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UP Cabinet: बनेगा समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग

May 18, 2026

UP Cabinet: बनेगा समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग

Neta Ji Subhash Chandra Bose

Posted on 18.05.2026 Time 04.20 PM, Lucknow, Cabinet Meeting

लखनऊ, 18 मई 2026 उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण, मेट्रो परियोजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन फैसलों का असर प्रदेश के ग्रामीण निकायों, शहरी परिवहन व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं पर व्यापक रूप से पड़ेगा।

पंचायतों में OBC आरक्षण के लिए समर्पित आयोग का गठन

प्रदेश सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत निकायों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की प्रक्रिया को लेकर “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” गठित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में लिया गया है।

सरकार के अनुसार आयोग ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्गों की सामाजिक एवं जनसंख्या आधारित स्थिति का समकालीन अध्ययन करेगा। इसके आधार पर पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को आनुपातिक आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रदेश में पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 243-घ तथा उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 के तहत लागू है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण कुल सीटों के 27 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि पिछड़े वर्गों की जनसंख्या के सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं होंगे तो नियमानुसार सर्वेक्षण कर जनसंख्या निर्धारित की जाएगी। आयोग की रिपोर्ट भविष्य में पंचायत चुनावों में आरक्षण तय करने का आधार बनेगी।

लखनऊ मेट्रो फेज-1बी को आगे बढ़ाने की तैयारी

प्रदेश सरकार ने लखनऊ मेट्रो परियोजना फेज-1बी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (चारबाग से वसंतकुंज) के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच त्रिपक्षीय एमओयू (MoU) के निष्पादन को मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस परियोजना के डीपीआर को 5 मार्च 2024 को मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति दी गई थी। बाद में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार ने 3 सितंबर 2025 को 5801.05 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली परियोजना को मंजूरी प्रदान की।

केंद्र सरकार की शर्तों के अनुसार अब परियोजना के लिए त्रिपक्षीय एमओयू किया जाएगा। इस कॉरिडोर के बनने से चारबाग से वसंतकुंज तक यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही राजधानी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

आगरा मेट्रो को निःशुल्क जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव

आगरा मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 (आगरा कैंट से कालिंदी विहार) के तहत मेट्रो स्टेशन और वायडक्ट निर्माण के लिए सरकार ने 550 वर्गमीटर भूमि उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को निःशुल्क हस्तांतरित करने का प्रस्ताव रखा है।

यह भूमि आगरा सदर तहसील के मौजा चक अव्वल स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय परिसर की पार्क भूमि से दी जाएगी। जिलाधिकारी आगरा द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।

सरकार के मुताबिक यह भूमि प्रभावी जिलाधिकारी सर्किल दर पर छूट प्रदान करते हुए विशेष परिस्थितियों में निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। हालांकि स्पष्ट किया गया है कि इसे भविष्य में उदाहरण के रूप में नहीं माना जाएगा।

RMLIMS में बनेगा 1010 बेड का अत्याधुनिक इमरजेंसी सेंटर

राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के शहीद पथ स्थित नए परिसर में 1010 बेड का मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर अस्पताल, नया ओपीडी ब्लॉक और आधुनिक टीचिंग ब्लॉक बनाया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 855.04 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। परियोजना के तहत 1010 बेड वाले अस्पताल के साथ 200 सीट क्षमता वाला नया शिक्षण ब्लॉक भी तैयार किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और मेडिकल छात्रों को आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध होगा। अस्पताल के विस्तार से प्रदेश भर के मरीजों को बेहतर इलाज का लाभ मिलेगा।

प्रदेश में विकास और आरक्षण दोनों पर सरकार का फोकस

सरकार के इन फैसलों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि एक ओर पंचायत चुनावों से पहले पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर कानूनी प्रक्रिया मजबूत की जा रही है, वहीं दूसरी ओर शहरी परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।