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यह देश धर्मशाला नहीं है; घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकाला जाएगा” – कोल्हापुर से गृह मंत्री अमित शाह का स्पष्ट संदेश

June 20, 2026

यह देश धर्मशाला नहीं है; घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकाला जाएगा” – कोल्हापुर से गृह मंत्री अमित शाह का स्पष्ट संदेश

  • केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज कोल्हापुर, महाराष्ट्र में आयोजित ‘धन्यवाद सभा’ को मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित किया
  • ₹1500 करोड़ की लागत से अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की शुरुआत महाराष्ट्र में एक बार फिर धर्म और संस्कृति के शासन का आरंभ है
  • राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ-बद्रीनाथ, सोमनाथ और कामाख्या के बाद अब अंबाबाई कॉरिडोर – विरासत के संरक्षण के प्रति हमारी सरकार कटिबद्ध
  • ग्रामीण-सहकारी विकास से लेकर सेमीकंडक्टर, क्वांटम और न्यू-एज टेक्नोलॉजी तक, हर क्षेत्र में मोदी जी ने भारत को नई पहचान दिलाई

Posted Date:- Jun 20, 2026, News Maharastra Kolhapur, Amit Shah

कोल्हापुर (महाराष्ट्र), 20 जून 2026, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज यहां आयोजित ‘धन्यवाद सभा’ को मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडण्वीस और उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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इस अवसर पर श्री शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में, जब से नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से असंभव माने जाने वाले अनेक कार्य हमारे नेता नरेन्द्र मोदी जी ने पूरे कर के दिखाए हैं। प्रभु श्री राम की ही कृपा से वर्ष 2014 में मोदी जी प्रधानमंत्री बने और अयोध्या में भव्य राम मंदिर आज अपनी दिव्य भव्यता के साथ खड़ा है। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण, केदारधाम और बद्रीधाम का पुनर्निर्माण किया गया। सोमनाथ मंदिर को फिर से सोने का बनाया जा रहा है। माँ कामाख्या का कॉरिडोर बन रहा है और अब अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर का कॉरिडोर बनाने का कार्य भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि देशभर में‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र के तहत संस्कृति का पुनर्जागरण हो रहा है। महाराष्ट्र में सभी ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ मंदिर पुनर्निर्मित हो रहे है, ये हमारे लिए गौरव का विषय है।

केन्द्रीय गृह एवं सहाकारिता मंत्री ने कहा इन 12 वर्षों में अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर के जीर्णोद्धार और कॉरिडोर निर्माण का कार्य शुरू होना भी कई अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर कॉरिडोर निर्माण की शुरुआत, महाराष्ट्र में एक बार फिर से धर्म के शासन और सांस्कृतिक जागरूकता को नई ऊँचाई दी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि 12 वर्षों में मोदी जी के नेतृत्व में सोमनाथ से लेकर गंगासागर तक पूरे देश में हमारी सरकार को जनता का समर्थन और विश्वास मिला है। श्री शाह ने कहा कि न केवल बंगाल की सीमाओं से घुसपैठ पूरी तरह बंद की जाएगी, बल्कि देश भर से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा, यह देश कोई धर्मशाला नहीं है।

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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ चाहे ग्रामीण विकास हो, शहरी विकास हो, कृषि को समृद्ध बनाने के लिए सहकारिता मंत्रालय का गठन हो, नगर नियोजन के नए मानक स्थापित करना हो या पीएलआई स्कीम लाकर भारत को वैश्विक उत्पादन का हब बनाना हो — हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेमीकंडक्टर, क्वांटम इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर, डेटा सेंटर और न्यू एज टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत को नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने की ठोस शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने चंद्रयान-3 के माध्यम से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक पहुंचकर ‘शिव शक्ति पॉइंट’ स्थापित किया और समूचे भारतवासियों के हृदय को गर्व और खुशी से भर दिया।

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केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, कोल्हापुर में पवित्र करवीर क्षेत्र स्थित माता अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर, जहां माता स्वयं सैकड़ों वर्षों से विराजमान हैं, के जीर्णोद्धार और विकास के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कार्य शुरू किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा करवीर नगर स्थित श्री अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर के जीर्णोद्धार तथा मंदिर कॉरिडोर निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत 1500 करोड़ रुपये है और यह 28,000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सातवीं शताब्दी में स्थापित इस प्राचीन मंदिर के पुनर्विकास के दौरान पुरातत्व विभाग के परामर्श से आसपास के लगभग 41छोटे-बड़े मंदिरों के संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करते हुए एआई आधारित सुरक्षा कैमरों, एलईडी प्रकाश सज्जा, आउटडोर गैलरी, हेरिटेज वॉकवे, लाइट एवं साउंड शो, मल्टीपर्पस हॉल, अन्नछत्र, पुलिस चौकी तथा हेरिटेज कोर्टयार्ड सहित पूर्ण यात्री सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। श्री शाह ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर कोल्हापुर का यह पावन तीर्थ स्थल छह माह के भीतर एक पूर्ण विकसित यात्रा धाम बन जाएगा। इससे न केवल अंबाबाई माता के लाखों भक्तों में भक्ति का पुनर्जागरण होगा, बल्कि कोल्हापुर और महाराष्ट्र के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास को संरक्षित और प्रचारित करने का अवसर भी मिलेगा, जो विशेष रूप से युवा पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि 1500 करोड़ रुपये कोई बड़ी राशि नहीं है, क्योंकि जहां हमारा इतिहास, हमारी आस्था और हमारी संस्कृति बसी हुई है, ऐसे पावन स्थानों का विकास और महिमा-मंडन पूरे देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है।

Yoga Day विश्व को भारत की अनुपम देन योग

Posted on 20.06.2026 Saturday, Time 08.29 PM Article World Yoga Day, by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News

समग्र स्वास्थ्य की गारंटी योग
सर्वेश कुमार सिंह
योग विश्व को भारत की अमूल्य देन है। कई हजार साल की खोज, अनुसंधान और प्रमाणित परिणामों के बाद भारत के ऋषि,मुनियों ने योग को प्रतिपादित किया। योग के महत्व और समग्र स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भारतीय जनमानस इसे सदियों से अपना रहा है। लेकिन आधुनिक भारत में योग से विश्व को परिचित कराने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को है। उनके सदप्रयासों और दूरदृष्टि से योग को संयुक्त राष्ट्र महासभा में मान्यता मिली और 21 जून विश्व योग दिवस घोषित हो सका।
संयुक्त राष्ट्र महासभा का सर्वसम्मत प्रस्ताव
योग ऐसा विषय है, जिसे विश्व ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया है। आम तौर पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के संकल्प और प्रस्ताव मतदान से पारित और स्वीकृत होते है। लेकिन 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित करने का प्रस्ताव मतदान से नहीं बल्कि 193 सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से पारित किया। इस प्रस्ताव को जब औपचारिक रूप से 27 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महासभा की 69वीं बैठक में अपने भाषण के बाद प्रस्तुत किया तो 177 देश प्रस्ताव के सह प्रायोजक बने। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को महासभा ने सर्वसम्मत निर्णय लिया कि 21 जून विश्व योग दिवस होगा।
भारतीय ज्ञान परंपरा में शीर्ष पर
भारत ज्ञान और विज्ञान के शीर्ष पर रहा है। प्राचीन ज्ञान के रूप में आध्यामिक चेतना के साथ ही योग ने मानव के समग्र विकास, समग्र स्वास्थ्य और समग्र उन्नयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रमाणित की है। पतंजलि के अष्टांग योग में सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के उपाय सिर्फ आसन ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान के तत्व मौजूद है। ये आठ अंग यम, नियम,आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि मानव के संपूर्ण स्वास्थ्य और व्यक्तित्व का निर्माण करते है। योग समाज में एकात्मकता और कार्यकुशलता निर्माण करने का केंद्रीय तत्व है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में योग का वर्णन करते हुए कहा है “योग: कर्मसुकौशलम”। योग यूज धातु से बना शब्द है, जिसका अर्थ है, जोड़ना। योग को “यूज्यतेसौ योग:” कहा है। अर्थात जो युक्त करे उसे योग कहते हैं। पतंजलि योग दर्शन कहता है “योगषःचित्तवृत्ति निरोध:”।
विश्व में योग का प्रसार
योग के आदि जनक भगवान शिव है। योग को आदि, वैदिक और पौराणिक काल में भगवान श्रीकृष्ण के साथ ही महर्षि पाराशर, व्यास जी, अष्टावक्र और पतंजलि ने अलग अलग समय और युग में प्रतिपादित किया। इनके द्वारा रचित और उद्बोधित साहित्य में योग वर्णित है। इनमें प्रमुख रूप से उपनिषद, योग वशिष्ठ, योग सूत्र, भगवद्गीता, योग दर्शन आदि है।
आधुनिक विश्व में गत लगभग दो सौ वर्ष में भारत के अनेक ऋषि, सन्यासी और आध्यात्मिक गुरुओं ने इसे प्रचारित और प्रसारित किया। इन महानुभावों ने योग की महत्ता से पश्चिमी जगत को परिचित कराया। इन महापुरुषों में स्वामी विवेकानंद, स्वामी शिवानंद, स्वामी यतीश्वरानंद, स्वामी रंगनाथानंद, महर्षि महेश योगी, परमहंस योगानंद, श्रीश्री रविशंकर प्रमुख है। भारत में योग को 21वीं सदी में लोकप्रिय बनाने में बाबा रामदेव का उल्लेखनीय योगदान है।
गीता प्रेस का योगदान
योग पर साहित्य प्रकाशन में गोरखपुर का गीता प्रेस संस्थान अग्रणी है। गीता प्रेस ने यूं तो सनातन संस्कृति की सेवा में अनेक ग्रंथों, पुस्तकों का प्रकाशन किया है। लेकिन उसके द्वारा योग पर प्रकाशित साहित्य अतुलनीय है। गीता प्रेस ने योग पर चार उपयोगी, संग्रहणीय विशेषांक प्रकाशित किए है। कल्याण पत्रिका के विशेषांकों के रूप में गीता प्रेस ने 1935 में “योगांक” प्रकाशित किया। इसमें 141 लेख समाहित हैं। 1980 में “निष्काम कर्मयोग” विशेषांक प्रकाशित किया। इसमें 177 लेख समाहित हैं। इसके बाद 1999 में “योगतत्त्व अंक” प्रकाशित किया। इसमें 170 लेख समाहित हैं।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

June 19, 2026

जटोई ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं का आरोप, जांच की उठी मांग

Hathras News Posted on 19.06.2026, Friday Time 08.31 PM

रोजगार सेवक पर फर्जी मस्टर रोल तैयार कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

हाथरस। मुरसान विकासखंड की ग्राम पंचायत जटोई में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं ने रोजगार सेवक पर फर्जी मस्टर रोल तैयार कर सरकारी धनराशि के दुरुपयोग तथा बिना कार्य कराए भुगतान कराने का आरोप लगाया है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई है।शिकायत के अनुसार रोजगार सेवक सत्य प्रकाश द्वारा अपने चहेते लोगों के नाम मनरेगा मस्टर रोल में दर्ज कर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि जिन लोगों ने मनरेगा के तहत कार्य नहीं किया, उनके नाम पर भी भुगतान दर्शाया गया तथा कई लाभार्थियों को 100 दिनों का रोजगार पूरा दिखाकर भुगतान किया गया।शिकायत में कहा गया है कि ग्राम पंचायत में बम्बा से मंदिर के तालाब तक कच्ची नाली खुदाई कार्य के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,07,425 रुपये स्वीकृत किए गए। आरोप है कि 14 से 20 अप्रैल तथा 6 से 21 मई 2026 तक कार्य होना दर्शाकर मस्टर रोल और माप पुस्तिका (एमबी) तैयार कर दी गई, जबकि मौके पर नाली खुदाई का कार्य नहीं हुआ। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2022-23 में भी इसी कार्य के लिए लगभग 96 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उस समय भी कार्य धरातल पर नहीं कराया गया।इसके अलावा अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण कार्य में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में अमृत सरोवर के लिए स्वीकृत लगभग 50.85 लाख रुपये की धनराशि के सापेक्ष निर्धारित कार्य पूर्ण नहीं हुए। आरोप है कि सरोवर के किनारों का पक्का निर्माण भी नहीं कराया गया।शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच मंडलायुक्त स्तर के अधिकारी से कराने, दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा यदि सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों से उसकी रिकवरी कराने की मांग की है।

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सभी ग्राम पंचायतों में योग दिवस मनाया जाए- डीपीआरओ

Mainpuri samachar UP Web News
Mainpuri News Posted on 19.06.2026 Friday Time 07
मैनपुरी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी ने गुरुवार को आयोजित बैठक में कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में योग दिवस मनाया जाए, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में ग्रामवासी उपस्थित हों।
विकास भवन में आयोजित बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने कहा कि 21 जून को योग दिवस ग्राम के अमृत सरोवर के पास या पंचायत सचिवालय परिसर में आयोजित होगा। 20 जून को सभी ग्रामों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जायेगा।अभियान के दौरान विशेष रूप से योग स्थल के लिए चयनित स्थल की सफाई का कार्य होगा। इस वर्ष के योग दिवस की थीम है”स्वस्थ आयु के लिए योग” उन्होंने बैठक में बताया कि सभी पंचायत सचिव प्रधानमंत्री का प्रधानों के नाम पत्र की प्रति प्रधानों को उपलब्ध करा दें। सोशल मीडिया के विभागीय एकाउंट पर पंचायत सहायक योग दिवस से सम्बंधित गतिविधियों को पोस्ट करेंगे।योग दिवस में भाग लेने वाले प्रतिभागी टोल फ्री नम्बर 1800- 315- 7008 पर रजिस्ट्रेशन कराकर आयुष मंत्रालय के योग प्रमाणन  बोर्ड द्वारा योग मित्र स्वयं सेवक प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी ने विभागीय कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देशित किया कि प्रत्येक ग्राम में शौचालय के पात्र लाभार्थियों की सूची एक सप्ताह में तैयार कर ली जाये। कूड़ा संग्रहण केंद्र और सामुदायिक शौचालय का नियमित संचालन हो। रेट्रोफिटिंग का कार्य 15 दिन में पूर्ण कर लिया जाए। हमारी तलैय्या अभियान में चिन्हित तालाबों पर काम कराकर उन्हें मॉडल घोषित किया जाए। 15 वें वित्त और राज्य वित्त के अपूर्ण काम पूर्ण करा लिए जाएं। बैठक में जिला समन्यवक नीरज शर्मा, राजकुमार, फ़राज, जिला परियोजना प्रबंधक अजय विक्रम, प्रभा अवस्थी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत मनोज प्रभाकर, अरविंद, राजवीर, जयकुमार सक्सेना, नरेंद्र यादव, रामकुमार यादव, भवानी सिंह, अनिल मिश्रा, अमित कुलश्रेष्ठ, सहित खण्ड प्रेरक  शशी बाला, अनुपम पाल, अमरदीप, सुनीलम, कर्मवीर, आशू, सुनीता गौतम, पूनम व कम्प्यूटर आपरेटर मौजूद रहे।

ज्ञान परंपरा और गोमाता की रक्षा करते हैं अयोध्या के राजाः मुख्यमंत्री

News Posted on 19.06.2026 Friday Time 07.32 PM, Ayodhya, Yogi Adityanath, Jain Muni

*भगवान मुनि सुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए सीएम योगी*

*मुख्यमंत्री ने किया ऋषभदेव जन्मभूमि द्वार एवं 101 भगवान जिनमंदिर का लोकार्पण*

*जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं, वह कैसे दूसरों पर शासन कर सकता हैः सीएम योगी*

*गोरक्षपीठाधीश्वर की जैन परिवारों से अपील- कम से कम एक गाय का खर्च अवश्य उठाएं*

*सीएम ने कहा- उत्तर प्रदेश की धरती पर हुआ सर्वाधिक तीर्थंकरों का प्रकटीकरण*

अयोध्या, 19 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित भगवान मुनि सुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। सीएम ने यहां ऋषभदेव जन्मभूमि द्वार एव 101 भगवान जिनमंदिर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अयोध्या का गौरवशाली इतिहास है। अयोध्या के राजा ज्ञान परंपरा व गोमाता, दोनों की रक्षा करते हैं। सीएम ने आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया कि उन्हें गोरक्षा के लिए कुछ जरूर करना चाहिए। भारत में हर परिवार का संस्कार रहा है कि पहला ग्रास गोमाता और अंतिम ग्रास श्वान के लिए होगा। शाम को घर में दीपक जलाने पर चींटियों को आटा-चीनी देते हैं। जीव मात्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना भी ‘जियो और जीने दो’ की प्रेरणा है।

*हर जैन परिवार कम से कम एक गाय का खर्च अवश्य उठाए*
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाय दैवीय विभूति है। सबको उसकी रक्षा, संरक्षण, संवर्धन के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने जैन परिवारों से अनुरोध किया कि संभव हो तो गोशाला को गोद लें या कुछ गायों के लिए वार्षिक सहयोग कीजिए अन्यथा साल में कम से कम एक गाय का खर्च जरूर उठाइए। दो-तीन बार गोशाला जाकर गोमाता के स्वास्थ्य को भी देखिए। गोमाता स्वस्थ रहेगी तो भारतीय संस्कृति, जैन धर्म व वैदिक सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा। एक की सुरक्षा दूसरे की सुरक्षा में निहित है। मंजिल तक पहुंचने के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन परंपरा एक है।

*भारत की सुरक्षा व संप्रभुता में योगदान देने वाले अभियानों से जुड़ें*
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि तीर्थों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए स्वच्छता, पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण समेत हर उस अभियान का हिस्सा बनिए, जिसका भारत की सुरक्षा व संप्रभुता में योगदान हो। पीएम मोदी भी नागरिकों से कर्तव्यबोध की बात करते हैं। देश-समाज के लिए हमारा कर्तव्य क्या है, इसका ध्यान रखेंगे तो भारत व भारतीयता शाश्वत रहेगी। सीएम ने विश्वास जताया कि समाज को सद्वृत्ति की ओर अग्रसर करने में जैन समाज सहायक होगा।

*धरती का राजा होता था अयोध्या का राजा*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिनाथ से चली यह परंपरा कहीं और की नहीं है। प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान ऋषभदेव ही हैं। अयोध्या भगवान ऋषभदेव की पावन भूमि भी है। वह धरती के पहले राजा हैं। अयोध्या का राजा धरती का राजा होता था। सीएम ने रामायण में भगवान राम व बालि के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि बालि उनसे कहता है कि तुमने मुझे धोखे से मारा है। मेरे राज्य पर तुम्हारा क्या अधिकार था, तब भगवान राम कहते हैं कि तुम्हारा कर्म ही तुम्हारी अधोगति का कारण बना है। सागर, वन से आच्छादित संपूर्ण धरा अयोध्या के राजाओं की है। भगवान ऋषभदेव के पुत्र भगवान जड़ भरत हैं, जिनके नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा।

*उत्तर प्रदेश की धरती पर सर्वाधिक तीर्थंकरों का प्रकटीकरण*
सीएम ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि 24 में से सर्वाधिक तीर्थंकर इस धऱती पर हुए। उसमें से पांच (पहले तीर्थंकर-भगवान ऋषभदेव, दूसरे-भगवान अजितनाथ, चौथे तीर्थंकर भगवान अभिनंदननाथ, पांचवें तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ और 14वें भगवान अनंतनाथ) का प्रकटीकरण अयोध्या में ही हुआ। काशी में चार, श्रावस्ती में एक, हस्तिनापुर में भी तीर्थंकरों की लंबी परंपरा है। कुशीनगर में 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर ने अंतिम उपदेश देकर उस धरती को पवित्र नगरी के रूप में आशीर्वाद दिया था। बीच के कालखंड में लोगों ने उसे फाजिलनगर कर दिया था, अभी हाल में ही मैंने कहा कि वह पावागढ़ है, उसका नाम वही होगा।

*जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं, वह दूसरों पर कैसे शासन कर सकता है*
सीएम योगी ने कहा कि धऱती के राजा सबका संरक्षण, लालन-पालन और अनुशासन की प्रेरणा देते हैं। ‘जियो और जीने दो’ का मंत्र वही दे सकता है, जो आत्म अनुशासन से बंधा हो। नकारात्मक ताकतें आत्म अनुशासन में नहीं रह सकतीं। जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं है, वह दूसरों पर कैसे शासन कर सकता है? इस पवित्र परंपरा ने दुनिया को यही प्रेरणा व संदेश दिया। इस संदेश पर चलकर हम सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि जीव और दुनिया के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त कर सकते हैं। जैन तीर्थंकरों ने साधना व वाणी से विश्व मानवता को विश्व कल्याण की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में पीठाधीश्वर रविंद्र कीर्ति स्वामी ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने रविंद्र कीर्ति स्वामी को पुष्पगुच्छ देकर जन्मदिवस की बधाई दी। इस अवसर पर जैन साध्वी गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता जी, चंदनामती माता जी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, पुष्पदंत जैन, अमरचंद जैन, कैलाश चंद जैन आदि मौजूद रहे।

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