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बैंकों में भी 5 कार्य दिवस की एक मात्र मांग

January 23, 2026

बैंकों में भी 5 कार्य दिवस की एक मात्र मांग

Bank Officer's Association, NBEA

पत्रकारों से वार्ता करते हुए बैंक एसोसिएशन के पदाधिकारी

लखनऊ 23 जनवरी 2026, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा 5 दिवसीय बैंकिंग लागू न करने के विरोध में आज स्टेट बैंक, प्रधान कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए दिनेश कुमार सिंह, महामंत्री (एनसीबीई) ने बताया कि बैंक शाखाओं में कर्मचारियों व अधिकारियों पर बढ़ते तनाव एवं दबाव को देखते हुए यूनाइटेड फोरम ने पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग की थी।

सिंह ने कहा कि अन्य वित्तीय संस्थानों जैसे रिजर्व बैंक, जीवन बीमा, सेबी, नाबार्ड, जीआईसी तथा विभिन्न सरकारी विभागों में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है, किंतु सरकार बैंककर्मियों की इस एक मात्र मांग की उपेक्षा कर रही है।

उन्होंने आगे बताया कि बैंकों में पहले से ही दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश हो रहा है तथा आईबीए और यूएफबीयू की सहमति के अनुसार शेष बचे 2/3 शनिवारों को भी अवकाश घोषित करने के बदले बैंककर्मी सोमवार से शुक्रवार प्रत्येक दिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य किया करेंगे।

विदित हो कि कल मुख्य श्रमायुक्त से हुई समझौता वार्ता में भी सरकार की हठधर्मिता के कारण कोई हल नहीं निकल पाया। अतः बाध्य होकर बैंककर्मी आगामी 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने जा रहे हैं। इस हड़ताल के कारण जन समुदाय को होने वाली असुविधा के लिए सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है।

फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया बैंक कर्मियों ने अनेक प्रदर्शन, धरना, ट्विटर अभियान, रैली आदि करके सरकार से इस मांग को पूरा करने का आग्रह किया, पर सरकार अभी भी अपनी जिद पर है।

प्रेस वार्ता को फोरम के वरिष्ठ पदाधिकारियों सर्वश्री लक्ष्मण सिंह, आर.एन शुक्ला, शकील अहमद, वी के माथुर, संदीप सिंह, विभाकर कुशवाहा, प्रभाकर अवस्थी, बी डी पाण्डेय आदि ने संबोधित किया।

अनिल तिवारी, मीडिया प्रभारी ने बताया कि 27 जनवरी को होने वाली देशव्यापी बैंक हड़ताल के दिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंककर्मियों द्वारा इंडियन बैंक, हजरतगंज में 11:30 बजे से सभा एवं विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।

बार काउंसिल चुनाव में मुरादाबाद से 3522 वकील डालेंगे वोट

एडीजे-नौ अरुण कुमार चुनाव प्रभारी बनाया गया

मुरादाबाद, 23 जनवरी 2026 (उप्र समाचार सेवा)। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में सदस्य पद का चुनाव जोरों पर है। प्रदेश में चार चरणों में चुनाव हो रहे है। तीसरा चरण 27-28 जनवरी को होगा। इस चरण में
मुरादाबाद समेत विभिन्न जिलों में वोट पड़ेंगे। मुरादाबाद में 3522 अधिवक्ता बार काउंसिल में सदस्य के लिए मतदान करेंगे। शुक्रवार को बार काउंसिल के प्रत्याशी वकीलों का समर्थन पाने की कोशिश में जुटे रहें।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में तीसरे चरण में मतदान मंगलवार व बुधवार को होगा। काउंसिल में सदस्य पद के लिए 333 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जबकि मुरादाबाद से भी तीन प्रत्याशियों ने दम लगाया हुआ है। सदस्य के लिए प्रत्याशी हर जिले में जमकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। चुनाव का तीसरा चरण करीब होने से शुक्रवार को खराब मौसम के बावजूद चुनावी सरगर्मी बढ़ी रही।
शुक्रवार को मुरादाबाद में बारिश के बीच बरेली से पूर्व चेयरमैन और सदस्य प्रत्याशी श्रीश मेहरोत्रा अपने समर्थकों संग पहुंचे।कचहरी और आसपास के चेंबरों में वकीलों से मिले और समर्थन पाने को जनसंपर्क किया। मुरादाबाद में प्रत्याशी सुभाष चन्द्र माथुर भी वकीलों से मिले। और समर्थन मांगा।न्याय भवन में बनेंगे 25 बूथ, होंगी चार टेबल कचहरी में न्याय भवन में 25 बूथ बनाए जाएंगे। अधिवक्ताओं सीओपी नंबर और आईडी कार्ड के बाद बैलेट पेपर मिल सकेगा।
दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि यूपी बार काउंसिल में सदस्य पद के लिए मतदान मंगलवार व बुधवार को होगा। मुरादाबाद में 3522 वकील मतदान करेंगे। न्याय भवन में चार टेबलों पर वोटर लिस्ट होगी। सीओपी नंबर और आईडी कार्ड के बाद ही बैलेट पेपर दिया जाएगा। चुनाव प्रभारी एडीजे नौ अरुण कुमार को बनाया गया है।

भाषा संवाद के लिए, विवाद के लिए नहीः आशुतोष राणा

Udeesha Chaupala Sahityotsav Moradabad

उदीषा साहित्योत्सव में गुरुकुल चोटीपुरा अमरोहा का छात्राएं वैदिक ऋचाओं का पाठ करती हुईं

मुरादाबाद, 22 जनवरी 2026 (उ.प्र.समाचार सेवा)। भाषा संवाद के लिए है विवाद के लिए नहीं। भाषा कभी भी विवाद का विषय नहीं रही है, यह संवाद का माध्यम है। ये उद्गार फिल्म अभिनेता, लेखक, निर्देशक आशुतोष राणा ने उदीषा चौपाला साहित्योत्सव के उद्धाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये।

श्री राणा ने भाषा और संवाद को लेकर फैले भ्रम को दूर किया। उन्होंने इसकी स्पष्टता को उजागर करते हुए कहा कि भाषा के आधार पर  टकराव से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा के माध्यम से विवाद किया जा सकता है लेकिन भाषा कभी विवाद का विषय नहीं रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कभी अपनी भाषा को किसी पर थोपना नहीं चाहिए। मैं स्वयं भी इस बात का ध्यान रखता हूं। कोई किसी भी भाषा में संवाद करे मैं अपनी भाषा में करता हूं। यही संवाद की सच्ची भावना है।

श्री राणा ने संवाद के मंच से कहा कि भाषा किसी किताब से अधिकार संस्कार और परिवेश से सीखी जाती है। उन्होंने कहा व्यक्ति की पहचान ही भाषा से है। यदि व्यक्ति की भाषा में शिष्टता और शालीनता नहीं है, ऊर्जा नहीं है तो आप कभी भी श्रेष्ठ व्यक्ति के रूप में नहीं जाने जाएंगे। उन्होंने परिवारों और अभिभावकों को संदेश दिया कि बच्चों के साथ बड़ी बड़ी वातें कीजिए ताकि वे बड़ा सोचें। उन्होंने कहा कि बड़ों से छोटी बात सुनके मन को कष्ट होता है।

संगीत सुनने से सुनने से ही समझ में आता हैः गुलाम अब्बास खान

गायक गुलाम अब्बास खान ने संस्कृति, गायन के सत्र में मंच पर चर्चा सत्र में कहा कि संगीत सीखने पर 20 प्रतिशत ही समझ में आता है, 80 प्रतिशत सुनने पर ही समझ में आता है। उन्होंने रियाज, तालमेल और सुनने पर चर्चा की। उन्होंने कई गजलों को सुनाया। खान ने कहा कि वे मुम्बई में रहते हैं लेकिन अपने घराने से जुड़े हुए हैं।

पार्श्व गायक सुखविन्दर सिंह ने किया गायन

साहित्योत्सव के मंच पर जब पार्श्व गायक सुखविन्दर सिंह पहुंचे तो युवक युवतियों में भारी उत्साह आ गया। उनके गीतों पर पूरा पंडाल झूम उठा। इस दौरान वीडियो  बनाने और सेल्फी लेने की होड़ लगी रही।

 

 

January 21, 2026

मातृशक्ति की भव्य कलश यात्रा से नगर में गूंजे राष्ट्रभक्ति के नारे

Hathras, Matra Shakti Sammelan

मातृशक्ति की भव्य कलश यात्रा से नगर में गूंजे राष्ट्रभक्ति के नारे

कार्यक्रम में उपस्थित पालिकाध्यक्ष स्वेता दिवाकर व अन्य जनप्रतिनिधि

हाथरस, 21 जनवरी 2026, दाऊजी महाराज हिन्दू सम्मेलन समिति के तत्वावधान में मातृशक्ति द्वारा हिन्दू सम्मेलनों के जनजागरण के उद्देश्य से नगर में विशाल कलश यात्रा श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ निकाली गई। कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर राष्ट्रभक्ति और पारंपरिक गीतों की धुन पर नाचते-गाते चलती रहीं। भगवा पताकाएं लहराती रहीं और जय श्री राम, भारत माता की जय के नारों से वातावरण देशभक्ति मय हो गया।
कलश यात्रा पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय से प्रारंभ होकर घंटाघर, नजिहाई बाजार, मोती बाजार, नयागंज, चक्की बाजार, सर्कुलर रोड, कमला बाजार और रामलीला ग्राउंड होते हुए पुनः पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पर संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। भव्य रूप से सजी बग्घी में भारत माता के स्वरूप में सजी बाल कन्या आकर्षण का केंद्र रही, जहां-जहां यात्रा पहुंची वहां भारत माता की आरती उतारी गई।कलश यात्रा से पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ब्रजप्रान्त प्रचारक धर्मेन्द्र ने मातृशक्ति से हिन्दू सम्मेलनों में सहभागिता करने का आह्वान करते हुये कहा  कि हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य समाज को जोड़ना, सांस्कृतिक मूल्यों को जाग्रत करना और आने वाली पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि सभ्य एव संस्कारित समाज निर्माण में मातृशक्ति  का योगदान महत्वपूर्ण होता है। मातृशक्ति संस्कृति और परंपराओं की संरक्षक होने के साथ समाज को एक नई दिशा देती है। एकजुट कर सशक्त परिवार और समाज बनाती है।  हम सभी अपनी जिम्मेदारी के लिये आगे बढ़कर आयेंगे तो निश्चित ही एक सांस्कारिक समाज के साथ सशक्त और विकसित राष्ट्र का निर्माण होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्ष  दीप्ति वार्ष्णेय ने कहा कि नारी शक्ति समाज की रीढ़ है और ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं की सहभागिता और नेतृत्व क्षमता को नया आयाम मिलता है।
कार्यक्रम का संचालन सारिका बहन ने किया।
कलश यात्रा में महिला जनप्रतिनिधि विधायक सदर अंजुला सिंह माहौर , जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय ,पालिकाध्यक्ष स्वेता चौधरी , ब्लॉक प्रमुख हाथरस पूनम पांडेय  ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
इस अवसर पर रूमी अग्रवाल , ऋतु गौतम ,स्मृति पाठक , दीप्ति वार्ष्णेय ,प्रियंसी वार्ष्णेय , संध्या आर्य  ,बबली चाहर , सारिका ,प्रगति कौशिक , अखिलेश गुप्ता ,पूनम सेंगर , दीक्षा कुशवाह , माधवी सिंह ,शालनी पाठक , उषा पाठक , कवियत्री मीरा दीक्षित , दिशा कुशवाह आदि काफी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही।

January 20, 2026

एटा में चार हत्याओं का कातिल निकला दबा कारोबारी बेटा, 5 साल के मासूम ने दी 4 चिताओं को मुखाग्नि

Kotwali Etah

पुलिस की गिरफ्त में चार हत्याओं का आरोपित

एटा 20 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में दवा कारोबारी बेटा ही अपने मां-बाप, पत्नी और बेटी का कातिल निकला है। पुलिस ने मंगलवार को 24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।

 

अलीगढ़ रेंज के DIG प्रभाकर चौधरी ने बताया- कमल सिंह शाक्य ने ही पिता, मां, पत्नी और छोटी बेटी की बेरहमी से हत्या की थी। बेटी की शादी अगले महीने 11 फरवरी को तय थी। शादी चंडीगढ़ में अनुराग सक्सेना से होनी थी। शादी के लिए चार लाख का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। पत्नी कमल सिंह को ताना मारती थी। इसी बात को लेकर सोमवार दोपहर कमल का पत्नी से झगड़ा हुआ था। गुस्से में उसने पहले पत्नी की हत्या की। बाद में माता-पिता और बड़ी बेटी को भी मार दिया। कमल खुद को भी खत्म करना चाहता था।

 

हत्याकांड का खुलासा करते हुए डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी ने पुलिस लाइन में अहम 4 बातें बताईं-

1- कमल सिंह ने पिता डॉ. गंगा सिंह शाक्य, मां श्यामा देवी, पत्नी रत्ना देवी और बेटी ज्योति की ईंट से कुचल कर हत्या की थी।

2-बेटी ज्योति शाक्य का चंडीगढ़ में नौकरी करने वाले अनुराग सक्सेना से अफेयर था। वह इंटरकास्ट मैरिज करना चाहती थी।

3- कमल इंटरकास्ट मैरिज के लिए तैयार था। 11 फरवरी को शादी होनी थी। लेकिन कमल 4 लाख रुपए जुटा नहीं पा रहा था।

4- पत्नी रत्ना उसे 4 लाख रुपए जुटा न पाने के लिए ताना मारती थी। झगड़े में वह आपा खो बैठा और हत्याएं कर दीं।

 

 

CCTV फुटेज से खुला राज

 

कमल सिंह शाक्य सोमवार दोपहर खाना खाने घर आया था। CCTV फुटेज के अनुसार, दिन के 12.40 पर आरोपी कमल सिंह शाक्य घर में गया और 1.55 पर घर से बाहर निकला। इसी बीच आरोपी ने हत्या को अंजाम दिया। पहले पत्नी, फिर बेटी, फिर मां और आखिर में पिता को मारा। पिता को सबूत छिपाने के लिए मारा। परिवार के मुखिया गंगा सिंह पिछले दो वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था।

 

डीआईजी ने बताया- CCTV, CDR, मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर कमल सिंह की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने कहा कि इसमें 80 फीसदी साक्ष्य साइंटिफिक एवीडेंस के थे। हत्या के बाद आरोपी कमल सिंह ने घर में खून के छींटे धोए और मेडिकल स्टोर पर चला गया। आरोपी खुद को भी खत्म करना चाह रहा था, लेकिन तभी उसकी बड़ी बेटी लक्ष्मी का फोन आ गया और उसने उनको बुला लिया। आगे की जांच के लिए 4 सदस्यों की टीम गठित की गयी है। जिसमें सीओ सिटी शामिल हैं।

 

पुलिस सुरक्षा के बीच चारों शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। जहां 5 साल के देवांश ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। मासूम देवांश ने अपने दादा-दादी, मां और बड़ी बहन के शवों को मुखाग्नि दी।

 

तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम, सिर-चेहरे कुचलकर हत्या की पुष्टि

 

तीन डॉक्टरों के पैनल ने चारों शवों का पोस्टमॉर्टम किया। इनमें डॉ. राजीव किशोर, डॉ. उत्सव जैन और डॉ. श्वेता राजपूत शामिल थे।

 

डॉक्टरों ने बताया कि हमलावरों ने पहले पत्नी रत्ना देवी की हत्या की। इसके बाद बेटी ज्योति को बेरहमी से मारा गया। जब बुजुर्ग मां श्यामा देवी बीच-बचाव के लिए आईं, तो उन पर भी सिलसिलेवार हमले किए गए और उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया गया। तीनों महिलाओं के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिले।

 

 

कमल सिंह करता रहा पुलिस को गुमराह

 

आरोपी कमल सिंह चार हत्याएं करने के बाद पुलिस को गुमराह करता रहा। उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। उसने बताया था- दोपहर एक बजे के आसपास मैं अपने मेडिकल स्टोर से खाना खाने घर आया था। दुकान पर बड़ी बेटी लक्ष्मी को बिठाकर आया था। उस समय घर पर सबकुछ ठीक था। सभी लोग घर पर थे। खाना खाने के बाद मैं मेडिकल स्टोर चला गया। वहां से मार्केट चला गया। मेरा बेटा स्कूल से लौटा तो कमरे में पंखा चल रहा था। उसने बरामदे में अपने शूज उतारे और कहने लगा कि ठंड में पंखा कौन चला रहा है। जब कोई जवाब नहीं मिला तो अंदर जाकर देखा। अंदर का मंजर देख उसकी चीख निकल पड़ी। उसने शोर मचाकर लोगों को बुलाया तब हत्याकांड का पता चला।

 

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