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Lucknow ट्रैक्टर ट्राली पलटने से चालक समेत 4 की मृत्यु

August 15, 2026

Lucknow ट्रैक्टर ट्राली पलटने से चालक समेत 4 की मृत्यु

लखनऊ, 15 अगस्त 2026, जिले के थाना गोसाईगंज अंतर्गत सुल्तानपुर हाईवे स्थित गंगागंज में आज तड़के ट्रेक्टर ट्रॉली पलटने से चालक समेत चार लोगों की मृत्यु हो गई। सभी ट्रैक्टर सवार ईंट भट्टा पर ट्रैक्टर से ईंटों की सपलाई करते थे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रातः करीब 4:45 बजे गंगागंज में सुल्तानपुर हाईवे रोड पर एक ट्रैक्टर पलटने और उसके नीचे चार लोग दबे होने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल थाना गोसाईगंज पुलिस, फायर सर्विस व NHAI टीम मौके पर पहुंच गयी जहां NHAI की क्रेन बुलाकर ट्रैक्टर ट्राली हटवाई जिसके नीचे दबे लोगों को निकाल कर 108 एंबुलेंस की मदद से CHC गोसाईगंज पहुंचाया गया। जहां तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया तथा एक व्यक्ति को ट्रामा रेफर किया गया जिसे ट्रामा भिजवाते समय उसकी भी मृत्यु हो गई।जानकारी करने पर पता चला कि मृतक पीतांबर रावत ग्राम अचकाकामऊ थाना कोठी जनपद बाराबंकी में स्थित देशराज नामक व्यक्ति के RBF ईंट भट्टा पर ट्रैक्टर चलाता था । अन्य मृत व्यक्ति ईंट लादने व उतारने की मजदूरी करते थे।

मृतकों का नाम-पता निम्नवत है
1. संदीप रावत पुत्र लल्लन रावत उम्र करीब 25 वर्ष
2. पीतांबर रावत पुत्र कालू रावत उम्र करीब 35 वर्ष
3. पवन रावत पुत्र कमल रावत उम्र करीब 25 वर्ष
निवासीगण- इलिचपुर मजरे पडरांवा थाना कोठी जनपद बाराबंकी
4. बलराम रावत पुत्र राम सुरेश रावत निवासी ग्राम सरायनदर थाना कोठी जनपद बाराबंकी।
ट्रैक्टर व ट्राली को हाईवे से हटवा दिया गया है। यातायात व्यवस्था से सुचारु रूप से चल रही है। मौके पर मृतकगणों के परिजन पहुंच गए हैं। आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।

आजादी का मतलब अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा, असमानता से सर्वथा मुक्तिः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने सरकारी आवास (5, कालिदास मार्ग) पर किया ध्वजारोहण

*मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी स्वाधीनता दिवस की बधाई दी, बोले- देश को कमजोर करने वाली ताकतों से रहना होगा सतर्क*

*मुख्यमंत्री ने कीर्ति चक्र से सम्मानित उप्र पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को किया याद*

*आजादी को लंबे समय तक बनाए रखना है तो 140 करोड़ भारतवासियों को अपने-अपने क्षेत्र में देना होगा योगदानः सीएम योगी

Posted on 15.08.2026 Time 07.02 PM

लखनऊ, 15 अगस्तः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर अपने सरकारी आवास (5, कालिदास मार्ग) पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने राष्ट्रनायकों और देश के लिए शहीद होने वाले रणबांकुरों के प्रति श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वाधीनता दिवस की बधाई दी। कहा कि आजादी का मतलब केवल राजनीतिक आजादी नहीं है, बल्कि उस अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा, असमानता से भी सर्वथा मुक्ति है, जिसे कारण देश लगातार कमजोर होता गया। हम सब आजादी के 79वर्ष पूरे कर चुके हैं और 80वें स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम से जुड़े हैं। यह दिवस केवल हमें समारोह तक सीमित रखने का अवसर नहीं दे रहा, बल्कि हमें संपूर्ण आजादी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों में नागरिक के रूप में कर्तव्य करने की भी प्रेरणा प्रदान कर रहा है। हर नागरिक का आह्वान करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आजादी को लंबे समय तक बनाए रखना है तो एक व्यक्ति, जाति, संप्रदाय नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों को अपने-अपने क्षेत्र में समान रूप से योगदान देना होगा।

*देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना ही था रणबांकुरों का ध्येय*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कहा कि लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप 1947 में आज ही के दिन भारत को स्वाधीनता प्राप्त हुई। हर भारतवासी जिस उन्मुक्त वातावरण में स्वाधीनता का अहसास कर रहा है, वह भारत माता के महान सपूतों, बलिदानियों के त्याग, तपस्या व बलिदान का परिणाम है। देश अंतरविरोधों व षडयंत्रों के कारण गुलाम हुआ, लेकिन इसने मन-मस्तिष्क से गुलामी को कभी स्वीकार नहीं किया। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में गुलामी के खिलाफ अलग-अलग समय में संघर्ष और आंदोलन हुए। 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर सामूहिक रूप से देश की स्वाधीनता के लिए किए गए प्रयास का महत्वपूर्ण पड़ाव था, जब बैरकपुर में मंगल पांडेय, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, मेरठ में धनसिंह कोतवाल आदि रणबांकुरों के नेतृत्व में हर गांव, जनपद, प्रांत में स्वाधीनता की लौ जलती दिखाई दे रही थी। उस समय सभी के मन में एक ही भाव था कि हमें देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना है।

*हर व्यक्ति के जीवन को सहज और सरल बनाने के लिए किए जाने वाले परिवर्तनों के परिणाम भी दिख रहे*
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के सामने जो अराजकता, अशिक्षा, पिछड़ापन, असमानता थी, उसमें से बहुत सारी समस्याओं का पिछले 8 दशक में समाधान हुआ है। इसी का परिणाम है कि देश में बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग मुक्त हुए हैं। शिक्षा का दायरा बढ़ा है और बिना भेदभाव शासन का लाभ समाज के प्रत्येक तबके को मिलना प्रारंभ हुआ है। विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है। हर व्यक्ति के जीवन को सहज और सरल बनाने के लिए किए जाने वाले परिवर्तनों के परिणाम भी अब दिखाई देते हैं।

*देश को कमजोर करने वाली ताकतों से रहना होगा सतर्क*
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देशवासियों से किए गए आह्वान का भी जिक्र किया। कहा कि अराजकता, असमानता, अशिक्षा पर विजय प्राप्त करनी है तो देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा। पीएम ने कहा था कि देश में केवल चार जातियों (गरीब, युवा, महिला, किसान) को फोकस करते हुए कार्य करेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। पिछले 12 वर्ष में इन्हीं चार तबकों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनीं। इस कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार की इच्छाशक्ति भी दिखाई दी, जिसका परिणाम रहा कि आमजन को शासन की योजना से जुड़ने में मदद मिली है। डायरेक्टर बेनिफिट स्कीम के माध्यम से शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ उपलब्ध कराने का कार्य हुआ। मिशन रोजगार से लेकर मॉडर्न टेक्नोलॉजी के अनुरूप युवा खुद को तैयार कर सकें, इसके लिए नए-नए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए, संस्थान बनाए गए। स्वास्थ्य की अच्छी सुविधा के लिए देश में मेडिकल कॉलेज, एम्स की नई श्रृंखला खड़ी हुई, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआ। रेलवे की कनेक्टिविटी बढ़ी, मेट्रो व रैपिड रेल जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुईं। अमृत भारत, वंदे भारत, नमो भारत जैसी आधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास बढ़े।

*हर क्षेत्र में नए प्रतिमानों को स्थापित करने में आगे बढ़ा भारत*
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में नए प्रतिमानों को स्थापित करने में आगे बढ़ा है। जब देश के पास यशस्वी नेतृत्व होता है और सामूहिकता के साथ देश की ताकत एक स्वर में बोलती है तो परिणाम सामने आते हैं। देश की आजादी की लड़ाई भी ध्यानाकर्षित करती है तो जब हम बंटे थे तो आजादी के लिए संघर्ष होता था। राजस्थान में महाराणा प्रताप, पंजाब से गुरु गोविंद सिंह, महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसे नेतृत्व प्रदान किया। सभी का उद्देश्य एक ही था कि हर हाल में विदेशी दासता से मुक्ति मिले, लेकिन सामूहिक रूप से किया गया प्रयास 1857 में देखने को मिला। इसके बाद लगातार संघर्ष को जीवंतता बनाए रखने के लिए क्रांतिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में संघर्षों को जन्म दिया। गोरखपुर में चौरीचौरा, लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन आदि संघर्ष अनवरत रूप से बढ़ता रहा।

*देश की सीमा/आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को किया नमन*
सीएम योगी ने कहा कि भारत मां के जिन वीर बलिदानियों, क्रांतिकारियों ने आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाया, उन्हें देश स्मरण कर रहा है। सीएम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आदि के प्रति श्रद्धा भी व्यक्त की। सीएम ने आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदों को चूमने वाले क्रांतिकारियों और स्वतंत्र भारत में देश की सीमा/आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।

*मुख्यमंत्री ने कीर्ति चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को भी किया याद*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने उप्र में कानून व्यवस्था स्थापित करने, अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के संकल्प को बढ़ाने के लिए बलिदान हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार को भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम ने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार पाने वाले उप्र के अन्य अधिकारियों व कार्मिकों को भी बधाई दी। सीएम ने उम्मीद जताई कि आत्मनिर्भर व विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों की कड़ी को अपने- अपने क्षेत्र में आगे बढ़ाएंगे तो स्वाधीनता अनंत काल तक भारत की यात्रा को और भी यशस्वी तरीके से आगे बढ़ाने में सफल होगी।

सीएम योगी ने सांस्कृतिक दलों के कलाकारों को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर विधान भवन के समक्ष सांस्कृतिक
कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सांस्कृतिक दलों के कलाकारों को सम्मानित किया
 
जम्मू एवं कश्मीर, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, बिहार, मध्य
प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, दिल्ली तथा भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय
सहित जनपद वाराणसी प्रयागराज, मथुरा, अयोध्या, महोबा, लखनऊ
तथा अयोध्या के सांस्कृतिक दलों के कलाकार सम्मानित किये गये
 
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने में
कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री
 
मुख्यमंत्री ने कलाकारों से संवाद किया, उनके अनुभव जाने
और अयोध्या दर्शन की इच्छा पर अधिकारियों को निर्देश दिए
 
कलाकार केवल गायन-वादन या नृत्य के प्रस्तोता नहीं,
बल्कि लोक परम्पराओं एवं लोक संस्कृति के वाहक
 

लखनऊ : 15 अगस्त, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान भवन के समक्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विभिन्न सांस्कृतिक दलों के कलाकारों को आज यहां अपने सरकारी आवास पर सम्मानित किया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ थीम के अन्तर्गत विधान भवन के समक्ष देश की विविध सांस्कृतिक परम्पराओं का भव्य संगम देखने को मिला। जम्मू एवं कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, बिहार एवं गुजरात के कलाकारों तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए कलाकारों ने अपनी विशिष्ट लोक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया।
मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न राज्यों एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए कलाकारों से संवाद किया। उन्होंने कलाकारों से उनके प्रदेश, टीम में सम्मिलित कलाकारों की संख्या, उत्तर प्रदेश में उनके अनुभव तथा यहां के विभिन्न स्थलों के भ्रमण की इच्छा के बारे में जानकारी प्राप्त की। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने उत्तर प्रदेश में उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं, प्रशिक्षण, खान-पान एवं आतिथ्य की सराहना की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कलाकारों की कला भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर से आई सुश्री श्रुति ठाकुर से संवाद करते हुए उनकी टीम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री जी ने सम्बन्धित अधिकारियों को कलाकारों की अयोध्या यात्रा की आवश्यक व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।

महाराष्ट्र से आए श्री ओंकार भास्कर रोकड़े ने उत्तर प्रदेश में मिली सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यही ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना है। भारत एक तब होगा, जब जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और अरुणाचल प्रदेश से लेकर गुजरात तक की सभी सांस्कृतिक धाराएं एक साथ जुड़ेंगी और यही एकता भारत को श्रेष्ठ बनाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कलाकार केवल गायन, वादन, नृत्य या नाटक प्रस्तुत करने वाले नहीं हैं, बल्कि वे लोक परम्परा और लोक संस्कृति के वाहक हैं। लोक परम्परा में अतीत सुरक्षित रहता है और भविष्य उसी अतीत से प्रेरणा प्राप्त करता है। इसलिए कलाकारों को अधिक से अधिक महत्व देते हुए प्रत्येक आयोजन से जोड़ना आवश्यक है। अयोध्या में दीपोत्सव एवं रामनवमी, मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, बरसाना में रंगोत्सव, बुन्देलखण्ड में आल्हा की परम्परा तथा प्रयागराज के माघ मेले जैसे आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की विविध सांस्कृतिक परम्पराओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। प्रत्येक जनपद में महोत्सव हों और स्थानीय कलाकारों को अपनी लोक परम्परा एवं लोक गाथाओं को प्रस्तुत करने का अवसर मिले, यही इन आयोजनों का उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री जी ने कलाकारों को प्रेरित किया कि जब भी वे किसी अन्य प्रदेश में जाएं, तो कार्यक्रम के साथ कुछ अतिरिक्त समय लेकर वहां के स्थानीय स्थलों, संस्कृति, परम्पराओं और खान-पान का अवलोकन करें। भारत की वास्तविक विविधता को समझने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों को देखना और वहां की संस्कृति को जानना आवश्यक है। महोबा के कलाकारों की वीर आल्हा प्रस्तुति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड की वीर रस की इस गौरवशाली परम्परा को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मथुरा के कलाकारों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि कलाकार लोक परम्पराओं को जीवन्त रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री अमृत अभिजात, निदेशक संस्कृति श्री संजय कुमार सिंह तथा निदेशक सूचना श्री विशाल सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मोदी जी का संबोधन हर क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा: अमित शाह

Amit Shah

नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी का भाषण विकसित भारत के लिए हर क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा स्वतंत्रता आंदोलन का प्रखर जयघोष रहे ‘वंदे मातरम’ का आजादी के 80 वर्ष बाद आज पहली बार लाल किले की प्राचीर से गान हुआ। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर रोम-रोम पुलकित हो उठा

मोदी जी ने अपने संबोधन में ‘नशामुक्त भारत’, ‘सुरक्षित भारत’ और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ विकसित भारत बनाने का व्यापक रोडमैप दिया

प्रधानमंत्री जी ने देश को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने और सभी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘सप्तधारा’ की सात शक्तियों का मंत्र दियa

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प से भरा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का संबोधन हर क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कहा, “80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘नशामुक्त भारत’, ‘सुरक्षित भारत’ और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ विकसित भारत बनाने का व्यापक रोडमैप दिया। प्रधानमंत्री जी ने बीते 12 वर्षों में सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, एनर्जी व रेलवे-परिवहन में हुई अभूतपूर्व प्रगति का उल्लेख करते हुए देश को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने और सभी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘सप्तधारा’ की सात शक्तियों का मंत्र दिया। मोदी जी ने युवा शक्ति के सामर्थ्य को दिशा देने के लिए एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक युवाओं को AI स्किलिंग देने, फ्री ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क बनाने और 2036 ओलंपिक के लिए टैलेंट हंट अभियान की घोषणाएँ कीं। साथ ही, 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर और 8 नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स जैसे बड़े लक्ष्य रखे। स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प से भरा मोदी जी का यह संबोधन हर क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।”

80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘नशामुक्त भारत’, ‘सुरक्षित भारत’ और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ विकसित भारत बनाने का व्यापक रोडमैप दिया। प्रधानमंत्री जी ने बीते 12 वर्षों में सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, एनर्जी व…

— Amit Shah (@AmitShah) August 15, 2026

श्री अमित शाह ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “वंदे मातरम्, जो स्वतंत्रता आंदोलन का प्रखर जयघोष रहा, उसका आजादी के 80 वर्ष बाद आज पहली बार लाल किले की प्राचीर से गान हुआ। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर न सिर्फ रोंगटे खड़े हो गए, बल्कि रोम-रोम पुलकित हो उठा।”

‘वंदे मातरम्’, जो स्वतंत्रता आंदोलन का प्रखर जयघोष रहा, उसका आजादी के 80 वर्ष बाद आज पहली बार लाल किले की प्राचीर से गान हुआ।

इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर न सिर्फ रोंगटे खड़े हो गए, बल्कि रोम-रोम पुलकित हो उठा। pic.twitter.com/snWJ9tgEvz

— Amit Shah (@AmitShah) August 15, 2026

विकसित भारत का सपना पूरा करने को विकास की सप्त धारा का आह्वान

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में विकसित भारत की दिशा में भारत की अगली ऊंची छलांग का आह्वान किया

Posted Date:- Aug 15, 2026

 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में 2047 तक विकसित भारत की दिशा में भारत की यात्रा में तेजी लाने के उद्देश्य से कई आह्वान किए। प्रधानमंत्री ने देश की कार्य संस्कृति, सोच और व्यापक महत्वाकांक्षा में बदलाव का आह्वान करते हुए, नागरिकों, सरकारों, उद्योग, किसानों, युवाओं और समाज के अन्य वर्गों द्वारा सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं:

1. आगामी सुधार: प्रधानमंत्री ने सुधारों की गति में तेजी लाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत के लिए सुधार न तो कोई मजबूरी है और न ही एक प्रचलित शब्द है, बल्कि दृढ़ विश्वास का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार, समाज, उद्योग, उत्पादक और किसान सभी को पारंपरिक प्रणालियों, सोच और लक्ष्यों में सुधार करना होगा। प्रधानमंत्री ने केंद्र, राज्यों और उद्योग जगत से 2047 की आकांक्षाओं के अनुसार प्रणालियों, नीतियों और नियमों को आकार देते हुए एक साथ आगे बढ़ने और सुधारों को लगातार आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

2. विकसित भारत के लिए ‘सप्त धारा’: प्रधानमंत्री ने लाल किले से भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और आने वाले पांच-सात वर्षों में देश को नई गति देने के लिए शक्ति की सात धाराओं, “सप्त धारा” का आह्वान किया। ये सात धाराएं हैं :

  • विनिर्माण शक्ति: भारत को घटकों और डिजाइन से लेकर संपूर्ण उत्पादों के निर्माण तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला विकसित करनी चाहिए और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक विश्वसनीय केंद्र बनना चाहिए। प्रधानमंत्री ने लागत, गुणवत्ता और व्यापकता, प्रतिस्पर्धी कारखानों, उपयोगकर्ता के अनुकूल उत्पादों, आकर्षक पैकेजिंग और शून्य-दोष सटीक विनिर्माण पर जोर दिया। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, गुणवत्ता, गुणवत्ता, गुणवत्ता” भारतीय विनिर्माण का मंत्र होना चाहिए।
  • कृषि और खाद्य उत्पादन: प्रधानमंत्री ने खेत से निर्यात बाजार की ओर बढ़ने और भारत के पारंपरिक खाद्य पदार्थों, श्रीअन्न, मसालों, फलों और फूलों को वैश्विक ब्रांडों में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने रसायन मुक्त खेती और वैश्विक मानकों को पूरा करने वाले कृषि उत्पादों पर भी जोर दिया।
  • प्रौद्योगिकी और नवाचार: एआई, क्वांटम, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और डेटा केंद्रों सहित उभरते क्षेत्रों के बारे में बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को केवल दुनिया के लिए एक बाजार ही नहीं रहना चाहिए, बल्कि एक नवाचार केंद्र बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेड-इन-इंडिया 6जी को हर कोने तक पहुंचाना देश का लक्ष्य होना चाहिए।
  • गति शक्ति: प्रधानमंत्री ने शहरों, आधुनिक राजमार्गों, अंतर्देशीय जलमार्गों, हवाई अड्डों और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को जोड़ने वाली हाई-स्पीड रेल के माध्यम से निर्बाध और तेज कनेक्टिविटी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों को माल की लोडिंग और अनलोडिंग से आगे बढ़ना चाहिए और बंदरगाह-आधारित विकास और वृद्धि का इंजन बनना चाहिए।
  • रक्षा शक्ति: प्रधानमंत्री ने रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का आह्वान करते हुए कहा कि भारत को अगली पीढ़ी की रक्षा प्रौद्योगिकियों को विकसित करके वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम विकसित करने और हाइपरसोनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों में नेतृत्व करने का आह्वान किया। उन्होंने साइबर सुरक्षा को एक ऐसा क्षेत्र बताया, जहां भारतीय युवाओं की क्षमताओं का उपयोग भारत और दुनिया के लिए किया जा सकता है।
  • हरित अर्थव्यवस्था और नीली अर्थव्यवस्था: प्रधानमंत्री ने हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, हरित गतिशीलता और हरित विनिर्माण में वैश्विक स्तर हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने मत्स्य पालन, तटीय पर्यटन, महासागर प्रौद्योगिकी और नीली अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में भारत की तटरेखा द्वारा पेश किए गए अवसरों पर भी प्रकाश डाला।
  • भारत की सॉफ्ट पावर: प्रधानमंत्री ने योग, आयुर्वेद, समग्र स्वास्थ्य सेवा और भारत में रोगमुक्त होने में भारत की ताकत को दुनिया के सामने ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने हस्तशिल्प, संस्कृति, फिल्मों, वीएफएक्स, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट पर भी प्रकाश डाला, जहां भारत विश्व स्तर पर अपनी ताकत स्थापित कर सकता है। उन्होंने विदेशी पर्यटकों, वैश्विक खेल आयोजनों और संगीत कार्यक्रमों को भारत में आकर्षित करने के लिए अधिक से अधिक प्रयास करने का आह्वान किया।

3. भारत की महत्वाकांक्षाओं को व्यापक बनाएं: देश को बड़ा सोचने का आह्वान करते हुए, प्रधानमंत्री ने पूछा कि आने वाले दशक में फॉर्च्यून 500 में भारत की 50 कंपनियां क्यों नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक भारतीय बैंक को दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में शामिल होना चाहिए और एक या दो भारतीय दवा कंपनियों को दुनिया की पांच सबसे बड़ी फार्मा कंपनियों में जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने भारतीय कानून फर्मों, रेटिंग एजेंसियों, परामर्श फर्मों और लेखा फर्मों को दुनिया की अग्रणी फर्मों में उभरने का आह्वान किया, भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने और भारतीय ब्रांडों को दुनिया को आकर्षित करने वाले देश की पहचान बनने का भी आह्वान किया।

4. भारतीय गुणवत्ता को वैश्विक पहचान बनाएं: प्रधानमंत्री ने निर्माताओं, उद्यमियों और एमएसएमई से वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की विश्वसनीयता और गुणवत्ता की पहचान बनाने की जोरदार अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को लागत, गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानकों को पूरा करना चाहिए और ऐसे उत्पादों की पेशकश करनी चाहिए जो विश्व बाजारों में सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने एमएसएमई से भारत के व्यापार समझौतों से पैदा हुए अवसरों का लाभ उठाने और गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर वैश्विक मानकों को पूरा करते हुए भारतीय उत्पादों को विश्व बाजारों में ले जाने का आग्रह किया।

5. कार्य संस्कृति में बदलाव लाएं और भारत के व्यापक लक्ष्यों का मिलान करें: प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सदी की अगली तिमाही भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और देश न तो रुक सकता है और न ही अपनी गति को धीमा होने दे सकता है। उन्होंने देश की कार्य संस्कृति, सोच और काम की गति को बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि जो कार्य पिछले पांच-सात दशकों में पूरे नहीं हुए थे, उन्हें आने वाले पांच-सात वर्षों में पूरा करना होगा।

6. नशा मुक्त भारत- हर परिवार को जुड़ना चाहिए: नशीली दवाओं के दुरुपयोग को भारत के युवाओं के सामने एक बड़ी चुनौती बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि नशा मुक्त भारत को एक सामूहिक जिम्मेदारी बनना चाहिए। माई भारत स्वयंसेवकों, गैर-सरकारी संगठनों, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों और आध्यात्मिक गुरूओं को शामिल करके 100 सप्ताह के नशा मुक्त भारत अभियान की चर्चा करते हुए, उन्होंने प्रत्येक परिवार से अभियान से जुड़ने और नशा मुक्त भारत के सपने को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया।

7. महिला आरक्षण : प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से एक साथ आने की सीधी अपील की। नारी शक्ति वंदन अधिनियम की चर्चा करते हुए, उन्होंने राजनीतिक दलों से जल्द से जल्द यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिले और वे भारत की नीतियों को आकार देने में योगदान देने में सक्षम हों।

8. जनगणना में युवाओं द्वारा भागीदारी का नेतृत्व : नीतियों, योजनाओं और देश के लिए भविष्य की योजना को लेकर सटीक जानकारी की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपने परिवारों को मौजूदा जनगणना में सटीक रूप से भाग लेने में मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से अपने परिवार के साथ बैठने, फॉर्म को समझने, सही विवरण दर्ज करने और जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।

9. स्वयं से ऊपर राष्ट्र; कर्तव्य ही पहचान : पंच प्रण को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने नागरिकों से गुलामी की मानसिकता को खत्म करना जारी रखने का आह्वान किया और इस संकल्प को दोहराया कि राष्ट्र का हित स्वयं से ऊपर होना चाहिए और कर्तव्य हमारी पहचान बनना चाहिए।

10. सपनों को संकल्प में और संकल्प को सफलता में बदलें: विकसित भारत की दिशा में सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास के आह्वान के साथ समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि समय, अवसर और संकल्प भारत का है। उन्होंने नागरिकों से सपनों को संकल्प में, संकल्प को शक्ति में और शक्ति को सफलता में बदलने, हर कदम को विकास की दिशा में एक कदम बनाने, एक साथ आगे बढ़ने और सामूहिक रूप से एक विकसित भारत का निर्माण करने का आह्वान किया

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