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हाई स्कूल में हर्षित चौहान और इण्टर में छात्रा मानसी बने जिले के टापर

April 24, 2026

हाई स्कूल में हर्षित चौहान और इण्टर में छात्रा मानसी बने जिले के टापर

मैनपुरी , जनपद में हाई स्कूल परीक्षा परिणाम में हर्षित चौहान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। हर्षित ने कुल 600 में से 576 अंक प्राप्त कर 96 प्रतिशत अंक हासिल किए और जिले का नाम रोशन किया।एलाऊ थाना क्षेत्र के पर्वतपुर गांव निवासी हर्षित चौहान साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता खेती के साथ-साथ प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद हर्षित ने कड़ी मेहनत और लगन से यह सफलता प्राप्त की।
हर्षित चौहान पंडित शिवकुमार स्मृति इंटर कॉलेज के छात्र हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। वहीं विद्यालय के प्रिंसिपल और शिक्षक भी हर्षित के घर पहुंचकर उन्हें बधाई देने पहुंचे। हर्षित की सफलता में परिवार और स्कूल प्रशासन का बड़ा योगदान रहा है। खास बात यह रही कि गणित विषय में हर्षित ने 100 में से पूरे 100 अंक प्राप्त किए, जिससे उनकी मेधा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हर्षित की मां ने कहा कि उनके बेटे की यह कामयाबी किसी सपने से कम नहीं है। हर्षित की सफलता की खबर सुनकर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। वही इंटरमीडिएट में छात्रा मानसी गंगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में टॉप किया है। मानसी ने कुल 500 में से 458 अंक हासिल कर 91.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और जनपद का नाम रोशन किया है।
मानसी गंगा कोतवाली थाना क्षेत्र के गोसलपुर गांव की निवासी हैं। उनके पिता एक किसान हैं, जबकि उनकी मां विकलांग हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद मानसी ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। मानसी दो बहनों में से एक हैं और उनके परिवार में कोई भाई नहीं है।
मानसी की सफलता के पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी भी जुड़ी है। उन्होंने बताया कि उनकी मां को समाज के लोगों द्वारा अक्सर ताने सुनने पड़ते थे, लोग कहते थे कि बेटियां हैं, आगे कैसे बढ़ेंगी। लेकिन मानसी ने इन सभी नकारात्मक बातों को अपनी ताकत बनाया और मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की।
मानसी गंगा एससीएमडी इंटर कॉलेज की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। मानसी का सपना है कि वह एनडीए में चयनित होकर भारतीय सेना में अधिकारी बनें और देश की सेवा करें। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील शाक्य ने मानसी गंगा को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मानसी की यह सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

बार एसोसिएशन के चुनाव में अवधेश यादव अध्यक्ष और बिजेंद्र यादव सचिव निर्वाचित

मैनपुरी , दीवानी बार एसोसिएशन का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। इस चुनाव में अवधेश यादव अध्यक्ष और बिजेंद्र यादव सचिव चुने गए हैं। परिणाम घोषित होते ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया।
बहुप्रतीक्षित दीवानी बार एसोसिएशन के चुनाव में अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण रही, जिसके बाद मतों की गणना कर परिणाम घोषित किए गए।
अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में अवधेश यादव ने 400 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। उनके प्रतिद्वंद्वी शरवीर यादव को 71 और महेंद्र मिश्रा को 153 मत मिले। सचिव पद पर बिजेंद्र यादव ने 257 मतों के साथ विजय प्राप्त की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सत्येंद्र (164 मत) को 93 मतों से हराया। अन्य प्रत्याशियों में जीतू को 104,मुकेश को 19 और अवधेश को 18 मत प्राप्त हुए।
चुनाव परिणाम घोषित होते ही बार एसोसिएशन परिसर में जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों और अधिवक्ताओं ने विजयी प्रत्याशियों को फूल-मालाओं से लादकर जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जीत का जश्न मनाया गया,इस दौरान “बार एसोसिएशन जिंदाबाद” के नारे भी गूंजते रहे।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष अवधेश यादव ने सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे बार एसोसिएशन की गरिमा बनाए रखते हुए अधिवक्ताओं के हितों के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उनकी प्राथमिकता संगठन को और मजबूत बनाना होगी।
वहीं, सचिव बिजेंद्र यादव ने भी सभी का धन्यवाद देते हुए कहा कि वे अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बार और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का भी आश्वासन दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दोनों नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में बार एसोसिएशन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

बरेली: उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जन-आक्रोश महिला सम्मेलन कार्यक्रम हुआ आयोजन

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सरकार का बड़ा संदेश, महिलाओं को अधिकार दिलाने की प्रतिबद्धता*

*प्रधानमंत्री के संकल्प का जिक्र, “मातृ शक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाकर रहेंगे”*

बरेली, 24 अप्रैल। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में आज जन-आक्रोश महिला सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन इनवर्टिस यूनिवर्सिटी में किया गया ।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह एकता और एकजुटता का विषय है और बताया कि 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का सत्र बुलाकर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया गया, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष का सहयोग मिलता और पर्याप्त सांसद समर्थन में होते तो यह ऐतिहासिक बिल पास हो सकता था। उन्होंने पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को मिले आरक्षण का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी का परिणाम है कि आज बरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में एक महिला नेतृत्व कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जब राष्ट्र के नाम सम्बोधन दिया कि ना मैं हिम्मत हारा हूँ, ना मेरा हौसला टूटा है, मैं मातृ शक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण दिला कर रहूँगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं जिस भी क्षेत्र में अवसर पाती हैं, वहां उत्कृष्ट कार्य करती हैं लेकिन मुख्य बात है अवसर मिलना चाहिए और यह मौका भाजपा देगी। लेकिन विपक्ष ने माखौल उड़ाने का कार्य किया है उन्हें आधी आबादी का श्राप लगेगा और भाजपा को आधी आबादी का आर्शीवाद मिलेगा।

उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वह है जो सती के रूप में यमराज से अपने पति के प्राण वापस ले आयी थी और रानी लक्ष्मी बाई के रूप में अपने दुध मुंहे बच्चे को पीठ में बांधकर अंग्रेजों से लड़ी थी तथा सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को पढ़ने का अधिकार दिया।

उन्होंने बताया हमारी सरकार ने 40 करोड़ महिलाओं का बैंक खाता खुलवाया, 10 करोड़ घरों में शौचालय बनवाया, 07 करोड़ गरीब परिवारों को आवास दिये जिनमे 90 प्रतिशत महिलाओं के नाम है, आयुष्मान कार्ड, 10 करोड़ महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत सिलेण्डर, 03 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया तथा 06 करोड़ महिलाओं का लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य पुनः लिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का नारा है ”बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और बेटी को आगे बढ़ाओ।”
उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति का सम्मान अगर किसी ने किया है तो भाजपा ने किया है। हमारे देश की राष्ट्रपति व प्रदेश की राज्यपाल भी महिला हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 2026 में जो पाप किया है उसका परिणाम 2027 में उसे भुगतान पड़ेगा। यह विरोध इस परिसर का नहीं रहना चाहिए इसे घर-घर तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भाजपा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना चाहती थी लेकिन विपक्ष के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
महापौर ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं के सपनों को कुचलने का कार्य किया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि नारी का उत्थान और नारी का सम्मान यही है भाजपा की पहचान लेकिन विपक्ष ने महिलाओं के साथ छल किया है।
सांसद ने कहा कि महिलाओं के सम्मान के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बारी जब आयी तो लेकिन विपक्ष के कारण यह संभव नहीं हुआ, यह आक्रोश जन-जन तक जाए।
क्षेत्रीय अध्यक्ष भा0ज0पा0 दूरविजय सिंह शाक्य
ने कहा कि देश के मा0 प्रधानमंत्री ने 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने का सपना देखा, जिसके लिए महिलाओं की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया गया था, जिसे विपक्ष ने रोक दिया।

इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ0 अरुण कुमार, महापौर डॉ0 उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, सांसद बरेली छत्रपाल गंगवार, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह व बहोरन लाल मौर्य, विधायक मीरगंज डॉ0 डी0सी0 वर्मा, विधायक नवाबगंज डॉ0 एम0पी0 आर्य, विधायक बिथरी चैनपुर डॉ0 राघवेन्द्र शर्मा, जिला अध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आंवला जिला अध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, महिला ब्लाक प्रमुख /सभासदगण सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण मौजूद रहे।

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वाराणसी महिला सम्मेलन के लिए भाजपा की बैठक

वाराणसी 24 अप्रैल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 28 अप्रैल को प्रस्तावित वाराणसी आगमन पर आयोजित होने वाले विशाल महिला सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में सर्किट हाउस में भाजपा महिला मोर्चा, जिला व महानगर पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों की अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं, जिन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने संबोधित किया।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि “ प्रत्येक दायित्व महत्वपूर्ण है, जिसे जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरी निष्ठा से निभाना है ।” उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के साथ ही विकसित भारत का संकल्प लिया, इस संकल्प को साकार करने के लिए देश की आधी आबादी की भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री के विचारों को दोहराते हुए कहा—“जब नारी सशक्त होती है, तो समाज सशक्त होता है और जब समाज सशक्त होता है, तो राष्ट्र मजबूत होता है।” उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से बिल लाया गया, लेकिन विपक्ष के कारण यह पारित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर महिलाओं में आक्रोश है। साथ ही उन्होंने तीन तलाक बिल और पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने जैसे फैसलों का उल्लेख करते हुए महिलाओं, पिछड़ों और अनुसूचित जाति वर्ग की आर्थिक उन्नति, सामाजिक व राजनैतिक भागीदारी तथा उनके अधिकारों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर चर्चा की।

बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने अब तक की तैयारियों की समीक्षा की और कहा कि सम्मेलन की सफलता के लिए बूथ स्तर तक संपर्क अभियान चलाया जाए। प्रत्येक महिला मतदाता तक पहुंचकर उन्हें कार्यक्रम में शामिल करने का लक्ष्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल स्वागत का अवसर नहीं, बल्कि महिलाओं के साथ संवाद और उनके सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी है। उन्होंने कहा की इस कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं की है। इस सम्मेलन से यह संदेश भी जाएगा कि महिलायें हर जिम्मेदारी का निर्वहन करने में सक्षम है।

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रस्तावना भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने किया। महिला मोर्चा की बैठक में धन्यवाद ज्ञापन महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने किया, जबकि जिला व महानगर पदाधिकारियों की बैठक में धन्यवाद ज्ञापन जिलाध्यक्ष व एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने किया। संचालन अनिल श्रीवास्तव ने किया।

जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वाले राष्ट्रद्रोहियों से सावधान रहें: योगी

तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को सीएम ने किया संबोधित

*राष्ट्रकवि दिनकर की कृति आज भी राष्ट्र चेतना की मशाल, साहित्य समाज का दर्पण: मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन, कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की सराहना की*

*तीन दिवसीय आयोजन में स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अटल जी पर भी होंगे विशेष नाट्य कार्यक्रम*

*लखनऊ, 24 अप्रैल।* “राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ आज भी समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाली प्रेरणा है। यदि भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाना है तो जातिवाद के नाम पर समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहना होगा।” ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी काव्यकृति ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साहित्य के ऐसे सशक्त साधक के प्रति हम सब अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रदेश की राजधानी में एकत्र हैं। यहां हम उनकी कालजयी काव्यकृति पर आधारित नाट्य-श्रृंखला का मंचन देखेंगे। हम देखेंगे कि किस प्रकार मां सरस्वती दिनकर जी की जिह्वा पर विराजती थीं और उनकी लेखनी शब्दों को पिरोती थी। यह सब ‘रश्मिरथी’ के इस मंचन के माध्यम से हम सभी को देखने-सुनने को मिलेगा। इस अवसर पर दिनकर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

*दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं*
सीएम योगी ने कहा कि जब इस कार्यक्रम का पत्र मिला, तो सबसे पहले मैंने कहा कि यह कार्यक्रम उसी दिन रखिए, जिस दिन मैं भी इसका भागीदार बन सकूं, क्योंकि मैं अक्सर दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं। भारत धन-धान्य से परिपूर्ण रहा है, दुनिया की बड़ी ताकत रहा है, लेकिन भारत ने सैकड़ों वर्षों की गुलामी भी सही है। बल और बुद्धि में भारत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता था, लेकिन हमारी कुछ कमियां भी थीं। दिनकर जी ने इन कमियों पर जिस प्रकार प्रहार किया है, उसे देखकर मुझे अच्छा लगता है। आप इस नाट्य मंचन के माध्यम से भी देखेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने ‘रश्मिरथी’ में लिखा है-
“ऊंच-नीच का भेद न जाने, वही श्रेष्ठ ज्ञानी है,
दया-धर्म जिसमें हो, सबसे वही पूज्य प्राणी है।”
जातिवाद पर भी उन्होंने कितना सशक्त प्रहार किया है-
“मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का,
धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का।
पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर,
जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।”

सीएम योगी ने कहा कि यदि हमें अपनी आजादी को लंबे समय तक अक्षुण्ण बनाए रखना है और विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है, तो जातिवाद के नाम पर देश को लूटने और समाज को कमजोर करने वाले राष्ट्रदोहियों से सावधान रहना होगा। युवा वर्ग के लिए दिनकर जी इस बात की प्रेरणा इन पंक्तियों के माध्यम से दशकों पहले ही दे चुके हैं-
“सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
सूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं,
कांटों में राह बनाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने समाज की चेतना को जिस रूप में जागरूक किया और पूरे समाज को एकजुट किया, वह अद्वितीय है। अपनी कृतियों के माध्यम से वह अलग-अलग स्तरों पर लोगों को जागृत करते रहे और देश की चेतना को निरंतर सशक्त करते रहे। जब भारत के लोकतंत्र को दबाने का प्रयास हुआ, तब भी दिनकर जी ने आह्वान किया- “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।” शब्द किस प्रकार मंत्र बन जाएं और हर व्यक्ति के मन में राष्ट्र के लिए त्याग, चेतना और समर्पण की भावना को जागृत करें, यह गुण महान कवि में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रश्मिरथी’ ऐसे पात्र के बारे में है, जो अपनी पहचान के लिए मोहताज रहा। उसकी गाथा को दिनकर जी ने जिस प्रकार प्रस्तुत किया और उसके गुणों की व्याख्या की, उसने हर व्यक्ति को सोचने के लिए मजबूर किया कि कौन किस स्थान पर हो सकता है और हमें किसी की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ में उन्होंने लिखा है-
“जब किसी जाति का अहम चोट खाता है,
पावक प्रचण्ड हो कर बाहर आता है।
यह वही चोट खाये स्वदेश का बल है,
आहत भुजंग है, सुलगा हुआ अनल है।”

*स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद लखनऊ, अयोध्या, काशी की यात्राएं की*
सीएम ने बताया कि उन्होंने संस्कृति विभाग से कहा है कि ऐसी साहित्यिक कृतियों पर आधारित कार्यक्रम आज की पीढ़ी के लिए नई प्रेरणा हैं। इस प्रेरणा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कल यहीं पर स्वामी विवेकानंद पर आधारित एक नाट्य मंचन का कार्यक्रम है। स्वामी विवेकानंद हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। वह एक संन्यासी थे, लेकिन हर युवा के लिए मार्गदर्शक बने। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की वैदिक और सनातन परंपरा को सम्मान दिलाया। उन्होंने ज्ञान को विज्ञान के साथ जोड़कर तत्कालीन समाज को उसके अनुरूप तैयार करने का कार्य किया और भारत की चेतना को जागरूक करने के लिए पूरी शक्ति के साथ समर्पित रहे। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद भारत में जो यात्राएं कीं, उनमें लखनऊ, अयोध्या, काशी सहित उत्तर प्रदेश के कई स्थान शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 अप्रैल को यहां लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक पर आधारित कार्यक्रम होगा। तिलक जी ने भारत की स्वाधीनता के लिए “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का उद्घोष इसी लखनऊ में किया था, जो भारत की आजादी का एक प्रमुख केंद्र बना। इसी दिन ‘अटल स्वरांजलि’ कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविताओं पर आधारित एक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। अटल जी का शताब्दी वर्ष हाल में संपन्न हुआ है, और इस अवसर पर लखनऊ में राष्ट्रप्रेरणा स्थल का निर्माण भी किया गया है। लखनऊ लंबे समय तक अटल जी की कर्मभूमि रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थानों के युवाओं को भी इस कार्यक्रम में सहभागी बनाया जाए। जिनकी परीक्षाएं नहीं हैं, वे आएं और इस कार्यक्रम को देखें। उनके आने-जाने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए और इसके लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। वे साहित्य के बारे में जानें, क्योंकि साहित्य वास्तव में समाज का दर्पण होता है। दर्पण जैसा होता है, वैसा ही चित्र दिखाई देता है। हम राष्ट्र को कैसा बनाना चाहते हैं, ये साहित्यिक कृतियां उसका आधार बनती हैं और उनसे हम प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि मैं स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों को नमन करता हूं और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने महाराष्ट्र में गणपति महोत्सव के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय चेतना से जोड़कर उसे नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। यही चेतना 1916 में लखनऊ में भी गूंजी, जब तिलक जी ने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का उद्घोष किया। उनकी स्मृति में वर्ष 2017 में लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसके लिए तत्कालीन राज्यपाल ने प्रेरणा दी थी। उस अवसर पर तिलक जी के परिवार के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया था।

*मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रश्मिरथी का मंचन भी देखा। उन्होंने कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया कि आमजन को ऐसी कृतियों से अवगत कराएं।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे, डॉ. सत्यपाल सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, कार्यक्रम संयोजक प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, संस्कृति/पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, भाजपा नेता नीरज सिंह, दिनकर स्मृति न्यास के अध्यक्ष नीरज कुमार, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के सुपौत्र ऋत्विक उदयन आदि मौजूद रहे।

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