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वृक्ष धरा का भूषण, दूर करे प्रदूषण : जिलाधिकारी

June 5, 2026

वृक्ष धरा का भूषण, दूर करे प्रदूषण : जिलाधिकारी

एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण
मथुरा, 05 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद मथुरा में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान (दुवासु) तथा कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
दुवासु परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति डॉ. अभिजित मित्र, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) वेंकट श्रीकर पटेल ने पौधरोपण किया। कुलपति ने बेल, जिलाधिकारी ने आम तथा डीएफओ ने शहतूत का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति डॉ. अभिजित मित्र ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। साथ ही विश्वविद्यालय में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि वेटनरी यूनिवर्सिटी परिसर में 384 फलदार पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद में 6 लाख 17 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए विभिन्न विभागों को लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाने के साथ-साथ उनकी देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सभी को निभानी चाहिए। युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
दुवासु के कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में भी वृक्षारोपण किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमरेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) वेद प्रिय आर्य तथा नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

विधायक रोमी साहनी ने किया शारदा नदी का औचक निरीक्षण

कार्य बंद मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार

पलिया कलां खीरी:मानसून की दस्तक से पहले पलिया विधानसभा क्षेत्र को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए स्थानीय विधायक रोमी साहनी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गए हैं।विधायक रोमी साहनी ने शारदा नदी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरी तरह बंद पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
पलिया क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगभग 2.50 करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके बावजूद विभागीय लापरवाही के कारण मौके पर काम बंद पड़ा मिला। विधायक ने इसे जनहित के खिलाफ एक गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि काम को तुरंत शुरू कर समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि कार्य जल्द शुरू नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता विधायक

निरीक्षण के दौरान विधायक रोमी साहनी ने कहा मानसून बिल्कुल नजदीक है ऐसे में इतने महत्वपूर्ण कार्य का बंद रहना बेहद चिंताजनक है। क्षेत्र की जनता को बाढ़ के खतरे से बचाना और उन्हें राहत दिलाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई, लापरवाही या उदासीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”इस दौरान विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे कागजी खानापूर्ति छोड़ धरातल पर काम दिखाएं ताकि ग्रामीणों को आने वाली बरसात में बाढ़ की समस्या से न जूझना पड़े।

भू माफियाओं के चंगुल में सती माता आश्रम और पूजित कुआं

मुख्यमंत्री से गुहार के बाद एसडीएम मोहम्मदी ने दिए जांच के आदेश

लखीमपुर खीरी।जिले की मोहम्मदी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम जमुका से भू-माफियाओं द्वारा धार्मिक और पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने सीधे सूबे के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मोहम्मदी ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए जांच और कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।​ग्राम जमुका (परगना पसगंवा, तहसील मोहम्मदी के निवासी देवेश कुमार मिश्रा पुत्र रमेशचन्द्र ने मुख्यमंत्री को की गई ऑनलाइन शिकायत 40015326027546 भेजे प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पूर्वजों (नानी स्वर्गीय विद्यावती) के नाम दर्ज भूमिधरी में से कटौती करके गाटा संख्या 157 रकबा 00.08 हे. तथा 153 रकबा 00.16 हे. क्रमशः सती माता आश्रम जोकि देवेश मिश्रा के नाना के खानदान की ही लड़की हैं तथा एक पवित्र पूजित कुएं धर्मस्थलों के नाम पर दर्ज करवा दिया गया था। किन्तु उक्त दोनों स्थानों पर गांव के ही कुछ रसूखदार भू माफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। जोकि संख्याबल में अधिक होने के कारण हावी रहते हैं।​इतना ही नहीं, दबंगों ने मंदिर और कुएं की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते को भी दीवार खड़ी करके बंद कर दिया है, जिससे वहां आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।​आंधी में गिरे नीम के पेड़ से बनेगी बाउंड्रीवॉल,​पीड़ित देवेश मिश्रा ने बताया कि परिसर में नीम का एक बहुत पुराना पेड़ खड़ा था, जो हाल ही में आई तेज आंधी के कारण गिर गया है। वह इस गिरे हुए पेड़ की बिक्री कर उससे मिलने वाले पैसों से पूरे धार्मिक स्थल की बाउंड्रीवॉल (चारदीवारी) करवाना चाहते हैं, ताकि भविष्य में कोई भी दोबारा इस पवित्र स्थान पर अवैध कब्जा न कर सके।​प्रशासन की सख्त कार्रवाई: एसडीएम ने संबंधित विभाग को सौंपी जांच ​मामला प्रशासनिक गलियारों में गूंजने के बाद उपजिलाधिकारी मोहम्मदी ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया है।​एसडीएम मोहम्मदी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच क्षेत्र के कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) को सौंप दी गई है। राजस्व टीम को मौके पर जाकर पैमाइश (नाप) करने के निर्देश दिए गए हैं। जैसे ही नाप की प्रक्रिया पूरी होगी, मंदिर और कुएं की जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसके साथ ही, परिसर में गिरे हुए नीम के पेड़ की नियमानुसार बिक्री करा दी जाएगी ताकि प्राप्त धनराशि का सही उपयोग हो सके।​प्रशासन की इस त्वरित सक्रियता के बाद अब ग्रामीणों और पीड़ित परिवार को उम्मीद जगी है कि जल्द ही सती माता आश्रम भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त होगा और श्रद्धालुओं के लिए बंद रास्ता दोबारा खोला जाएगा।

Lakhimpur Kheri: महज 3 फीट जमीन के विवाद में 8 वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या

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Posted on 05.06.2026 Time 05.47 PM

बचाने आई मां पर भी चाकू से ताबड़तोड़ हमला, चचेरे भाइयों पर आरोप

निघासन खीरी 05 जून 2026, ।ऊत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिला अंतर्गत निघासन कोतवाली क्षेत्र के तारानगर गांव में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां महज चंद फीट जमीन की रंजिश के चलते दो सगे संबंधियों (चचेरे देवर) ने घर में घुसकर चारपाई पर सो रहे 8 साल के मासूम बच्चे की चाकू से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस दौरान जब मां ने अपने कलेजे के टुकड़े को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन पर भी चाकू से जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और गांव में भारी दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, तारानगर निवासी रामप्रसाद का मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता है, जिसके कारण परिवार पहले से ही काफी तंगहाली और मुश्किलों का सामना कर रहा था। गुरुवार रात रामप्रसाद की पत्नी ज्ञानवती (ज्ञान देवी) अपने 8 वर्षीय पुत्र रवि कुमार के साथ छप्परनुमा घर में मच्छरदानी लगाकर सो रही थीं।रात करीब 1:45 से 2:00 बजे के बीच आहट होने पर ज्ञानवती की आंख खुली। उन्होंने देखा कि उनके पति के चचेरे भाई सियाराम और हरेराम चारपाई के पास खड़े हैं। इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती या शोर मचाती, आरोपी सियाराम ने ज्ञानवती को दबोच लिया। इसी दौरान दूसरे आरोपी हरेराम ने मच्छरदानी के भीतर सो रहे मासूम रवि की गर्दन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।

बेटे को बचाने तड़पी मां, खुद भी हुईं घायल

आंखों के सामने तड़प रहे बेटे को बचाने के लिए जब मां ज्ञानवती ने पूरी ताकत से विरोध किया और हमलावरों से भिड़ गईं, तो आरोपियों ने उन पर भी रहम नहीं खाया। हमलावरों ने महिला की गर्दन और दाहिने हाथ पर चाकू से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
ज्ञानवती के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। खून से लथपथ मां-बेटे को आनन-फानन में एम्बुलेंस की मदद से निघासन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया जा रहा था, लेकिन घाव गहरे होने के कारण मासूम रवि ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सीएचसी के डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल मां ज्ञानवती का इलाज अस्पताल में जारी है।

डेढ़ से तीन फीट जमीन का था पुराना विवाद

घटना की सूचना मिलते ही निघासन कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच काफी समय से महज डेढ़ से तीन फीट जमीन के छोटे से हिस्से को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।

मुकदमा दर्ज, आरोपियों की तलाश में जुटीं पुलिस टीमें

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया है। निघासन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (कोतवाल) अवध राज सिंह सेंगर ने बताया कि मृत बालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर नामजद आरोपियों (सियाराम और हरेराम) के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे तारानगर गांव में शोक, मातम और गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

राष्ट्र के लिए समर्पित व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला है संघ शिविर :निंबाराम

मूसलाधार वर्षा के बीच संघ शिक्षा वर्ग का समापन

प्रकट समारोह में दिखा अद्भुत उत्साह, हुआ समरसता भोज

उदयपुर 04 जून 2926, । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (महाविद्यालय विद्यार्थी, चित्तौड़ प्रान्त) का समापन समारोह विद्या निकेतन विद्यालय, फतहनगर में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूज्या आई मां कंकू केसर ने की।

समारोह में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग केवल प्रशिक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए समर्पित व्यक्तित्वों के निर्माण की कार्यशाला है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए चरित्रवान, अनुशासित एवं संगठित व्यक्तियों की आवश्यकता है और संघ इसी दिशा में सतत कार्य कर रहा है।

उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में संघ के प्रसिद्ध गीत “आंधी मिले, तूफान मिले, चाहे जितने व्यवधान मिले” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वयंसेवकों का जीवन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए भी अपने ध्येय के प्रति अडिग रहने का प्रतीक है। आज समापन समारोह में हो रही तेज वर्षा के बीच स्वयंसेवकों एवं समाजजनों की उपस्थिति इस गीत की भावना को साकार करती हुई दिखाई दी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रकार्य में आने वाली कठिनाइयाँ स्वयंसेवकों के उत्साह को कम नहीं कर सकतीं, बल्कि उन्हें और अधिक दृढ़ बनाती हैं। भारत की शक्ति उसकी सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं पारिवारिक मूल्यों में निहित है। संघ का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए एक संगठित, सक्षम एवं आत्मविश्वासी राष्ट्र का निर्माण करना है। वर्ग में प्राप्त संस्कारों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उतारना ही प्रशिक्षण की वास्तविक सार्थकता है।

निंबाराम ने मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा का स्मरण करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और अदम्य साहस का प्रेरक आदर्श है। इस वर्ष हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, जो सम्पूर्ण राष्ट्र और विशेष रूप से मेवाड़ के लिए गौरव का विषय है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मेवाड़ में एक विशाल एवं भव्य कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उन्होंने उपस्थित सभी स्वयंसेवकों, अभिभावकों एवं समाजजनों से इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

अध्यक्षीय उद्बोधन पूज्या आई मां कंकू केसर ने कहा कि राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करने वाले युवाओं का निर्माण ही किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने स्वयंसेवकों को सदैव सेवा, संस्कार और समर्पण के मार्ग पर अग्रसर रहने का आशीर्वाद प्रदान किया तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।

*स्वयंसेवकों की एकरूपता, अनुशासन का जन मानस पर पड़ा*
कार्यक्रम मे वर्गार्थियों ने दंड, योग, समता, नियुद्ध, व्यायाम योग तथा अन्य शारीरिक कार्यक्रमों का प्रभावी प्रदर्शन किया। स्वयंसेवकों की एकरूपता, अनुशासन, दक्षता एवं आत्मविश्वास ने उपस्थित नागरिकों को अत्यंत प्रभावित किया। वर्ग के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण की झलक इन प्रस्तुतियों में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

*तेज बारिश के बीच स्वयंसेवकों ने किया प्रदर्शन*
समापन समारोह के दौरान हुई मूसलाधार वर्षा भी स्वयंसेवकों एवं समाजजनों के उत्साह को डिगा नहीं सकी। तेज बारिश के बावजूद सभी स्वयंसेवक पूरे अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे तथा बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों ने भी अंत तक कार्यक्रम में सहभागिता निभाकर राष्ट्रकार्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

*स्वावलंबन एवं पर्यावरण अनुकूल दिनचर्या*
शिक्षार्थियों ने स्वावलंबन एवं सामूहिकता की भावना के साथ निवास, भोजन, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं का संचालन स्वयं करते हुए आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। वर्ग में सिंगल यूज प्लास्टिक का निषेध रहा और जल संरक्षण आधारित दिनचर्या रही। शिक्षार्थी तय सत्र में 05 मिनट पहले पहुंचने का स्वभाव रहा।

*संविधान व पाथेय कण प्रदर्शनी*
संविधान के चित्रों एवं संबंधित अध्यायों के साथ संदेश देती संविधान की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही पिछले 30 वर्षों के पाथेय कण विशेषांक को स्वाध्याय के लिए शिक्षार्थियों को उपलब्ध करवाये गये।

*98 शिक्षार्थी, 25 शिक्षक, 29 प्रबंधक*
फतहनगर में 17 मई दोपहर से प्रारंभ होकर 15 दिवसीय यह वर्ग 2 जून प्रातः दीक्षांत समारोह के पश्चात पूर्ण हुआ। इस वर्ग में चित्तौड़ प्रांत के 15 प्रशासनिक एवं संघ दृष्टि से 27 जिलों के 83 स्थानों से 98 शिक्षार्थी देश सेवा की साधना को तीव्र करने के लिए उपस्थित हुए हैं। सभी 98 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया। इन शिक्षार्थियों में 17 वर्ष से 28 वर्ष की आयु वर्ग के महाविद्यालयीन विद्यार्थी के प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित हैं। संघ कार्य की दृष्टि से इनमें 44 कार्यकर्ता शाखा स्तर तथा 54 स्वयंसेवक प्रवासी कार्यकर्ता के रूप में अपने अपने क्षेत्र में कार्यरत है। इन शिक्षार्थियों के सुचारू एवं सघन प्रशिक्षण हेतु अपने अपने विषय में 25 निपुण शिक्षक तथा इनकी सभी सामान्य आवश्यकताओं के व्यवस्थित प्रबंधन के लिए 29 प्रबंधक दिन रात लगे हुए थे।

*वर्गाधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन* वर्गाधिकारी ने प्रतिवेदन मे बताया कि 15 दिवसीय इस शिक्षा वर्ग में विभिन्न नगरों एवं ग्रामों से आए स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। वर्ग के दौरान शारीरिक प्रशिक्षण, बौद्धिक सत्र, योग, गीत, समूह चर्चा, सेवा गतिविधियाँ, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रीय विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। संघ शिक्षा वर्ग फतहनगर नगर में स्थित विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ।

सांस्कृतिक गौरव की रक्षा हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प
समापन अवसर पर स्वयंसेवकों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सांस्कृतिक गौरव की रक्षा हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। संघ प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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