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जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की संवेदनशील पहल बनी निराश्रित बच्चों का संबल

August 5, 2026

जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की संवेदनशील पहल बनी निराश्रित बच्चों का संबल

उप्रससे अजय बरया
ललितपुर। प्रशासन तभी सार्थक है जब उसकी संवेदनशीलता अंतिम पंक्ति में खड़े सबसे कमजोर व्यक्ति तक पहुंचे। जनपद ललितपुर में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की कार्यशैली इस भावना को निरंतर साकार कर रही है, नियमित जनता दर्शन एवं जनसुनवाई के दौरान जब भी उनके समक्ष निराश्रिम महिलाओं, अनाथ एवं असहाय बच्चों के प्रकरण पहुंचे, उन्होंने उन्हें केवल एक आवेदन के रूप में नहीं बल्कि एक परिवार की पीड़ा के रूप में देखा।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण में गहरी मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए स्वयं बच्चों एवं उनकेे परिजनों की पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की। पात्रता सुनिश्चित होने पर सम्बंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों को तत्काल मौके पर ही ऑनलाइन आवेदन कराने के निर्देश दिये, जिससे पात्र बच्चों को बिना अनावश्यक विलंब के उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ मिल सके। यही कारण है कि अनेक ऐसे परिवार जिन्हें वर्षों से योजना की जानकारी अथवा पहुंच नहीं थी, आज सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की सहायता प्राप्त कर जीवन के प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहे हैं।
जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश के मात्र 10 माह के कार्यकाल में उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य के अंतर्गत 1073 नये बच्चों को योजना से लाभान्वित कराया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व कोविड काल से संचालित इस योजना में कुल 739 बच्चे ही लाभान्वित हुए थे। वर्तमान में जनपद में इस योजना के अंतर्गत कुल 1812 बच्चे लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह उपलब्धी केवल प्रशासनिक आंकड़ा नहीं, बल्कि सैकड़ों निराश्रित एवं असहाय बच्चों के जीवन में आयी नई आशा और सुरक्षा का प्रतीक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि योगी सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र बच्चा आर्थिक अभाव या पारिवारिक विपत्ति के कारण अपने भविष्य से वंचित न रहे। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि ऐसे बच्चों का सक्रिय रूप से चिन्हांकन किया जाए, जिन्होंने 01 मार्च 2020 के बाद अपने अभिभावक, माता-पिता दोनो अथवा किसी एक को खो दिया है और जो जीवित हैं उनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक न हो, उन्हें समयबद्ध ढंग से उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य सहित शासन की अन्य सभी योजनाओं से आच्छादित किया जाए। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड-19 श्रेणी के अंतर्गत पात्र बच्चों को प्रतिमाह 4 हजार तथा उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य श्रेणी के बच्चों को प्रतिमाह 2500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई निराश्रित अथवा पात्र बच्चा है, जो अभी तक योजना से लाभान्वित नहीं हो सका है, तो योजना की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करा सकते हैं या उसकी सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय अथवा सम्बंधित विभाग को दें। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पात्र बच्चा शासन की इस संवेदनशील योजना से वंचित न रहने पाये।
ललितपुर में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश की संवेदनशील सोच और मानवीय प्रशासन की जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है, जिसने सैकड़ों बच्चों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और नई उम्मीद का दीप प्रज्वलित किया है।

August 4, 2026

हत्या के अभियोग में वांछित शातिर अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ के दौरान किया गया गिरफ्तार

अभियुक्तगण के कब्जे से 03 अवैध देशी तमंचा, 04 खोखा कारतूस व 02 जिन्दा कारतूस बरामद

उप्रससे, अजय बरया

ललितपुर- पुलिस अधीक्षक, संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक, कालू सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर अजय कुमार के निकट पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना कोतवाली पर पंजीकृत मु0अ0सं0 832/2026 धारा 191(2),191(3),119(1),103(1),109, 126(2),351(3),352 BNS में वांछित तीन शातिर अभियुक्तों 01.इंद्रपाल उर्फ इंदल यादव पुत्र रतीभान यादव, निवासी सिद्धनपुरा, थाना कोतवाली, 02.दीपक यादव पुत्र आधार सिंह, निवासी बंदरगुड़ा, जखलौन जनपद ललितपुर , 03.पुष्पराज सेंगर उर्फ राज राजा पुत्र अरुण, निवासी रामनगर, कोतवाली जनपद ललितपुर को थाना तालबेहट क्षेत्रान्तर्गत राजघाट साउथ नहर कैनाल के पास, ग्राम खांदी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुए, जिन्हे उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया । अभियुक्तों को गिरफ्तार कर, विधिक कार्यवाही की जा रही है ।

घटना का संक्षिप्त विवरण-

दिनांक 28.07.2026 को वादिया मुकदमा द्वारा कोतवाली ललितपुर पर प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया था, कि अभियुक्तगण द्वारा उसके पति कृष्णपाल व सास-ससुर से अवैध रूपयो की माँग करना, मना करने पर गाली गलौज कर जान से मारने की नियत से हमला कर घायल कर देना व वादिया को जान से मारने की धमकी दी गयी ।

प्राप्त तहरीर के आधार पर कोतवाली ललितपुर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था । वादिया के ससुर घनश्याम यादव उम्र करीब 65 वर्ष की दौराने उपचार जनपद झांसी में मृत्यु हो गयी थी, जिसके आधार पर मुकदमा उपरोक्त में धारा 103(1) BNS की बढ़ोत्तरी की गई है । प्रकरण की गंभीरता व संवेदनशीलता को देखते हुए अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में 05 पुलिस टीमों को लगाया गया था । गठित टीमों द्वारा मुठभेड़ में घायल हुए अभियुक्तगण को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया ।

पुलिस मुठभेड़ का विवरण-

दिनांक 04.08.2026 को सूचना प्राप्त हुई कि मुकदमा उपरोक्त में वांछित अभियुक्तगण ग्राम खांदी मंजरा थाना तालबेहट के पास मौजूद हैं । उक्त सूचना पर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक घेराबंदी की गई। इस दौरान पुलिस एवं अभियुक्तों के मध्य मुठभेड़ हुई, जिसमें अभियुक्तगण 01.इन्द्रपाल उर्फ इंदल यादव, 02.दीपक यादव व 03. पुष्पराज सेगर उर्फ राजराजा उपरोक्त घायल हुए, जिन्हे उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया है । अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है ।

पूछताछ का विवरण-

अभियुक्तगण ने पूछताछ करने पर बताया कि साहब, मृतक घनश्याम व उसके परिजनों से वर्ष 2023 में वाद-विवाद एवं मारपीट हुई थी, जिसमें हमारे पक्ष के लोगों को चोटें आई थीं। उक्त वाद-विवाद के कारण हम लोग इन लोगों से रंजिश मानते थे। दिनांक 28.07.2026 को कृष्णपाल को आईटीआई ललितपुर के पास जेसीबी मशीन चलाने के लिए बुलाया था। तभी हम लोगों उसके साथ जान से मारने की नियत से मारपीट की थी तथा उसके माता-पिता को कृष्णपाल का एक्सीडेंट हो जाने का बहाना बनाकर फोन कर बुलाया । इसके बाद रास्ते में कृष्णपाल के माता-पिता के साथ भी जान से मारने की नीयत से लोहे की रॉड व सब्बल से मारपीट कर भाग गए थे। बाद में हमें जानकारी हुई कि दौराने इलाज घनश्याम की मृत्यु हो गई है, जिसके बाद हम लोग छिपते-छिपाते भाग रहे थे । साहब, हम लोगों से गलती हो गई है, हमें माफ कर दीजिए ।

 

बरामदगी का विवरण-

01.दो अवैध देशी तमंचा .315 बोर, 01 जिन्दा कारतूस व 02 खोखा कारतूस .315 बोर ।
02.एक अवैध देशी तमंचा 12 बोर, 01 जिन्दा कारतूस व 02 खोखा कारतूस 12 बोर ।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम-

अनुराग अवस्थी प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली ललितपुर मय टीम । अशोक वर्मा प्रभारी निरीक्षक थाना तालबेहट मय टीम । अजमेर सिंह भदौरिया थानाध्यक्ष पूराकला मय टीम अतुल तिवारी प्रभारी स्वाट टीम मय टीम शामिल रहे

August 2, 2026

पुलिस अधीक्षक द्वाराऑपरेशन जागृति कार्यक्रम के तहत आपसी समझौते से वैवाहिक विवादों का समाधान करने वाले दम्पतियों को किया गया सम्मानित

ललितपुर- रिज़र्व पुलिस लाइन्स, ललितपुर स्थित सभागार में ऑपरेशन जागृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई द्वारा प्रतिभाग कर, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण तथा पारिवारिक एवं सामाजिक स्तर पर उत्पन्न विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु संचालित अभियानों के संबंध में जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता, विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं, बाल संरक्षण एवं महिला अधिकारों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, किसी भी प्रकार की समस्या अथवा अपराध की स्थिति में बिना संकोच पुलिस एवं संबंधित विभागों से सहायता प्राप्त करने तथा उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया।

अपराध की पीड़िताओं को सहायता एवं काउंसलिंग प्रदान करने तथा उनसे संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के संबंध में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, पारिवारिक एवं अन्य विवादों के समाधान हेतु युवक-युवतियों एवं उनके अभिभावकों की काउंसलिंग, आपसी संवाद, समझदारी एवं सकारात्मक सोच की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर आपसी समझौते एवं काउंसलिंग के माध्यम से अपने वैवाहिक विवादों का समाधान कर पुनः सुखद पारिवारिक जीवन की ओर अग्रसर हुए दम्पतियों को पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई द्वारा उपहार प्रदान कर बधाई दी गई तथा उनके सकारात्मक प्रयासों की सराहना की गई।कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट एवं सराहनीय काउंसलिंग कार्य करने वाले काउंसलिंगकर्ताओं को उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक करने में सराहनीय योगदान देने वाली महिला आरक्षियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा उपस्थित सभी लोगों से महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या अथवा अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।जनपद ललितपुर पुलिस महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण तथा पारिवारिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु निरंतर प्रयासरत है।

इनकी रही उपस्थिति –इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह एवं सीओ सदर‌‌‌ अजय कुमार,काउंसलर अजय बरया डॉक्टर एसपी पाठक डॉक्टर दीपक चौबे
डॉक्टर सुभाष जैन डॉक्टर जनक किशोरी शर्मा सुधा कशवाहा
डॉक्टर संजीव कुमार शर्मा एडवोकेट अरमान अजीज कुरैशी

महिला थाना अध्यक्ष अनीता सिंह ,कांस्टेबल माधवी
उपस्थित रहीं

July 31, 2026

दो इंटरसेप्टर बाइकों को पुलिस अधीक्षक द्वारा हरी झंडी दिखाकर यातायात व्यवस्था हेतु किया गया रवाना

उप्रससे अजय बरया

ललितपुर- पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई द्वारा यातायात निदेशालय से प्राप्त 02 इंटरसेप्टर बाइकों को हरी झंडी दिखाकर यातायात व्यवस्था हेतु रवाना किया गया।

उक्त इंटरसेप्टर बाइकों के माध्यम से जनपद में ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों पर प्रभावी निगरानी एवं नियंत्रण स्थापित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, ललितपुर द्वारा प्रभारी यातायात को इंटरसेप्टर बाइकों का पूर्ण मनोयोग, सतर्कता एवं प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई किए जाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

July 29, 2026

जिलाधिकारी के निर्देशन में चकबंदी कार्यों में आई तेजी, वर्षों से लंबित दो ग्रामों की चकबंदी हुई पूर्ण

उप्रससे अजय बरया

ललितपुर। जनपद में जिलाधिकारी के सतत निर्देशन एवं नियमित समीक्षा के परिणामस्वरूप चकबंदी कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्षों से लंबित ग्राम बरौदी नकीब (तहसील ललितपुर) तथा मौगान (तहसील महरौनी) की चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इनमें बरौदी नकीब की चकबंदी लगभग आठ वर्ष तथा मौगान की चकबंदी लगभग इक्कीस वर्ष से लंबित थी।
जनपद में कुल 754 राजस्व ग्राम हैं, जिनमें अब तक 194 ग्रामों की चकबंदी पूर्ण हो चुकी है तथा वर्तमान में 75 ग्रामों में विभिन्न चरणों में चकबंदी कार्य प्रगति पर है। शासन स्तर पर शेष ग्रामों में चकबंदी प्रारंभ करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है, हालांकि किसानों द्वारा लगातार इसकी मांग की जा रही है।

वर्तमान में चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में सर्वेक्षण, भू-चित्र संशोधन, पड़ताल, विनिमय अनुपात निर्धारण, अभिलेख शुद्धिकरण, चक सृजन तथा आपत्तियों के निस्तारण जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। वहीं भगवाहा एवं बमरोला ग्रामों में किसानों को नए चकों पर कब्जा दिलाकर कब्जा परिवर्तन की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। सूरीकलां, मऊमाफी, भगवाहा, बमरोला एवं छायन ग्रामों में अंतिम अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, जिन्हें इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण कर धारा-52 का प्रकाशन प्रस्तावित है।
जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक माह चकबंदी कार्यों की समीक्षा किए जाने से कार्यों की गति और गुणवत्ता में निरंतर सुधार आया है तथा किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जा रहा है।
चकबंदी स्टाफ की कमी के कारण कुछ ग्रामों में कार्य प्रभावित था, किन्तु अब जनपद के लिए 18 नए चकबंदी लेखपाल स्थानांतरित किए गए हैं, जिनमें 17 ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इनके माध्यम से लंबित एवं रुके हुए कार्यों को शीघ्र गति प्रदान की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, जिला बंदोबस्त अधिकारी राकेश कुमार के विशेष प्रयासों से जनपद के सभी 16 सहायक चकबंदी अधिकारी न्यायालयों का भी कम्प्यूटरीकरण कर दिया गया है। अब सहायक चकबंदी अधिकारी न्यायालयों में भी CCCMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन वादों का निस्तारण किया जा रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध हुई है। वर्तमान में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी एवं उपसंचालक चकबंदी न्यायालयों में तीन वर्ष से अधिक पुराना कोई भी वाद लंबित नहीं है।

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