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जॉब्स के लिए केवल डिग्री इंपोर्टेंट नहींः कॉर्पोरेट एक्सपर्ट दीप्ति वर्मा

January 31, 2026

जॉब्स के लिए केवल डिग्री इंपोर्टेंट नहींः कॉर्पोरेट एक्सपर्ट दीप्ति वर्मा

  • तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी Teerthankar Mahveer University (TMU) के सीटीएलडी CTLD की ओर से करियर टॉक्स- पाथवेज़ टु सक्सेस Career talks : pathwayes to success में एवीपीएन AVPN  की टैलेंट एक्विज़िशन लीडर सुश्री दीप्ति वर्मा ने स्टुडेंट्स को साझा किए तमाम टिप्स
Career talks in TMU Moradabad by Deepti Verma

स्टूडेंट्स के साथ कैरियर टाक के बाद सुश्री दीप्ति वर्मा का टीएमयू में हुआ सम्मान

Posted & Published on 31.01.2026, Saturday Time: 18.39, TMU Moradabad

मुरादाबाद, 31 जनवरी 2026, एवीपीएन की टैलेंट एक्विज़िशन लीडर सुश्री दीप्ति वर्मा ने कॉ कॉर्पोरेट भर्ती प्रक्रिया की वास्तविकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, चयन केवल अंकों या डिग्री पर आधारित नहीं होता, बल्कि अभ्यर्थी के व्यावहारिक कौशल, सोचने की क्षमता, संवाद शैली और संगठनात्मक संस्कृति के साथ सामंजस्य पर भी निर्भर करता है। एचआर प्रोफेशनल्स उम्मीदवार को केवल डिग्री होल्डर के रूप में नहीं, बल्कि एक सम्भावनाशील पेशेवर के रूप में देखते हैं। उन्होंने स्टुडेंट्स से कहा, प्रारंभिक स्क्रीनिंग से लेकर अंतिम चयन तक, रिज़्यूमे प्रस्तुति, इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास, बॉडी लैंग्वेज, और प्रश्नों के प्रति दृष्टिकोण का विशेष महत्व होता है।  सुश्री दीप्ति वर्मा ने छात्रों को सलाह दी कि वे कॉलेज जीवन के दौरान ही इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, स्वयंसेवी कार्य, टीमवर्क और लीडरशिप अवसरों को गंभीरता से लें, क्योंकि ये अनुभव साक्षात्कार के समय उम्मीदवार को दूसरों से अलग पहचान दिलाते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज के कॉर्पाेरेट जगत में एडैप्टेबिलिटी, डिजिटल अवेयरनेस और निरंतर सीखने की इच्छा सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। अंत में सुश्री दीप्ति वर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि करियर एक दौड़ नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक यात्रा है, जिसमें सही दिशा, धैर्य और निरंतर प्रयास से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। एक्सपर्ट सेशन में सीसीएसआईटी, टिमिट, लॉ, एग्रीकल्चर, फार्मेसी आदि कॉलेजों के छात्रों की मौजूदगी में सवाल-जबाव का दौर भी चला।

 

 

सुश्री वर्मा तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट- सीटीएलडी की ओर से करियर टॉक्स- पाथवेज़ टु सक्सेस पर आयोजित विशेषज्ञ सत्र में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहीं थीं। विशेषज्ञ सत्र का विषय कॉर्पोरेट रेडिनेस और शीर्षक हाउ एचआर एक्चुली हायर्सः द सिक्रेट सेलेक्शन टिप्स रहा। इससे पूर्व मुख्य वक्ता सुश्री दीप्ति वर्मा, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी, सीटीएलडी के डायरेक्टर प्रो. पंकज कुमार सिंह आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके एक्सपर्ट सेशन का शुभारम्भ किया। डीन प्रो. द्विवेदी ने स्टुडेंट्स से कहा, जॉब्स के लिए वर्तमान समय में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। स्टुडेंट्स को संचार कौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण, कार्यस्थल पर अनुकूलन क्षमता तथा नैतिक मूल्यों की समझ विद्यार्थियों को कॉर्पाेरेट जगत में सफल बनाती है। सीटीएलडी केे प्रो. पंकज कुमार सिंह बोले, कैरियर टॉक्स श्रृंखला का मकसद कक्षा में अर्जित ज्ञान और उद्योग की व्यावहारिक अपेक्षाओं के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने सीटीएलडी की ओर से भविष्य में भी ऐसे उद्योग-संवाद आधारित कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई। डॉ. जैस्मिन स्टीफन ने संयोजक, जबकि श्री प्रदीप पंवार ने सह-समन्वयक की भूमिका निभाई। संचालन सुश्री अन्वेषा सिसोदिया ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती मणि सारस्वत आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। अंत में डॉ. दिलीप दत्त वार्ष्णेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव को दर्शाएंगे सात द्वार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिये अधिकारियों को निर्देश, लखनऊ में बनाए जाएं प्रवेश द्वार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्रवेश द्वार को लेकर समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए

लखनऊ, 30 जनवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ को आकर्षक, भव्य और विशिष्ट सांस्कृतिक स्वरूप देने के उद्देश्य से शहर के सभी सात प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार विकसित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री  ने कहा है कि राजधानी में प्रवेश करते ही उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखायी देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री यहाँ अपने सरकारी आवास पर राजधानी लखनऊ के मुख्य प्रवेश मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाने के सम्बन्ध में बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लखनऊ से प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, नैमिषारण्य, हस्तिनापुर, मथुरा और झांसी की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सम्बन्धित सांस्कृतिक और धार्मिक गंतव्यों की पहचान को दर्शाने वाले प्रवेश द्वार बनाए जाएँ। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मार्ग पर विकसित किया जाने वाला प्रवेश द्वार उस गंतव्य की पौराणिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रतिबिम्बित करने वाला होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने प्रवेश द्वारों के नामकरण और स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रयागराज मार्ग (रायबरेली रोड) पर त्रिवेणी संगम और महाकुम्भ परम्परा को दर्शाने वाला ‘संगम द्वार’, वाराणसी मार्ग (सुल्तानपुर रोड) पर श्री काशी विश्वनाथ धाम को दर्शाने वाला ‘नंदी द्वार’ तथा अयोध्या मार्ग (बाराबंकी रोड) पर भगवान श्रीराम और सूर्यवंश की परम्परा पर आधारित ‘सूर्य द्वार’ होना चाहिए। इसी प्रकार, नैमिषारण्य मार्ग (सीतापुर रोड) पर ‘व्यास द्वार’, हस्तिनापुर मार्ग (हरदोई रोड) पर ‘धर्म द्वार’, मथुरा मार्ग (आगरा रोड) पर ‘कृष्ण द्वार’ तथा झांसी मार्ग (उन्नाव रोड) पर वीरता और शौर्य का प्रतीक ‘शौर्य द्वार’ स्थापित किए जाएँ। सभी प्रवेश द्वारों पर उत्तर प्रदेश का राजकीय चिन्ह अवश्य दर्शाया जाए।

Ayodhya राम मन्दिर में रखी जाएगी 400 वर्ष पुरानी रामायण

राम मन्दिर

अयोध्या, 30 जनवरी 2026, श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर में 400 वर्ष पुरानी रामायण रखी जाएगी। यह रामायण दिल्ली विश्वविद्यालय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेंट की है। इसे लेकर ट्रस्ट के महामंत्री चंपतराय दिल्ली से अयोध्या लौट आये हैं।

श्रीरा मन्दिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को यहां शुरु हुई। बैठक में समिति क अध्यक्ष पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेन्द्र मिश्र ने बताया कि केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली ने 400 वर्ष पुरानी रामायण भेंट की है। यह रामायण मूलतः बाल्मीकि रामायण पर टिप्पणी है जोकि संस्कृत में है। इस रामायण को पहले राष्ट्रपति भवन में रखवाया गया था। अब इसे राम जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि दूसरे तल पर रामकथाओं का संग्रहालय बनाया जाना है। इसमें विभिन्न भाषाओं में बाल्मीकि रामायण को जो भी रूपांतरण है वह यहां रखा जाएगा। रामकथाओं के मन्दिर में श्रीराम यंत्र भी रखा जाएगा जिसे पहले ही कांची कामकोटि के शंकराचार्य ट्रस्ट को सौंप चुके हैं।

भारत सरकार ने लगाया विंगो एप पर प्रतिबंध

wingo

विंगो गेमिंग एप

Posted on: 31.01.2026 Saturday Time: 13.30 PM, New Delhi
नई दिल्ली, 30 जनवरी 2026, भारत सरकार ने WINGO GAMING APP विंगो एन्डरायड एप पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह एप एन्डरायड फोन उपयोगकर्ताओं के नम्बर को उपयोग धोखाधड़ी वाले संदेश भेजने के लिए कर रहा था। इसकी जानकारी उपयोगकर्ताओं को नहीं होती थी।
एंडरायड फोन उपयोगकर्ताओं को जल्दी और अधिक पैसा कमाने का लालच दिया जाता था। फिर उनकी जानकारी के बगैर उनके फोन नम्बर का उपयोग इस एप द्वारा किया जाता था। उन्हीं के नम्बरों से लोगों को धोखाधड़ी के लिए मैसेज भेजे जाते थ। DIGITAL FRAUD डिजीटल धोखाधड़ी करने वाले इस एप के साथ ही भारत सरकार ने 1.53 लाख उपयोगकर्ताओं वाले टेलीग्राम चेनल TELLIGRAM CHANNAL और इस एप को बढ़ावा देने वाले 50 से अधिक यूट्यूब YOUTUBE भी ब्लाक कर दिये गए हैं।
गृह मंत्रालय और उसकी साइबर अपराध निरोधक एजेंसी – इंडियन साइबर क्राइम को आर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) INDIAN CYBER CRIME COORDINATION CENTER (I4C) ने विंगो के खिलाफ शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की है। इसके तहत एप के कमांड और कंट्रोल सेंटर को जिओ ब्लाक कर दिया गया है।
कैसे देते थे झांसा
कम समय मं ज्यादा कमाई और अधिक रिटर्न का झांसा फोन उपयोगकर्ताओं को दिया जाता था। फिर उनके फोन से एसएमएस भेजे जाते थे। उनके फोन का उपयोग किया जाता था। निवेश के नाम पर रकम जमा करा ली जाती थी। रकम जमा होते ही एप बंद हो जाता था और यूजर को ब्लाक कर दिया जाता था। भुगतान और धन जमा कराने के लिए यूपीआई और निजी वालेट का उपयोग किया जाता था। सुरक्षित बैंकिंग माध्यम नहीं अपनाया जाता था।
एप की सेटिंग इस तरह की गई थी कि जैसे ही कोई उपयोगकर्ता इसे डाउनलोड करता था, उसके फोन में टेलीकाम म्यूल सचार सिस्टम चालू हो जाता था। और एसएमएस भेजने शुरु हो जाते थे। प्रतिदिन 1.53 करोड़ लोगों के पास मेसेज भेजे जाते थे। एंडरायड उपयोगकर्ता अनजाने में ही इस धोखाधड़ी का हिस्सा बन जाते थे।
Indian Government bans Wingo app
government has taken action against the Wingo gaming app after  found a scam  sending fak & fraude messages from users’ phones without their consent and knowledge

January 30, 2026

पूर्वोत्तर में धर्मांतरण रोका जाए: स्वामी यतींद्रानंद गिरि

Swami Yatindranand Giri meet to Himant Vishva Sharma, Chief Minister Assam

असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा से मिले जीवनदीप आश्रम रुड़की के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि

गोहाटी (असम), 30 जनवरी 2026, वरिष्ठ महामंडलेश्वर जीवनदीप आश्रम रूड़की के पीठाधीश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि जी महाराज ने पूर्वोत्तर भारत का प्रवास करते समय आज असम के मुख्यमंत्री हेमन्त विश्व शर्मा तथा असम के राज्यपाल लक्ष्मणप्रसाद आचार्य से भेंट की तथा
असम राज्य में गाय माता के संवर्धन एवं गौरक्षा हेतु गोशालाओं को अनुदान देने का प्रस्ताव भी रखा , साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ती हुई ईसाई मिशनरियों के प्रभाव को रोकने एवं धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की है। महामंडलेश्वर जी का पूर्वोत्तर भारत की इस धार्मिक यात्रा में अरुणाचल असम मेघालय के जनजातीय समाज मैं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर विशेष सनातन हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए गए

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