
पाले से एटा में मटर की फसल को नुकसान
एटा 13 जनवरी उप्रससे। जनपद में पड़ रहे भीषण पाले ने किसानों की वर्षों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिससे उनकी खुशियां निराशा में बदल गई। जनपद में हज़ारों एकड़ में खड़ी मटर की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। खेतों में लहलहाती फसल सुबह देखते ही देखते सफेद पाले की चादर में ढककर बर्बाद हो चुकी थी।
किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर मटर की खेती की थी। बीज, खाद, सिंचाई और दवाइयों पर भारी खर्च किया गया, लेकिन पड़ रहे पाला से सब कुछ तबाह हो गया। अब हालात ऐसे हैं कि कर्ज कैसे चुकाएं और परिवार का पेट कैसे पालें, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
पीड़ित किसानों ने बताया कि मटर की फसल बेहद शानदार थी और अच्छी पैदावार की पूरी उम्मीद थी। लेकिन पाले ने फसल को इस कदर झुलसा दिया कि अब खेतों में केवल सूखी और काली पड़ी फसल ही दिखाई दे रही है। कई किसान खेतों में खड़े होकर रोते नजर आए, जिनकी आंखों में बेबसी और चिंता साफ झलक रही थी। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी इस प्राकृतिक आपदा में आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और वे दोबारा खेती करने की हिम्मत जुटा सकें।
तहसीलदार सदर नीरज वार्ष्णेय ने बताया कि पाले से हुए नुकसान को लेकर क्षेत्र के लेखपालों को सर्वे के लिए भेजा गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर शासन को अवगत कराया जाएगा।
हालांकि, किसानों का कहना है कि सर्वे के साथ-साथ तत्काल राहत भी जरूरी है, क्योंकि उनके सामने अब जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। पाले की इस मार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति की मार से अन्नदाता किस कदर टूट जाता है।