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बलिया में रसोई गैस के लिए हाहाकार!

March 10, 2026

बलिया में रसोई गैस के लिए हाहाकार!

लगन और रमजान के बीच लगी लंबी कतारें, कालाबाजारी की शिकायत पर प्रशासन अलर्ट

बलिया – जिले में इन दिनों रसोई गैस को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। लगन के सीजन और पवित्र माह रमजान के बीच अचानक गैस सिलेंडरों की मांग इतनी बढ़ गई है कि गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। बेल्थरारोड, नगरा, रसड़ा और सिकंदरपुर समेत कई इलाकों में गैस के लिए मारामारी की स्थिति है। नौबत यहां तक आ गई है कि व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ रही है और लोग मुख्यमंत्री पोर्टल तक पर कालाबाजारी की शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।

जिले में हालात यह हैं कि लोग भोर से ही तीन-तीन घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। यह समस्या होली के पहले से ही बनी हुई है। बेल्थरारोड में प्रतिदिन गैस की मांग करीब 1500 सिलिंडर तक पहुंच गई है, जबकि आपूर्ति महज 675 की हो पा रही है। सोमवार को छुट्टी के दिन 525 सिलेंडर बंटे, लेकिन कतार में 1000 से ज्यादा लोग खड़े बताये गये । नगरा ब्लॉक के इंदरपुर में तो गैस के लिए इतनी मारामारी हुई कि वितरण रोकना पड़ा और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध की खबरों के बीच गैस महंगी होने की अफवाहों ने भी आग में घी का काम किया है। लोग गैस डंप करने में जुट गए हैं। इसी बीच, बेल्थरारोड के वरिष्ठ अधिवक्ता राशिद कमाल पाशा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि गैस वितरण करने वाले डिलीवरी बॉय फोन बंद किए हुए हैं और एजेंसी संचालक भोली-भाली जनता को परेशान कर कालाबाजारी कर रहे हैं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए आपूर्ति निरीक्षक विजय कुमार राय ने स्थानीय एचपी गैस गोदाम का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गैस की कोई किल्लत नहीं है, बल्कि लोग घबराहट में स्टॉक कर रहे हैं। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया है कि ग्रामीण इलाकों में गाड़ियां भेजी जा रही हैं और कोई भी बिना गैस के वापस नहीं लौटेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने ब्लैक में गैस बेची, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन भले ही गैस की पर्याप्त कमी न होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीन पर जनता की परेशानी साफ नजर आ रही है। भारत मीडिया भी आपसे अपील करता है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के हिसाब से ही गैस लें, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

एटा के अवागढ़ ब्लॉक परिसर में मिला युवक का शव, पुलिस ने मुख्यालय भेज कराया पोस्टमार्टम

एटा 10 मार्च उप्रससे। जनपद के अवागढ़ ब्लॉक परिसर में मंगलवार दोपहर को एक युवक का शव मिला। इस घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और पुलिस को जानकारी दी गई।

पुलिस ने मृतक सिंटू (35) पुत्र रघुराई उर्फ प्रेमपाल गांव मंडनपुर थाना जलेसर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया युवक की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि युवक ब्लॉक परिसर में कैसे पहुंचा।
घटना की सूचना मिलने पर मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बताया शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का सही पता चलेगा।

जयाप्रदा अश्लील टिप्पणी केस: कोर्ट में विवेचक के हुए बयान

समयाभाव में पूरी नहीं हुईं जिरह
अदालत में 17 मार्च को अगली सुनवाई

Post on 10.3.26
Tuesday, Moradabad
Rajesh Bhatia

एमपी-एमएलए की स्पेशल कोर्ट में नौ लोगों के बयान

मुरादाबाद,(उप्र समाचार सेवा)।
रामपुर से पूर्व सांसद अभिनेत्री जयाप्रदा पर अश्लील टिप्पणी केस में सुनवाई चल रहीं हैं। मंगलवार को एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में क्राइम ब्रांच में रहे विवेचक तेजेंद्र सिंह पेश हुए। और बयान दर्ज कराएं। हालांकि समयाभाव के कारण विवेचक से जिरह पूरी न हो सकीं। केस में अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।
2019 में फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा पर टिप्पणी मामले की एमपी एमएलए की विशेष कोर्ट में सुनवाई चल रही हैं। अदालत में मंगलवार को केस में विवेचक क्राइम ब्रांच के तत्कालीन उपनिरीक्षक तेजेंद्र सिंह हाजिर हुए। उन्होंने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराएं। मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच ने की थीं। विभाग में उपनिरीक्षक तेजेंद्र सिंह ने बतौर विवेचक आज अदालत में बयान रिकार्ड कराया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दिनेश चंद्र पाठक व वीरेंद्र शर्मा ने जिरह की।
विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि अभद्र टिप्पणी केस में नवें गवाह क्राइम ब्रांच में एसआई रहे विवेचक के अदालत में बयान हुए। हालांकि समय की कमी से जिरह पूरी न हो सकीं। जबकि आठ गवाहों से जिरह पूरी हो चुकी है। अब 17 मार्च को सुनवाई होगी।

भारत चावल का सबसे बड़ा उत्पादक देश: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली, 10 मार्च 26, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछले दस वर्षों में देश में खाद्यान्न उत्पादन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रश्नों का उत्तर देते हुए श्री चौहान ने कहा कि देश ने 357 करोड़ टन के खाद्यान्न उत्पादन से महत्‍वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लाभ और खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में कई सुधार और नीतियां लागू की गई हैं। चीन को पीछे छोड़कर भारत चावल का विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। उन्होंने कहा कि दालों का उत्पादन भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है, जो 19 करोड़ टन से बढ़कर लगभग 26 करोड़ टन हो गया है।

श्री चौहान ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में संतुलित वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना देश भर के सौ जिलों में लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने इस योजना को लागू नहीं किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की सहायता और उत्पादन बढ़ाने के लिए इस कार्यक्रम के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के चार जिलों – पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम का चयन किया गया है।

श्री चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष किसानों के लिए किफायती दर पर उर्वरक उपलब्‍ध कराने के लिए एक लाख 86 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की है।

गैस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

Posted on: 10.03.2026 Time 02.35 PM Tuesday, New Delhi

नई दिल्ली, 10 मार्च, पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए प्राकृतिक गैस के उत्पादन को विनियमित करने, आपूर्ति बनाए रखने, समान वितरण और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार घरेलू पाइपलाइन प्राकृतिक गैस आपूर्ति, परिवहन के लिए सीएनजी, एलपीजी उत्पादन, पाइपलाइन कंप्रेसर ईंधन और अन्य आवश्यक पाइपलाइन परिचालन आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में प्राथमिकता दी गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि आपूर्ति को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 100 प्रतिशत परिचालन उपलब्धता के अधीन बनाए रखा जाएगा।

आदेश में कहा गया है कि उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 70 प्रतिशत के बराबर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। गैस विपणन संस्थाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि राष्ट्रीय गैस ग्रिड के माध्यम से आपूर्ति किए जाने वाले चाय उद्योग, विनिर्माण और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 80 प्रतिशत के बराबर गैस की आपूर्ति बनी रहे। आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी शहरी गैस वितरण संस्थाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति किए जाने वाली गैस उनकी पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत का 80 प्रतिशत हो।

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