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भाजपा :अवध की जिला समितियों के लिए हुआ मंथन

March 22, 2026

भाजपा :अवध की जिला समितियों के लिए हुआ मंथन

Posted on 22.03.2026 Time 06.07 PM
लखनऊ 22 मार्च 2026। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने रविवार को पार्टी के राज्य मुख्यालय पर अवध क्षेत्र की जिला समितियों के गठन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष, जिला प्रभारियों, जिलाध्यक्षों तथा जिला पर्यवेक्षकों के साथ विस्तार से मंथन किया गया।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश में जिला समितियों का गठन संगठनात्मक संतुलन एवं व्यापक सहमति के आधार पर किया जा रहा है। इसके लिए पूर्व में प्रत्येक जिले में पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं, पूर्व जिलाध्यक्षों एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित कर जिला समितियों के लिए कार्यकर्ताओं की सूची तैयार की।पर्यवेक्षकों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को प्रदेश नेतृत्व के समक्ष रखा गया, जिस पर गहन विचार-विमर्श के उपरांत जिला समितियों के गठन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व ब्रज, पश्चिम, काशी एवं कानपुर- बुंदेलखंड क्षेत्र की समितियों के गठन पर विचार-विमर्श हुआ था। इसी क्रम में रविवार को अवध क्षेत्र की जिला समितियों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री धर्मपाल सिंह ने जिलावार समीक्षा करते हुए क्षेत्रीय अध्यक्षों, प्रभारियों एवं पर्यवेक्षकों से फीडबैक लिया। इस दौरान संगठन में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने, महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने तथा समर्पित, अनुशासित एवं वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संगठन ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी संगठनात्मक शक्ति के आधार पर पार्टी लगातार जनसेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ केआर नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने गरीब कल्याण, सुशासन एवं विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम एवं सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता ही भाजपा की विजय का आधार है।

March 21, 2026

मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की

उ0प्र0 गो-सेवा आयोग की बैठक सम्पन्न
 
प्रत्येक गोशाला में ’भूसा बैंक’ की स्थापना तथा गोवंश
की दैनिक संख्या का अनिवार्य रजिस्टर मेनटेन करने के निर्देश
 
सी0एस0आर0 फण्ड का प्रभावी उपयोग करते हुए सभी गो-आश्रय स्थलों में सी0सी0टी0वी0 कैमरों की स्थापना की जाए
प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित
लखनऊ : 21 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग की बैठक में निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रत्येक गोशाला में ’भूसा बैंक’ की स्थापना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्थानीय किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के पदाधिकारियों एवं पशुधन विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। आयोग के पदाधिकारियों को 2-2 के समूह में मण्डलवार भ्रमण कर ’भूसा बैंक’ की स्थापना और गोचर भूमि के विस्तार कार्य को गति देने को कहा गया है। प्रत्येक भ्रमण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग के भ्रमण में वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी होंगे। साथ ही, विभागीय मंत्री के नेतृत्व में राज्यव्यापी निरीक्षण और मुख्यालय स्तर से निदेशक द्वारा मासिक औचक निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनमें 6,433 अस्थायी स्थलों में 9.89 लाख, 518 वृहद गो-संरक्षण केन्द्रों में 1.58 लाख, 323 कान्हा गो-आश्रयों में 77,925 तथा 253 कांजी हाउस में 13,576 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1.14 लाख लाभार्थियों को 1.83 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए हैं, जिनके सत्यापन एवं समुचित भरण-पोषण के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गो-संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत् विकास का मजबूत आधार है। इस दृष्टि से गो-आश्रय स्थलों के संचालन में पारदर्शिता, तकनीक और जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने डी0बी0टी0 प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने और प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर गोवंश की दैनिक संख्या का अनिवार्य रजिस्टर संचालित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री जी ने सभी गो-आश्रय स्थलों में सी0सी0टी0वी0 कैमरों की स्थापना एवं सतत् मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और इसके लिए सी0एस0आर0 फण्ड के प्रभावी उपयोग की सम्भावनाओं पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और तकनीक आधारित निगरानी से व्यवस्थाएं और सुदृढ़ होंगी।
मुख्यमंत्री जी ने गो-रक्षा एवं गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परम्परा का अभिन्न अंग है और इस क्षेत्र में समर्पित लोगों का सार्वजनिक सम्मान किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी को भूसा एवं साइलेज की उपलब्धता के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टेण्डर प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जा रही है। निगरानी व्यवस्था के तहत 74 जनपदों में 5,446 गो-आश्रय स्थलों पर 7,592 सी0सी0टी0वी0 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। 52 जनपदों में कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल रूम स्थापित हैं, जबकि शेष में प्रक्रिया प्रगति पर है।
गोचर भूमि के प्रभावी उपयोग के लिए 61,118 हेक्टेयर से अधिक भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 10,641.99 हेक्टेयर को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ा गया है तथा 7,364.03 हेक्टेयर में हरे चारे का विकास किया जा चुका है।
प्रदेश में 97 गोबर गैस संयंत्र संचालित हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा एवं आय सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने इनके विस्तार पर जोर दिया। साथ ही, विभिन्न जनपदों में स्वयं सहायता समूहों एवं एन0जी0ओ0 द्वारा गो-पेण्ट, वर्मी कम्पोस्ट, गो-दीप सहित अन्य उत्पादों के निर्माण को आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बताया। मुजफ्फरनगर का गो-अभयारण्य इस दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में उभर रहा है।
वृहद गो-संरक्षण केन्द्रों की प्रगति की समीक्षा में अवगत कराया गया कि 630 स्वीकृत केन्द्रों में से 518 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन हैं। पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में खुरपका-मुंहपका, गलाघोटू एवं लम्पी स्किन डिजीज के विरुद्ध व्यापक टीकाकरण अभियान संचालित किए जा रहे हैं और पशुपालकों को निरन्तर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस अवसर पर पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री धर्मपाल सिंह, उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता व पदाधिकारीगण तथा अपर मुख्य सचिव पशुधन विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

March 20, 2026

मुख्यमंत्री ने ईद के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं

लखनऊ : 20 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने ईद-उल-फ़ितर के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ईद-उल-फ़ित्र का त्यौहार खुशी और मेल-मिलाप का सन्देश लेकर आता है। खुशियों का यह त्यौहार सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ ही, आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ाता है। यह पर्व अमन-चैन और सौहार्द का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ईद के पर्व पर सभी को सद्भाव तथा सामाजिक सौहार्द को और सुदृढ़ करने का संकल्प लेना चाहिए।

March 19, 2026

किशोरियों को ‘चेंजमेकर’ बनाने की दिशा में इनिशिएटिव फाउंडेशन का बड़ा कदम!

लखनऊ, 19 मार्च 2026, इनिशिएटिव फाउंडेशन द्वारा गर्ल्स कम्युनिटी लीडर्स के लिए मानवाधिकार एवं विकास में जेंडर की भूमिका विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण (18-19 मार्च 2026) कार्यक्रम का आयोजन बुद्धेश्वर, लखनऊ में किया गया। इस प्रशिक्षण में कुल 30 किशोरियों ने सहभागिता की।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को जागरूक, जिम्मेदार और सक्षम नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना था, ताकि वे अपने परिवार और समुदाय में सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
प्रशिक्षण के दौरान मानवाधिकार विषय पर सत्र का संचालन प्रशिक्षक प्रवेश वर्मा द्वारा किया गया, जबकि जेंडर इन डेवलपमेंट विषय पर सत्र का संचालन प्रशिक्षिका वर्षा जी द्वारा किया गया। दोनों प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को मानवाधिकार की मूल अवधारणाओं, लैंगिक समानता, सामाजिक संरचनाओं में महिलाओं की भूमिका तथा विकास प्रक्रिया में जेंडर के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
सत्रों में सहभागितापूर्ण गतिविधियों, समूह चर्चा एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से किशोरियों को सीखने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि किशोरियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की सक्रिय नेतृत्वकर्ता बन सकती हैं।
इनिशिएटिव फाउंडेशन के निदेशक ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि किशोरियों को ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना है, जो अपने समुदाय में सकारात्मक और स्थायी बदलाव ला सकें।
यह पहल किशोरियों को ‘बेनिफिशियरी’ से ‘चेंजमेकर’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रोग्राम कोआर्डिनेटर,कम्युनिटी मोबिलाइज़र, टीम सदस्यों एवं वॉलंटियर्स का महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिनके प्रयासों से प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो सकी।
यह कार्यक्रम किशोरियों में सशक्त नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और लैंगिक समानता की समझ को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

March 18, 2026

सीएम ने बांटे तीर्थ यात्रियों को एक एक लाख के चेक

लखनऊ 17 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पूरी तरह संवेदनशील व प्रतिबद्ध है। श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा प्राचीन काल से ही भारतीय सनातन धर्म की परम्परा, समाज तथा राष्ट्र की एकता व एकात्मता को सशक्त रूप से जोड़ने का माध्यम रही है। सुखद संयोग है कि ऋषि-मुनियों ने जिस भाव के साथ हमें जोड़ने का कार्य किया, आज हम सभी उसे बनाये रखने के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री यहां लोक भवन सभागार में श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को अनुदान राशि वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं को एक एक लाख रुपये की अनुदान राशि के प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 555 तीर्थ यात्रियों को एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति यात्रा अनुदान राशि प्रदान की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले तीर्थाटन जीवन का हिस्सा माना जाता था। लोग अपनी सामान्य दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर यात्रा पर निकलते थे। लोगों के पास संग्रह की वृत्ति नहीं थी, बल्कि अपनी मेहनत व पुरूषार्थ से जो कुछ अर्जित करते थे, उससे किसी न किसी धार्मिक यात्रा पर निकलकर जरूरतमन्दों की सहायता करते थे। उस यात्रा के माध्यम से पुण्य के भागीदार बनने के साथ समाज को जोड़ने, समझने का कार्य करते थे। यह भाव आदिकाल से बना हुआ है। जब आदि शंकर ने केरल से निकलकर देश के चारों कोनों में चार पीठों की स्थापना की थी, तब देश में कोई सरकार नहीं थी। राजा-रजवाड़ों का शासन था। राजनीतिक इकाईयां अलग-अलग थीं, लेकिन सांस्कृतिक रूप से सम्पूर्ण भारत एक था। आज भी वह भाव प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी के मन में रहता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रद्धालुओं ने श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा की कठिनाईयों, चुनौतियों और आपदाओं का मुकाबला करते हुए गत वर्ष इस यात्रा को सकुशल पूर्ण किया।  प्रदेश के श्रद्धालुजनों को कोई समस्या न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का निर्माण कराया है, जो निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हुआ। विदेश मंत्रालय की औपचारिकताएं पूर्ण करने के दौरान यह भवन श्रद्धालुओं के ठहराव का प्रथम पड़ाव होता है। शेष समय इस यात्रा भवन का उपयोग अन्य धार्मिक यात्रा से सम्बन्धित श्रद्धालुओं के लिए भी सुनिश्चित किया जाए। कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन के उपयोग के साथ-साथ इसका संरक्षण व बेहतर रख-रखाव भी किया जाए, क्योंकि अपनी परम्परा व धार्मिक स्थलों के प्रति यही हमारी कृतज्ञता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा में राज्य सरकार प्रदेश के अन्दर तथा भारत सरकार सम्पूर्ण भारत में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। लेकिन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दूसरे देशों से भी जुड़ना होता है और उनका व्यवहार जगजाहिर है। लेकिन उस असुविधा में भी हमारी आस्था भारी पड़ती है और लोग देवाधिदेव महादेव का दर्शन करते हैं। जब भाव होता है, तो व्यक्ति प्रत्येक कठिन चुनौती का सामना करते हुए भी मंजिल को प्राप्त कर लेता है। हमारी सरकार विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर आने वाले समय में गाजियाबाद में ही श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में और वृद्धि करने का प्रयास करेगी। पासपोर्ट कार्यालय जनपदों में बनाये जा रहे हैं। कई सुविधाएं ऑनलाईन उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन की मर्यादा को श्रद्धापूर्वक आगे बढ़ाने का दायित्व हम सबका होना चाहिए। धार्मिक यात्रा श्रद्धा भाव के साथ करनी चाहिए, पर्यटन व मनोरंजन गौण होना चाहिए। इससे हम धार्मिक स्थलों की पवित्रता, मर्यादा और गरिमा को बनाये रख सकेंगे। इन धार्मिक स्थलों की गरिमा के अनुरूप हमारा आचरण आगे आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करने में भी सहायक होगा। प्रदेश सरकार का प्रयास रहा है कि प्रत्येक तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं को आज के समय के अनुरूप अच्छी सुविधाएं प्राप्त हों। डबल इंजन सरकार का इस पर विशेष फोकस है।
वर्ष 2025 में प्रदेश में 164 करोड़ श्रद्धालु अलग-अलग धर्मस्थलों व तीर्थ स्थलों पर आए। इसमें 66 करोड़ श्रद्धालु केवल प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में ही आए थे। काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में प्रभु श्रीराम जन्मभूमि, मथुरा-वृन्दावन सहित अलग-अलग क्षेत्रों में करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यह चुनौती होने के साथ-साथ एक अवसर भी है। सरकार अपने स्तर पर आवागमन व जनसुविधाओं से सम्बन्धित अच्छी व्यवस्था देने का लगातार प्रयास कर रही है। पर्यटन क्षेत्र की सम्भावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन सम्भावनाओं के माध्यम से प्रदेश के विकास व रोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। प्रदेश सरकार ने विगत 09 वर्षों में लखनऊ, काशी, अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, माँ विन्ध्यवासिनी धाम, नैमिषारण्य, मथुरा-वृन्दावन, शुकतीर्थ, बौद्ध व जैन पर्यटन से सम्बन्धित केन्द्रों व अन्य तीर्थ स्थलों पर पर्यटकों के लिए अच्छी जनसुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इन सुविधाओं को और बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तराखण्ड में चार धाम हैं। इसके साथ देश में भी चार धाम हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उत्तर-दक्षिण को जोड़ने के अनेक प्रयास किये हैं। विगत 04-05 वर्षों से काशी में काशी-तमिल संगमम् का कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को जोड़ने का बेहतरीन माध्यम बना है। उत्तर प्रदेश में श्री काशी विश्वनाथ धाम है, तो तमिलनाडु में श्री रामेश्वरम धाम है। हमारा प्रयास होगा कि प्रदेश के श्रद्धालु काशी से गंगा जल लेकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर रामेश्वरम की यात्रा पर जाएं। इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा अनेक सुविधाएं दी जाती हैं। उत्तर-दक्षिण के जुड़ने से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सहायता प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग का प्रयास होना चाहिए कि श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा का सोशल, डिजिटल, विजुअल एवं प्रिण्ट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। यात्रा के समय हमारे पास एक ऐप हो। ऐसे नवाचारों से धार्मिक यात्राओं एवं प्रदेश के पर्यटन को एक नई पहचान प्राप्त होगी तथा अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने देश व प्रदेश के गौरव को लौटाया है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में सनातन संस्कृति को मजबूत किया है। उन्होंने एक शायर की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कि ‘काबिले तारीफ है अन्दाज़ एक-एक काम का, और गा रहा है गीत यू0पी0 योगी जी के नाम का’।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश के श्रद्धालु श्री कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति आभारी है। प्रदेश विरासत के सम्मान के साथ विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश की धार्मिक यात्रा वृत्तान्त पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
कार्यक्रम को कैलाश मानसरोवर सेवा समिति, लखनऊ के अध्यक्ष के0के0 सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर विधायक ओ0पी0 श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य  मुकेश शर्मा व रामचन्द्र प्रधान, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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