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अमित शाह ने NAFED के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया

June 23, 2026

अमित शाह ने NAFED के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया

देश की एकता-अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को बलिदान दिवस पर शत्-शत् नमन

2014 में बंद होने के कगार पर खड़ा NAFED आज मोदी सरकार में ₹500 करोड़ के मुनाफे के साथ 74 लाख किसानों की सेवा कर रहा

बिचौलिए होंगे खत्म, किसान के पसीने की कमाई 48 घंटे में सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेगी

अगले 2 वर्षों में दलहन का एक-एक दाना सीधे किसानों से खरीदेगा NCCF और NAFED

किसानों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर के लिए NAFED की छात्रवृत्ति शुरू, मुनाफे का एक हिस्सा किसान परिवारों को दी जाएगी

Posted Date:- Jun 23, 2026

New Delhi, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी और NAFED के अध्यक्ष जेठाभाई अहीर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि NAFED ने आज चार प्रमुख पहलों की शुरुआत की है, जिसमें NAFEX.in, दृष्टि, ईआरपी और NAFED कल्याण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि NAFEX.in सहित अन्य पहलें काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वर्ष 2014 में NAFED बंद होने की कगार पर था, लेकिन आज इन प्रयासों के कारण NAFED 30,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर और 500 करोड़ रुपये के मुनाफे के साथ देश के 74 लाख से अधिक किसानों की सेवा कर रहा है। श्री शाह ने कहा कि जब NAFED गहरे आर्थिक संकट में था, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने इसे पूरी पारदर्शिता के साथ चलाने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आर्थिक सहायता प्रदान कर NAFED को एक बार फिर मजबूती से खड़ा कर दिया है।

श्री शाह ने कहा कि आज NAFED उत्पादन और खरीद दोनों में काफी बढ़ोत्तरी कर चुका है। देश को दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए NCCF और NAFED को सीधे किसानों से दलहन का एक-एक दाना खरीदने की दिशा में और भी तेजी से आगे बढ़ना है। इससे किसानों को उचित और लाभकारी मूल्य मिलेगा, तो दलहन की खेती का रकबा अपने आप बढ़ेगा और देश दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में हमने दलहन, मक्का तथा अन्य उत्पादों की सीधी खरीद के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है। अब इस इंफ्रास्ट्रक्चर को नीचे तक पहुंचाना है। श्री शाह ने कहा कि NAFED और NCCF को पूरी दृढ़ता और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा, तभी परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हम सुनिश्चित करेंगे कि अगले दो वर्षों के भीतर सभी किसान इन दोनों संगठनों को सीधे दलहन बेच सकें और उन्हें भुगतान भी सीधे उनके खाते में मिले।

उन्होंने कहा कि आज NAFED केवल कृषि उत्पादों की खरीद तक सीमित नहीं रहा है। विगत तीन वर्षों में NAFED ने जैविक खेती, बीज उत्पादन, खुदरा कारोबार, जैव उर्वरक निर्माण, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे क्षेत्रों में बहुत अच्छा कार्य किया है, जिससे NAFED की प्रासंगिकता भी बढ़ी है और मुनाफा भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जब सहकारिता मंत्रालय बना था, तब NAFED का टर्नओवर 20,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़ कर 30,000 करोड़ रुपये हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले दो वर्षों में यह टर्नओवर बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये के पार हो जाएगा। श्री शाह ने कहा कि NAFED का शुद्ध मुनाफा 139 करोड़ रुपये से बढ़कर 405 करोड़ रुपये हो गया है और नेटवर्थ 358 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,050 करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि NAFED आज एक मजबूत, आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर संगठन के रूप में उभरा है। अब समय है कि NAFED और NCCF पूरी पारदर्शिता के साथ दलहन तथा अन्य फसलों का एक-एक दाना सीधे किसानों से खरीदें, बिचौलियों के पूरे तंत्र को समाप्त करें और मुनाफा जिन किसानों का हक है, वह उन तक अवश्य पहुंचाएं।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि NAFED ने अपने मुनाफे का 1% किसान परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर विकास के लिए छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था किसानों के बच्चों को उच्च शिक्षा और करियर बनाने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने में सहयोग करेगी।

अपने संबोधन की शुरुआत में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री शाह ने कहा कि आज ही के दिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने ‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक प्रधान’ के सूत्र को चरितार्थ करने और देश को एकजुट रखने के लिए बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी इस राष्ट्र के बड़े नेताओं में शुमार हैं। उन्होंने जीवन में कुछ भी प्रसिद्धि के लिए नहीं किया और जो किया उसके दूरगामी परिणाम इस देश के लिए शुभ साबित हुए। श्री शाह ने कहा कि भारत के विभाजन के समय अंग्रेजों से लड़ाई लड़ कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने सुनिश्चित किया था कि पश्चिम बंगाल भारत में रहे। इसी कारण आज पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग बना हुआ है। गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया गया, जिसकी वजह से कश्मीर का राष्ट्रध्वज और संविधान अलग था। श्री शाह ने कहा कि यह संकल्पना भारत की एकता और अखंडता के लिए बहुत खतरनाक थी। तब श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने एक आंदोलन छेड़ा कि एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं रहेंगे। इसके लिए उन्होंने दिल्ली से कश्मीर तक मार्च किया और कहा कि कश्मीर भारत का हिस्सा है। कश्मीर जाने के लिए उन्होंने कोई परमिट लेने से इनकार कर दिया, जिसकी वजह से श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को गिरफ्तार कर लिया गया। कश्मीर की जेल में ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी की संहेदास्पद मृत्यु हो गई। श्री शाह ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने तत्कालीन सरकार के उद्योग मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। गृह मंत्री ने कहा कि आज श्यामा प्रसाद जी का सपना साकार हो चुका है। अनुच्छेद 370 समाप्त हो चुका है और उनकी बनाई पार्टी की सरकार गंगोत्री से लेकर बंगाल के गंगासागर तक है। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भारतीय संस्कृति के प्रखर हिमायती थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने योग के परिवर्तनकारी प्रभाव का उल्‍लेख करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

PM Narendra Modi

Posted Date:- Jun 22, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की उल्लेखनीय सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न केवल दुनिया भर में लाखों लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त करने में मदद कर रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा किया।

“चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा॥”

यह सुभाषितम् बताता है कि योग मन को पूर्णतः शांत करने का साधन है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योग की दो प्रमुख विधियाँ बताई गई हैं: मन को शांत करना और श्वास के प्रवाह को नियमित करना।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म एक्‍स पर लिखा;

“अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न केवल दुनियाभर में करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा॥”

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न केवल दुनियाभर में करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा… pic.twitter.com/RotrHvHLLI

— Narendra Modi (@narendramodi) June 22, 2026

हाथरस में कॉल सेंटरों की आड़ में ठगी का खेल?

News Posted on 23.06.2026 Tuesday, Hathras News, Neeraj Chakrapani

नामी कंपनियों के ऑफर बताकर उपभोक्ताओं को बनाया जा रहा शिकार, अवैध कॉल सेंटरों की गतिविधियों पर उठे सवाल

नीरज चक्रपाणि

हाथरस। यदि किसी अनजान नंबर से कॉल कर कोई युवती आपको महंगे मोबाइल, आकर्षक गिफ्ट या नामी कंपनियों के उत्पादों पर विशेष ऑफर देने का दावा करे तो सावधान हो जाइए। जनपद में कथित रूप से संचालित हो रहे कई कॉल सेंटरों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों से उपभोक्ताओं को बड़े-बड़े ऑफर और इनाम का लालच देकर सामान बेचा जा रहा है, जबकि कई मामलों में ग्राहकों को अपेक्षित वस्तु नहीं मिलती।जानकारों के अनुसार कॉल करने वाले पहले ग्राहकों का विश्वास जीतते हैं और फिर उन्हें विशेष ऑफर, उपहार या महंगे मोबाइल फोन मुफ्त देने का झांसा देते हैं। इसके बाद उपभोक्ता से पार्सल स्वीकार करवाकर भुगतान करा लिया जाता है। कई लोगों का आरोप है कि पार्सल खोलने पर उसमें अपेक्षा से कम गुणवत्ता वाला सामान निकलता है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनपद में कई स्थानों पर बड़ी संख्या में कॉल सेंटर संचालित होने की चर्चाएं हैं। आरोप है कि इनमें से कुछ के पास आवश्यक पंजीकरण और वैधानिक अनुमतियां भी नहीं हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

नामी ब्रांड और मुफ्त मोबाइल का लालच

शिकायतकर्ताओं के अनुसार कॉल करने वाले खुद को किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताते हैं। उपभोक्ताओं को जूते, बेल्ट, घड़ी, टी-शर्ट, चश्मा, पर्स और अन्य उत्पादों के साथ महंगा स्मार्टफोन मुफ्त देने का दावा किया जाता है। बताया जाता है कि “विशेष ऑफर” सीमित समय के लिए है, जिससे ग्राहक जल्दबाजी में निर्णय ले लेता है। उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे किसी भी ऑफर की पहले आधिकारिक वेबसाइट या कंपनी से पुष्टि करनी चाहिए।

कार्यवाही क्यों नहीं?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कथित अवैध कॉल सेंटरों को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन बड़े स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं देती। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि प्रशासन सभी कॉल सेंटरों का सत्यापन कराए और बिना अनुमति संचालित होने वाले प्रतिष्ठानों की जांच कराए। हालांकि संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।

डाकघरों के माध्यम से भेजे जाते हैं पार्सल

सूत्रों के अनुसार ऐसे कारोबार में पार्सल सेवा का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में पार्सल विभिन्न स्थानों पर भेजे जाने की बात कही जाती है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसी माध्यम से ग्राहकों तक उत्पाद पहुंचाए जाते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

इन क्षेत्रों में गतिविधियों की चर्चा

स्थानीय स्तर पर मैंडूगेट, विनोद विहार कॉलोनी, नहर के पास, चौबे वाले महादेव क्षेत्र, अनमोल वाटिका, विष्णुपुरी, गौशाला क्षेत्र, मुरसान गेट, लेबर कॉलोनी, साकेत कॉलोनी, जलेसर रोड, अशोका टॉकीज क्षेत्र तथा गांधी पार्क तिराहे के आसपास कुछ स्थानों पर कॉल सेंटर गतिविधियों की चर्चा की जा रही है। प्रशासन से मांग की गई है कि इन क्षेत्रों में सत्यापन अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।

उपभोक्ताओं के लिए सलाह

  • किसी भी अनजान कॉल पर तुरंत भरोसा न करें।
  • मुफ्त मोबाइल, कार, लैपटॉप या बड़े इनाम के दावों की स्वतंत्र पुष्टि करें।
  • पार्सल लेने से पहले उसकी शर्तें और विवरण अवश्य जानें।
  • संदिग्ध कॉल या ठगी की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।
  • किसी भी ऑफर के बदले अग्रिम भुगतान करने से बचें.

पत्रकार पर हमले के विरोध में एकजुट हुआ उपज, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

News Posted on 23.06.2026 Tuesday, Meerut, Uttar Pradesh Association of Journalists UPAJ

पत्रकार सुरक्षा को लेकर एकजुट हुए पत्रकार, दोषियों की गिरफ्तारी तक संघर्ष का ऐलान

मेरठ, 23 जून 2026 । पत्रकार कुलदीप भारद्वाज के कथित अपहरण, जानलेवा हमले, लूट एवं धमकी के मामले में मंगलवार को पत्रकार समाज एकजुट दिखाई दिया। उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के नेतृत्व में सैकड़ों पत्रकारों ने थाना हस्तिनापुर पहुंचकर फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और अवैध खनन से जुड़े तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
उपज पत्रकार संगठन के जिलाध्यक्ष अजय चौधरी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया। ज्ञापन थाना प्रभारी लाला राम शर्मा एवं नायब तहसीलदार सचिन चौधरी को सौंपा गया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि हस्तिनापुर निवासी पत्रकार कुलदीप भारद्वाज जनहित के मुद्दों, विशेषकर अवैध खनन से संबंधित मामलों को लगातार उजागर करते रहे हैं, जिसके चलते उन्हें निशाना बनाया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि 8 जून 2026 की रात कुलदीप भारद्वाज के साथ सुनियोजित आपराधिक घटना को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने उनका अपहरण कर बंधक बनाया, मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी तथा नकदी भी लूट ली। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पत्रकारों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष द्वारा भ्रामक शिकायतें और दुष्प्रचार कर पीड़ित पत्रकार की सामाजिक एवं पेशेवर छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित पत्रकार और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
उपज पत्रकार संगठन के जिलाध्यक्ष अजय चौधरी ने कहा कि यदि जनहित के मुद्दों को उठाने वाले पत्रकारों पर हमले होते रहे और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला माना जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर बड़े आंदोलन का भी निर्णय लिया जाएगा।
इस दौरान थाना प्रभारी लाला राम शर्मा ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि मामले में फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। वहीं नायब तहसीलदार सचिन चौधरी ने अवैध खनन से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री दीपक वर्मा, राजन सोनकर, ग्रामीण आंचलिक पत्रकार एसोसिएशन के रजनीश विश्वकर्मा, प्रवेश, अजय ठाकुर, उपज सरकार संगठन से मदनपाल गौतम, खालिद इकबाल, अनीश खान, फरमान खान, नीरज तोमर, राजदीप त्यागी, सलीम सैफी, आरिफ कुरैशी, रविश, सचिन कश्यप, रितेंद्र, संचित अरोड़ा, इसरार अंसारी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

लापरवाही की आग

Editorial 22.06.2026 MONDAY  by Sarvesh Kumar Singh Editor, UP Web News 

सम्पादकीय/सर्वेश कुमार सिंह 

लखनऊ में भयावह अग्निकांड हुआ है। सोमवार की अपरान्ह एक घण्टे के भीतर दावानल बने एनिमेशन कोचिंग सेंटर में 15 छात्र छात्राओं की असमय मृत्यु हो गई। किसी को बचने और निकलने का रास्ता नहीं मिला। फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची। बिल्डिंग में आपातकाली बचाव के कोई उपाय नहीं थे। अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं था। मानक विपरीत बनी बिल्डिंग में चल रही थीं व्यवसायिक गतिविधियां। ये सब ऐसे कारण हैं जो 15 बच्चों के लिए काल बन गए। आग की सूचना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में कार्यक्रम निरस्त करके लखनऊ दौडे चले आये। रक्षामंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह तत्काल सभी कार्यक्रम छोड़ कर दिल्ली से लखनऊ रात में ही आ गए। लेकिन, ये जब पहुंचे तो सिर्फ इनके पास शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। कर भी क्या सकते थे, 15 जीवन तो वापस नहीं ला सकते। वे तो अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ चुके थे। राजधानी के 15 परिवारों की खुशियां, उनके सपने टूट गए। परिवार बिखऱ गए, उनके होनहार असमय ही भविष्य की सीडिय़ां चढ़ते हुए टूट गए, काल के गाल में समा गए।

राजधानी के जिस अलीगंज इलाके के पुरनिया चौराहे के पास यह अग्निकांड हुआ,वह व्यस्ततम क्षेत्र है। यहां आबादी के बीच ही मार्केट स्थापित है। बगैर किसी मानक के सैकड़ों दुकानें, आफिस, शोरूम और कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। किसी के पास कोई वैध प्रमाण पत्र नहीं हैं। आवासीय भवनों और आवासीय भूखण्डों पर व्यवसायिक गतिविधियां चलती हैं, व्यवसायिक काम्पलेक्स बन गए हैं। लापरवाही की हालत यह है कि आवासीय भवनों में बिजली विभाग ने व्यवसायिक कनेक्शन दे दिये हैं। जिस एनीमेशन सेंटर के कोचिंग में आग लगी है। उसके नीचे पेट शाप है। गोदाम है, पहली मंजिल पर कोचिंग और दूसरी पर लायब्रेरी है। लेकिन, फायर विभाग ने कभी भी यहां आकर सत्यापन की कोशिश नहीं की थी। अगर की होती तो आज 15 घरों में अंधेरा न होता।

दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में लगी आग में एक महीना पहले ही 21 लोगों की मृत्यु हुई। इससे सबक लेने के की कोई कोशिश नहीं हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिये थे, लेकिन विभाग की नींद नहीं टूटी और 15 बच्चे कभी न टूटने वाली नींद में सो गए। लापरवाही कई स्तर पर हुई है। सरकारी विभागों से लेकर निजी स्तर तक। जहां सरकारी विभागों की सतर्कता की जिम्मेदारी है वहीं निजी संस्थान, दुकान, काम्पलेक्स के स्वामियों की भी जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षा मानक पूरे करें। तकनीक का इस्तेमाल करें लेकिन, उसके खतरों से भी आगाह रहें। उसके उपायों पर भी विचार करके समाधान खोज कर रखें। इस अग्निकांड में एक बात महत्वपूर्ण सामने आयी है वह यह कि जब आग लगी तो एनिमेशन सेंटर के बायोमेट्रिक से खुलने वाले दरवाजे आग के बाद स्वतः सील हो गए। इससे बच्चे बाहर नहीं निकल सके। इसके साथ ही कोचिंग चलाने वालों ने छत की तरफ जाने वाला दरवाजा भी लाक किया हुआ था। इससे छात्र छात्राएं छत की तरफ नहीं भाग सके, ताकि उन्हें सांस मिल सकती। ऐसी स्थिति में वे कमरे में ही लाक हो गए, कुछ छात्र बाथरूम में घुस गए। लेकिन आग और उसके धुंये ने 15 बच्चों की सांसें रोक दीं। कुछ बच्चों ने कोशिश करके बिडों के शीशे तोड़ लिये और वे साहस करके दूसरी मंजिल से नीचे कूद गए। इससे उन्हें चोटें लगीं, कई को गंभीर चोट लगी। फ्रेक्चर हुए लेकिन कुछ बच्चों की जान बच गई. ऐसे नौ छात्र ट्रामा सेंटर में भर्ती कराये गए। घटना स्थल का दृश्य इतना भयावह था कि उसे देखकर कोई भी संयत नहीं रह सका, सबकी आंखों में आंसू थे। अभिभावकों की चीख पुकारें और विलाप ने अत्यधिक कष्टकारी दृश्य उत्पन्न किया। अब सरकार ने चार अधिकारियों को निलंबित किया है। कुछ दोषियों की गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन यह सरकारी कार्रवाई है जो होनी है , लेकिन वे जानें नहीं लौट सकतीं जो भविष्य की कल्पना संजो के इस कोचिंग सेंटर पर आयी थीं। सरकार प्रशासन और समाज सजग हो जाए और भविष्य के लिए कोई ऐसी व्यवस्था बना ले कि फिर किसी निर्दोष की जान न जाए।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

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