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एटा में 16 साल के लड़के का घर के पास सरसों के खेत में खून से लथपथ मिला शव

February 6, 2026

एटा में 16 साल के लड़के का घर के पास सरसों के खेत में खून से लथपथ मिला शव

एटा 06 फरवरी उप्रससे। जनपद में निधौली कलां थाना क्षेत्र के जौहर पुर गांव में एक 16 साल के किशोर का शव खून से लथपथ मिला है। शव सरसों के खेत में पड़ा हुआ था। पुलिस को किशोर की हत्या की आशंका है।

जौहर पुर निवासी मृतक धर्मेंद्र पुत्र नेम सिंह 16) का शव घर के पास सरसों के खेत में खून से लथपथ पड़ा मिला। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। सीओ जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भी फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड की टीमें को लेकर मौके पर पहुंचे।

क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना मिली की एक किशोर का शव खून से लथपथ सरसों के खेत में पड़ा है तुरंत मौके पर पहुंच कर फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड की टीमें को लेकर पहुंचे, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय भेज दिया पर जनों ने हत्या की आशंका जताई है जिसकी गंभीरता से जांच कर हत्यारोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एटा में युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर की आत्महत्या

परिजनों ने प्रेम-प्रसंग का लगाया आरोप लगाया

एटा 06 फरवरी उप्रससे। जनपद में जलेसर थाना क्षेत्र के सरसेला गांव में 28 वर्षीय युवक सौरभ पुत्र कमल सिंह ने गांव के बाहर एक पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

ग्रामीणों ने युवक को पेड़ पर लटका देखा तो उसके परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और शव को पेड़ से नीचे उतारा।

मृतक के भाई गौरव ने बताया कि सौरभ का एक महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। गौरव ने कहा कि वे पोस्टमार्टम करवाने आए हैं।

जलेसर थाना प्रभारी गोविंद कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।

एटा प्रदर्शनी में हो रही चोरी की घटनाओं से परेशान दुकानदारों ने दुकानें बंद कर जताया विरोध

पुलिस ने सुरक्षा का दिलाया भरोसा

एटा 06 फरवरी उप्रससे। शहर में आयोजित राजकीय कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी में मोबाइल चोरी की घटनाओं से परेशान दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। दुकानदारों का आरोप है कि चोरी होने पर ग्राहकों द्वारा उन्हें ही परेशान किया जाता है। हालांकि, पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद दुकानदारों ने अपनी दुकानें फिर से खोल ली हैं।

दुकानदार राजवीर सिंह ने बताया कि रात 12 बजे एक मोबाइल चोरी की घटना हुई थी। उनका आरोप है कि ग्राहक चोरी का इल्जाम दुकानदारों पर लगाते हैं और पुलिस भी आकर उन्हें धमकाती है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने बाजार बंद कर दिया था। एक अन्य दुकानदार कृष्णा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि बुधवार रात 11 बजे एक ग्राहक ने दावा किया कि उसका मोबाइल दुकान में छूट गया है। जब उन्होंने अपनी दुकान के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाई, तो ग्राहक ने उनके हाथ से मोबाइल छीन लिया और वीडियो डिलीट कर दिया।
कृष्णा ने बताया कि उन्होंने रात में ही पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले पर थाना प्रभारी निर्दोष सिंह सेंगर ने जानकारी दी कि शिकायत संज्ञान में आते ही दुकानदारों को समझाया गया और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया है। उन्होंने बताया कि अब स्थिति सामान्य है।

February 5, 2026

पीएम कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत ब्लॉक जैथरा में वाटरशेड महोत्सव का हुआ शुभारंभ

एटा 04 फरवरी उप्रससे। जनपद में जलागम विकास घटक- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना- 2.0 के अंतर्गत परियोजना विकासखंड जैथरा के माइक्रो वाटरशेड कोड खिरिया नगर शाह में वाटरशेड महोत्सव का शुभारंभ किया गया। जिसमें जलागम समिति के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान धीरेंद्र सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉo मनवीर सिंह, एफपीओ खिरिया नगर शाह, अवर अभियंता सुनील कुमार, श्रीमती सुमन वन विभाग से वन निरीक्षक संजय पथरे, पशुपालन विभाग के डॉक्टर, कृषि विभाग के अधिकारी/कर्मचारी एवं समस्त परियोजना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले माइक्रो वाटरशेड कोड के अध्यक्ष /ग्राम प्रधान भूमि संरक्षण इकाई के समस्त कर्मचारी गण एवं अन्य विभाग से आए अधिकारी/ कर्मचारी गण स्वयं सहायता समूह, एफपीओ, वाटरशेड समिति से आए सदस्य गण आदि उपस्थित रहे।

February 3, 2026

एटा में मेडिकल कालेज बना सफेद हाथी, हजारों बीमार रोज लड़ रहे हैं पर्चा बनवाने की जंग

Etah Medical College

Posted on: 03.02.2026 Tuesday, Time : 05.48, by Anuj Mishra, UP Samachar Sewa Correspondent Etah

एटा 03 फरवरी (उप्रससे)। जनपद के वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में डाक्टरों को दिखाने के लिए बीमार हजारों लोग रोजाना पर्चा बनवाने की जंग लड़ते हुए दिखाई देते हैं। लेकिन सबकुछ जानते और देखते हुए भी मेडिकल कालेज प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। क्योंकि मरीजों को पंजीकरण की लाइन में उलझाए रखना मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल की सोची समझी नीति है। प्रतिदिन बहुत से मरीज जब तक पर्चा बनवा पाते हैं तब तक एक बज जाता है और वह डाक्टर को दिखा पाते हैं तब तक फार्मासिस्ट दो बजे दवा वितरण बंद कर चला जाता है।

मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन मरीजों को पंजीकरण (पर्चा) की लाइन में इसलिए उलझाकर रखा जाता है ताकि डाक्टरों के सामने मरीजों की भीड़ इकट्ठी न होने पाये, इसलिए सिर्फ एटा मेडिकल कालेज में पर्चा बनवाने के लिए आधार कार्ड और मोबाइल लाना जरूरी कर दिया गया है। पर्चा बनाने वाला पहले आधार कार्ड मांगता है उसके बाद मोबाइल पर ओटीपी भेजता है। ओटीपी भेजने, आने और बताने में दस मिनट एक पर्चा पर लगना साधारण सी बात है। प्रतिदिन हजारों मरीजों की भीड़ के बीच एक पर्चा पर दस मिनट लगेंगे तो दो से तीन हजार मरीजों को समय से आसानी पूर्वक पर्चा कैसे मिल सकेगा? कभी कभी कुछ लोग दूसरे लोगों का पर्चा बनवाने पहुंच जाते हैं। मरीज घर (गांव) से चला भी नहीं है और परिचित पर्चा बनवा रहे होते हैं। पर्चा पर मरीज का मोबाइल नंबर डलवाते हैं, गांव में किसी कारणवश ओटीपी नंबर नहीं पहुंचता है अथवा नेटवर्क की कमी के कारण मोबाइल से बात नहीं होती है तब तक पर्चा (पंजीकरण) की लाइन रूकी रहती है। ऐसे एक व्यक्ति के कारण सैकड़ों व्यक्ति बेबस होकर लाइन में खड़े रहते हैं। क्या कसूर है इन बेबस मरीजों का जिन्हें आधार कार्ड और ओटीपी नंबर के नाम पर उलझाकर उनकी गरीबी का फायदा मेडिकल कालेज का प्रशासन उठा रहा है?
जवाहरलाल मेडिकल कालेज अलीगढ़, एस एन मेडिकल कालेज आगरा, गुरु तेग बहादुर हास्पीटल (जीटीबी) दिल्ली आदि में कहीं भी पर्चा बनवाने के लिए आधार कार्ड और ओटीपी की जरूरत नहीं होती है तो एटा मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल ही क्यों “तीन लोक से मथुरा न्यारी” वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं। कहीं उनका मकसद इलाज के लिए प्रतिदिन आने वाले हजारों मरीजों को परेशान कर मेडिकल कालेज आने से रोकना तो नहीं है?
इतना ही नहीं, एटा मेडिकल कालेज में तीन दिन की दवा का नियम भी सभी मेडिकल कालेजों से अलग है। एस एन मेडिकल कालेज सहित आस पास के जनपदों में मरीज को 7 दिन की दवा डाक्टर द्वारा लिखी जाती है, कभी कभी ज्यादा चलने वाली दवा को 15 दिन तक के लिए भी लिखते हैं, लेकिन एटा मेडिकल कालेज में डाक्टरों को 3 दिन की ही दवा लिखने का निर्देश दिया गया है जिससे मेडिकल कालेज में मरीजों की संख्या कम नहीं हो पा रही है। कोई भी डाक्टर चाहकर भी 3 दिन से अधिक की दवा नहीं लिख रहे हैं।
आखिर मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल की इस मनमानी के पीछे मंशा क्या है? सरकार जब मरीजों को सहज उपचार सुलभ कराना चाहती है तो फिर मेडिकल कालेज प्रशासन सरकार की सुविधा को असुविधा बनाने में क्यों लगा हुआ है। पर्चा बनाना अति सरल किया जाना चाहिए ताकि वरिष्ठ महिला और पुरुष को लाइन में घंटों खड़े नहीं रहना पड़े।

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