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एटा में पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

June 13, 2026

एटा में पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

एटा 13 जून उप्रससे। जनपद में जसरथपुर पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म के मामले में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया है।

जनपद में सुदृढ़ कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन जि. के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय के पर्यवेक्षण में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ओमवीर सिंह पुत्र कालीचरन, निवासी नगला मनसा, थाना गंज डुडवारा, जिला कासगंज की गिरफ्तारी हुई। उसके खिलाफ थाना जसरथपुर में मु0अ0सं0 65/2026 धारा-137(2)/87/64 बीएनएस 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विजय सिंह, उपनिरीक्षक ओमवीर सिंह, कांस्टेबल सौरभ कुमार (नंबर 1092) और कांस्टेबल पंकज कुमार (नंबर 1448) शामिल थे।

June 12, 2026

एटा में अखिलेश यादव ने केंद्र-राज्य सरकार पर साधा निशाना, डबल इंजन सरकार का धुआं निकल गया

एटा 12 जून उप्रससे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को एटा के सिविल लाइंस स्थित यादव नगर में दिवंगत शासकीय अधिवक्ता ओमकार सिंह यादव के आवास पहुंचे। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने परिवार को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने कहा कि देश और प्रदेश की सत्ता पर बैठे दो प्रमुख नेताओं का खुद का परिवार नहीं है, इसलिए वे परिवारों के दुख-दर्द को नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि परिवार वाला व्यक्ति ही परिवार की समस्याओं और जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ सकता है।
सपा प्रमुख ने सामाजिक न्याय की राजनीति को आगे बढ़ाते हुए एक बार फिर पीडीए की सरकार बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीडीए वर्ग की आबादी सबसे अधिक है और यदि यह वर्ग एकजुट हो जाए तो सत्ता परिवर्तन तय है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को हराया था और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भारी मतों से हराने का काम करेगी।

महंगाई, खाद और बिजली संकट पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। डीजल और पेट्रोल महंगे हो रहे हैं, किसानों को खाद नहीं मिल रही और बिजली संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता महंगाई और भ्रष्टाचार से परेशान है, जबकि सरकार समस्याओं के समाधान के बजाय प्रचार में व्यस्त है।

स्मार्ट सिटी की जगह जनता को दिए जा रहे स्मार्ट मीटर

उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को विकास के नाम पर स्मार्ट मीटर दिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर लोगों ने स्मार्ट मीटर तक उखाड़ फेंके हैं। सपा प्रमुख ने रुपये की गिरती कीमत और रोजमर्रा की वस्तुओं के बढ़ते दामों को भी सरकार की विफलता बताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई और भ्रष्टाचार के कारण डबल इंजन सरकार का धुआं निकल गया है। भाजपा जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। साथ ही पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भी सवाल उठाते हुए भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया।

एटा के थर्मल पावर प्लांट का किया जिक्र

सपा प्रमुख ने कहा कि एटा में थर्मल पावर प्लांट उनकी सरकार की देन है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री आज तक उस परियोजना का नाम तक नहीं बता पाए हैं। उन्होंने भाजपा से अपने बड़े विकास कार्य गिनाने की चुनौती भी दी।

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार ने जनता की सुविधा के लिए एंबुलेंस सेवा और 100 नंबर पुलिस सेवा शुरू की थी। भाजपा सरकार ने इन व्यवस्थाओं को कमजोर कर दिया है। आम लोगों को राहत देने वाली योजनाओं की अनदेखी की जा रही है।

विदेश नीति और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर किया जिक्र

प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा देश को विश्वगुरु बनाने की बात करती है, लेकिन आम जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और इथेनॉल मिश्रण की नीति का भी उल्लेख किया।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आम जनता के साथ-साथ सपा नेताओं का भी उत्पीड़न किया है। उन्होंने फर्जी एनकाउंटर कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के हर काम पर जनता की नजर है। भाजपा ने जो गलतियां की हैं, उनका जवाब जनता चुनाव में देगी।

अखिलेश यादव ने बताया पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन

अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि प्रेम, दया और अपनापन का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि समाज के सभी पीड़ित और उपेक्षित वर्ग पीडीए के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने महिलाओं की हिस्सेदारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि भाजपा महिलाओं के आरक्षण की पक्षधर है तो उसे 2027 के चुनाव से पहले इसे लागू करना चाहिए।
गौवंश के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि सड़कों पर घूमते और दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे सांडों की स्थिति देखकर दुख होता है। समाजवादी पार्टी हमेशा से गौसेवा की पक्षधर रही है और भाजपा को इस मुद्दे पर अपनी वास्तविक स्थिति बतानी चाहिए।

June 11, 2026

एटा में पेट्रोल की महंगाई और कालाबाजारी के खिलाफ किसानों ने प्रदर्शन कर पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा

एटा 11 जून उप्रससे। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों तथा खाद की कालाबाजारी के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। किसानों ने खाद-बीज की समय पर उपलब्धता और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, खाद की कथित कालाबाजारी और बिजली संकट सहित विभिन्न किसान समस्याओं को लेकर गुरुवार को अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने एटा कचहरी स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित पांच सूत्रीय मांगपत्र अपर जिलाधिकारी को सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की हैं।
किसान नेताओं ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने खेती-किसानों की लागत को काफी बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर किसानों, मजदूरों और आम जनता की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। किसानों ने केंद्र सरकार से रूस के साथ तेल व्यापार को बढ़ावा देने की मांग करते हुए कहा कि इससे देश में ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण संभव होगा और आम लोगों को राहत मिल सकेगी।
किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग के कुछ अधिकारियों और थोक विक्रेताओं के गठजोड़ के कारण खाद की कालाबाजारी हो रही है, जिससे किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मांगपत्र में किसानों ने कृषि विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, सभी नहरों और रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने, ग्राम पंचायतों के तालाबों को भरवाने तथा असीमित विद्युत कटौती पर रोक लगाकर पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी, राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र शास्त्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता ठाकुर अनिल सोलंकी, डॉ. अनिल कुमार सिंह, प्रदेश महासचिव रघुवीर सिंह, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष पूजा सोलंकी सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

June 10, 2026

एटा पंचायत चुनाव पर घमासान, नेता और प्रधान आए आमने सामने

Posted on 10.06.2026 Time 19.42PM Etah, Panchayat elections

एटा 10 जून उप्रससे। जनपद में पंचायत चुनावों को लेकर गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाईकोर्ट की टिप्पणी, शासन द्वारा जारी नए आदेश और पंचायत चुनाव में संभावित देरी को लेकर निवर्तमान ग्राम प्रधानों, राजनीतिक दलों के नेताओं तथा ग्रामीणों के बीच व्यापक चर्चा चल रही है। जहां कुछ लोग चुनाव होने तक प्रशासक व्यवस्था बनाए रखने के पक्ष में हैं, वहीं अधिकांश जनप्रतिनिधि जल्द चुनाव कराए जाने की मांग कर रहे हैं।

भाजपा का पक्षः न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान, समयबद्ध चुनावों की वकालत

भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता प्रो. राहुल गुप्त ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट के अंतिम आदेश के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी कानूनी या प्रशासनिक कारण से चुनाव प्रक्रिया में विलंब होता है तो विकास कार्य और जनहित योजनाएं बाधित न हों, इसके लिए सरकार द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। हालांकि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों में ही निहित है, इसलिए परिस्थितियां अनुकूल होते ही पंचायत चुनाव कराना आवश्यक है।


सपा का आरोप: चुनाव टालना लोकतंत्र के खिलाफ

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं एटा-कासगंज प्रभारी लोधी राकेश राजपूत ने भाजपा सरकार पर पंचायत चुनाव टालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में देरी लोकतंत्र और संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार जनता के बीच बढ़ते असंतोष के कारण चुनावों से बच रही है। सपा नेता ने कहा चुनाव टालना लोकतंत्र के खिलाफ है। किसान, नौजवान, मजदूर और व्यापारी वर्ग सरकार की नीतियों से नाराज है और चुनाव होने पर इसका असर दिखाई देगा।

शीतलपुर ब्लॉक के ग्राम लभैटा के युवा प्रधान विवेक मिश्रा का कहना है कि अधिकांश निवर्तमान प्रधान चुनाव होने तक प्रशासक व्यवस्था बनाए रखने के पक्ष में हैं ताकि पंचायतों के प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। हालांकि उनका मानना है कि चुनाव में अत्यधिक देरी गांवों के विकास के लिए उचित नहीं होगी। उन्होंने बताया कि गांवों में चुनावी माहौल पूरी तरह बन चुका है। संभावित प्रत्याशी और उनके समर्थक जनसंपर्क अभियान शुरू कर चुके हैं तथा चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है।

निधौली कलां ब्लॉक के ग्राम झिनवार की ग्राम प्रधान श्रीमती कृष्णा उपाध्याय का कहना है कि यदि पंचायतों का संचालन प्रशासकों के माध्यम से होगा और प्रत्येक कार्य के लिए प्रशासनिक अनुमति लेनी पड़ेगी तो विकास कार्यों की गति प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, पेयजल, सफाई और अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े कार्य समय पर नहीं हो पाएंगे। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की भूमिका सीमित होने से लोकतांत्रिक व्यवस्था भी कमजोर होगी।

गांवों में चुनावी माहौल गर्म

जनपद के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। संभावित प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ सक्रिय हो गए हैं। कई गांवों में सामाजिक बैठकों, जनसंपर्क अभियानों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है।
ग्रामीणों का मानना है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। निवर्तमान प्रधान भी अपने कार्यकाल के विकास कार्यों को जनता के सामने रखने में जुटे हुए हैं।

आरक्षण और आयोग की रिपोर्ट पर भी चर्चा

पिछड़ा वर्ग आरक्षण तथा आयोग की रिपोर्ट को लेकर जनपद में अलग-अलग राय सामने आ रही है। प्रधान संगठनों और संभावित प्रत्याशियों का एक वर्ग वर्तमान व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता महसूस कर रहा है, जबकि कुछ लोग सरकार और आयोग के अंतिम निर्णय का इंतजार करने की बात कह रहे हैं। राजनीतिक दल भी आरक्षण के मुद्दे को लेकर अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

चुनाव टलने के संभावित प्रभाव

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि पंचायत चुनाव अगले कुछ महीनों तक और टलते हैं तो विकास योजनाओं की गति धीमी पड़ सकती है। नई योजनाओं के प्रस्ताव, निर्माण कार्यों की स्वीकृति तथा स्थानीय स्तर पर लिए जाने वाले कई निर्णय प्रभावित हो सकते हैं। इसके साथ ही राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ेगी और गांवों में लंबे समय तक चुनावी माहौल बना रहेगा। हालांकि प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक जनहित कार्य जारी रखे जा सकते हैं, लेकिन अधिकांश जनप्रतिनिधियों का मानना है कि स्थायी समाधान केवल समयबद्ध पंचायत चुनाव ही हैं।
एटा जनपद में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। भाजपा जहां न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक प्रतीक्षा की बात कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी चुनाव में देरी को लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक बता रही है। दूसरी ओर अधिकांश ग्राम प्रधान प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता के साथ-साथ जल्द पंचायत चुनाव कराने के पक्षधर दिखाई दे रहे हैं। गांवों में चुनावी माहौल पूरी तरह बन चुका है और सभी की निगाहें अब शासन, आयोग तथा न्यायालय के आगामी निर्णयों पर टिकी हैं।

एटा मेडिकल कॉलेज में दवा की लाइन में खड़े बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत

एटा 10 जून उप्रससे। एटा मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए लाइन में खड़े 74 वर्षीय बुजुर्ग की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और मेडिकल कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई।

जानकारी के अनुसार, बागवाला थाना क्षेत्र के गांव कुतुबपुर निवासी 74 वर्षीय जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज में दवा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान लाइन में खड़े-खड़े उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। मौत की खबर से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया है कि परिजन पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को अपने साथ घर ले गए। वहीं, बुजुर्ग की मौत के कारणों को लेकर परिजन सदमे में हैं। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बलवीर सिंह ने बताया कि लाइन में लगने के दौरान मौत की कोई जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है और वे कारणों की जांच करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज में पर्चा बनवाने और डॉक्टर को दिखाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर प्रेम पाल सिंह ने बताया कि एक वृद्ध की मौत की सूचना मिली थी, लेकिन परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को अपने साथ ले गए।

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