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देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का शुभारंभ, खुले बाबा केदारनाथ धाम के कपाट

April 23, 2026

देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का शुभारंभ, खुले बाबा केदारनाथ धाम के कपाट

— मुरादाबाद के श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

मुरादाबाद/ देवभूमि उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चार धाम यात्रा का आज विधिवत शुभारंभ हो गया। इसी क्रम में बुधवार 22 अप्रैल को विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही देशभर से पहुंचे हजारों भक्तों ने बाबा भगवान शिव के स्वरूप बाबा केदारनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कपाट खुलने के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया था और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक विधि-विधान संपन्न हुए। इस दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुरादाबाद से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन अवसर पर केदारनाथ धाम पहुंचे। बाबा केदारनाथ के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने देश और दुनिया की खुशहाली, शांति और समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार यात्रा में उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार केदारनाथ धाम हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है और चार धाम यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव के इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करते हैं। प्रशासन द्वारा यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और सुरक्षित

सीएम योगी आदित्यनाथ ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

लखनऊ : 22 अप्रैल, 2026,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स भर्ती परीक्षा, स्मार्ट मीटर से जुड़ी व्यवस्थाओं, पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता तथा प्रदेश की कानून-व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उन्होंने आगामी 25, 26 एवं 27 अप्रैल को प्रस्तावित उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स भर्ती परीक्षा की तैयारियों, जनसुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि होमगार्ड्स की भर्ती परीक्षा पहली बार उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से आयोजित की जा रही है, अतः सभी सम्बन्धित अधिकारी विशेष सतर्कता बरतें। जिन जनपदों में हाल ही में नए जिलाधिकारी तैनात हुए हैं, वे सम्बन्धित मंडलायुक्त तथा ए0डी0जी0/आई0जी0 स्तर के अधिकारियों के साथ समुचित समन्वय सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। परीक्षा की निष्पक्षता भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 74 जनपदों में 41,424 होमगार्ड्स पदों के लिए परीक्षा तीन दिनों में, दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने भीषण गर्मी को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा परीक्षार्थियों को अनावश्यक रूप से धूप में प्रतीक्षा न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए। जिला प्रशासन सभी परीक्षा केंद्रों का पूर्व भ्रमण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री जी ने कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि कुछ जनपदों से ऐसे संकेत प्राप्त हुए हैं, जहां अराजक तत्वों द्वारा जातीय तनाव/संघर्ष भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। सभी अधिकारी अत्यंत सतर्क रहें और किसी भी स्थिति के उत्पन्न होने से पूर्व ही प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री जी ने हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में औद्योगिक अशांति उत्पन्न करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि यद्यपि वर्तमान में स्थिति सामान्य है, तथापि आगामी 30 अप्रैल से 02 मई के मध्य पुनः ऐसे प्रयास किए जाने की आशंका है। प्रदेश में औद्योगिक अशांति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और ऐसी कुत्सित कोशिशों को सख्ती से विफल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने भीषण गर्मी के मद्देनजर सभी बारूद गोदामों एवं आतिशबाजी कारखानों का विशेष निरीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की सम्भावना को समाप्त किया जा सके तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि आमजन में किसी प्रकार का अनावश्यक पैनिक न हो। आपूर्ति एवं वितरण पूरी तरह सामान्य है। इस सम्बन्ध में समय-समय पर जनसामान्य को अवगत कराया जाए। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में पेट्रोलियम कम्पनियों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक कर आपूर्ति एवं वितरण की समीक्षा करें। नेपाल सीमा से सटे जनपदों में कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर के सम्बन्ध में उठ रही आशंकाओं के समाधान हेतु विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त होगी। इस बीच सभी जिलों में यू0पी0पी0सी0एल0 द्वारा फीडर-वार एक सप्ताह के विशेष शिविर आयोजित कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया जाए। इन शिविरों के सम्बन्ध में व्यापक जन-जागरूकता भी सुनिश्चित की जाए।

नागरिक देवो भव’ की भावना से करेंगे कार्य

जन-शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापरक निस्तारण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त- नवागत जिलाधिकारी।
मैनपुरी 21 अपै्रल 2026- जिलाधिकारी औरैया पद से स्थानांतरित नवागंतुक जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने आज कोषागार के डबल लॉक का चार्ज ग्रहण कर विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण किया, वर्ष 2014 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं, इससे पूर्व लखनऊ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष, नगर आयुक्त एवं नगर विकास विभाग में विशेष सचिव के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। उन्होने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना होगा, जनपद में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे लोगों को न्याय, सेवाएं उनके द्वार तक उपलब्ध हो सकें, सभी प्रकार की जन-समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित और पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाई जाएगी, जिला प्रशासन का प्रयास रहेगा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न रहे बल्कि वास्तविक और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित होगा। उन्होने कहा कि जनपद में संचालित निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराना, शासन की संचालित लाभार्थीपरक, जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाना उनकी वरीयता होगी, जनपद को विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, जन-समस्याओं के निदान में प्रदेश में शीर्ष पर बनाए रखने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।
नवागत जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व से संबंधित लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए पूर्व में चलाए गए “मिशन समाधान” जैसे अभियानों को और अधिक सशक्त किया जाएगा ताकि आम नागरिकों को त्वरित राहत मिल सके इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी नवाचारों को बढ़ावा देकर सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं बल्कि उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है, इसके लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि “डोर स्टेप डिलीवरी” की अवधारणा को सशक्त करते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नागरिकों को अधिक से अधिक सेवाएं उनके निकट ही उपलब्ध हो सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्र, प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप “नागरिक देवो भव” की भावना को प्रशासनिक कार्यशैली का आधार बनाया जाएगा, प्रशासन को आमजन के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और सहयोगी होना चाहिए ताकि लोगों को यह महसूस हो कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है और उनके हितों के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि वह अपनी समस्याओं, शिकायतों को बिना किसी संकोच के प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिलाधिकारी कार्यालय के द्वार आमजन के लिए सदैव खुले रहेंगे और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं समुचित समाधान किया जाएगा।
उन्होंने अपने तत्कालीन जिलाधिकारी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जनपद में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किए हैं और उनकी पहल को आगे बढ़ाया जाएगा, प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखते हुए पूर्व में किए गए नवाचारों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि जनहित में उनके सकारात्मक परिणाम जारी रह सकें  नवागत जिलाधिकारी अपनी सादगी और जमीनी कार्यशैली के लिए प्रसिद्ध हैं, जन-शिकायतों के निराकरण के लिए फरियादियों के साथ जमीन पर बैठकर संवाद करने के लिए जाने जाते हैं, सार्वजनिक भूमि से अनाधिकृत कब्जे हटवाने में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया है।
इस दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनन्द, अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश चन्द्र, अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी मनोज यादव आदि उपस्थित रहे।
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नव विवाहिता की  हत्या कर शव लटकाया

मैनपुरी, औंछा थाना क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुर में विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी ससुरालीजन शव छोड़कर फरार हो गए। सूचना पाकर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताते हैं कि विवाहिता की शादी महज 72 दिन पहले हुई थी मायके पक्ष के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है। थाना क्षेत्र के ग्राम ग्राम विक्रमपुर निवासी 22 वर्षीय मंजू पत्नी सचिन शाक्य का शव घर में छत के कुंडे पर लटका मिला। घटना के बाद ससुरालीजन घर से भाग गए। ग्रामीणों ने मृतका के पिता हेमराज शाक्य निवासी फतेहपुर थाना सिढ़पुरा जनपद कासगंज को सूचना दी। सूचना पाकर गांव पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पहुंची थाना पुलिस ने शव कब्जे में
लिया और पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतका के भाई संजीव ने ससुरालीजनों पर हत्या का आरोप लगाया। बताया कि उसकी बहन की शादी 72 दिन पहले 6 फरवरी को विक्रमपुर निवासी सचिन के साथ हुई थी। बीती शाम अज्ञात कारणों के चलते ससुरालीजनों ने गला दबाकर मंजू की हत्या कर दी और घर से भाग गए। थाना प्रभारी चंद्रपाल सिंह का कहना है कि विवाहिता की मौत कैसे हुई, कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है।

भीषण गर्मी का कहर: बुखार और डायरिया से दो बच्चों की मौत

मैनपुरी, भीषण गर्मी बच्चों और वृद्धों पर भारी पड़ रही है। भीषण गर्मी में बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।  अस्पताल में डायरिया और बुखार से दो बच्चों की मौत हो गई। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दोनों बच्चों को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
एक दिन पूर्व भी दो बच्चों की डायरिया की चपेट में आने से मौत हो गई थी। दो दिन में डायरिया से तीन और बुखार से एक बच्चे ने दम तोड़ा है। जनपद एटा के सकीट निवासी प्रीतम का पांच माह का पुत्र रिहानअपनी मां के साथ अपनी ननिहाल भोगांव थाना क्षेत्र के ग्राम नगला वन आया हुआ था। जहां 15 दिनों से रिहान को उल्टी दस्त की समस्या थी। उसका उपचार परिजन निजी चिकित्सक से करा रहे थे। दोपहर हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। जहां चिकित्सक ने रिहान को मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार रिहान को तीन दिन से उल्टी दस्त की समस्या थी। उसे डायरिया हो गया था एक अन्य मामले में जेल रोड स्थित वृद्धाश्रम में रह रहे 70 वर्षीय रामगोपाल को ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर इमरजेंसी लाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एक ही दिन में जिला अस्पताल की ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराकर उपचार लिया। चिकित्सकों के कक्षों में मरीजों की भीड़ नजर आयी। चिकित्सक इन दिनों बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से धूप, गर्मी से बचाने की सलाह दे रहे हैं। बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाने की सलाह दी जा रही है।
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