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प्रकृति को देव तुल्य मानना हमारी प्राचीन परम्परा: राम मोहन

April 23, 2026

प्रकृति को देव तुल्य मानना हमारी प्राचीन परम्परा: राम मोहन

मैनपुरी। सुदिती ग्लोबल एकेडमी में विश्व पृथ्वी दिवस पर हरियाली और पर्यावरण जागरूकता संदेशों से सजाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। समारोह के दौरान नन्हें मुन्ने बच्चों ने पृथ्वी हमारी मां विषय पर मनमोहक पोस्टर और रंगोली बनाई, वहीं उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से वनों की कटाई और प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर कड़ा प्रहार किया। छात्र-छात्राओं ने कविता-पाठ के जरिए पर्यावरण की दुर्दशा और जल संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। एक विशेष सत्र में विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण किया और अपने प्रत्येक जन्मदिन पर एक पौधा लगाने व उसकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
 वरिष्ठ प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन ने कहा कि प्रकृति को देवतुल्य मानना हमारी प्राचीन परंपरा रही है। प्रशासनिक प्रधानाचार्य डॉ. कुसुम मोहन ने छात्र-छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन ने सभी को पृथ्वी की सुरक्षा की शपथ दिलाते हुए कहा कि वृक्षारोपण और जल संरक्षण के जरिए ही हम भावी पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण की ली सामूहिक शपथमैनपुरी। नगर के आश्रम रोड स्थित सेंट मेरीज़ स्कूल में पृथ्वी दिवस पर प्रधानाचार्या मनोरमा ने पर्यावण प्रदूषण के विषय में बात की। छात्रों को बताया कि हम सभी का दायित्व है कि धरती की यत्नपूर्वक रक्षा करें, जिसके लिए हमें वृक्षारोपण करना होगा। कक्षा आठ और नौ के विद्यार्थियों ने शिक्षिका प्रतीक्षा चौहान, आकांक्षा अवस्थी के नेतृत्व में नुक्कड़ नाटक द्वारा पृथ्वी को बचाना है तो हमें अधिक से अधिक संख्या में पेड़ लगाने होंगे, का संदेश दिया।प्राइमरी तथा जूनियर कक्षाओं के सभी विद्यार्थियों ने पर्यावरण सुधार संबंधी अनेक पोस्टर बनाकर पृथ्वी और पर्यावरण के प्रति अपनी कृतज्ञता दर्शाई। विद्यार्थियों ने प्रार्थना सभा में पृथ्वी संरक्षण हेतु शपथ ली तथा कक्षा दो व तीन के विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रांगण में लगे पौधों में पानी डाला। सहायक निदेशक कुशाग्र दास ने कहा कि हम सभी पेड़-पौधे लगाएंगे तथा वर्ष भर पेड़-पौधों की सेवा भी करेंगे। प्रबंधक दीपक दास ने छात्रों के कला-कौशल की प्रशंसा कर उत्साहवर्धन किया। कचहरी रोड स्थित विद्यालय में भी पृथ्वी दिवस पर कार्यक्रम हुए और बच्चों को शपथ दिलाई गई। इस मौके पर एसोसिएट डायरेक्टर नेहल दास, उप-प्रधानाचार्या वीना चौहान, कमलेश गेरा, अंजना अधिकारी, शिक्षिका संध्या भदौरिया आदि मौजूद रहे।विद्यार्थियों ने पेंटिंग बनाकर किया जागरुकमैनपुरी। आगरा रोड स्थित लॉर्ड कृष्णा एजूकेशनल एकेडमी के सभागार में पृथ्वी दिवस पर जागरुकता कार्यक्रम हुआ। वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुमंत गुप्ता ने कहा कि पृथ्वी दिवस का उद्देश्य पृथ्वी के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। पृथ्वी सभी जीव-जंतुओं के जीवन और पालन का मुख्य आधार है। मुख्य वक्ता डॉ. राकेश गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर, माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रधानाचार्या अनुपम गुप्ता ने पृथ्वी को हरा-भरा बनाए रखने पर जोर दिया और पर्यावरण प्रदूषण के लिए मानव की लापरवाही को चिंताजनक बताया। इस मौके पर निदेशक शशांक गुप्ता एड. प्रधानाचार्य प्रियंका गुप्ता, ज्योति मिश्रा, दीपिका सोनी, विकास यादव आदि मौजूद रहे।पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण पर की चर्चामैनपुरी। कु. आरसी कन्या इंटर कॉलेज में विश्व पृथ्वी दिवस पर पौधरोपण किया गया। एनएसएस स्वयंसेवियों ने प्रधानाचार्य प्रभा कुमारी के नेतृत्व में पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की। सामुदायिक सहभागिता और पौधरोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्कूल परिसर में पौधरोपण करवाया गया। हमारी पृथ्वी हमारा भविष्य थीम पर छात्राओं ने जागरुकता फैलाई और शपथ ली। इस मौके पर पूनम श्रीनाथन, प्रियंका, प्रीति जायसवाल, एनएसएस अधिकारी रेनू आदि मौजूद रहे।पर्यावरण संरक्षण के प्रति दिलाया

बीईओ ने परखा बच्चों का सामान्य ज्ञान: पीएम और सीएम के नाम पूछे

मैनपुरी, विकास खण्ड किशनी में बरनाहल से स्थानांतरित होकर आए खण्ड शिक्षा अधिकारी  जमील अहमद ने बीआरसी कार्यालय पहुंचकर विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालते ही उन्होंने बीआरसी स्टाफ से क्षेत्र की भौगोलिक और शैक्षिक स्थिति की जानकारी ली और सीधे विद्यालयों के निरीक्षण पर निकल पड़े। दोपहर करीब एक बजे बीईओ पीएमश्री प्राथमिक विद्यालय समान और जूनियर हाईस्कूल समान पहुंचे। उन्होंने कक्षा में जाकर बच्चों से संवाद किया और सामान्य ज्ञान की परख के लिए देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा ग्राम प्रधान के नाम पूछे। बच्चों ने बिना झिझक सभी प्रश्नों के सटीक उत्तर दिए। शिक्षकों को बीईओ ने स्पष्ट लहजे में कहा कि सभी शिक्षक पूरी निष्ठा और मन की आत्मा के साथ बच्चों को शिक्षित करें।
विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाए। किसी भी समस्या के समाधान के लिए शिक्षक सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। इसी दिन दोपहर 2:30 बजे सीडीओ नेहा बंधु ने भी पीएमश्री प्राथमिक विद्यालय समान का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे अत्यंत प्रतिभाशाली हैं, बस उन्हें सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है। इस दौरान एआरपी अतुल कुमार, कमलेश यादव, शंकर चौहान, पीयूष कुमार, हेमंत यादव, जुगल किशोर और राहुल गुप्ता आदि मौजूद  रहे

नागरिक देवो भव’ की भावना से करेंगे कार्य

जन-शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापरक निस्तारण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त- नवागत जिलाधिकारी।
मैनपुरी 21 अपै्रल 2026- जिलाधिकारी औरैया पद से स्थानांतरित नवागंतुक जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने आज कोषागार के डबल लॉक का चार्ज ग्रहण कर विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण किया, वर्ष 2014 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं, इससे पूर्व लखनऊ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष, नगर आयुक्त एवं नगर विकास विभाग में विशेष सचिव के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। उन्होने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना होगा, जनपद में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे लोगों को न्याय, सेवाएं उनके द्वार तक उपलब्ध हो सकें, सभी प्रकार की जन-समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित और पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाई जाएगी, जिला प्रशासन का प्रयास रहेगा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न रहे बल्कि वास्तविक और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित होगा। उन्होने कहा कि जनपद में संचालित निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराना, शासन की संचालित लाभार्थीपरक, जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाना उनकी वरीयता होगी, जनपद को विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, जन-समस्याओं के निदान में प्रदेश में शीर्ष पर बनाए रखने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।
नवागत जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व से संबंधित लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए पूर्व में चलाए गए “मिशन समाधान” जैसे अभियानों को और अधिक सशक्त किया जाएगा ताकि आम नागरिकों को त्वरित राहत मिल सके इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी नवाचारों को बढ़ावा देकर सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं बल्कि उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है, इसके लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि “डोर स्टेप डिलीवरी” की अवधारणा को सशक्त करते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नागरिकों को अधिक से अधिक सेवाएं उनके निकट ही उपलब्ध हो सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्र, प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप “नागरिक देवो भव” की भावना को प्रशासनिक कार्यशैली का आधार बनाया जाएगा, प्रशासन को आमजन के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और सहयोगी होना चाहिए ताकि लोगों को यह महसूस हो कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है और उनके हितों के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि वह अपनी समस्याओं, शिकायतों को बिना किसी संकोच के प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिलाधिकारी कार्यालय के द्वार आमजन के लिए सदैव खुले रहेंगे और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं समुचित समाधान किया जाएगा।
उन्होंने अपने तत्कालीन जिलाधिकारी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जनपद में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किए हैं और उनकी पहल को आगे बढ़ाया जाएगा, प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखते हुए पूर्व में किए गए नवाचारों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि जनहित में उनके सकारात्मक परिणाम जारी रह सकें  नवागत जिलाधिकारी अपनी सादगी और जमीनी कार्यशैली के लिए प्रसिद्ध हैं, जन-शिकायतों के निराकरण के लिए फरियादियों के साथ जमीन पर बैठकर संवाद करने के लिए जाने जाते हैं, सार्वजनिक भूमि से अनाधिकृत कब्जे हटवाने में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया है।
इस दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनन्द, अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश चन्द्र, अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी मनोज यादव आदि उपस्थित रहे।
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नव विवाहिता की  हत्या कर शव लटकाया

मैनपुरी, औंछा थाना क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुर में विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी ससुरालीजन शव छोड़कर फरार हो गए। सूचना पाकर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताते हैं कि विवाहिता की शादी महज 72 दिन पहले हुई थी मायके पक्ष के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है। थाना क्षेत्र के ग्राम ग्राम विक्रमपुर निवासी 22 वर्षीय मंजू पत्नी सचिन शाक्य का शव घर में छत के कुंडे पर लटका मिला। घटना के बाद ससुरालीजन घर से भाग गए। ग्रामीणों ने मृतका के पिता हेमराज शाक्य निवासी फतेहपुर थाना सिढ़पुरा जनपद कासगंज को सूचना दी। सूचना पाकर गांव पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पहुंची थाना पुलिस ने शव कब्जे में
लिया और पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतका के भाई संजीव ने ससुरालीजनों पर हत्या का आरोप लगाया। बताया कि उसकी बहन की शादी 72 दिन पहले 6 फरवरी को विक्रमपुर निवासी सचिन के साथ हुई थी। बीती शाम अज्ञात कारणों के चलते ससुरालीजनों ने गला दबाकर मंजू की हत्या कर दी और घर से भाग गए। थाना प्रभारी चंद्रपाल सिंह का कहना है कि विवाहिता की मौत कैसे हुई, कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है।

भीषण गर्मी का कहर: बुखार और डायरिया से दो बच्चों की मौत

मैनपुरी, भीषण गर्मी बच्चों और वृद्धों पर भारी पड़ रही है। भीषण गर्मी में बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।  अस्पताल में डायरिया और बुखार से दो बच्चों की मौत हो गई। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दोनों बच्चों को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
एक दिन पूर्व भी दो बच्चों की डायरिया की चपेट में आने से मौत हो गई थी। दो दिन में डायरिया से तीन और बुखार से एक बच्चे ने दम तोड़ा है। जनपद एटा के सकीट निवासी प्रीतम का पांच माह का पुत्र रिहानअपनी मां के साथ अपनी ननिहाल भोगांव थाना क्षेत्र के ग्राम नगला वन आया हुआ था। जहां 15 दिनों से रिहान को उल्टी दस्त की समस्या थी। उसका उपचार परिजन निजी चिकित्सक से करा रहे थे। दोपहर हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। जहां चिकित्सक ने रिहान को मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार रिहान को तीन दिन से उल्टी दस्त की समस्या थी। उसे डायरिया हो गया था एक अन्य मामले में जेल रोड स्थित वृद्धाश्रम में रह रहे 70 वर्षीय रामगोपाल को ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर इमरजेंसी लाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एक ही दिन में जिला अस्पताल की ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराकर उपचार लिया। चिकित्सकों के कक्षों में मरीजों की भीड़ नजर आयी। चिकित्सक इन दिनों बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से धूप, गर्मी से बचाने की सलाह दे रहे हैं। बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाने की सलाह दी जा रही है।
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