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गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय को कैबिनेट की मंजूरी

April 7, 2026

गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय को कैबिनेट की मंजूरी

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
07/04/2026

कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा विश्वविद्यालय, 491 करोड़ रुपये से अधिक आएगी लागत

वानिकी एवं औद्यानिकी में संचालित किए जाएंगे बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम

गोरखपुर, 7 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में गोरखपुर में बनने वाले ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने इसके लिए “उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2026” के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की है। 491 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह विश्वविद्यालय कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जाएगा। योगी सरकार वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय के लिए इस वर्ष प्रस्तुत प्रदेश के बजट में भी 50 करोड़ रुपये पास कर चुकी है।

गोरखपुर के इस पांचवें विश्वविद्यालय में वानिकी, औद्यानिकी, वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एग्रोफॉरेस्ट्री, फल एवं बागवानी सहित कई आधुनिक विषयों में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य वनावरण बढ़ाना, जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करना, किसानों और छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण देना तथा कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है। इस फैसले से प्रदेश में हरित विकास, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार और गोरखपुर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो जाएगी। इसके पहले सरकार ने दुनिया के पहले राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण केंद्र की स्थापना गोरखपुर में ही की है। 6 सितंबर 2024 को कैम्पियरगंज में दुनिया के पहले राजगिद्ध जटायु (रेड हेडेड वल्चर) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही वानिकी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। अब इसे कैबिनेट की भी मंजूरी मिल गई है। यह उत्तर भारत का पहला वानिकी विश्वविद्यालय होगा। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गोरखपुर वन प्रभाग ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रक्रियात्मक तैयारी तेज कर दी है।

गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) विकास यादव का कहना है कि वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय में वानिकी के अलावा कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक के भी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स संचालित कराने की योजना है ताकि बड़ी संख्या में युवाओं के सामने नौकरी और रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब शिलान्यास की तैयारी और तेज की जाएगी।

April 6, 2026

पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों में समन्वय आवश्यक : मुख्यमंत्री

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
06/04/2026

गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह

पत्रकारिता को स्वयं को बेलगाम नहीं होने देना है : मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 6 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बीच परस्पर समन्वय होना आवश्यक है। यदि किसी एक ही तथ्य को मीडिया के अलग-अलग आयाम भिन्न-भिन्न तरीके और दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेंगे तो आमजनमानस के सामने कन्फ्यूजन की स्थिति होगी। ऐसी स्थिति मीडिया के प्रति जनविश्वास को भी प्रभावित करेगी। इसलिए यह आवश्यक है कि मीडिया के सभी अंग समान मानक, मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें।

सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पत्रकारिता में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां हैं। पत्रकारिता में प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के स्वरूप हैं। आज परिवारों में प्रत्येक सदस्य का रूझान मीडिया के अलग अलग रूपों में रहता है। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता के सभी रूपों को समग्रता के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया के अपने कुछ मानक हैं, अपनी आचार संहिता है। पर, सोशल मीडिया को अभी इससे जोड़ना है।

सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता को स्वयं को बेलगाम नहीं होने देना है बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों व आर्दशों के साथ आगे बढ़ाना है। भारत में 200 वर्ष के पत्रकारिता का मूलभाव राष्ट्र सेवा, समाज सेवा व एक भारत श्रेष्ठ भारत का भाव रहा है। हमें इसी भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मीडिया में एक ऐसा भी वर्ग है जो समाज को गुमराह करके अशांति फैलाने का कार्य करता है। हमें मीडिया के ऐसे रूप से बचने आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सोशल मीडिया तथा प्रिंट मीडिया में एक ही खबर में भिन्नता होती है तो वह जनमानस को विचलित करती है। यह दुविधा की स्थिति खतरनाक होती है। हमें ऐसी स्थिति नहीं हो, ऐसा प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार मूल्यों व आर्दशों पर आधारित पत्रकारिता के साथ सदैव खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है। संवाद में आलोचना हो सकती है किन्तु इस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मनाना चाहिए। जब हम एक सूत्र की मनोस्थिति से कार्य करते हैं तो सदैव सार्थक परिणाम सामने आते हैं। सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना होता है। पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दो को प्रस्तुत करता है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है। पत्रकारिता को जन विश्वास प्रतीक के रूप में बने रहने के लिए सही और गलत के प्रति एक भाव में रहना चाहिए। पत्रकारिता में किसी भी मुद्दे पर दो भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि यह भाव जन विश्वास पर कुठाराघात करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष हिन्दी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि 200 वर्ष पहले हिन्दी पत्रकारिता की शुरूआत 30 मई 1826 को कोलकता से हुई थी। 30 मई 1826 को जुगुल किशोर शुक्ल ने हिन्दी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का शुभारम्भ किया था। जब उन्होंने पत्र निकाला तब देश गुलाम था। उन्होंने देश की आजादी के स्वर को तेज करने के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया था। 200 वर्ष से बिना रूके, बिना थके, बिना डिगे पत्रकारिता की शानदार यात्रा आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता जब एक सामान्य व्यक्ति के स्वर के साथ अपना स्वर मिलाती है, और सही तथ्यों को जनता के सम्मुख रखती है, तब एक मजबूत जन विश्वास का निर्माण होता है। जो पत्रकारिता जनविश्वास का प्रतीक बनती है उसे दुनिया की कोई शक्ति विचलित नहीं कर सकती। पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है। सीएम योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन और देश सेवा के लिए महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भी पत्रकारिता को माध्यम बनाने का जिक्र किया। साथ ही बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में लखनऊ से ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ के नारे को पत्रकारिता के माध्यम से जनमानस में संचार किया था। वर्ष 2017 में इस नारे के 100 वर्ष पूरे होने के पश्चात प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का आधार हमारे उपनिषदों से प्रेरित रहा है। यह प्रेरणा उपनिषदों की सत्यमेव जयते सूक्ति से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि समाज में विघटनकारी शक्तियों की चुनौती पत्रकारिता के सामने हमेशा रही है। यह शक्तियां पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बाधित करती रही हैं। इन बाधाओं से विचलित हुए बिना हमें इसको बढ़ाये रखना है क्योंकि हमारी पत्रकारिता उपनिषदों के मूल्यों पर आधारित है, जहां सत्य की विजय निश्चित है का भाव समाहित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तीन करोड़़ की आबादी शिक्षा, व्यापार व रोजगार हेतु गोरखपुर महानगर पर निर्भर है। पूर्वी यूपी, पश्चिमी बिहार, और नेपाल की एक बड़ी आबादी गोरखपुर पर निर्भर रहती है। कहा कि गोरखपुर में पत्रकारिता की दिशा, लोगो के मन में राष्ट्रभक्ति के भाव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पाने तथा विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य को पत्रकारिता को मजबूती के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। यदि हम ऐसा कर पाएंगे तो यह बेहद महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना 1998 में हुई। इसमें शामिल सदस्यों को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का सानिध्य प्राप्त था। विगत वर्ष भी गोरखपुर प्रेस क्लब के सदस्यों को शपथ समारोह में शामिल होने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ था। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना में, अध्यक्ष के रूप में एसपी त्रिपाठी तथा सचिव के रूप में अरविन्द शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया था। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब को एक भव्य भवन सरकार द्वारा दिया गया। जहां पत्रकारिता के कार्य को सुगमता से सम्पन्न किया जा रहा है।
समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश कुमार, महामंत्री पंकज श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, पुस्तकालय मंत्री संजय कुमार, कार्यकारिणी सदस्य मनोज कुमार मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी और अजीत सिंह को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने जबकि संचालन गजेंद्र त्रिपाठी और प्रेम पराया ने किया।
इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल, विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश के उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक मदन मोहन सिंह, अमर उजाला के स्थानीय संपादक विनीत सक्सेना, राष्ट्रीय सहारा के पीयूष बंका, आज के अखिलेश चंद, स्वतंत्र चेतना के आनंद जी वैश्य सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों की सहभागिता रही।

प्रदेश की धरती पर गुंडों, माफिया को पनपने नहीं देंगे : मुख्यमंत्री

Neta Ji Subhash Chandra Bose

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
05/04/2026

*प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू, अराजकता और लूटखसोट के दिन लग गए : मुख्यमंत्री*

*बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स के साथ घंटाघर के सौंदर्यीकरण कार्य का सीएम योगी ने किया लोकार्पण*

*पांडेयहाता में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला भी रखी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने*

*हर नागरिक के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही सरकार : सीएम योगी*

गोरखपुर, 5 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा है कि वे उत्तर प्रदेश की धरती पर गुंडों और माफिया को पनपने नहीं देंगे। गुंडों और माफिया की जहां जगह होगी, वहां उन्हें पहुंचा दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू, अराजकता और लूटखसोट के दिन लग गए हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में व्यापारियों व महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी है। सरकार हर व्यक्ति के जीवन सुगमता और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

सीएम योगी रविवार शाम घंटाघर स्थित अमर बलिदानी बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, घंटाघर के सौंदर्यीकरण कार्य के लोकार्पण और विरासत गलियारा पांडेयहाता कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। नवनिर्मित पार्किंग कॉम्प्लेक्स की छत पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद आज भी प्रदेश, इसका तंत्र और पुलिस वही है लेकिन आज इसकी पहचान बदल गई है। 2017 के पहले हर जिले में माफिया की समानांतर सरकार थी, नौजवानों के सामने पहचान का संकट था। जबकि आज प्रदेश के नौजवान को अन्य जगहों पर सम्मान मिलता है। आज का उत्तर प्रदेश अब उपद्रव नहीं उत्सव प्रदेश बन चुका है। अब यहां अराजकता नहीं है बल्कि यह माफियामुक्त हो चुका है। सुरक्षित माहौल में व्यापारी और बेटियों ने स्वावलंबन की नई ऊंचाई की यात्रा शुरू की है।

*नीयत साफ हो तो नजारा बदलते देर नहीं लगती*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कि जब सरकार की नीयत साफ होती है तो नजारा बदलते देर नहीं लगती। विरासत गलियारा और मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स इसका उदाहरण है। सरकार की नियत साफ है तो विरासत गलियारा के पहले फेज का काम लगभग पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले इसी गोरखपुर की पहचान माफिया, मच्छर और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी के चलते थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार ने गोरखपुर सहित प्रदेश को माफियामुक्त, उपद्रवमुक्त, दंगामुक्त, मच्छरमुक्त और इंसेफिलाइटिसमुक्त बना दिया है। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि संकीर्णता में उठाए गए कदम से माफिया और मच्छर को पनपने का मौका मिलता है। इसलिए लोमड़ी की तरह ताक लगाए बैठे ऐसे लोगों को अवसर नहीं देना है जो शोषण का कारण बनते थे। माफिया और अराजकता को प्रश्रय देते थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया और गुंडों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति बनी रहेगी। पुलिस को स्पष्ट हृदय दी गई है कि जहां भी गुंडों का फन उठे, उसे कुचल दीजिए।

*खाएंगे हिंदुस्तान का लेकिन गाएंगे नहीं*
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का विरोध करने वाले लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये ऐसे लोग हैं जो खाएंगे हिंदुस्तान का लेकिन हिंदुस्तान का गाएंगे नहीं। उन्होंने कहा कि नया भारत इसे कतई स्वीकार नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना भेदभाव सबको शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है तो, राष्ट्र के प्रतीकों, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान राष्ट्रीय ध्वज और बाबा साहब अंबेडकर के बनाए संविधान को सम्मान देना होगा।

*स्मार्ट सिटी के विजन के अनुरूप बढ़ रहा गोरखपुर*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा, कारोबारी और जीवन सुगमता के क्षेत्र में आए उल्लेखनीय बदलाव की विस्तार से चर्चा की और कहा कि आज का गोरखपुर स्मार्ट विजन के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। उन्होंने घंटाघर क्षेत्र में विरासत गलियारा के निर्माण और मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स को जाम की समस्या का समाधान करने वाला बताया। साथ ही कहा कि जब आवागमन सुगम होगा तो व्यापार में भी समृद्धि आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विरासत गलियारा बनकर तैयार होगा तो यहां की सड़क सबसे खूबसूरत होगी और यहां फिल्मों की शूटिंग भी होगी। जब विरासत गलियारा बन जाएगा तब यहां भव्य रोड शो की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स में भी विरासत गलियारा के प्रभावित दुकानदारों को जगह दी गई है। जो शेष रह जाएंगे उनका पांडेयहाता के कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में व्यवस्थित पुनर्वास कराया जाएगा।

*नौ साल में नहीं लगाया कोई नया टैक्स*
आमजन और व्यापारियों के हित पर सरकार के रूख का ध्यान आकर्षित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि नौ साल में उनकी सरकार ने कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया। इसके बावजूद प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना बढ़ाया गया है। उन्होंने नगर निगम को हिदायत दी कि कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में व्यापारियों से अधिक किराया न लिया जाए। उतना ही किराया तय किया जाए, जितना व्यापारी आसानी से दे सकें। उन्होंने कहा कि जीआईएस सर्वे को लेकर भी उन्होंने अधिक टैक्स न लेने और अधिक लिए गए रुपये के समायोजन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स में राहत देने की व्यवस्था पर उनका जोर है। टैक्स की व्यवस्था ऐसी ही होनी चाहिए जैसे बादल बारिश के रूप में वापस कर देते हैं। उन्होंने कहा कि जब टैक्स का पैसा विकास और वेलफेयर की योजनाओं में खर्च होगा तो समृद्धि आएगी।

*चिलुआताल में बनेगा फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट*
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने चिलुआताल में फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की मंजूरी दी है। यहां 20 मेगावाट बिजली पैदा होगी जिसका इस्तेमाल सोलर लाइट में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गोरखपुर सोलर सिटी के रूप में भी विकसित होगा। उन्होंने कहा कि गोड़धोइया नाला परियोजना भी जल्द पूर्ण होकर विकास का मॉडल बनेगा। मुख्यमंत्री में चार विश्वविद्यालय, नाइलिट, कई पॉलिटेक्निक, आईटीआई का उल्लेख करते हुए बताया कि एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनकर तैयार है। 15 अप्रैल को इसके शुभारंभ अवसर पर टाटा संस के चेयरमैन एन चन्द्रशेखरन भी गोरखपुर आएंगे।

*आजादी की लड़ाई का साक्षी है घंटाघर*
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक घंटाघर के सौंदर्यीकरण कार्य के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि यह घंटाघर क्षेत्र आजादी की लड़ाई का साक्षी है। यह बता सकता है कि आजादी की क्या कीमत होती है। इसने पीढ़ियों को बदलते देखा है। यह प्रेरणा और गर्व का केंद्र है। इसके पुनरोद्धार और संरक्षण की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की है।

*सीएम योगी के नेतृत्व में नजर आ रही विकास की अद्वितीय तस्वीर : रविकिशन*
इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में विकास की अद्वितीय तस्वीर नजर आ रही है। वह एक निस्वार्थ संत हैं और विकास तथा जनकल्याण ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी के विजन से गोरखपुर विकास की नई आभा से निखर उठा है। कार्यक्रम को विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, पूर्व महापौर सीताराम जायसवाल, अंजू चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, सर्राफा मंडल के गणेश वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

*वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सीएम ने रखी नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पांडेयहाता (विरासत गलियारा) में नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। उन्होंने विधि विधान से भूमि पूजन किया और इसके बाद निर्माण के लिए पहली ईंट रखी। सीएम ने कॉम्प्लेक्स के ड्राइंग मैप का भी अवलोकन किया और प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। शिलान्यास स्थल से लेकर लोकार्पण स्थल तक लोगों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया।

*सीएम के जन सरोकारी विजन का साकार रूप होगा पांडेयहाता का कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स*
विरासत गलियारा पांडेयहाता में कॉमर्शियल का निर्माण 34.43 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। यह भी सीएम योगी के दूरदर्शी और जन सरोकारी विजन का ही रूप होगा। इस कॉम्प्लेक्स के बनाने के निर्देश उन्होंने विरासत गलियारा सड़क चौड़ीकरण परियोजना में प्रभावित दुकानदारों के कारोबारी समायोजन के लिए दिए हैं। इस कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के प्रथम भाग में 65 दुकानें बनेंगी जबकि बेसमेंट में 28 कारों की पार्किंग हो सकेंगी। जबकि द्वितीय भाग में बेसमेंट का निर्माण होगा जहां 54 कारों तथा 68 दोपहिया वाहनों की पार्किंग हो सकेगी।

*घंटाघर के सौंदर्यीकरण का लोकार्पण कर वंदे मातरम के सामूहिक गायन में शामिल हुए मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार शाम ऐतिहासिक गौरवगाथा के जीवंत प्रतीक घंटाघर के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर वह यहां आयोजित सामूहिक वंदे मातरम के गायन में भी सम्मिलित हुए।
घंटाघर के साथ स्वतंत्रता आंदोलन की यादें जुड़ी हैं। आज जिस स्थान पर घंटाघर है, वहां देश के प्रथम स्वातंत्र्य समर के दौरान एक विशाल पाकड़ का वृक्ष हुआ करता था। इसी वृक्ष पर आजादी की पहली लड़ाई में कई स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई थी। 19 दिसंबर 1927 को काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को जब गोरखपुर कारागार में फांसी दी गई थी तब उनकी शवयात्रा घंटाघर में आकर रुकी थी। तब बिस्मिल जी की माता ने यहां एक प्रेरक उद्बोधन दिया था। मीनार की तरह ऊंची इमारत के रूप में घंटाघर के निर्माण का वर्ष 1930 में रायगंज के सेठ राम खेलावन और सेठ ठाकुर प्रसाद ने कराया था। इमारत पर घंटे वाली एक घड़ी लगाई गई जिसकी वजह से यह घंटाघर के नाम से प्रसिद्ध हो गई। इमारत के निचले हिस्से पर पंडित रामप्रसाद बिस्मिल के बलिदान की याद दिलाती चित्रकारी उकेरी गई है। विरासत के संरक्षण के लिए नगर निगम ने एक करोड़ रुपये खर्च कर इसका सौंदर्यीकरण कराया है ताकि आने वाली पीढियां भी इस गौरवगाथा से परिचित हो सकें।

*शीतला माता मंदिर में सीएम योगी ने की पूजा*
घंटाघर के अमर बलिदानी बंधु सिंह पार्क में निर्मित मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स में भूतल पर अवस्थित किए गए शीतला माता मंदिर में विधि विधान से दर्शन, पूजन किया। कॉम्प्लेक्स निर्माण के दौरान इस मंदिर को और भी सुव्यवस्थित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने मंदिर में शीतला माता का दर्शन पूजन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।

*बंधु सिंह और पंडित बिस्मिल की मूर्ति का किया अनावरण*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्किंग कॉम्प्लेक्स में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानी बंधु सिंह और काकोरी ट्रेन एक्शन के अमर सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की मूर्ति का अनावरण भी किया। उन्होंने दोनों विभूतियों की मूर्ति पर पुष्पांजलि कर राष्ट्रहित में उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। उन्होंने अपने संबोधन में भी दोनों अमर सेनानियों के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

*सीएम ने किया पार्किंग कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण, नव आवंटियों को वितरित किए स्वीकृति पत्र*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स का भ्रमण कर वहां पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। कॉम्प्लेक्स की दीवारों पर विरासत को सहेजने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़े प्रसंगों को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जताई। लोकार्पण समारोह के दौरान मंच से मुख्यमंत्री कॉम्प्लेक्स में बनी दुकानों के लिए नव आवंटियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के कर्मचारियों को सम्मानित भी किया।

*मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स में 250 वाहनों की पार्किंग, 43 दुकानें भी*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घंटाघर में अमर बलिदानी बंधु सिंह के नाम पर बने जिस मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण किया, उसमें 250 वाहनों की पार्किंग की क्षमता है। साथ ही इसमें 43 दुकानें भी बनाई गई हैं। कॉम्प्लेक्स के निर्माण पर 27.26 करोड़ रुपये की लागत आई है। कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में 26 व द्वितीय तल पर 24 कारों और छत पर 200 दोपहिया वाहनों की पार्किंग हो सकेगी। जबकि भूतल पर 21 तथा प्रथम तल पर 22 दुकानों और पुरुष/महिला शौचालय का निर्माण हुआ है।

नकारात्मक नैरेटिव का मुंहतोड़ जवाब दें युवा कार्यकर्ता : सीएम योगी

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
05/04/2026

*भाजपा की तरफ से आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री*

*हताश विपक्ष के सोशल मीडिया पर हर वार का प्रतिवार करने के लिए मुस्तैद रहें कार्यकर्ता : सीएम योगी*

गोरखपुर, 5 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि लगातार सत्ता से दूर रहने से हताश और निराश हो चुके विपक्ष की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चलाए जाने वाले नकारात्मक नैरेटिव का शब्दों की मर्यादा में रहकर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए वे खुद को मुस्तैद रखें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विपक्ष की तरफ से मनगढ़ंत आरोपों का एक नया वार शुरू होगा, उस पर प्रतिवार और उसका प्रतिवाद करने के लिए भाजपा की बूथ स्तर की टीम खुद को मजबूत रखे।

सीएम योगी, रविवार को भारतीय जनता पार्टी महानगर इकाई के मालवीय नगर मंडल की तरफ से आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सिंघड़िया स्थित एक मैरेज हाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि हमारे युवाओं को विकास भी करना है और विरासत का भी सम्मान करना है। देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए मुस्तैद जवानों को दुश्मन के मंसूबों का काम भी तमाम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बूथ लेवल कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे डबल इंजन सरकार के अच्छे कार्यों का प्रचार-प्रसार करते हुए अपने बूथ पर सजग और सतर्क रहें। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों ने यूपी के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, वे हर दृष्टि से फेल होकर आज सोशल मीडिया का सहारा लेंगे। झूठे, मनगढ़ंत आरोप लगाकर तमाम प्रकार के निगेटिव नैरेटिव सेट करने का वे प्रयास करेंगे। इसका जवाब देने के लिए बूथ स्तर के कार्यकताओं को तैयार रहना होगा। निगेटिव नैरेटिव सेट करने की मंशा वाले लोगों के शासन में माफिया की गुंडागर्दी, फिरौती वसूली, बहन-बेटियों और व्यापारियों की असुरक्षा, पर्व-त्योहारों पर दंगे के चलते मातम जैसे माहौल के सभी दृश्य निकालने पड़ेंगे। पेपर की कटिंग्स निकालनी पड़ेगी। उस समय के दृष्टांत निकालने पड़ेंगे और शब्दों की मर्यादा में पूरी आक्रामकता के साथ जवाब देने के लिए अपने आप को तैयार करना होगा।

*पॉजिटिव चीजों को आगे बढ़ाना है*
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपनी पॉजिटिव चीजों को आगे बढ़ाना है। अच्छे कंटेंट बनाकर हम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। हर एक क्षेत्र में कुछ न कुछ नया हुआ है और उसको हम आगे बढ़ने का काम करेंगे। इससे स्वाभाविक रूप से हम डबल इंजन की सरकार के अभियान को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने का कार्य कर पाएंगे।

*सदैव सत्य और सनातन के साथ रही है भारत की युवा शक्ति*
सीएम योगी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति सदैव सत्य और सनातन के साथ रही है। प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, वीर अभिमन्यु, गुरु गोविंद सिंह जी महाराज और उनके चार पुत्रों, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और वीर सावरकर के जीवन का उद्धरण देते हुए कहा कि ये सब उसी युवा ऊर्जा शक्ति के प्रतीक और प्रेरणा हैं जिन्होंने सब कुछ देश और धर्म के लिए किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इस मामले में सबसे सौभाग्यशाली है कि देश की 56 से 60 फीसदी कार्यशील युवा आबादी यहां है। यह युवा ऊर्जा अगर सकारात्मक कार्यों के साथ जुड़ जाए तो उत्तर प्रदेश को कहां से कहां पहुंचाया जा सकता है।

*2017 के पूर्व हर तीसरे दिन होते थे दंगे*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो युवा इस बार प्रथम बार मतदाता होंगे वे सभी इस बात को नहीं जानते होंगे की 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में क्या कुछ होता था। कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में व्यापक तीसरे दिन दंगा होता था। पर्व और त्यौहार आने से पहले लोगों के मन में आशंका खड़ी हो जाती थी। गुंडागर्दी चरम पर थी, हर जिले में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी। व्यापारी, उद्यमी, चिकित्सक, शिक्षक, गरीब, साहूकार सबको गुंडा टैक्स देना पड़ता था। हर जनपद में अपहरण होते थे, फिरौती वसूली जाती थी। हर चौराहे पर टैक्सी स्टैंड के नाम पर वसूली होती थी। कुशीनगर और महाराजगंज का एक हिस्सा है, जहां जंगल पार्टी थी जो किसी का अपहरण कर लेती थी। बिजली बमुश्किल से तीन-चार घंटे आती थी। गांवों में तो एक सप्ताह आती थी और दूसरे सप्ताह नहीं आती थी। सड़कें तब गड्ढे जैसी थीं। तब यही उत्तर प्रदेश की सही पहचान थी। नौजवानों के लिए नौकरी, रोजगार नहीं था। किसान आत्महत्या करते थे। महिलाएं असुरक्षित थीं, भय से बेटियां स्कूल नहीं जा पाती थीं। पर्व आने पर लोगों के मन में दंगों की आशंका होती थी कि पता नहीं कहां दंगा हो जाए और टारगेट करके हिंदुओं को जेल में बंद कर दिया जाए। आज डबल इंजन सरकार में ऐसा कुछ भी नहीं हो सकता है।

*देश में संवेदनशील सरकार से ईरान-अमेरिका युद्ध का असर नहीं*
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के युद्ध का भी उल्लेख किया। कहा कि इससे दुनिया बुरी तरह प्रभावित है। सुपर पावर कहे जाने वाले अमेरिका में भी डीजल और पेट्रोलियम पदार्थों के दाम चार गुना बढ़ गए हैं। भारत के अगल-बगल जितने भी देश हैं उन सब में भी बहुत खराब स्थिति है। अकेले भारत है पेट्रोलियम पदार्थों का दाम नियंत्रण है। भारत के अंदर युद्ध का कोई प्रभाव नहीं है। ऐसा इसलिए है कि यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संवेदनशील सरकार है जिन्होंने स्थिति को नियंत्रण में कर रखा है। पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर देश में कहीं कोई समस्या नहीं है।

*करीब तीन गुना बढ़ी यूपी की अर्थव्यवस्था*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था करीब तीन गुनी बढ़ी है। जब सरकार आई थी तब प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13 लाख करोड़ रुपये की थी। नौ वर्षों में यह 36 लाख करोड़ रुपये हो गई है। राज्य में प्रति व्यक्ति आय भी 43 हजार से बढ़कर एक लाख 20 हजार रुपये हो गई है। उनकी सरकार ने नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। कहा कि सपा की सरकार में इतनी सरकारी नौकरी नहीं मिल पाती क्योंकि उनकी नीयत साफ नहीं थी। पैसे के बगैर कोई काम नहीं होता था। पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार के आगोश में था। आज नौकरियां बिना सिफारिश और बिना रुपये दिए मिलती है। अब योग्यता ही चयन का मानक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में किसान आत्महत्या नहीं करता क्योंकि किसान की आमदनी बढ़ी है। यूपी के युवा पलायन नहीं करते क्योंकि उनको नौकरी और रोजगार उसके आसपास के क्षेत्र में ही उपलब्ध होने लग गया है। अकेले गोरखपुर में बीते नौ सालों में 15 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 300 से अधिक बड़े कारखाने लगे हैं और 50 हजार से अधिक नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में हुए अभूतपूर्व विकास, रोड इंफ्रास्ट्रक्चर, एयर कनेक्टिविटी और एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विस्तार से समझाया। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने सुपर स्पेशलिटी सेवाओं वाले बीआरडी मेडिकल कॉलेज का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 के पहले यदि इस मेडिकल कॉलेज में पहिए होते तो समाजवादी पार्टी की सरकार इसे कहीं और खींच ले गई होती। सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले उन्होंने गुंडागर्दी, माफियागिरी, मच्छर, बीमारी, बिजली, सड़कों और जनता की सुविधाओं को लेकर लंबी लड़ाई लड़ी लेकिन आज की सरकार में किसी चीज के लिए मांगना नहीं पड़ता है। बिना मांगे सब कुछ मिल जाता है।

*अब वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया नहीं, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की बात नहीं होती। अब वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज और वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजिन की बात होती है। ये आज उत्तर प्रदेश की पहचान और भारत की ब्रांड बना रही है। उन्होंने कहा कि जब डबल इंजन की सरकार डबल स्पीड से चलती है। जब एक जैसी सरकार होती हैं तो ऐसा ही विकास होता है।

*फिल्म सिटी से यूपी के नौजवानों को मिलेगा भरपूर अवसर*
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बनने वाली फिल्म सिटी के आगामी दिनों में शिलान्यास होने की जानकारी देते हुए कहा कि इससे यूपी के नौजवानों और कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन करने और आगे बढ़ने का भरपूर अवसर मिलेगा। उन्होंने युवाओं को दो करोड़ टैबलेट-स्मार्टफोन वितरण के लक्ष्य की चर्चा करते हुए बताया कि 50 लाख युवाओं को इसका लाभ मिल चुका है।

*प्रदेश के सभी नागरिकों के गौरव हैं सीएम योगी : रविकिशन*
युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए गौरव हैं। उन्होंने न केवल गोरखपुर सहित राज्य के हर जिले का अभूतपूर्व विकास किया है बल्कि बिना जाति-बिरादरी देखे समाज के हर वर्ग तक अनेकानेक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। सांसद ने कहा कि अब कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे हर बूथ, हर परिवार तक जाकर आगामी चुनाव में भाजपा को सबका वोट दिलाना सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों को हर घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी युवा कार्यकर्ताओं की है। संचालन भाजपा के महानगर संयोजक राजेश गुप्ता ने किया।
इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह, भाजपा मालवीय नगर मंडल के अध्यक्ष प्रदीप सिंह, स्थानीय पार्षद रणंजय सिंह सहित कई पार्षद, मालवीय नगर मंडल के सभी बूथों के अध्यक्ष, शक्ति केंद्रों के संयोजक व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विश्व कीर्तिमान के साथ होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
05/04/2026

*एमपीआईटी में टीसीएस के सहयोग से स्थापित हुआ है पूर्वी यूपी का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस*

*शुभारंभ अवसर तक पांच लाख युवाओं को ‘एआई फॉर आल’ ट्रेनिंग वर्कशॉप से जोड़ने की तैयारी*

*किसानों और कृषि विद्यार्थियों के लिए एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स वर्कशॉप भी होगा*

*15 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ, टीसीएस के चेयरमैन भी रहेंगे मौजूद*

गोरखपुर, 5 अप्रैल। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी शिक्षण संस्थान महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) के सहयोग से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ एक विश्व कीर्तिमान के साथ होगा। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर टीसीएस एवं टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन भी उपस्थित रहेंगे। शुभारंभ के अवसर पर एमपीआईटी ने एआई फॉर आल ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए पांच लाख युवाओं को पंजीकृत करने की तैयारी की है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और साइबर सिक्योरिटी जागरूकता पर निशुल्क 60 दिवसीय इस वर्कशॉप को एमपीआईटी की तरफ से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, टीसीएस और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के साथ संयुक्त पहल के रूप में कराया जाएगा।

एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल के अनुसार ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। इसका लिंक एमपीआईटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है, 9 अप्रैल तक पंजीकरण किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एआई अवेयरनेस फॉर आल के साथ ही किसानों और कृषि विद्यार्थियों के लिए ‘एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स’ वर्कशॉप के लिए पंजीकरण शुरू किया गया है। इसमें एक हजार किसानों और कृषि विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वर्कशॉप पूर्णतः निशुल्क है और इसका शुभारंभ भी 15 अप्रैल को होगा।

एआई अवेयरनेस तथा साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम में एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड एंड ओटीपी सेफ्टी और सेफ डिजिटल प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त होगा। जबकि एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स वर्कशॉप में कृषि में एआई, मौसम और फसल योजना, डिजिटल फार्मिंग टूल्स और रूरल प्रोडक्टिविटी सपोर्ट के बारे में विस्तार से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

*50 करोड़ रुपये की लागत से बना है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस*
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टीसीएस के सहयोग से पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हुआ है। इसे विश्व स्तरीय मानक के अनुरूप विकसित किया गया है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉम्प्लेक्स में ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड थ्री डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्युरिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुल छह तरह के पाठ्यक्रम (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्युरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग समेत एकीकृत पाठ्यक्रम) संचालित होंगे। बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में हर पाठ्यक्रम के लिए एक अलग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा। एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल के अनुसार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के ढांचागत निर्माण पर 19.35 करोड़ रुपये, फर्नीचर व फर्निशिंग पर 2.40 करोड़, ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर पर 1.84 करोड़, एआई सेंटर पर 9.56 करोड़, स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर पर 2.09 करोड़, साइबर सिक्योरिटी सेंटर पर 6.19 करोड़ और थ्री डी प्रिंटिंग सेंटर पर 6.79 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

*एमपीआईटी से लाभान्वित होंगे 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थान*
एमपीआईटी के सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेंगे। यहां न केवल एमपीआईटी के छात्रों को बल्कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी ग्लोबल कोर्सेज में शामिल होने की सुविधा मिलेगी। जो संस्थान एमपीआईटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से लाभान्वित होंगे उनमें मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, राजकीय पॉलिटेक्निक गोरखपुर, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामाया राजकीय पॉलिटेक्निक हरिहरपुर खजनी, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी गोरखपुर सेंटर, महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक गोरखपुर, बुद्धा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, बुद्धा पॉलिटेक्निक कॉलेज गीडा गोरखपुर, आईटीएम गीडा गोरखपुर, आईटीएम पॉलिटेक्निक गीडा गोरखपुर, केआईपीएम कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, लिटिल फ्लावर पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामानव गौतम बुद्ध पॉलिटेक्निक बनकटी खुर्द, सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ़ इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी हक्काबाद गोरखपुर और विकास इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गोरखपुर शामिल हैं।

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