण से नगर में प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने में सहायता मिलेगी तथा इससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी।
निरीक्षण के दौरान वार्ड नंबर 19 के सभासद हिमांशु कौशिक, राना, रवि सोखिया, रोहित राज, जितेंद्र सिंह सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे।

बाजिदपुर में विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज हत्या का आरोप

हाथरस। सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव बाजिदपुर में 25 वर्षीय विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान ललिता के रूप में हुई है। उसकी शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बाजिदपुर निवासी गुड्डू से हुई थी। बताया जाता है कि पति सूरत की एक गद्दा फैक्ट्री में कार्यरत है। दंपति का एक छोटा बच्चा भी है।
घटना की सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। मृतका के पिता तोताराम, निवासी जिरौलीखुर्द, ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही ललिता को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था और साजिश के तहत उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व प्राप्त तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है।

स्टांप चोरी, फर्जी कार्मिक और लंबित अभिलेखों पर बड़ा एक्शन

*उप्र समाचार सेवा (UPSS)
**दिनांक: 19 फरवरी 2026 | स्थान: ऋषिकेश (उत्तराखंड)**

**सब-रजिस्ट्रार हरीश कुमार निलंबित, विभागीय जांच शुरू**

ऋषिकेश उप-पंजीयक कार्यालय में करोड़ों रुपये की स्टांप शुल्क अपवंचना, फर्जी कार्मिक से कार्य कराने और पंजीकरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के मामले में शासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की संस्तुति पर वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने सब-रजिस्ट्रार हरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध औपचारिक विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है।

यह कार्रवाई 28 जनवरी 2026 को हुए औचक निरीक्षण के बाद सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर की गई, जिसमें कार्यालय की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।

### निरीक्षण में उजागर हुई प्रमुख अनियमितताएं

**बिना उप-निबंधक के रजिस्ट्री**
निरीक्षण के दौरान उप-निबंधक अनुपस्थित पाए गए, जबकि उनकी गैरमौजूदगी में निबंधक लिपिक द्वारा अवैधानिक रूप से विलेख पंजीकरण किया जा रहा था, जो स्थापित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

**फर्जी/घोस्ट कर्मचारी का मामला**
कार्यालय में जितिन पंवार नामक व्यक्ति कार्य करता मिला, जिसका न तो कोई नियुक्ति पत्र था और न ही उपस्थिति रजिस्टर में नाम दर्ज था। उसके रजिस्ट्री कार्यों में शामिल होने की आशंका जताई गई।

**सैकड़ों मूल दस्तावेज वर्षों से लंबित**
नियमों के अनुसार पंजीकरण के तीन दिन के भीतर मूल अभिलेख आवेदक को लौटाना अनिवार्य है, लेकिन निरीक्षण में कई दस्तावेज महीनों और वर्षों से कार्यालय में लंबित मिले।

**अर्जेंट नकल में भी भारी देरी**
जहां 24 घंटे में नकल उपलब्ध कराई जानी चाहिए, वहां कई आवेदनों पर महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

### करोड़ों की राजस्व हानि का मामला

जांच में ग्राम माजरी ग्रांट, तहसील डोईवाला से जुड़े प्रकरणों में बड़ा खुलासा हुआ। दून घाटी विशेष महायोजना 2031 के तहत औद्योगिक भूमि को आवासीय दर्शाकर छोटे भूखंडों में पंजीकरण कराया गया। औद्योगिक दरों के बजाय आवासीय दरों पर मूल्यांकन करने से स्टांप शुल्क की भारी चोरी हुई, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का प्रारंभिक अनुमान है।

### नियमों की अनदेखी

संयुक्त जांच में पाया गया कि भारतीय स्टांप (उत्तराखंड संशोधन) अधिनियम 2015 की धारा 47-क, रजिस्ट्रेशन मैनुअल के नियम 325, 195 व 196 तथा शासन की अधिसूचना 28 अप्रैल 2016 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। इन नियमों के तहत संपत्ति का सही मूल्यांकन और स्टांप शुल्क निर्धारण अनिवार्य है।

### फरियादियों ने सुनाई परेशानी

निरीक्षण के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि मूल दस्तावेज प्राप्त करने के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। दस्तावेजों के अभाव में बैंक ऋण, नामांतरण और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हुए।

### आगे भी होंगे औचक निरीक्षण

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और राजस्व हितों से खिलवाड़ के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। अन्य उप-पंजीयक कार्यालयों की भी औचक जांच की जाएगी, ताकि पंजीकरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

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