Santosh Kumar Singh Gorakhpur
02/05/2026
साइबर फ्रॉड के शिकार पीड़ित को वापस दिलाए ₹19,992, खिले चेहरे
गोरखपुर। साइबर अपराधों के खिलाफ जारी अभियान में चिलुआताल थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की तत्परता और तकनीकी सूझबूझ के चलते ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार एक व्यक्ति की पूरी रकम सुरक्षित वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर पीड़ित ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने 23 मार्च 2026 को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय गलती से ₹19,992 एक अज्ञात यूपीआई (UPI) आईडी पर ट्रांसफर कर दिए थे। एहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (National Cyber Crime Reporting Portal) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गोरखपुर के निर्देश पर संचालित साइबर सेल टीम ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक उत्तरी और क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज के मार्गदर्शन में थानाध्यक्ष चिलुआताल के नेतृत्व में टीम ने तत्काल तकनीकी जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने संबंधित बैंक और पेमेंट गेटवे से संपर्क कर उक्त ट्रांजैक्शन को तत्काल होल्ड करवाया। निरंतर फॉलोअप के बाद 2 मई 2026 को पूरी धनराशि वापस पीड़ित के बैंक खाते में क्रेडिट करा दी गई।
इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित अधिकारी शामिल रहे:
सूरज सिंह (थानाध्यक्ष, चिलुआताल)
शैलेन्द्र कुमार (वरिष्ठ उपनिरीक्षक)
सच्चिदानन्द पाण्डेय (उपनिरीक्षक)
सावधानी ही बचाव है: पुलिस की अपील
थानाध्यक्ष चिलुआताल ने आम जनता से अपील की है कि डिजिटल लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। यदि किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो:
तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
अथवा www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
