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गोरखपुर में व्यापारियों की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय

April 26, 2026

गोरखपुर में व्यापारियों की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
25/04/2026

गोरखपुर : आज दिनांक 25 अप्रैल 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा गोलघर क्षेत्र में व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गोलघर व्यापार मंडल के व्यापारी, संगठन के पदाधिकारी, अध्यक्ष और महामंत्री शामिल हुए।
बैठक के दौरान व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान, बाहर से आने वाले व्यापारियों की सुरक्षा और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की नियमित पेट्रोलिंग जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया।
व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से सुना गया और उन्हें लागू करने पर भी विचार किया गया। साथ ही, आने वाले समय में व्यापारियों की सुरक्षा को और बेहतर बनाने और पुलिस-प्रशासन व व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक नगर और पुलिस अधीक्षक यातायात भी मौजूद रहे। कुल मिलाकर, यह बैठक व्यापारियों और पुलिस प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

गोरखपुर: फर्जी दस्तावेजों से जमीन बेचने वाले 2 जालसाज गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
25/04/2026

गोरखपुर में धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में पुलिस को सफलता मिली है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में थाना चिलुआताल पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने मु0अ0सं0 130/26 से संबंधित मामले में अभियुक्त विनोद सिंह और अनिल यादव को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर वादी की जमीन को अवैध रूप से बेच दिया था। पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विनोद सिंह पुत्र परशुराम सिंह निवासी ग्राम रामूडीहा थाना एम्स और अनिल यादव पुत्र राधेश्याम यादव निवासी नारायनपुर थाना एम्स, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।
पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

बिना पंजीकरण चल रहे स्विमिंग पूल

एटा 25 अप्रैल उप्रससे। जनपद में गर्मी शुरू होते ही स्विमिंग पूलों का कारोबार तेजी से फल-फूलने लगा है। इन स्विमिंग पूलों की चमक-दमक के पीछे लापरवाही की एक चिंताजनक तस्वीर छिपी है। कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में कई स्विमिंग पूल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं।

कूल कारोवार में न सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, न साफ-सफाई के मानक और न ही संचालन के लिए आवश्यक नियमों का पालन। ऐसे में गर्मी से राहत की तलाश में पहुंच रहे बच्चे, युवा और परिवार अनजाने में अपनी सेहत और सुरक्षा को जोखिम में डाल रहे हैं।
मारहरा कस्बे में कई स्विमिंग पूल बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित किए जा रहे हैं। नियमों को दरकिनार कर चल रहे इन पूलों पर प्रशासनिक निगरानी की कमी साफ दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग की अनदेखी के चलते यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है।

गर्मी से राहत पाने को पूलों पर उमड़ रही जनमानस की भीड़

भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए इन दिनों स्विमिंग पूलों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। खासकर एटा नगर में, मारहरा-मिरहची मार्ग, हनुमान चौक-कचौरा मार्ग और पिदोरा मार्ग पर स्थित पूलों में बच्चों और युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। छुट्टियों के चलते परिवार भी बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं।
इन पूलों में सुरक्षा के नाम पर स्थिति बेहद चिंताजनक है। अधिकांश स्थानों पर प्रशिक्षित लाइफगार्ड की व्यवस्था नहीं है। न तो आपातकालीन बचाव उपकरण उपलब्ध हैं और न ही दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था। बच्चों के लिए अलग सुरक्षा प्रोटोकॉल भी नजर नहीं आते।

लोगों का कहना है कि कई स्विमिंग पूलों में पानी की नियमित जांच और दैनिक साफ-सफाई नहीं की जा रही है। पानी की गुणवत्ता खराब होने से त्वचा रोग, आंखों में संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी ऐसे पूलों के उपयोग में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

चिंता जताते हुए रसीदपुर माफी गांव निवासी अवधेश शर्मा ने कहा कि स्विमिंग पूल मनोरंजन और राहत का अच्छा साधन हैं, लेकिन सुरक्षा और स्वच्छता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि पूलों में साफ-सफाई, सुरक्षा मानकों और संचालन नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

वर्जन
उप जिला क्रीड़ा अधिकारी पूजा भट्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा है कि अवैध रूप से संचालित सभी स्विमिंग पूलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आर्ष गुरुकुल स्थापना दिवस: नवीन छात्रावास की सार्थक पहल – डाॅ०राकेश सक्सेना

Rakesh Saxena

एटा 25 अप्रैल उप्रससे। गंगा-यमुना की अंतर्वेदी में स्थित एटा जनपद सदियों से ऐतिहासिक, पौराणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक व साहित्यिक गाथा को अपने अंदर समाहित किए हुए है। अनेक राजवंशों का उत्थान-पतन हो या मुगल काल के आरम्भिक वर्षों में वल्लभाचार्य, विट्ठलनाथ, गोकुलनाथ, महात्मा बुद्ध, दयानंद सरस्वती, स्वामी विरजानंद दण्डी का आगमन। प्रख्यात साहित्यकारों की जन्मस्थली हो या मराठों का प्रवेश आदि अनेक घटनाओं से इस जनपद की विशिष्ट पहचान रही है। सन् 1852 ई० के अंत में मि०एफ०ओ० मेनी डिप्टी कलेक्टर तथा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पटियाली के स्थान पर एटा मुख्यालय को जिला बनाया था। इस मुख्यालय पर कैलाश मंदिर व आर्ष गुरुकुल मुख्य आकर्षण के केन्द्र बिन्दु हैं। संवत् 2005 सन् 1948 ई० में आर्य जगत के सुप्रसिद्ध विद्वान स्वामी ब्रह्मानंद दण्डी महाराज ने यहाँ पर ‘ चतुर्वेद ब्रह्म पारायण यज्ञ ‘ आयोजित किया था। यज्ञ के अवसर पर गुरुकुल की इस पुण्यभूमि पर तीन विशाल यज्ञशालाओं तथा 108 यज्ञकुण्डों का निर्माण कराया गया था और चौदह दिनों तक यज्ञ कर्म चलता रहा। वेदध्वनि अनवरत गूँजती रहे, भारतीय संस्कृति रक्षित रहे, इस भाव को साकार रूप देने के लिए स्वामी ब्रह्मानंद दण्डी महाराज ने वैशाख शुक्ल 2 संवत् 2005 ( 26 अप्रैल 1948ई० ) को इसी पुण्य भूमि पर आर्ष गुरुकुल की स्थापना कर दी थी।
‘ आर्ष ‘ शब्द ऋषि से व्युत्पन्न है , जिसका अर्थ है– ऋषियों से प्राप्त या ऋषियों द्वारा स्थापित। अत: आर्ष गुरुकुल का आशय ऐसी शिक्षा प्रणाली से है जो वेदों,उपनिषदों और ऋषि परम्परा पर आधारित हो। इस प्रकार यहाँ की शिक्षा वैदिक ज्ञान के प्रचार के साथ भारतीय संस्कृति का संरक्षण करते हुए नैतिक और चरित्रवान नागरिकों का निर्माण कर रही है। इसके विकास में आचार्यों और विद्वानों का अभूतपूर्व योगदान रहा है। इन आचार्यों ने वैदिक शिक्षा को जीवित रखा, छात्रों में संस्कारों का विकास तथा समाज में नैतिकता का संदेश दिया है। यहाँ का छात्र वेद, छन्द, ज्योतिष, निरुक्त का अध्ययन करके वैदिक धर्म का प्रचार करता है। इस संस्था में अध्ययनरत छात्र का जीवन जटा, शिखा धारण कर अत्यन्त अनुशासित और सादगीपूर्ण होता है। वे स्वयं दैनिक कार्य करते हैं, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता का विकास होता है।
आज जब पाश्चात्य शिक्षा प्रणाली का प्रभाव बढ़ रहा है तब इस गुरुकुल के वर्तमान प्रधान योगराज अरोड़ा के अथक श्रम व योगदान की सराहना करनी होगी, जिन्होंने महात्मा प्रभु आश्रित छात्रावास का निर्माण करवाकर 26 अप्रैल 2026 गुरुकुल स्थापना दिवस पर इसका विधिवत उद्घाटन कराने का निर्णय लिया है। गुरुकुल का हरा-भरा रमणीक वातावरण, व्यवस्थित छात्रावास, आचार्य, ब्रह्मचारी, आश्रम व्यवस्था गुरुकुल की संरचना को समयानुकूल ढालने का प्रशंसनीय रचनात्मक प्रयास है। आर्ष गुरुकुल जैसे संस्थानों की आज के समय में विशेष आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति और वैदिक परम्परा के इस जीवंत केन्द्र को यदि इसी भाँति उचित संसाधन और समर्थन प्राप्त होता रहे तो भारतीय संस्कृति के संरक्षण में, युवाओं को नैतिक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में आर्ष गुरुकुल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अचेत परीक्षार्थी को गोद में उठा पुलिस ने सरकारी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया, बचीं जान

रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थी के लिए मददगार बने पुलिसकर्मी
Post on 25.4.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
शनिवार को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) का मानवीय चेहरा सामने आया। होमगार्ड में भर्ती की परीक्षा देने आया एक अभ्यर्थी बेहोश होकर गिर पड़ा।
स्टेशन परिसर में भारी भीड़ व गर्मी के बीच चकराकर गिर कर बेहोश होगया। मेडिकल टीम के आने में देरी देख पुलिसकर्मी तत्काल परीक्षार्थी को उपचार दिलाने के लिए दौड़ पड़े। बेहोश युवक को उपनिरीक्षक जयचंद व पुलिस कर्मी गोद में उठाकर पुलिस गाड़ी से अस्पताल ले गए। तुरंत डाक्टर की सहायता मिलने से अभ्यर्थी की जान बच गई।
मौका था कि होमगार्ड की चल रहीं भर्ती का।शनिवार को पहले दिन परीक्षार्थियों की भारी भीड़ पहुंची। पहली पाली के बाद घर जाने को ट्रेन इंतजार कर रहे हाथरस केक्षपरीक्षार्थी दीपचंद (27) चक्कर खाकर गिर गया। इससे वहां हड़कंप मच गया। मौके पर जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र वशिष्ठ व स्टेशन स्टाफ ने अस्पताल को फोन कर तत्काल मदद मांगी। पुलिस कर्मी परीक्षार्थी के चेहरे पर पानी के छींटें मारने व पंखे से हवा करने लगे। निरीक्षक ने अभ्यर्थी की हालत देख अपनी गाड़ी में ही अभ्यर्थी को ले जाने को कहा। लिहाजा पुलिसकर्मी अभ्यर्थी को गोद में उठा जीआरपी की गाड़ी से अस्पताल ले गए।
अस्पताल में तत्काल सहायता मिलने से अभ्यर्थी को होश आ गया। उसकी हालत में सुधर है। डाक्टरों के अनुसार अभ्यर्थी की पल्स गिरने से वह बेहोश हुआ। समय पर मेडिकल हेल्प से उसकी जान बच गई। बाद में हालत में सुधार होने पर स्टेशन लाया गया। जहां आर्थिक मदद व भोजन पानी देकर घर की ओर सुरक्षित रवाना किया।

*उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीम*
इस दौरान जीआरपी प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार वशिष्ठ, एसआई जयचन्द, नसीबुद्दीन, सिपाही दीपक बरगोती, महिला आरती सिन्धू, आरपीएफ के पवन कुमार आदि रहे।

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