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बेमौसम बारिश में क्षतिग्रस्त हुआ नाला

May 1, 2026

बेमौसम बारिश में क्षतिग्रस्त हुआ नाला

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
30/04/2026

नगर आयुक्त ने तत्काल मरम्मत और जांच के दिए आदेश

गोरखपुर। बेमौसम हुई तेज बारिश के बाद शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। गोलघर–कलेक्ट्रेट चौराहे पर नगर निगम द्वारा पीडब्ल्यूडी के माध्यम से बनवाया जा रहा नाला बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए, ताकि जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि बारिश के दौरान ही निर्माण कार्यों की वास्तविक गुणवत्ता सामने आती है, ऐसे में जहां भी खामियां दिखाई दे रही हैं, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। साथ ही पूरे क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने के भी आदेश दिए गए हैं।
नगर आयुक्त ने लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि जिम्मेदारों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन की सख्ती के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मचा हुआ है और मरम्मत कार्य तेजी से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

डीएम दीपक मीणा ने विरासत गलियारा का किया सघन निरीक्षण

Santoah kumar Singh Gorakhpur
30/04(2026

व्यवस्थाओं में सुधार के दिए सख्त निर्देश
गोरखपुर। बेमौसम बारिश के बाद शहर के विरासत गलियारा क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने पाण्डेय हाता से धर्मशाला तक पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल निकासी, बिजली, सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का बारीकी से आकलन किया और अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने ड्रेनेज व्यवस्था पर विशेष फोकस करते हुए नालियों की सफाई, कनेक्टिविटी और ढलान को दुरुस्त करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गलियों और मुख्य सड़कों की नालियों का स्तर संतुलित रखा जाए, जिससे जल निकासी बाधित न हो।
डीएम ने गलियों में नालों के ऊपर स्लैब (पटिया) लगाने के निर्देश भी दिए ताकि आम लोगों और व्यापारियों को आवागमन में कोई परेशानी न हो। वहीं, कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट न होने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल लाइट लगाने को कहा।
निरीक्षण के दौरान खराब और क्षतिग्रस्त सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी डीएम ने सख्ती दिखाई और उन्हें शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए कैमरे लगाने पर भी जोर दिया।
बिजली व्यवस्था को लेकर डीएम ने खुले में लटक रहे तारों को दुर्घटना के लिए खतरनाक बताते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अंडरग्राउंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर काम पूरा करने को कहा।
डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, अपर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

April 29, 2026

गोरखपुर पुलिस की ‘नई खेप’ को मिला सफलता का मंत्र

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
29/04/2026

​1239 आरक्षियों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित

​गोरखपुर। जनपद गोरखपुर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में शामिल हुए 1239 नए महिला एवं पुरुष आरक्षियों के लिए बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से नवागत पुलिसकर्मियों को न केवल उनके कर्तव्यों का बोध कराया गया, बल्कि उन्हें संवेदनशील और आधुनिक पुलिसिंग के गुर भी सिखाए गए।
​”वर्दी अधिकार नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक है”: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ
​कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ ने नए आरक्षियों में ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की वर्दी पहनना समाज की सेवा का संकल्प है।
​संवेदनशीलता: एसएसपी ने जोर देकर कहा कि हर पीड़ित पुलिस से उम्मीद लेकर आता है, इसलिए जनता के साथ व्यवहार में धैर्य और निष्पक्षता अनिवार्य है।
​अनुशासन और तकनीक: उन्होंने अनुशासन को विभाग की रीढ़ बताते हुए नए आरक्षियों को साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष होने की सलाह दी।
​विश्वास की पूंजी: डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, जनता का भरोसा ही पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
​नींव की ईंट की तरह मजबूत बनें आरक्षी: एसपी नॉर्थ
​पुलिस अधीक्षक (नॉर्थ) ज्ञानेंद्र ने एक मार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह एक-एक मजबूत ईंट से विशाल इमारत खड़ी होती है, उसी तरह हर एक आरक्षी पुलिस विभाग की नींव को मजबूती देता है। उन्होंने आरक्षियों को अपने ‘बीट’ क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक जानकारी रखने पर विशेष जोर दिया।
​व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा
​कार्यशाला में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए:
​एसपी सिटी निमिष पाटिल: उन्होंने मौके पर त्वरित निर्णय लेने और कानून के दायरे में रहकर धैर्य के साथ काम करने की महत्ता समझाई।
​एएसपी अरुण कुमार एस: उन्होंने शारीरिक फिटनेस और जनता के साथ बेहतर संवाद को सफल पुलिसिंग का आधार बताया।
​एएसपी दिनेश गोदारा: उन्होंने कानून की स्पष्ट जानकारी रखने पर बल दिया, ताकि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और निर्दोषों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
​कार्यशाला के मुख्य बिंदु
​इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान आरक्षियों को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई:
​अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग: स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना।
​आपातकालीन प्रतिक्रिया: संकट के समय त्वरित और प्रभावी कार्यवाही।
​डिजिटल पुलिसिंग: साइबर अपराध और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग।
​मानवीय व्यवहार: जनता के प्रति संवेदनशीलता और बेहतर छवि निर्माण।
​निष्कर्ष:
यह कार्यशाला केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर नए आरक्षियों को समाज सेवा के प्रति समर्पित करने का एक सशक्त माध्यम बनी। कार्यक्रम के समापन पर सभी नवागत आरक्षियों ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ गोरखपुर पुलिस के गौरव को बढ़ाने का संकल्प लिया।

गोरखपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ – 24 घंटे में लुटेरों का हिसाब!

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
29/04/2029

गोरखपुर : गोरखपुर में खाकी का खौफ! महज 24 घंटे के अंदर पुलिस ने उस दुस्साहस का जवाब दे दिया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया था। देवांश स्वर्णकला केंद्र में लूट करने वाले शातिर लुटेरे अब अस्पताल के बेड पर हैं और उनके पैरों में पुलिस की गोली का निशान है।
मामला गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र का है। सोमवार की दोपहर, जब देवांश स्वर्णकला केंद्र के मालिक राकेश वर्मा अपनी बड़ी बेटी की सगाई का कार्ड बांटने बाहर गए थे, तब उनकी छोटी बेटी अमृता वर्मा दुकान संभाल रही थी।
​दोपहर के करीब 2:20 बज रहे थे। दो युवक ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल होते हैं। गहने देखने के बहाने उन्होंने अमृता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की और पलक झपकते ही करीब 20 ग्राम सोने के झाले लेकर भागने लगे।

​लेकिन लुटेरों को अमृता के साहस का अंदाजा नहीं था। #बहादुरबेटी न सिर्फ चिल्लाई, बल्कि जान की बाजी लगाकर लुटेरों के पीछे भाग निकली। सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि कैसे अमृता ने एक लुटेरे को पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। हालांकि, लुटेरा धक्का देकर फरार होने में कामयाब रहा, लेकिन उसने पुलिस के लिए सुराग छोड़ दिया था।

गोरखपुर पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार किया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और सर्विलांस की मदद से घेराबंदी शुरू हुई। बुधवार की सुबह, पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हुआ। ​खुद को घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में सहारनपुर के देवबंद निवासी मेहदी और रहमान के पैर में गोली लगी है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया सारा सामान बरामद कर लिया है। घायल अवस्था में दोनों लुटेरों को अस्पताल भेजा गया है। गोरखपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को साफ संदेश दे दिया है— जुर्म करोगे, तो अंजाम यही होगा।
​साहसी अमृता की इस बहादुरी और पुलिस के सटीक निशाने ने आज पूरे गोरखपुर में चर्चा बटोर ली है।

April 28, 2026

गोरखपुर पुलिस का दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
28/04/2026

गोरखपुर : गोरखपुर पुलिस प्रशासन ने शहर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी कमर कस ली है। आज गोरखपुर पुलिस लाइन में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल ने अपनी ताकत और तैयारी का प्रदर्शन किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में आज, 28 अप्रैल 2026 को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में एक व्यापक ‘मॉक दंगा नियंत्रण अभ्यास’ आयोजित किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक अशांति और दंगे जैसी स्थितियों में पुलिस बल की तत्परता और उनकी क्षमता को परखना था।
अभ्यास की शुरुआत एक विस्तृत ब्रीफिंग सत्र से हुई, जहाँ अधिकारियों और कर्मचारियों को SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के बारे में बारीकी से समझाया गया। उन्हें बताया गया कि कैसे अत्यधिक दबाव वाली परिस्थितियों में भी संयम और अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य है।

मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस कर्मियों को दंगा नियंत्रण उपकरणों और गैर-घातक हथियारों (Non-lethal weapons) के सुरक्षित उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। भीड़ को तितर-बितर करने की रणनीतियों, फॉर्मेशन मैनेजमेंट और निर्धारित नियमों के तहत बल प्रयोग करने का अभ्यास भी कराया गया।

इतना ही नहीं, पुलिस बल की दक्षता बढ़ाने के लिए नियंत्रित फायरिंग अभ्यास भी किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद इस पूरी ड्रिल की निगरानी की और टीमवर्क तथा संचार कौशल को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नगर और प्रतिसार निरीक्षक सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे। गोरखपुर पुलिस का कहना है कि ऐसे नियमित अभ्यास से पुलिस बल हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहता है, ताकि जनता की सुरक्षा और कानून का राज हमेशा कायम रहे।

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