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एटा में बारिश की मार से मंडी में गेहूं की आवक घटी

April 24, 2026

एटा में बारिश की मार से मंडी में गेहूं की आवक घटी

दामों में आया उछाल, सरकारी केंद्रों पर नहीं हो रही गेंहू की खरीद

एटा 24 अप्रैल उप्रससे। जनपद में मार्च माह में हुई लगातार बारिश व ओलावृष्टि का असर अब गेहूं की फसल के साथ-साथ मंडियों में साफ दिखाई देने लगा है। फसल में हुए नुकसान के कारण जिले की जिला कृषि उत्पादन मंडी समिति में गेहूं की आवक में करीब 25 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर बाजार भाव पर पड़ा है जिससे कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। सरकारी औपचारिकताओं से बचने के लिए किसान आढ़तियों को सीधा माल बेच रहे हैं।
करीब एक सप्ताह पहले तक गेहूं का भाव मंडी में लगभग 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा था जो अब बढ़कर 2550 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। व्यापारी राजीव गुप्ता का कहना है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हुए हैं। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि के कारण गेहूं की बालियां झड़ गईं जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा और मंडी में कम मात्रा में अनाज नहीं पहुंच पा रहा है। बताया कि आवक कम होने के चलते बाजार में गेहूं की उपलब्धता घटी है जबकि मांग बनी हुई है। यही कारण है कि दामों में तेजी आई है। अगर आवक में सुधार नहीं हुआ तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

वहीं सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके चलते किसान अब मंडियों में भी लगभग 2550 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर अपनी उपज बेचने लगे हैं। कई किसान बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में अपने गेंहू को रोककर बैठे हैं। फिलहाल मंडियों में कम आवक और बढ़ते दामों का सिलसिला जारी है जिस पर किसानों और व्यापारियों दोनों की नजर बनी हुई है।
जिन्हैरा निवासी किसान पंकज कुमार ने बताया कि वह अपनी फसल क्रय क्रेंद्र पर बिक्री के लिए आए थे जहां समय लग रहा था। बताया कि आढ़तियों से बात की तो गेहूं का भाव 2550 बताया कहा कि जब यहां भाव अच्छा मिल रहा है तो केंद्र पर इंतजार करने से क्या फायदा है। वहीं प्रेमपाल ने बातया कि भाव बढ़ने की जानकारी नहीं थी क्रय केंद्र पर उपज न देकर आढ़तियों को बिक्री कर दी है कहा कि पैसों की आवश्यकता थी क्रय क्रेंद्र पर इंतजार करना पड़ता यहां पैसे नकद मिल गए। अब गेहूं के भाव बढ़ने से क्रय केंद्रों पर लक्ष्य पूरा कैसे होगा।

एटा में गर्मी से बचाव हेतु गोवंश की देखभाल को लेकर प्रशासन सतर्क

भ्रामक खबरों पर दिया जवाब

गौ आश्रय स्थलों पर चारा, पानी और कूलिंग की पूरी व्यवस्था- सीवीओ

एटा 24 अप्रैल उप्रससे। जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों की स्थिति को लेकर प्रकाशित समाचारों के संदर्भ में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर. पी. शर्मा ने स्पष्ट किया है कि गोवंश के संरक्षण और देखभाल के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और गोवंश को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर पी शर्मा ने बताया कि जनपद में कुल 25 गौ आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां संरक्षित गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा, साइलोज, पशु आहार तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। गर्मी से राहत दिलाने के लिए आश्रय स्थलों में कूलर, पंखे एवं शेड पर पर्दे लगाए गए हैं, जिससे गोवंश को लू और तेज धूप से बचाया जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि अलीगंज क्षेत्र के अस्थायी गौ आश्रय स्थल आलम नगर में 194 गोवंश संरक्षित हैं। यहां गोवंश के लिए हरे चारे की नियमित आपूर्ति की जा रही है। साथ ही चार कूलर और 12 पंखे लगाए गए हैं। सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित हैं। साफ-सफाई, पानी और चारे की समुचित व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या समाचार पत्रों में दिखाई जा रही कुछ तस्वीरें पुरानी हैं और वर्तमान स्थिति को सही रूप में प्रस्तुत नहीं करतीं। इसी प्रकार जैनपुरा गौ आश्रय स्थल में 98 गोवंश संरक्षित हैं। यहां भी हरे चारे की व्यवस्था के तहत बरसीम की बुवाई कराई गई है, जिसे प्रतिदिन काटकर गोवंश को खिलाया जा रहा है। पानी के टैंकों में नियमित रूप से स्वच्छ पानी भरा जा रहा है। गर्मी से बचाव के लिए यहां चार कूलर और 20 पंखे लगाए गए हैं। इसके अलावा शेड पर पर्दे लगाकर लू से सुरक्षा की गई है तथा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी सक्रिय हैं। बीमार गोवंश के उपचार की भी समुचित व्यवस्था है और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। हाल ही में किए गए निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शासन के निर्देशानुसार 100 से कम गोवंश वाले छोटे आश्रय स्थलों को बंद कर वहां के गोवंश को बड़े और बेहतर सुविधायुक्त आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि उनकी देखभाल और अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर पी शर्मा ने आमजन से अपील की है कि अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें तथा किसी भी समस्या की सूचना प्रशासन को दें, जिससे तत्काल समाधान किया जा सके।

एंबुलेंस को डीजल नहीं मिलने के कारण दर्द से तड़प तड़प अधेड़ की मौत,

एसडीएम को डीएम ने भेजा नोटिस, जांच के दिए आदेश।

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 24/04/2026

बलिया । बैरिया थाना क्षेत्र के पांडेपुर निवासी छट्ठू शर्मा 50 वर्ष के सीने में दर्द हो रहा था। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस में मरीज को लेकर बलिया जा रही थी कि अचानक एंबुलेंस डीजल की की कमी हो गई वही एंबुलेंस चालक ने पेट्रोल पम्प पर जाकर डीजल की मांग की। मरीज के साथ ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव प्राइवेट एंबुलेंस से उन्हें इलाज के लिए बलिया लेकर जा रहे थे, किंतु एंबुलेंस में डीजल नहीं था। वह टेंगरही के निकट के पेट्रोल पंप पर डीजल के लिए आए और आग्रह किया कि रोगी की हालत गंभीर है। 5 लीटर डीजल दे दीजिए। ताकि मरीज को हम ले जाकर बलिया इलाज करा सके। किंतु डीजल पंप संचालक ने यह कहते हुए डीजल देने से मना कर दिया कि डीजल खत्म हो गया है।तब ग्राम प्रधान ने बताया कि तब मैंने मदद के लिए उप जिलाधिकारी बैरिया संजय कुशवाहा को फोन लगाकर पेट्रोल दिलवाने का आग्रह किया था, किंतु उन्होंने प्राइवेट एंबुलेंस को पेट्रोल दिलाने से यह कहते हुए मना कर दिया कि मैं किसी प्राइवेट वाहन के लिए किसी से कुछ नहीं कह सकता। फिर ग्राम प्रधान ने तीन-चार मोटरसाइकिलों से लगभग 5 लीटर पेट्रोल निकालकर एंबुलेंस में डाला और वह छट्ठू शर्मा को लेकर सदर अस्पताल के लिए निकले। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बहुत देर हो चुकी थी। क्योंकि रास्ते में ही छट्ठू शर्मा की मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पेट्रोल मिल गया होता तो शायद छट्ठू शर्मा की जान बच जाती।घटना बुधवार की रात की है। वही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि एंबुलेंस से मरीज को बलिया इलाज के लिए ले जाया जा रहा था कि और एंबुलेंस में तेल की कमी थी और एंबुलेश सीसी टीवी में पेट्रोल पम्प पर खड़ी दिखी है पेट्रोल पम्प वालों ने डीजल नही दिया यह प्रमाणित हो रही है और स्वीकार कर रहा है उन्होंने किसी को पेट्रोल पम्प पर तेल नही दिए था जब पेट्रोल पंप की जांच कराई गई तो वहां साढ़े आठ हजार लीटर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त था एंबुलेंस वाले को तेल देना चाहिए था उनकी यह कमी है इंडियन आयल कंपनी के अधिकारियों को बुलाया है जांच हो रही है अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया है तो उनके खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित कराएंगे।विभिन्न कंपनियों के 157 पेट्रोल पम्प है जिसको लेकर सभी का बैठक बुलाया है जो आवश्यक गाडियां है उनको निश्चित ही पेट्रोल और डीजल देना चाहिए सभी पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल है कि आवश्यक सेवाओं को तत्काल दे सकें।पेट्रोल पम्प में अपने अधिकारियों को यह सूचना दी है और नही अपने कंपनी को सूचना दी है यह गलत है उनके खिलाफ उनकी जिम्मेदारी तय करेंगे। एसडीएम बैरिया को ग्राम प्रधान ने फोन किया था लेकिन एसडीएम साहब को समझ नही पाया कि एंबुलेंस के लिए तेल मांगा जा रहा है या किसी और के लिए मांगा जा रहा है यह ठीक नही है मैं एसडीएम की लापरवाही मानूंगा।और एसडीएम को सुबह नोटिस दिया हूं और एसडीएम को फटकार भी लगाई है उनकी जिम्मेदारी थी कि एंबुलेंस के लिए पेट्रोल पम्प वाले को फोन करते।क्योंकि की जनपद में कही पेट्रोल और डीजल की किल्लत नही थी एसडीएम को भविष्य के लिए चेतावनी भी दी ह

मिर्जापुर: विंध्याचल धाम में परिक्रमा पथ पर मेट बिछाया गया

*आस्था: विंध्याचल देवी धाम में परिक्रमा पथ व नवनिर्मित मार्ग पर मैट बिछाने का कार्य हुआ संपन्न, झुलसते पांव को इस भीषण धूप में मिलेगी राहत*

संतोष देव गिरि
मीरजापुर। विख्यात देवी धाम मां विन्ध्यवासिनी धाम में भक्तों को इस कड़क धूप में पांव झुलसाने नहीं होंगे। इससे उन्हें अब राहत मिलेगी।
मां विंध्यवासिनी धाम में आने वाले दर्शनार्थियों की इस पीड़ा को महसूस करते हुए उद्योगपति निखिल द्वारा विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी की प्रेरणा से परिक्रमा पथ व नवनिर्मित मार्ग पर मैट बिछाने का कार्य संपन्न कराया गया, ताकि मां के भक्तों के झुलसते पांव को इस भीषण धूप में राहत मिल सके। इस सराहनीय कार्य के लिए विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने समाज सेवी निखिल को मां के भक्तों की तरफ से कोटि कोटि आभार जताया है।
बताते चलें कि विंध्य कारिडोर के तहत विंध्याचल मंदिर का तेज़ी के साथ हो रहे कायाकल्प के साथ परिक्रमा पथ पर बिछाएं गये पत्थरों पर इन दिनों अंगारों पर चलने के बराबर साबित हो रहा था। नित्य हजारों की संख्या में भक्त देश के कोने कोने से यहां दर्शन करने के लिए आते हैं ऐसे में गर्मी में उनका पूरा हाल हो रहा था ख़ासकर नंगे पांव मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों को भारी परेशानी हो रही थी।

गोरखपुर क्लब संचालक के बेटे की फार्महाउस में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से हुई मौत

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
24/04/2026

पुलिस के मुताबिक पिस्टल साफ करते समय अचानक चली गोली

गोरखपुर। शहर के चर्चित कारोबारी और गोरखपुर क्लब के संचालक अतुल श्रीवास्तव के बेटे अम्बरीश श्रीवास्तव (40) की शुक्रवार को कुसम्ही स्थित अपने फार्महाउस पर संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई में । गोली मुंह में लगी और सिर से निकल गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना से पूरे शहर में सनसनी फैल गई और कारोबारी व सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अम्बरीश शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे सिविल लाइंस स्थित अपने आवास से निकले और करीब 7 बजे फार्महाउस पहुंचे। वहां कुछ देर टहलने के बाद करीब 8:30 बजे वह तीन मंजिला फार्महाउस की ऊपरी मंजिल पर चले गए। बताया जा रहा है कि उस समय वह मोबाइल पर किसी से बातचीत कर रहे थे।
करीब 8:30 से 9 बजे के बीच गोली चलने की आवाज सुनकर फार्महाउस के कर्मचारी ऊपर पहुंचे तो देखा कि अम्बरीश खून से लथपथ पड़े थे और उनके मुंह से खून निकल रहा था। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही एसएसपी डॉ. कोस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटिल, सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ कैंट अरुण कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अम्बरीश प्वाइंट 32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल खुद साफ कर रहे थे तभी अचानक गोली चल गई । हालांकि पुलिस अभी हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिसमें अम्बरीश अकेले आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। फार्महाउस तक आने-जाने का एक ही रास्ता बताया जा रहा है।
परिजनों के अनुसार, अम्बरीश पिछले करीब 15 दिनों से मानसिक तनाव में चल रहे थे। घटना से पहले उन्होंने अपनी पत्नी और एक परिचित से फोन पर बातचीत भी की थी।
अम्बरीश ने वर्ष 2012 में दीपाली श्रीवास्तव से विवाह किया था। उनके दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र लगभग 10 और 8 वर्ष है। वह “एके टेंट हाउस” नाम से व्यवसाय चलाते थे और ठेकेदारी का कार्य भी करते थे। शहर के बड़े आयोजनों और वीआईपी कार्यक्रमों में उनके टेंट हाउस की प्रमुख भूमिका रहती थी। हाल ही में उन्हें श्री चित्रगुप्त मंदिर सभा का महामंत्री भी चुना गया था।
घटना के बाद पुलिस ने फार्महाउस को सील कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही घटना के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा किया जाएगा।

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