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एटा में विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान

May 15, 2026

एटा में विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान

एक साल पहले हुई थी शादी, मायके वालों ने हत्या का लगाया आरोप

एटा 15 मई उप्रससे। जनपद में मिरहची थाना क्षेत्र के गांव हजरतपुर एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले मुख्यालय भेजकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

मृतका के भाई रामू पुत्र भूदेव, निवासी भागपुर थाना बागवाला ने बताया कि 23 वर्षीय बहन राधा की शादी एक वर्ष पूर्व हजरतपुर थाना मिरहची निवासी सोनू के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार हिन्दू रीति-रिवाज के साथ की थी। और कहा मिरहची थानाध्यक्ष नीतू वर्मा को फोन कर बहन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना दी। उन्होंने हत्या किए जाने की आशंका जताई।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष नीतू वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ। सीओ संकल्पदीप कुशवाहा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। घटना के समय मृतका के परिवार के लोग भी मौके पर मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि पंचायतनामा की कार्रवाई मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराई जाएगी, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई है।

मृतका के भाई भूदेव ने बताया कि राधा ने गृह क्लेश के चलते आत्महत्या की है।
वहीं, थानाध्यक्ष नीतू वर्मा ने कहा कि अभी तक मायके पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर हत्या के आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एटा में सड़क किनारे खड़े युवक को ऑटो ने मारी टक्कर,

अस्पताल ले जाते समय हुई मौत

एटा 15 मई उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में शिकोहाबाद रोड पर सड़क हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक जितेंद्र फिरोजाबाद जिले के बार्थरा गांव का निवासी है। जितेंद्र ऑटो में बैठकर घर लौट रहा था। मुस्तफाबाद के पास ऑटो से उतरकर वह सड़क किनारे खड़ा था, तभी एक ऑटो ने उसे टक्कर मार दी। इस घटना में जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने तत्काल परिवार के सदस्यों को सूचना दी और जितेंद्र को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
जितेंद्र के भाई अंशुल ने बताया कि उनका भाई मौसी के घर से लौट रहा था। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर सभी परिवारीजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक जितेंद्र की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

कोतवाली नगर प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

चकबंदी प्रक्रिया रद्द करने की मांग

एटा में चकबंदी अनियमितता पर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से लगाई गुहार,

एटा 15 मई उप्रससे। जनपद में अखतौली गांव के सैकड़ों ग्रामीण शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने चकबंदी कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए लिखित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने चकबंदी अधिकारी और कर्मचारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए पूरी चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण नहीं किया, जबकि वास्तविक स्थिति जानने के लिए यह जरूरी था। और प्रभावित किसानों के बिना बयान किए गए पूरी जांच केवल अधूरे अभिलेखों के आधार पर पूरी कर दी गई।

ग्रामीणों ने लगाया प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा की गई अनियमितताओं को अप्रत्यक्ष रूप से सही ठहराने और उनका बचाव करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी को इस मामले में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। चकबंदी योजना के तहत प्रभावशाली लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसके लिए गरीब और कमजोर वर्ग के किसानों की सड़क किनारे स्थित तथा आबादी से लगी बेशकीमती मूल जोतों पर जानबूझकर चक प्रस्तावित किए गए। बंदोबस्त अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में प्रस्तावित चकबंदी योजना को त्रुटिपूर्ण मानते हुए सहायक चकबंदी अधिकारी को दोबारा चक निर्माण के लिए वापस भेजने का उल्लेख किया था। बावजूद इसके, रिपोर्ट के अंत में परिवाद को निस्तारित करने योग्य बताते हुए मामले को समाप्त करने का प्रयास किया गया, जिसे ग्रामीणों ने भ्रामक बताया।
जांच अधिकारी ने ग्राम प्रधान द्वारा पूर्व में चकबंदी समाप्त कराए जाने के तथ्य को भी दर्ज किया, लेकिन इस पर कोई आगे की कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा चकबंदी अधिकारी द्वारा तैयार और बंदोबस्त अधिकारी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पूरी तरह सतही, अस्पष्ट और अधूरी है। इसमें वास्तविक तथ्यों की अनदेखी की गई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है।

May 14, 2026

फसल देखने गए किशोर की हाईटेंशन लाइन से मौत

एटा 14 मई उप्रससे। जनपद के अलीगंज थाना क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 16 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अकबरपुर कोट निवासी विक्रांत सिंह (16) पुत्र मेवाराम अपने खेत पर मक्का की फसल देखने गया था। बताया जा रहा है कि खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन काफी नीचे झूल रही थी। इसी दौरान वह लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। किशोर की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। स्थानीय लोगों ने हादसे को लेकर नाराजगी जताई।

मृतक के परिजन दुर्योधन सिंह ने आरोप लगाया कि हाईटेंशन लाइन लंबे समय से नीचे झूल रही थी, लेकिन बिजली विभाग ने इसकी सुध नहीं ली। विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। ग्रामीणों ने दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।

कस्बा इंचार्ज मनीष बालियान ने बताया कि किशोर खेत पर पानी लगाने गया था। इसी दौरान वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

एटा में डीएम ने कस्तूरबा विद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर जताई नाराजगी,

साफ-सफाई व्यवस्था पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

एटा 14 मई उप्रससे। जनपद के अलीगंज क्षेत्र में गुरुवार को जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली, छात्राओं को मिल रही सुविधाओं, हॉस्टल व्यवस्था, सुरक्षा इंतजामों, भोजन और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने छात्राओं के हॉस्टल का दौरा किया। उन्होंने कमरों में लगे शीशे और पर्दों की स्थिति देखी, जहां कई कमरों में इनकी पर्याप्त संख्या न होने पर नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, और कहा कि छात्राओं की सुविधाओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जिलाधिकारी गंभीर दिखे। विद्यालय की बाउंड्री वॉल छोटी पाए जाने पर उन्होंने चिंता जताई।
डीएम ने उपजिलाधिकारी जगमोहन गुप्ता और एबीएसए को सख्त निर्देश दिए कि बाउंड्री वॉल पर तत्काल कंटीले तार लगवाकर सुरक्षा मजबूत की जाए। छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था भी असंतोषजनक मिली। कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्था देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए नियमित साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। और कहा कि आवासीय विद्यालय में स्वच्छ वातावरण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गंदगी छात्राओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को परिसर, हॉस्टल, शौचालय और रसोईघर की प्रतिदिन साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए।

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