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शिक्षा एवं अनुशासन के बल पर मेधावियों की पहली पसंद बना आनंद भवन कॉलेज

May 4, 2026

शिक्षा एवं अनुशासन के बल पर मेधावियों की पहली पसंद बना आनंद भवन कॉलेज


हर वर्ष टॉपर बनते हैं आनंद भवन स्कूल के विद्यार्थी
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी। बीते 10-15 वर्षो में शहर मे कई नामी-गिरामी स्कूल व कालेज तमाम सुसज्जित संसाधनो के साथ खुले जिसमे एलपीएस,जयपुरिया,सीएमएस, सैनिक आदि किन्तु पढाई व अनुशासन के मामले मे कोई स्कूल देवारोड स्थित आनंद भवन स्कूल का मुकाबला नही कर सका।
जनपद में शिक्षा की नींव को मजबूती देने वाला क्रिश्चियन मिशनरी द्वारा संचालित आनंद भवन इंटर कालेज जिले मे ही नहीं बल्कि आसपास के जनपदों में भी जाना जाता है जो किसी पहचान का मोहताज नहीं है ।


1986 में क्रिश्चियन मिशनरी ने अपने स्कूल आनंद भवन की स्थापना की स्थापना के बाद से आज तक शिक्षा व अनुशासन के मामले में अंगद की पैर की तरह जमा हुआ है। हाई स्कूल इंटरमीडिएट की मैरिड सूची में इस कॉलेज के छात्र- छात्राओं का नाम आना किसी को आश्चर्यचकित नहीं करता है क्योंकि यह परंपरा बन गई है। 34 वर्षों का आनंद भवन स्कूल का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है कॉलेज प्रबंधन बदलते परिवेश में मैं भी नई सुविधाओं के साथ-साथ छात्र- छात्राओ शिक्षण एवं अनुशासन को महत्व देकर निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है।


आनंद भवन कॉलेज की प्रिंसिपल सिस्टर अर्चना थॉमस बताती है कि कॉलेज में अनुशासन और शिक्षकों का बच्चों के प्रति जुड़ाव हमें बेहतर बनाता है। कॉलेज प्रबंधन का प्रयास रहता है की सर्वप्रथम शिक्षा व अनुशासन महत्वपूर्ण है, उसी के बाद सुविधाजनक सुविधाएं की आवश्यकता होती है।

कंपनी गैस एजेंसीयो का अजब गजब खेल, बुकिंग के बाद भी हफ्तों नहीं पहुंच पा रही गैस

जिलाधिकारी के आदेशों का नहीं हो पा रहा अनुपालन
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी। एक और सरकार और प्रशासन आम जनता को भरोसा दिला रही है कि घरेलू गैस के लिए गैस एजेंसी में भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है,समय पर ऑनलाइन बुकिंग कीजिए 4 दिन में घर गैस पहुंचेगी। यह सारे दावे उसे समय धराशाई हो जाते हैं जब बुकिंग करने के बाद भी गैस हफ्तो नहीं पहुंचती। लोग परेशान होकर गैस एजेंसी पहुंचकर पर्ची कटवाने को मजबूर है। इस संबंध में एजेंसी वालों का कहना है कि जब लोड प्राप्त होगा तभी गैस का वितरण संभव है।
यही नहीं कंपनी एवं गैस एजेंसीया आम उपभोक्ताओं के साथ दूसरा खेल भी खेल रही है शहरी क्षेत्र में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन पर ही बुकिंग की सुविधा है। किन्तु यहां भी खेल है जो उपभोक्ता 25 दिन या 45 दिन तक अपनी बुकिंग करता है और उसे 10 दिन के बाद गैस प्राप्त होती है जिस दिन डिलीवरी का मैसेज प्राप्त होता है उसी दिन से अगले 25 व 45 दिन की गणना होती है। बुक बुकिंग के दिन से गणना न होने के कारण शहरी लोगों को 30 से 35 दिन में तथा ग्रामीण क्षेत्र की जनता को 50 से 55 दिन पर गैस उपलब्ध हो पा रही है।
अब समस्या यह है कि जिस उपभोक्ता के परिवार में 6 से 7 लोग हैं, उसके घर एक सिलेंडर 20 से 25 दिन ही चलता है। सबसे अधिक समस्या ग्रामीण क्षेत्र की जनता को हो रही है क्योंकि अब किसी के घर चूल्हा अंगीठी की व्यवस्था नहीं रह गई है।
बंकी के उपभोक्ता उपभोक्ता सुरेश मौर्य, अशोक मौर्य ,अर्चना श्रीवास्तव, पंकज सैनी, नरेश जायसवाल, सतीश जायसवाल, मास्टर आफाक ,नगर उपभोक्ता विजय वर्मा, किरण वर्मा, पूनम सिंह आदि लोगों ने मोदी सरकार से मांग की है की सभी उपभोक्ताओं को एक जैसी सुविधाएं प्रदान की जाए । क्योंकि खाना हर घर पर बनता है, हर घर को गैस की जरूरत होती है, तो उसमें ग्रामीण व शहरी का पक्षपात क्यों? तथा
बुकिंग के बाद हर हाल में उपभोक्ता को तीसरे दिन गैस उपलब्ध कराई जाए।
नगर व ग्रामीण क्षेत्र की एजेंसीयो पर बुकिंग की पेंडिंग की काफी लंबी फेहरिस्त है। इन लोगों का कहना है कि जब लोड ही समय पर नहीं मिलेगा तो होम डिलीवरी कैसे संभव है।

जन्मदिवस पर उमडा जन सैलाब , गोप के वर्चस्व को और मजबूत कर गया

2027 विधानसभा चुनाव में अरविंद सिंह गोप की होगी अहम भूमिका

Dileep Shrivastava Journalist
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी। जिस जोश,उत्साह व भव्यता के साथ जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप का जन्म दिवस सपाईयों द्वारा जश्न व उत्सव के रूप मे मनाया गया । उससे स्पष्ट संदेश जाता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव मे गोप की अहम व महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस कार्यक्रम को राजनीतिक पंडित शक्ति प्रदर्शन भी बताते हैं।
इसमें कोई शक नहीं कि जनपद में गोप जैसा लोकप्रिय, जनप्रिय एवं कुशल दोस्तों शुभचिन्तको के हर दुख सुख में खडा रहने वाला गोप जैसा कोई अन्य नेता नहीं है।
करीब तीन माह पूर्व पूर्व एमएलसी राजेश यादव द्वारा खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया जिसमें जनता के साथ ही प्रदेश के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया गया था। तथा खिचड़ी भोज के सहारे अपनी शक्ति प्रदेश नेतृत्व को दिखाने का प्रयास किया गया था।यह शक्ति प्रदर्शन बाराबंकी सदर सीट के टिकट के लिए बताया जाता है। राजनीतिक पंडितों का यह भी कहना है की राजेश यादव के भले सपा प्रमुख अखिलेश यादव से अच्छे संबंध हो किंतु वर्तमान तीन बार के विधायक सुरेश यादव का टिकट काटना सपा के लिए आसान नहीं होगा। बाकी राजनीति मे कुछ भी असंभव नहीं है।
जिले की सपा में क्या खिचड़ी पक रही है यह तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ही जाने किंतु जनपद में अरविंद सिंह गोप का जलवा बरकरार है तथा आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में उनकी अहम भूमिका होगी। जिले में विकास पुरुष स्वर्गीय बेनी प्रसाद वर्मा के निधन के बाद अरविंद सिंह गोप जिले मे सपा के सर्वमान्य नेता माने जाते हैं।
समाजवादी पार्टी में गोप का वर्चस्व व जलवा इसलिए भी कायम है कि तमाम दिक्कतों व समस्याओं के बाद भी कई राजनीतिक दलों के कुर्सी व पद के ऑफर के बाद भी उन्होंने सपा का दामन नहीं छोड़ा। उनका यह कहना कि जब तक जान है तब तक वह अखिलेश यादव के साथ है वह कभी भी अखिलेश यादव का साथ नहीं छोड़ेंगे यही उनकी पहचान है।

May 3, 2026

राजेंद्र पेसीया मुरादाबाद के नए डीएम, अनुज सिंह का लखनऊ तबादला

मुरादाबाद, 03 मई 26, शासन ने दी रात आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। तबादला सूची के अनुसार सम्भल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेशिया को मुरादाबाद का चार्ज दिया गया है, जबकि मुरादाबाद के जिलाधिकार अनुज कुमार सिंह को मुख्य मंत्री का विशेष सचिव बनाया गया है।

नगर आयुक्त आगरा अंकित खंडेलवाल को सम्भल का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।

 

बायोलाँजी आसान, फिजिक्स-केमिस्ट्री ने लीं असली परीक्षा

-परिणाम पर टिकीं परीक्षार्थियों की निगाह
Post on 3.5.26
Sunday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद। उप्र समाचार सेवा।
रविवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से
आयोजित NEET-26 परीक्षा सफलतापूर्वक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई है।
परीक्षा देकर निकले छात्र छात्राओं अपने अनुभव भी साझा किए।कहा कि नीट परीक्षा में फिजिक्स-केमिस्ट्री के सवालों ने उलझाया पर बायो लॉजी ने जरुर राहत मिली। परीक्षार्थियों का कहना था कि बाँयोलाजी का पिछ्ले सवालों के पेटर्न के आधार पर रहा। इसमें छात्र छात्राओं की रैंकिंग बढ़ाने वाला होगा।
नीट परीक्षा देकर बाहर आए परीक्षार्थी बताते हैं कि पेपर कुल मिलाकर अच्छा रहा।
बायोलॉजी का पेपर बेहद आसान रहा। इससे समय बचाने में मदद मिलीं।पर फिजिक्स व केमिस्ट्री के सवालों ने पसीने छुड़ाए। खासकर केमिस्ट्री के सवाल ज्यादा कठिन रहे। वे काफी ट्रिकी और कैलकुलेशन पर आधारित थे।
छात्रा सुरभि ने अनुभव साझा किया। बताया कि उनकी तैयारी बढ़िया थी। पेपर भी इसी के उम्मीदों के अनुरूप ही रहा।
एक अन्य छात्र का कहना हैकि
शुरुआत में कुछ सवाल कठिन लगे पर बाद में हल हो गए।
हालांकि ज्यादातर छात्रों का कहना था कि पेपर को संतुलित था। अलबत्ता कुछ सवाल कठिन और उलझाऊ थे।पर यदि किसी ने सिलेबस गहराई से पढ़ा है तो पेपर ज्यादा संतुलित रहा। हालांकि इस बार भी नीट परीक्षा में बायोलॉजी ‘स्कोरिंग’ रहीं। हालांकि अब अभ्यर्थियों को अधिकारिक आंसरशीट व नतीजों का बेसब्री से इंतजार है। परिणाम उनके करियर की दिशा तय भी करेंगे।

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