Web News

www.upwebnews.com

पंचायत में खूनखराबा करने वाला दामाद पुलिस मुठभेड़ में ढेर

March 17, 2026

पंचायत में खूनखराबा करने वाला दामाद पुलिस मुठभेड़ में ढेर

सास-साले की चाकू से हत्या के बाद फरार था आरोपी, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में लगी गोली

बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र में पंचायत के दौरान सास और साले की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी अफसर उर्फ बौरा को मंगलवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर आरोपी की घेराबंदी की गई थी। खुद को पुलिस से घिरा देख उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। घायल आरोपी को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव रहपुरा चौधरी में सोमवार को पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी अफसर खान का अपनी 24 वर्षीय पत्नी सायमा से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के लोग गांव में बैठे थे। इसी दौरान अचानक आरोपी अफसर खान ने चाकू निकाल लिया और वहां मौजूद लोगों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

सास और साले की मौके पर मौत

हमले में उसकी 45 वर्षीय सास आसमा और 19 वर्षीय साला आदिल गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

पत्नी भी गंभीर रूप से घायल

आरोपी ने अपनी पत्नी सायमा पर भी हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

घटना से गांव में मचा हड़कंप

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल फैल गया। सूचना मिलने पर इज्जतनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में टीमें लगा दी थीं।

घेराबंदी के दौरान पुलिस पर की फायरिंग

मंगलवार तड़के पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लग गई।

अस्पताल ले जाते समय हुई मौत

घायल आरोपी को पुलिस जिला अस्पताल ले जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की आगे की जांच की जा रही है।

भाजपा की शहर कमेटी में कई जातियों को नहीं मिली जगह

सोशल मीडिया पर सक्रिय हुए भाजपाई, जबकि महिला आरक्षण भी पूरा नहीं, चार‌ महिलाएं पदाधिकारी
पिछली बार चार की बजाय तीन महामंत्री, सिख समुदाय भी छूटा

Post on 17.3.26
Tuesday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
सालों बाद घोषित भाजपा की नई कमेटी में कई बड़ी जातियों को जगह नहीं मिल पाईं।धोबी , पाल, कश्यप व प्रजापति के अलावा ठाकुर बिरादरी भी उपेक्षित हो गई। साथ ही भाजपा का महिला आरक्षण का भी कोटा पूरा नहीं है। पिछली बार के मुकाबले अबकी तीन महामंत्री ही बनाए गए।
पार्टी की पिछली शहर कमेटी 2019 में घोषित हुईं थीं। धर्मेन्द्र मिश्रा अध्यक्ष बने और फिर कार्यकारिणी की घोषणा हुईं। करीब सवा छह साल बाद शहर कमेटी का ऐलान हुआ। पार्टी नेतृत्व ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कार्यकर्ताओं को समायोजित कर बूस्टर खुराक देने की कोशिश की। पार्टी नेताओं ने
सभी जातियों को शामिल कर समायोजित करने का प्रयास किया पर घोषित कमेटी में कई बड़ी जातियों को अहमियत नहीं मिल सकी।कश्यप, पाल, धोबी,
प्रजापति आदि के अलावा ठाकुर को भी प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया।
सबसे ज्यादा महिला आरक्षण का कोटा अधूरा रहा।20 पदाधिकारियों की कमेटी में चार महिलाएं शामिल की गई। 2019 के मुकाबले इस बार कार्यकारिणी में बदलाव करने की कोशिश की गई। धर्मेन्द्र मिश्रा के संग दो पंजाबी गिरीश भंडूला और कमल गुलाटी थे। इस बार अध्यक्ष इस समुदाय से महिला को जगह मिली। जबकि कमल गुलाटी को नामित पार्षद बनाया गया है।

पूर्व पार्षद अब शहर कमेटी में शामिल
नगर निगम में पूर्व पार्षद हेमराज सैनी, अशोक सैनी को महानगर उपाध्यक्ष बनाया गया है। जबकि हेमराज की पुत्रवधू निगम की चुनिंदा पार्षद है। जबकि कपिल देव भी कमेटी में उपाध्यक्ष बने। हालांकि दो चुनाव पहले उनकी पत्नी निगम की पार्षद रह चुकीं हैं।

तानाशाही के नाम पर: युद्ध नियंत्रण की आवश्यकता : डाॅ०राकेश सक्सेना

Rakesh Saxena

Posted on 17.03.2026, Tuesday

एटा 17 मार्च उप्रससे। युद्ध आक्रामक कृत्य है जो किसी भी राष्ट्र की अस्मिता के विनाश से जोड़ता है। इस विचार को दृष्टिगत रखते हुए मानव सभ्यता के इतिहास में युद्ध एक जटिल पक्ष रहा है। समय बदलाव के साथ युद्ध की प्रवृत्ति, साधन, उद्देश्य व परिणाम में व्यापक परिवर्तन हुए। प्राचीन युद्धों में तलवार, भाला, धनुष-बाण, गदा आदि अस्त्र-शस्त्रों का प्रयोग होता था किन्तु आधुनिक युद्धों में टैंक, मिसाइलें, लड़ाकू विमान, परमाणु बम, ड्रोन और साइबर तकनीक जैसे अत्याधुनिक साधनों का प्रयोग होता है। प्राचीन काल में युद्ध के कुछ नैतिक नियम और मर्यादाएँ थीं। दिन में युद्ध और रात्रि में विश्राम, निहत्थे व शरणागत पर आक्रमण न करना, स्त्रियों, बच्चों व निर्दोष नागरिकों की रक्षा करना आदि नियमों का पूर्णरूपेण पालन किया जाता था किन्तु आधुनिक युद्धों में ये मर्यादाएँ तार-तार हो चुकीं हैं। युद्ध किसी भी समस्या के समाधान नहीं होते। आज के युग में युद्ध अत्यधिक विनाशकारी हो गए हैं, इसकी विभीषिका, इसका दुष्प्रभाव समूचे समाज, संस्कृति और मानव जीवन पर पड़ता है, हजारों-लाखों लोग अपने प्राण ग॔वा बैठते हैं, परिवार उजड़ जाते हैं, माताएँ अपने पुत्रों को खो देतीं हैं, बच्चे अनाथ हो जाते हैं, उद्योग धंधे नष्ट हो जाते हैं, जनता अभाव का जीवन जीने को विवश हो जाती है, भय, असुरक्षा और अशान्ति का वातावरण समाज में फैल जाता है, हिंसा व घृणा का वातावरण पनपता है।
आज भारत-पाकिस्तान, अफगान-पाकिस्तान, यूक्रेन-रूस, इजरायल-फिलिस्तीन, अमेरिका-ईरान, इजरायल-ईरान आदि देशों के युद्धों से दृष्टिगोचर हो रहा है कि दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ी है। वैश्विक राजनीति में ऊर्जा संसाधनों विशेषकर तेल का महत्वपूर्ण स्थान है। औद्योगिक विकास, सैन्य शक्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा भाग तेल पर निर्भर करता है, इसी कारण तेल -समृद्ध क्षेत्रों पर नियंत्रण को लेकर विश्व की महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा रही है। अमेरिका की विदेश नीति में तेल राजनीति की बड़ी भूमिका रही है, जिसके कारण आज वह अपनी तानाशाही दिखा रहा है। ट्रम्प नाम का पक्षी जो अमेरिका में पाया जाता है, वह सारी दुनिया पर अपनी चोंच मारना चाहता है, इसलिए उसने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को रातों-रात उठा लिया, ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई को मार दिया और इसी की प्रजाति वाले ने कुछ वर्षों पूर्व ईराक के सद्दाम हुसैन को मार दिया था, फिर भी दुनिया चुप है। सन् 2025 में आयोजित ब्रिक्स बैठक में अमेरिका- इजरायल के ईरान पर हमलों को लेकर निंदा की गई थी लेकिन आज संयुक्त राष्ट्र संघ से लेकर अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों व संगठनों की ओर से इस तानाशाही का विरोध नहीं हो रहा है, जो चिंता का विषय है।
मध्य पूर्व विश्व का सबसे बड़ा तेल भंडार क्षेत्र है। इस क्षेत्र के सऊदी अरब, ईराक, ईरान, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात के पास विशाल तेल संसाधन हैं, इसलिए तानाशाह अमेरिका इन क्षेत्रों पर अपना प्रभाव जमाए हुए है। परस्पर इन देशों में एकजुटता का अभाव है, महाशक्तियाँ पीड़ित देशों के सहयोग हेतु आगे नहीं आ रहीं हैं, नाटो, ब्रिक्स, एससीओ पीस मिशन, शंघाई संगठन मौन साधे दूरी बनाए हुए हैं। डालर में अमेरिका के प्राण बसते हैं, उसके रक्षार्थ वह कुछ भी करता रहे, इस अहंकार को तोड़ना आवश्यक है। अमेरिका ने ईरान पर हमला करके विश्व अर्थव्यवस्था के समक्ष संकट बढ़ा दिया है और यदि युद्ध लम्बा खिचता है तो वह स्वयं भी इस संकट के घेरे में आ जाएगा। वैश्विक तेल कारोबार पर आधिपत्य जमाना किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है। वेनेजुएला की भाँति ईरान भी अपना तेल डालर में नहीं बेच रहे थे। डालर का वर्चस्व अमेरिका कायम न रख पाए इसलिए उस पर अंकुश लगाने के लिए दुनिया के देशों को आगे आना ही होगा।

पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की दिनदहाड़े हत्या, इलाके में सनसनी

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
17/03/2026

गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब मार्निंग वॉक पर निकले पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। पहले उनके सिर में गोली मारी गई, इसके बाद सीने में चाकू से कई वार किए गए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद राजकुमार चौहान करीब 100 मीटर तक जान बचाने के लिए भागे, लेकिन बदमाशों ने पीछा कर दोबारा हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि हमलावर कुछ देर तक मौके पर ही बैठे रहे और उनकी मौत की पुष्टि होने के बाद फरार हो गए। यह भी जानकारी सामने आई है कि बदमाश अपनी गाड़ी कुछ दूरी पर खड़ी कर पैदल ही वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मुरादाबाद की पांच पैसेंजर रद्द, कई में फेरबदल

दिल्ली में यमुना (Yamuna Bridge) पुल-

16 ट्रेनों का बदला रूट, कुछ देरी से चलेंगी

Post on 17.3.26
Tuesday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
दिल्ली मंडल में ही शाहदरा- दिल्ली रेलखंड वर्तमान ब्रिज संख्या 249 की जगह नए ब्रिज के निर्माण के लिए 17-18 व 28-29 मार्च को मेगा ब्लॉक को मंजूरी मिली है। इसके चलते मुरादाबाद दिल्ली रूट पर रेल यातायात प्रभावित रहेगा। मंडल की मुरादाबाद दिल्ली पैसेंजर समेत पांच ट्रेनें रद्द रहेंगी। जबकि साबरमती सुल्तानपुर समेत 16 ट्रेन बदले मार्ग से संचालित होगी। अन्य ट्रेनों को देरी से चलाया जाएगा।

सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता के अनुसार दिल्ली -मुरादाबाद (54308)18, बरेली- दिल्ली 54075-76 ट्रेन 28 व 29 मार्च को रद्द रहेगी। इसी तरह तिलक ब्रिज -बुलंदशहर-64568 ट्रेन 28 व 64567 बुलंदशहर -तिलक ब्रिज ट्रेन 29 मार्च को रद्द की गई है।

*ट्रेनों का बदला रूट* (Diversion of Trains )

साबरमती -सुल्तानपुर- 20939, दिल्ली पैसेंजर 54076 ट्रेन दौराई- टनकपुर -15091, उदयपुर सिटी- योगनगरी ऋषिकेष -09609,
भगत की कोठी -कामख्या- 15623, साबरमती-योगनगरी ऋषिकेश-19031,दिल्ली – टनकपुर-12036, दिल्ली काठगोदाम, अवध आसाम – 15910, समस्तीपुर -श्री गंगानगर-04732, मुरादाबाद -दिल्ली पैसेंजर 54307, योगनगरी ऋषिकेश-उदयपुर सिटी-19610, धनबाद चंडीगढ़ 03311, रानीखेत एक्सप्रेस- 15014, अयोध्या कैंट दिल्ली – 14205 और देहरादून-शकूर बस्ती 14342 ट्रेनों का दिल्ली, शाहदरा व विवेक विहार स्टेशनों पर ठहराव नहीं होगा।

*विलंब से संचालन–* (Rescheduling )

वाराणसी –साबरमती-20964 को वाराणसी से 150 मिनट, पद्मावत एक्सप्रेस 14207 ट्रेन प्रतापगढ़ से 150 मिनट की देरी से चलेगी।

« Newer PostsOlder Posts »