
लखनऊ, 12 जनवरी 2026, प्रति

लखनऊ, 12 जनवरी 2026, प्रति
लखनऊ, 12 जनवरी 2926, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक मंच पर परिचित कराने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। उन्होंने भारत व भारतीयता को नई पहचान दिलाई। स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा आगे बढ़ने के साथ ही हर परिस्थिति में हमारा मार्गदर्शन करती है। सीएम ने नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद तक की उनकी यात्रा को साधक से युग प्रवर्तक की यात्रा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने ‘उठो-जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको’ को जीवन का मंत्र बनाया था। उनका संदेश था- जब तक लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता व कर्म में निरंतरता नहीं होगी, तब तक सफलता प्राप्त नहीं हो सकती। इस भाव को आत्मसात करने वाले को सफल होने से कोई रोक नहीं सकता। सीएम ने युवाओं से कहा कि इच्छाशक्ति और संकल्प हो तो बदलाव के वाहक बन सकते हैं। लीक से हटकर चलने की प्रेरणा हमें आगे बढ़ाती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति’ के संकल्प के साथ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम में उक्त विचार प्रकट किए। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शनी व लघु फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने 10 युवाओं, तीन युवक मंगल दल व तीन महिला मंगल दल को स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया। सीएम ने राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज को गढ़ने वाली जीजाबाई मां साहिब की पावन जयंती पर उन्हें नमन किया।
*भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने में युवा संन्यासी की महती भूमिका*
सीएम योगी ने कहा कि सुप्त चेतना के कारण जो भारत आत्मबोध लगभग खो चुका था,
स्वामी विवेकानंद उस भारत का प्रतिनिधित्व करते थे। उस समय मुठ्ठी भर विदेशी आक्रांता भारत को गुलाम बनाने में सफल हो गए। चंद लोग भारत को लूट रहे थे। यहां की सभ्यता, संस्कृति और परंपरा को अपमानित किया जा रहा था, उस कालखंड में सुप्त चेतना को जागृत करने व भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने के लिए युवा संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने महती भूमिका का निर्वहन किया था।
*मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है*
सीएम योगी ने कहा कि शिकागो की धर्मसभा में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है। हमारे पास बुद्धि, वैभव व बल था, लेकिन हमने जबरन अपनी बात नहीं थोपी, क्योंकि जब भी पीड़ित मानवता भारत की तरफ आई है तो भारत ने उसे शरण, संरक्षण व संवर्धन दिया है। मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूं। यह उद्घोष राष्ट्र को ऊर्जा से भर देने वाला था। भारत में हर हिंदू का संस्कार है कि वह इसे जीवन का मंत्र बनाए।
*स्वामी विवेकानंद के विश्वास को मूर्त रूप लेते देख रहे*
सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का दृढ़ विश्वास था कि भारत युवा शक्ति, आध्यात्मिक चेतना के बल पर खुद को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करेगा। हम आज उसे मूर्त रूप लेते देख रहे हैं। 1947 में आजादी के एक दिन पहले देश का दर्दनाक विभाजन हुआ। लाखों की संख्या में कत्लेआम हर भारतीय को आहत कर रहा था। हर भारतीय आजादी का उत्सव नहीं मना पाया, लेकिन जब देश आजादी के 75 वर्ष पूरा कर रहा था, तब पीएम मोदी के नेतृत्व में लोग आत्मिक व अंतःकरण से आजादी के अमृत महोत्सव से जुड़े। जो प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ सके, वे ‘हर घर तिरंगा’ का हिस्सा बनकर आगे बढ़े। पीएम मोदी ने 2022 में विकसित भारत का विजन देते हुए स्पष्ट किया कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर कैसा भारत चाहिए।
*दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि मोदी जी आप कुछ कीजिए*
सीएम मोदी ने कहा कि जिस भारत की कोई सुनता नहीं था, आज उस भारत के बिना दुनिया का काम नहीं चलता। यह भारत की ताकत व सामर्थ्य है। आज मोदी जी बोलते हैं तो दुनिया उनका अनुसरण करती है। दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि मोदी जी आप कुछ कीजिए। मोदी जी पर इस विश्वास की प्रतीक भारत की युवा शक्ति है। सीएम योगी ने युवा शक्ति से विकसित 2047 के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
*सीएम ने युवक व महिला मंगल दल से व्यक्त की अपनी अपेक्षा*
सीएम ने युवक व महिला मंगल दल के समक्ष दो अपेक्षाएं रखीं। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, विकास खंड में मिनी स्टेडियम व हर जनपद में बड़े स्टेडियम के लिए कार्य हो रहा है। युवक व महिला मंगल दल भी इस प्रयास में सक्रिय भूमिका निभाएं और अभियान का हिस्सा बनें। ग्राम पंचायत स्तर पर खेलकूद, न्याय पंचायत स्तर पर अलग-अलग टीमें बनाएं, फिर ब्लॉक, जनपद, मंडल व प्रदेश स्तर पर प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनें, जिससे हर स्तर पर अच्छी टीमें तैयार होंगी। इससे नए युवाओं को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म मिलेगा। सीएम ने पीएम मोदी के विजन ‘खेलोगे तो खिलोगे’ का जिक्र किया और बताया कि खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद स्पर्धा, राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण लीग, विधायक खेलकूद स्पर्धा चल रही है। युवा खेलकूद प्रतियोगिता में बढ़ेंगे तो टीमवर्क से गांव के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की। कहा, नशे के खिलाफ अभियान चलाना होगा, आप गोपनीय सूचना दें, सरकार नशा कारोबारी की संपत्ति जब्त करेगी। नशा युवा पीढ़ी, समाज व राष्ट्र को खोखला बना देता है, इसलिए उसके खिलाफ प्रहार की आवश्यकता है।
*सीएम का जल संरक्षण, एक पेड़ मां के नाम, जल सरंक्षण पर जोर*
सीएम ने युवक व महिला मंगल दल के सदस्यों से जल संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा, गांव में चेकडैम, अमृत सरोवर, पाटे गए पुराने कुओं का पुनरुद्धार कराएं। जल संरक्षण की दिशा में खड़े हों। अगली बार से पुरस्कार में पर्यावरण-जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, कार्यों की तकनीक व फिजिकल मॉनिटरिंग कराएंगे। जो इस प्रतिस्पर्धा में खरे उतरेंगे, उन्हें राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड में विशेष महत्व देंगे। हर जनपद में पुरानी नदी है, लेकिन कई पर कब्जा है। ग्रामीणों को श्रमदान के लिए प्रेरित करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत- जी राम जी’ की नई स्कीम दी है। इसके जरिए हर गांव में रोजगार का सृजन करना है। इसके पैसे का इस्तेमाल कर नदी के पुनरुद्धार की दिशा में बढ़ सकते हैं। बरसात में गांव में हर नागरिक द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम’ पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 वर्ष में यूपी में सघन पौधरोपण, विकास कार्य हुए और बड़े राज्यों में यूपी नंबर वन पर है, जिसने ग्रीन कवर को बढ़ाया है।
*मुख्यमंत्री ने टीम भाव के लिए किया प्रेरित*
सीएम ने पुरस्कृत युवाओं को खेलकूद प्रतियोगिता के साथ ही गांव में टीम भाव के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल मैदान, मिनी स्टेडियम, स्टेडियम पर कोई कब्जा न करने पाए। जल संरक्षण अभियान, नदी-कुआं पुनरुद्धार, वृहद पौधरोपण करें। सीएम ने जुलाई के प्रथम सप्ताह में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य दिया।
*युवाओं से कहा- प्रयास से सब कुछ हो सकता है*
सीएम ने युवाओं से कहा कि प्रयास करने से सब कुछ हो सकता है। युवाओं के लिए अनेक स्कीम चल रही हैं। डबल इंजन सरकार द्वारा मिशन रोजगार के अंतर्गत यूपी के नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अब सिफारिश, पैसे का लेनदेन और ‘महाभारत के रिश्ते’ वसूली के लिए नहीं निकल सकते, अब ऐसा किया तो जेल जाएंगे। धरातल पर 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव उतारे जा चुके हैं। ओडीओपी के माध्यम से परंपरागत उद्यम को प्रोत्साहित किया गया है। दोनों को मिलाकर दो करोड़ युवाओं को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिली है। स्वरोजगार के लिए भी पीएम स्टार्टअप व पीएम स्टैंडअप की स्कीम लागू की। डिजिटली सक्षम बनाने के लिए दो करोड़ को युवाओं को स्मार्टफोन व टैबलेट वितरण किया जा रहा है, अब तक 50 लाख युवाओं को इससे जोड़ा जा चुका है। उन्होंने सीएम युवा स्कीम की भी संपूर्ण जानकारी दी और बताया कि अब तक एक लाख से अधिक युवा इसका लाभ प्राप्त कर चुके हैं।
*यूपी में अनंत संभावनाएं, पर्यटन से भी बढ़ रहा रोजगार*
सीएम ने कहा कि युवा नई तकनीक से जुड़ने के लिए एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी आदि की जानकारी लें और इनका अधिक से अधिक उपयोग कर रोजगार का सृजन करें। इसके लिए यूपी में टाटा टेक्नोलॉजी, सैमसंग आदि के साथ साझेदारी करते हुए सेंटर भी विकसित किए गए हैं। आज सबसे कम बेरोजगारी दर यूपी में है। युवाओं को काम दिया और टेक्नोलॉजी में सक्षम बनाया। यूपी के अंदर अनंत संभावनाएं हैं। निवेश के साथ ही टूरिज्म भी रोजगार का बड़ा माध्यम बन रहा है। अब यूपी में कर्फ्यू-दंगा नहीं है, यहां सब चंगा है। महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए। पहले यूपी में लाखों लोग भी नहीं आते थे, अब 66-67 करोड़ लोग पर्यटन स्थल पर आते हैं। गाइड, टैक्सी चालक, होटल, रेस्तरां आदि के माध्यम से रोजगार सृजन हो रहा है।
*तकनीक व प्रगति के साथ नैतिकता, अनुशासन व सामाजिक संवेदनशीलता भी आवश्यक*
सीएम ने कहा कि युवाओं को इनोवेशन, रिसर्च-डेवलपमेंट व रोजगार के नए-नए क्षेत्र के लिए तैयार करना होगा। सीएम ने तकनीक की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीक व प्रगति के साथ नैतिकता, अनुशासन व सामाजिक संवेदनशीलता भी आवश्यक है। यूपी के पास बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप का बेहतरीन ईको सिस्टम है। स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि युवा देश के वास्तविक शिल्पकार हैं। भारत विश्वगुरू के रूप से तभी स्थापित हो पाएगा, जब युवा शक्ति मजबूती के साथ बढ़ेगी।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, खेल व युवा कल्याण विभाग के सचिव सुहास एल. वाई आदि उपस्थित रहे।
लखनऊ, 12 जनवरी 2026, एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के अंतर्गत संचालित एसकेडी एकेडमी की सभी शाखाओं में राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उनके प्रेरणादायक संदेश *“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”* को स्मरण किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद, पोस्टर निर्माण, निबंध लेखन एवं विचार प्रस्तुति जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जो स्वामी विवेकानंद जी के विचारों पर आधारित थीं। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और युवा सशक्तिकरण, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर *एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के निदेशक श्री मनीष सिंह* ने अपने संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं और यदि वे आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण एवं कर्तव्यनिष्ठा को अपनाएं तो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ के साथ किया गया।
समरस व स्वाभिमान समाज चाहते थे स्वामी विवेकानन्द: अभय
लखनऊ,12 जनवरी । स्वामी विवेकानन्द जयंती के अवसर पर सोमवार को विश्व संवाद केन्द्र जियामऊ के अधीश सभागार में ‘युवराष्ट्र’ की ओर से ‘स्वामी विवेकानन्द के सपनों का भारत’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र धर्म जागरण प्रमुख अभय जी,राज्य सूचना आयुक्त पीएन द्विवेदी, विराज सागर दास और किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. ए.के.सोनकर ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र धर्म जागरण प्रमुख अभय ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द समरस व स्वाभिमान समाज चाहते थे। वह योद्धा सन्यासी थे। उन्होंने हिन्दू धर्म व हिन्दुत्व से पूरी दुनिया को परिचित कराया। स्वामी विवेकानंद का युवाओं पर अटूट विश्वास था वह कहते थे कि “मुझे सौ ऊर्जावान युवा दे दो, मैं भारत को बदल दूँगा। आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है। स्वामी विवेकानंद जी का संदेश है – “एक विचार को पकड़ो। उस विचार को अपना जीवन बनाओ, उसके बारे में सोचो, उसके सपने देखो, उस विचार पर जियो।”अभय ने कहा कि भारत में हिंदू घट रहा है। यह चिंता का विषय है।
मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त पीएन दिवेदी ने कहा कि 1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद में दिया गया उनका भाषण केवल धार्मिक संवाद नहीं था। वह भारत की सभ्यतागत आत्मा का वैश्विक उद्घोष था। गर्व से उन्होंने कहा कि वे उस सनातन परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने विश्व को सहिष्णुता और समन्वय सिखाया। यह अवसर केवल स्वामी विवेकानन्द का स्मरण करने का नहीं है, बल्कि उस वैचारिक ऊर्जा को समझने और अपने जीवन में उतारने का भी समय है जिसने भारत को आत्मगौरव, आत्मबल और राष्ट्रीय चेतना का बोध कराया।
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. ए.के.सोनकर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द हिन्दी,अंग्रेजी,बांग्ला और संस्कृत के विद्वान थे। उन्होंने कहा था कि उठो जागो और लक्ष्य की प्राप्ति किये बिना रूको मत।
अशोक कुमार सिन्हा ने संगोष्ठी की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि वे केवल सन्त ही नहीं, एक महान देशभक्त, वक्ता, विचारक, लेखक और कवि भी थे। उन्होंने देश के युवाओं को जगाने का काम किया।
सह भाग कार्यवाह सिद्धार्थ ने कहा कि युवराष्ट्र संस्था युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने के लिए काम करती है।
कार्यक्रम के संयोजक अभिषेक यादव ने आभार जताया। संचालन विख्यात मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम के सह संयोजक अर्जुन सिंह ने मंचस्थ अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रांत प्रचार टोली के सदस्य बृजनंदन राजू, धनंजय सिंह राणा,असीम सिंह,ईशा यादव,सर्वजीत सिंह, प्रदीप सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।