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बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई, दो नाबालिग बच्चों को किया गया रेस्क्यू

March 13, 2026

बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई, दो नाबालिग बच्चों को किया गया रेस्क्यू

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

पुलिस ने बच्चों को शिक्षा के प्रति किया जागरूक, चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा

गोरखपुर। जनपद में बाल श्रम और बाल संरक्षण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। पुलिस ने बच्चों को बाल श्रम के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया।
जानकारी के अनुसार चेकिंग के दौरान थाना एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की टीम को दो नाबालिग बालक संदिग्ध परिस्थितियों में कार्य करते हुए मिले। पूछताछ में दोनों बच्चों के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने उन्हें तत्काल रेस्क्यू कर लिया।
रेस्क्यू के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को बाल श्रम से होने वाले नुकसान और पढ़ाई के महत्व के बारे में समझाया तथा उन्हें शिक्षा की ओर प्रेरित किया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों बच्चों को आगे की कार्रवाई के लिए सिटी चाइल्ड हेल्पलाइन गोरखपुर के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में बाल श्रम और बाल तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, साथ ही बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

घरेलू गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग का भंडाफोड़

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

*उच्च दामों पर बिक्री करने के आरोप में तीन आरोपी गिरफ्तार*

गोरखपुर।जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री और ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गीडा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग घरेलू गैस सिलेंडरों को अवैध तरीके से बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।
मामले में पूर्ति निरीक्षक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना गीडा में मुकदमा दर्ज किया गया। तहरीर में बताया गया कि कुछ लोग घरेलू गैस सिलेंडरों को अवैध रूप से एकत्र कर निर्धारित मूल्य से अधिक दामों पर बेचकर ब्लैक मार्केटिंग कर रहे थे। इससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और गैस वितरण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान अवैध गैस कारोबार में संलिप्त तीन लोगों के बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन कुमार वर्मा पुत्र जमुना प्रसाद निवासी वार्ड नंबर 18 बुद्धनगर थाना पीपीगंज जनपद गोरखपुर, अली मोहम्मद पुत्र पीर मोहम्मद निवासी गोपालनगर थाना रेवती जिला बलिया तथा शुभम जायसवाल पुत्र संतोष जायसवाल निवासी पीपीगंज थाना पीपीगंज जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। इनमें अली मोहम्मद ट्रक चालक बताया जा रहा है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने जारी वीडियो बयान में बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग और अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गीडा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जनपद में आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

6 घंटे में पुलिस ने ढूंढ निकाले दो गुमशुदा बच्चे

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

*सहजनवां पुलिस की तत्परता से सकुशल परिजनों को सौंपे गए*गोरखपुर। सहजनवां थाना क्षेत्र से गुम हुए दो मासूम बच्चों को पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिवार वालों ने राहत की सांस ली।
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को एक महिला ने थाना सहजनवां में सूचना दी कि उसकी 10 वर्षीय बेटी और 7 वर्षीय बेटा कहीं चले गए हैं और उनका पता नहीं चल पा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों की मदद से बच्चों की लोकेशन का पता लगाया। लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को लगभग छह घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया।
नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के बाद दोनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने पुलिस का आभार जताया।

March 12, 2026

गैस वितरण व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने किया औचक निरीक्षण

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

गोरखपुर। जनपद में घरेलू गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने गुरुवार को मोहद्दीपुर स्थित सुशीला गैस एजेंसी तथा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गंगा गैस गोदाम का औचक निरीक्षण जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह के साथ किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गैस गोदामों में उपलब्ध स्टॉक, गैस सिलेंडरों की आपूर्ति तथा उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की पूरी स्थिति की गहन जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान डीएम दीपक मीणा ने एजेंसी संचालकों से स्पष्ट रूप से पूछा कि आज कितने गैस सिलेंडर गोदाम पर आए, कितने सिलेंडरों का वितरण किया गया और वर्तमान में कितना स्टॉक शेष है। उन्होंने कहा कि गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी उपभोक्ता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुक कराई है, उन्हें समय से गैस उपलब्ध कराई जाए और अधिक से अधिक होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी एजेंसी द्वारा अवैध तरीके से गैस सिलेंडर की बिक्री या वितरण में अनियमितता पाई गई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने भी सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी गैस गोदामों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कहीं भी अव्यवस्था या कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न न हो सके। एसएसपी ने बताया कि जनपद के 87 गैस गोदामों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है जिससे वितरण प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।
वहीं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जनपद के सभी 87 गैस गोदामों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। ये नोडल अधिकारी गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता न हो। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर टोकन व्यवस्था के माध्यम से गैस का वितरण कराया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को लाइन में अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
डीएम ने स्पष्ट किया कि टोकन प्रणाली के तहत जो उपभोक्ता पहले गोदाम पर आएगा उसे पहले गैस सिलेंडर मिलेगा और बाद में आने वाले उपभोक्ताओं को क्रम के अनुसार गैस दी जाएगी। इससे वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और किसी प्रकार की धक्का-मुक्की या विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी उपभोक्ता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार गैस कंपनियों और एजेंसियों के संपर्क में है और जरूरत के अनुसार सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
डीएम दीपक मीणा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि लोग केवल अपनी जरूरत के अनुसार ही गैस की बुकिंग कराएं और अनावश्यक रूप से अधिक सिलेंडर लेने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि घबराहट या अफवाहों के कारण यदि लोग अधिक मात्रा में गैस बुक कराते हैं तो इससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक क्रिएट करने से बचें। प्रशासन की ओर से गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई व्यक्ति गैस को लेकर अफवाह फैलाता हुआ पाया गया या वितरण व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोदामों में रखे गैस सिलेंडरों की संख्या, रिकॉर्ड रजिस्टर, वितरण सूची और होम डिलीवरी व्यवस्था की भी जांच की। उन्होंने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि गैस वितरण से संबंधित सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट किए जाएं और प्रशासन को समय-समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के औचक निरीक्षण से गैस एजेंसियों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। वहीं प्रशासन की सख्ती के बाद गैस वितरण व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में भी भरोसा बढ़ा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस वितरण व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और उपभोक्ता हित में संचालित किया जाएगा।

गैस एजेंसियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

*कालाबाजारी और अनियमितता के आरोप में दो गैस एजेंसियों के संचालकों पर एफआईआर*

गोरखपुर। जिले में रसोई गैस की कालाबाजारी और अनियमितता की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो गैस एजेंसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की है। जांच के दौरान सिलेंडरों की अवैध बिक्री और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के संचालकों, परिवहन ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पहला मामला आशीष इंडेन गैस सर्विस, पीपीगंज से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार 10 मार्च 2026 को बाटलिंग प्लांट गीडा से उक्त गैस एजेंसी के लिए 525 भरे हुए गैस सिलेंडर ट्रक संख्या WB 29C 1718 के माध्यम से भेजे गए थे। आरोप है कि गैस एजेंसी द्वारा इन सिलेंडरों को अपने गोदाम में उतारने के बजाय ट्रक को नौसढ़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे खड़ा कर दिया गया और वहां से सिलेंडरों को अवैध तरीके से अधिक कीमत पर बेचा जाने लगा।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जांच टीम ने इस गड़बड़ी को पकड़ लिया। इसके बाद 11 मार्च को गैस एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जहां स्टॉक में भी गड़बड़ी पाई गई। इस मामले में गैस एजेंसी के मालिक पवन वर्मा, संबंधित परिवहन ठेकेदार मैसर्स प्रेस्टिज मूवर्स, ट्रक चालक अली मोहम्मद तथा गैस एजेंसी के कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1966 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत थाना गोरखनाथ में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।
दूसरा मामला कन्हैया इंडेन गैस सर्विस, नौसढ़ से संबंधित है। 10 मार्च 2026 को नौसढ़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे एक पिकअप वाहन संख्या UP 53 GT 5254 में भरे घरेलू कुकिंग गैस सिलेंडर लावारिस हालत में पाए गए। वाहन पर कन्हैया इंडेन गैस सर्विस से संबंधित बैनर भी लगा हुआ था।
मौके पर मौजूद लोगों ने जांच टीम को बताया कि उक्त वाहन के माध्यम से गैस सिलेंडरों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था। हालांकि जांच टीम को देखकर गैस एजेंसी के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। इसके बाद 11 मार्च को संबंधित गैस एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों के स्टॉक में अनियमितता और गड़बड़ी पाई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि घरेलू उपयोग के गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग किया जा रहा था। इस मामले में मैसर्स कन्हैया इंडेन गैस सर्विस के प्रोपराइटर के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम 1965 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी गैस एजेंसी या उससे जुड़े व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले में गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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