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पत्रकार अग्निवेश सिंह की मौत पर जिला अस्पताल में उमड़ा पत्रकारों का जनसैलाब*

February 27, 2026

पत्रकार अग्निवेश सिंह की मौत पर जिला अस्पताल में उमड़ा पत्रकारों का जनसैलाब*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
27/02/2026

*दोषियों व लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, मेडिकल टीम गठित कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव*

गोरखपुर। बांसगांव क्षेत्र में नाली विवाद के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य अग्निवेश सिंह की मौत के बाद जिला अस्पताल परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पत्रकार जिला अस्पताल पहुंच गए और पूरे मामले की विधिक प्रक्रिया को स्वयं निगरानी में पूरा कराया।
गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश, मंत्री पंकज श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, सदस्य डॉ. मनोज मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी , संतोष कुमार सिंह सहित मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय, पूर्व अध्यक्ष रितेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार टी.पी. शाही, रामचंद्र शाही, राजू सैनी, राजेश कुमार, शिवहर्ष द्विवेदी प्रिंस पांडेय वेद पाठक निखलेश प्रताप समेत तमाम पत्रकार जिला अस्पताल पहुंचे।
पत्रकारों की मौजूदगी में मृतक अग्निवेश सिंह के शव का पंचनामा कराया गया तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम हेतु बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से वार्ता कर मेडिकल टीम गठित कराए जाने की मांग की, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मेडिकल टीम का गठन किया गया और शव को पोस्टमार्टम हाउस रवाना किया गया।
इस दौरान जिला अस्पताल परिसर में पत्रकारों का भारी हुजूम मौजूद रहा। सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।
पत्रकारों ने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो आज एक सक्रिय पत्रकार को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों एवं लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा इस दुखद घटना से पत्रकार जगत में शोक व्याप्त है।

Gorakhpur. A pall of gloom descended on the district hospital premises following the death of Agnivesh Singh, a life member of the Gorakhpur Journalists Press Club, who was critically injured during a drain dispute in the Bansgaon area. As soon as the news of the incident was received, a large number of journalists reached the district hospital and completed the legal process of the entire case under their own supervision. Gorakhpur Journalists Press Club President Onkar Dhar Dwivedi, Vice President Dhanesh, Minister Pankaj Srivastava, Joint Minister Mahendra Gaur, Treasurer Durgesh Yadav, Members Dr. Manoj Mishra, Rajneesh Tripathi, Santosh Kumar Singh, President of Recognized Journalists Committee Arvind Rai, Former President Ritesh Mishra, Senior Journalist T. P. Shahi, Ramchandra Shahi, Raju Saini, Rajesh Kumar, Shivharsh Dwivedi Pandey Prince Ved Pathak Nikhlesh Pratap and many journalists reached the district hospital.

गीडा क्षेत्र में अवैध रूप से खड़े टैंकरों पर दर्ज होगा मुकदमा : मंडलायुक्त

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
27/02/2026

*उद्योग बंधुओं की समस्याओं के समाधान को लेकर मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में बैठक*


गोरखपुर। मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में उद्योग बंधुओं के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उद्योग बंधुओं द्वारा गीडा क्षेत्र में अवैध रूप से टैंकर खड़े किए जाने की समस्या उठाई गई। इस पर मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि सड़क किनारे या औद्योगिक क्षेत्र में अवैध तरीके से टैंकर खड़ा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि टैंकरों के खड़े रहने से उद्योगों की बड़ी मालवाहक गाड़ियों के आवागमन में गंभीर दिक्कतें उत्पन्न होती हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योग बंधुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नियमित निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की अन्य समस्याओं एवं व्यवस्थाओं पर भी चर्चा करते हुए उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
बैठक में गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं उद्योग बंधु उपस्थित रहे।

जनम लियो चारों भैया, अवध में बाजे बधैया…

*राम जन्म का प्रसंग सुनकर श्रोता हुए मंत्रमुग्ध*
( संजीव गुप्त द्वारा )

Posted on 26.02.2026 Friday, Time 07.56 PM , Ram Katha, Vijay Kaushal ji

Shahjahanpur. मुमुक्षु आश्रम में चल रही श्री रामकथा के चौथे दिन कथाव्यास संत विजय कौशल जी महाराज ने प्रभु श्रीराम के जन्म का प्रसंग भक्तों के समक्ष इस अंदाज में प्रस्तुत किया कि श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। कथाव्यास ने सुनाया कि मनु और शतरूपा ने नैमिषारण्य में हजारों वर्षों तक कठिन तपस्या की। इससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उनसे वर मांगने को कहा। उन्होंने कहा कि, ” हे! प्रभु हमें आपके जैसा पुत्र चाहिए।” भगवान ने उन्हें उनके पुत्र के रूप में अवतरित होने का वरदान दिया। त्रेतायुग में भगवान विष्णु प्रभु श्रीराम के रूप में अवतरित होकर राजा दशरथ के पुत्र बने। राक्षसों के आतंक से जब त्राहि त्राहि मचने लगी तो नर, नारी, ऋषि, मुनि सब भगवान से रक्षार्थ प्रार्थना करने लगे।


अवध के चक्रवर्ती सम्राट महाराजा दशरथ संतान न होने की वजह से काफी उदास रहते थे। जब वे अपने इस कष्ट तो गुरु वशिष्ठ से कहते हैं तो वे पुत्रप्राप्ति हेतु यज्ञ करते हैं। यज्ञ के प्रसाद को ग्रहण करके राजा दशरथ को तीन रानियों से चार पुत्र प्राप्त होते हैं। प्रभु श्रीराम के जन्म पर पूरे अवध में बधाइयां बजने लगती हैं। चहुंओर जय जयकार होने लगती है एवं पूरा नगर राजभवन की ओर दौड़ पड़ता है।


इसके अतिरिक्त कथाव्यास ने महाभारत का एक प्रसंग भी श्रोताओं के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जब अर्जुन और दुर्योधन दोनों प्रभु श्रीकृष्ण से मिलने गए, तो दुर्योधन अहंकारवश उनके सिराहने बैठ गया और अर्जुन उनके चरणों के पास बैठे रहे। जब प्रभु की आंखें खुलीं तो उन्होंने कहा कि मैंने पहले अर्जुन को देखा है, इसलिए मैं उसी की सहायता पहले करूंगा। अर्जुन सहायतास्वरूप प्रभु को ही मांग लेते हैं और अंततः युद्ध में उनकी जीत होती है।
“कोई घनश्याम सा नहीं देखा
जो भी देखा वो बेवफा देखा..”
इस भजन पर श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे।
*पूजन, प्रसाद वितरण व आरती*
कथा के आरंभ से पूर्व व्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान श्री रामचंद्र सिंघल एवं श्रीमती उमा सिंघल ने किया। आरती के उपरांत हुए प्रसाद वितरण में डॉ आलोक कुमार सिंह, श्री ईशपाल सिंह, डॉ रामनिवास गुप्ता, मीरा अग्रवाल, मिथिलेश अग्रवाल आदि का योगदान रहा।

*ये संतगण रहे उपस्थित*
इस अवसर पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद जी महाराज, अनंत श्री स्वामी अभेदानंद सरस्वती जी महाराज, अनंत श्री स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज, स्वामी गंगेश्वरानंद जी महाराज एवं स्वामी विवेकानंद सरस्वती जी महाराज ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

*अतिथिगण एवं अन्य उपस्थित जन*
कथा श्रवण करने हेतु शाहजहांपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश द्विवेदी, श्री अरविंद सिंह एवं श्रीमती बेबी सिंह, श्री प्रमोद चंद्र सेठ, एस.पी. सिटी श्री देवेंद्र सिंह, सीओ सिटी श्री पंकज पंत, श्री बाबूराम गुप्ता, श्री नरेश मेहरोत्रा, एडवोकेट श्री के.सी. खन्ना, श्री प्रबंध त्रिपाठी, कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव प्रोफेसर अवनीश मिश्र सहित मुमुक्षु शिक्षा संकुल की सभी संस्थाओं के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।

On the fourth day of the ongoing Shri Ram Katha at Mumukshu Ashram, Kathavyas Sant Vijay Kaushal Ji Maharaj presented the occasion of the birth of Prabhu Shri Ram to the devotees in such a way that the audience was mesmerized. The narrative narrates that Manu and Shatarupa performed arduous penance for thousands of years at Naimisharanya. Pleased with this, Lord Vishnu asked him to ask for a boon. He said, “Oh! Lord, we need a son like you. “God granted him the boon of being incarnated as his son. In the Treta Yuga, Lord Vishnu appeared as Lord Rama and became the son of King Dasharatha. When the terror of the demons began to strike, men, women, sages, and sages all began to pray to the Lord for protection.

#ramkatha #vijaykaushalji,#mumukshmahotsav

एटा के डाॅ०राकेश सक्सेना को नेपाल संस्था ने मातृभाषा रत्न सम्मान से किया विभूषित

एटाका डा. राकेश सक्सेनालाई नेपाल संस्थाद्वारा मातृभाषा रत्न सम्मानबाट सम्मानित गरिएको थियो।

Dr. Rakesh Saxena of Etah was honoured with Matrabhasha Ratna Samman by Nepal Sangstha

Posted on 26.02.2026 Friday Time 07.35 PM Etah News by Anuj Mishra

एटा,27 फरवरी उप्रससे। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के सुअवसर पर काठमांडू, नेपाल की साहित्यिक संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन के द्वारा जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं साहित्यकार डाॅ०राकेश सक्सेना को ‘ मातृभाषा रत्न अंतरराष्ट्रीय मानद उपाधि ‘ सम्मान से विभूषित किया गया है। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य नेपाल-भारत मैत्री सम्बन्धों को सुदृढ करना, देवनागरी लिपि के संरक्षण-संवर्द्धन को बढ़ावा देना तथा हिंदी-नेपाली जैसी मैत्री भाषाओं के वैश्विक प्रसार के साथ देश-विदेश के कवि,लेखक,साहित्यकार व शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना है।
इसी क्रम में एटा के डाॅ०राकेश सक्सेना को चालीस वर्षों की शिक्षण सेवाओं एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनवरत सेमिनार, काव्यपाठ व काव्य कृतियों के प्रकाशन आदि साहित्यिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान करके सम्मानित किया गया है। आपकी इस उपलब्धि पर डाॅ० राजीव कुलश्रेष्ठ, डाॅ० भूपेन्द्र शंकर, डाॅ० भारत भूषण परिहार, डाॅ० अनिल सक्सेना, ब्रजनंदन माहेश्वरी, संजीव गोयल, डाॅ० राजेश सक्सेना, डाॅ० ए०के० सक्सेना, अनुपम जौहरी, डाॅ० राकेश मधुकर, डाॅ० हर्षबर्द्धन बिसारिया, डाॅ० पी०आर०मिश्र, राघव आमोरिया, डाॅ०जी०के०शर्मा आदि शुभचिंतकों, मित्रों व साहित्यप्रेमियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।

बलिया सदर तहसील में एसडीएम कार्यालय के सामने अधिवक्ता बैठे धरने पर।

बलिया। सादर एसडीएम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वकील धरने पर बैठ गए।अधिवक्तों ने एसडीएम सदर तहसील पर धरने पर बैठकर लगाए नारे। सदर एसडीएम पर तानाशाही करने का लगाया आरोप।

अधिवक्ताओं को सदर एसडीएम तिमराज सिंह ने धमकाया, आपके पास अधिवक्ताओं की फौज है तो मेरे पास पुलिस प्रशासन की फौज है। अधिवक्ताओं पर एससी एसटी मुकदमा लड़वाने की देते है धमकी।अधिवक्ताओं ने एसडीएम कोर्ट का किया बहिष्कार।एसडीएम सदर तहसील से नही हटेंगे तब तक रहेगा बहिस्कार।

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