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गणित परीक्षा का भय, स्कूल की जगह पहुंचे दिल्ली, पुलिस ने लापता दोनों बच्चों को किया बरामद

February 11, 2026

गणित परीक्षा का भय, स्कूल की जगह पहुंचे दिल्ली, पुलिस ने लापता दोनों बच्चों को किया बरामद

Firozabad Police recovered two miner students

Firozabad पुलिस ने बरामद किए लापता छात्र

Posted on 11.02.2026 Wednesday, Time:08.02 PM Firozabad
फिरोजाबाद 11 फरवरी। दो छात्रों को स्कूल में गणित के पेपर का भय इतना सताया कि वह स्कूल जाने की जगह वह ट्रेन से दिल्ली पहुंच गए। पुलिस ने दोनों लापता बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया है। जिसके बाद परिवार में खुशियां लौटी है।
थाना रसूलपुर के नींबू वाला बाग निवासी दिनेश व विमल कुमार ने 9 फरवरी को थाना रसूलपुर पर सूचना दी थी कि उनके बच्चे कृष (14) पुत्र दिनेश कुमार व शौर्य (11) पुत्र विमल कुमार सुबह 09.00 बजे घर से स्कूल के लिये गये थे लेकिन अभी तक वापस नहीं आये हैं। जिससे वह परेशान है। पुलिस ने दोनों बच्चों की गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। परिजन भी बच्चों की तलाश में जुट हुए थे।
सीओ सिटी प्रवीन तिवारी ने बताया कि बच्चों की सकुशल बरामदगी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देश पर 03 पुलिस टीमों का गठन किया। गठित टीमों द्वारा ऑपरेशन मुस्कान के अन्तर्गत सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करते हुए प्रमुख स्थानों जैसे बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन पर व्यापक सर्च अभियान चलाकर गुमशुदा बच्चो की बरामदगी के प्रसाय किये गये। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के निरीक्षण से ज्ञात हुआ कि उक्त दोनों गुमशुदा बच्चे रेलवे स्टेशन की तरफ गये हैं। पुलिस टीम द्वारा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ पुलिस टीमों से समन्वय कर सर्च ऑपरेशन में गुमशुदा बच्चों के ट्रेन में बैठकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुचने की जानकारी प्राप्त हुई। जिसके बाद थाना रसूलपुर प्रभारी प्रदीप ने पुलिस टीम के साथ फोटो व व्यापक सर्च अभियान से गुमशुदा बच्चों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर उन्हें नई दिल्ली सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया। इसके बाद बरामद बच्चों को उनके परिवारीजन के सुपुर्द किया है। बच्चों को सकुशल पाकर परिवार में खुशियां लौट आई है। दोनों ही परिवारों ने फिरोजाबाद पुलिस के कार्यों की प्रशंसा की है।
सीओ ने बताया कि पूछताछ में बच्चों द्वारा बताया कि गणित की परीक्षा के डर से वह दोनों स्कूल न जाकर दिल्ली की तरफ ट्रेन में बैठकर चले गये थे।

सरकार ने स्वीकृत किया अखंड वन्देमातरम

जन गण मन से पहले बजेगा वंदे मातरम्, सरकार ने तय किया राष्ट्र गीत का नया नियम
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है.

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

Posted on 11.02.2026 Wednesday, Time 11.54 AM, Vandematram 
नई दिल्ली 11 फरवरी 2026, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है. इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य होगा. मंत्रालय का यह 10 पन्नों का आदेश 28 जनवरी को जारी किया गया है, जो सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक संस्थाओं को भेजा गया है.
आदेश के अनुसार, तिरंगा फहराए जाने के समय, राष्ट्रपति के किसी कार्यक्रम में आगमन और प्रस्थान पर, राष्ट्र के नाम उनके संबोधन से ठीक पहले और बाद में, तथा राज्यपाल या उपराज्यपाल के आगमन-प्रस्थान और भाषणों से पहले-बाद में ‘वंदे मातरम्’बजाया या गाया जाएगा. अगर किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ होगा. इस दौरान उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़े रहना होगा.
वंदे मातरम् के समय खड़ा होना अनिवार्य
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जब ‘वंदे मातरम्’ का आधिकारिक संस्करण बजाया या गाया जाए, तो श्रोताओं को सम्मान में खड़ा होना चाहिए. हालांकि, अगर किसी समाचार फिल्म या डॉक्यूमेंट्री में यह गीत फिल्म का हिस्सा हो, तो दर्शकों से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाएगी, ताकि कार्यक्रम में अव्यवस्था न हो.

दरअसल अब तक ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रोटोकॉल नहीं था, जबकि राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के लिए समय, धुन और प्रस्तुति के नियम पहले से तय हैं. यह पहली बार है जब छह अंतरों वाले विस्तारित संस्करण को आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं.
तीन कैटेगरी में बांटे गए कार्यक्रम

आदेश में कार्यक्रमों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. पहली श्रेणी में वे अवसर हैं, जहां राष्ट्रीय गीत केवल बजाया जाएगा, जैसे- नागरिक अलंकरण समारोह, राष्ट्रपति का औपचारिक राजकीय समारोहों में आगमन-प्रस्थान, आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में, राज्यपाल या उपराज्यपाल का औपचारिक कार्यक्रमों में आगमन-प्रस्थान, परेड में राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के समय आदि.
दूसरी श्रेणी में वे कार्यक्रम शामिल हैं, जहां गीत को बजाने के साथ-साथ सामूहिक गायन भी होगा. इसमें राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अवसर, सांस्कृतिक और औपचारिक समारोह (परेड को छोड़कर), तथा राष्ट्रपति का किसी सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम में आगमन और प्रस्थान शामिल है. इसके लिए कोयर, साउंड सिस्टम और आवश्यकता होने पर गीत के बोल वितरित करने की भी सलाह दी गई है.
तीसरी श्रेणी में वे अवसर हैं, जहां ‘वंदे मातरम्’ गाया जा सकता है, जैसे स्कूलों के कार्यक्रम. आदेश में कहा गया है कि स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत गाकर की जा सकती है और छात्रों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान बढ़ाने के प्रयास किए जाएं.
वंदे मातरम् पर नए आदेश की खास बातें
केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर क्या नया आदेश जारी किया है?

गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि अब ‘वंदे मातरम्’ का छह अंतरों वाला, 3 मिनट 10 सेकंड का आधिकारिक संस्करण कई सरकारी और औपचारिक कार्यक्रमों में बजाया या गाया जाएगा.
किन-किन मौकों पर ‘वंदे मातरम्’ बजाना या गाना अनिवार्य होगा?

राष्ट्रपति के आगमन-प्रस्थान, तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले-बाद, राज्यपाल/उपराज्यपाल के कार्यक्रमों और नागरिक अलंकरण समारोहों जैसे अवसरों पर.
अगर ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ दोनों बजें तो क्रम क्या होगा?

पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया जाएगा.

क्या सभी लोगों के लिए खड़ा होना जरूरी होगा?

हां, जब आधिकारिक रूप से गीत बजाया या गाया जाए तो सभी को सावधान मुद्रा में खड़ा होना होगा.
क्या हर स्थिति में खड़ा होना अनिवार्य है?

नहीं, अगर किसी डॉक्यूमेंट्री या न्यूज़रील में ‘वंदे मातरम्’ फिल्म का हिस्सा हो, तो खड़े होने की जरूरत नहीं होगी.
स्कूलों के लिए क्या निर्देश हैं?

स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ गाकर की जा सकती है.
पहले ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कोई प्रोटोकॉल था?
नहीं, अब तक इसके लिए कोई तय आधिकारिक नियम नहीं थे, जबकि ‘जन गण मन’ के लिए पहले से नियम मौजूद हैं.
वंदे मातरम् पर सरकार का जोर
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब केंद्र सरकार ‘वंदे मातरम्’ को लोकप्रिय बनाने पर जोर दे रही है. हाल ही में संसद में राष्ट्रीय गीत की 150वीं जयंती पर लंबी बहस हुई थी और इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड का विषय भी ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ रखा गया था.
बंगाली साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1870 के दशक में रचित इस गीत के पहले दो अंतरों को 1950 में भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया था. पिछले वर्ष संसद में वंदे मातरम् पर हुई चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि गीत के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ ने इसके महत्व को कमजोर किया और इसे देश के विभाजन से भी जोड़ा.
नए आदेश के साथ ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और प्रस्तुति को लेकर एक स्पष्ट और औपचारिक व्यवस्था तय हो गई है, जिसे देशभर में लागू किया जाएगा.

वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमानों पर वित्त मंत्री जी के बजट भाषण का प्रमुख अंश

Posted on 11.02.2026 Wednesday, Time 11.22 AM, Lucknow, Budget 2026-27

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UTTAR pRADESH

लखनऊ, 11 फरवरी 2026, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आज विधान सभा में अपना बजट भाषण प्रस्तुत करते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वित्तीय प्राथमिकताएं बताई। और आगामी व्यय का विवरण प्रस्तुत किया।

उनहोने कहा हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो।

● वर्ष 2024-2025 (त्वरित अनुमान) में प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 30.25 लाख करोड रूपये आकलित हुयी है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित करता है।
प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रूपये आकलित हुयी है जो वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रूपये के दो गुने से अधिक है।

● वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रूपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुये हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गयी है।

*वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमानों पर माननीय वित्त मंत्री जी के बजट भाषण का प्रमुख अंश*

●एसडीजी इंडिया इण्डेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, बेहतर होकर वर्ष 2023-2024 में 18 वें स्थान पर आ गयी है।
● राज्य सरकार द्वारा फरवरी, 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफलतम आयोजन किया गया।
● अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रूपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है।
● इनमें से, अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रूपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 04 ग्राउण्ड ब्र्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं।
● उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है।
● भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयाँ प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है।
● उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु किये गये प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में ‘‘लीडर श्रेणी’’ की रैंकिंग हासिल हुई है।

February 10, 2026

अप्रैल से बदले नंबर से चलेगी हिमगिरि समेत छह ट्रेनें

Posted on 10.02.2026 Tuesday, Time 10.54 PM

मुरादाबाद, 10 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
रेलवे ने ट्रेनों के नंबर में बदलाव किया है। जम्मूतवी से हावड़ा के बीच चलने वाली हिमगिरि समेत छह ट्रेनें अब बदले नंबरों से चलेंगी। इन ट्रेनों की श्रेणी में परिवर्तन किया गया है। सुपर फास्ट मानी जाने वाली ट्रेनें अब मेल एक्सप्रेस होगी। इससे यात्रियों को ट्रेनों में सुपरफास्ट का चार्ज नहीं देना पड़ेगा। 13 अप्रैल से ट्रेनों में बदलाव की शुरुआत होगी।
यात्री सुविधा को देखते हुए नया बदलाव किया गया है। हिमगिरि एक्सप्रेस (12331-32) और उपासना (12327-28) और कुंभ एक्सप्रेस (12369-70) के नंबरों में बदलाव हुआ है।
हिमगिरि अब 13041-42, उपासना-13037-38 और कुंभ एक्सप्रेस 13035-36 नंबरों से संचालित होगी।
रेल प्रशासन का कहना है कि ट्रेनों के संचालन समय एवं गति में बदलाव नहीं हुआ है।केवल इन गाड़ियों के नंबर और श्रेणी में बदलाव किया गया है।

अनुज चौधरी प्रकरण: सम्भल सीजेएम के आदेश पर high court ne lagai रोक

Posted on 10.02.2026 Tuesday Time 07.35 PM, Prayagraj, Allahabad High court, Sambhal CJM Court, Anuj Choudhary 

प्रयागराज; संभल सीजेएम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक,तीन सप्ताह बाद हाईकोर्ट अब मामले में अगली सुनवाई करेगा। अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट ने सीजीएम की एफआईआर के आदेश पर रोक लगाई गई। एएसपी अनुज चौधरी और राज्य सरकार ने संभल सीजेएम कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। सीजेएम कोर्ट के आदेश को नियम विरुद्ध बताते हुए रद्द करने की मांग हाईकोर्ट से की थी, हाईकोर्ट ने फिलहाल एफआईआर के आदेश पर रोक लगाई ।

प्रयागराज, 10 फरवरी। संभल सीजेएम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक,तीन सप्ताह बाद हाईकोर्ट अब मामले में अगली सुनवाई करेगा। अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट ने सीजीएम की एफआईआर के आदेश पर रोक लगाई गई। एएसपी अनुज चौधरी और राज्य सरकार ने संभल सीजेएम कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। सीजेएम कोर्ट के आदेश को नियम विरुद्ध बताते हुए रद्द करने की मांग हाईकोर्ट से की थी, हाईकोर्ट ने फिलहाल एफआईआर के आदेश पर रोक लगाई ।

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