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पिता की डांट से क्षुब्ध युवती यमुना में कूदी

April 5, 2026

पिता की डांट से क्षुब्ध युवती यमुना में कूदी

मजदूर की बहादुरी से बची जान

आगरा। पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के चलते पिता की डांट से आहत एक युवती ने आत्मघाती कदम उठाते हुए नगला सिंघी में यमुना पुल से नदी में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद एक मजदूर की सूझबूझ और बहादुरी के चलते समय रहते युवती की जान बचा ली गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

—-पुल से लगाई छलांग, मची अफरा-तफरी

घटना रविवार की बताई जा रही है, जब नगला सिंघी स्थित यमुना पुल पर अचानक एक युवती ने नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती भावनात्मक रूप से बेहद परेशान नजर आ रही थी और देखते ही देखते उसने पुल से छलांग लगा दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

—-मजदूर सुखवीर बना फरिश्ता

इसी दौरान वहां काम कर रहे मजदूर सुखवीर ने बिना देर किए अपनी जान जोखिम में डालकर यमुना नदी में छलांग लगा दी। सुखवीर ने साहस दिखाते हुए युवती तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसकी इस बहादुरी की हर तरफ सराहना हो रही है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और युवती के परिजन मौके पर पहुंच गए। युवती को तुरंत सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक देखभाल दी गई। पुलिस ने बताया कि युवती अब खतरे से बाहर है और उसकी हालत स्थिर है।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवती किसी पारिवारिक विवाद और पिता की डांट से आहत थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और युवती से भी बातचीत की जा रही है।

यदि मौके पर मौजूद मजदूर सुखवीर साहस न दिखाता, तो यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक दबाव किस हद तक युवाओं को खतरनाक कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है।

April 4, 2026

Agra सरकारी अस्पताल में पहली बार ओपन हार्ट सर्जरी,13साल के बच्चे को मिली नई जिंदगी

Agra open heart surgery

आगरा के चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुई यह सर्जरी

आगरा। आगरा के चिकित्सा इतिहास में आज एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है, जिसने पूरे शहर को गर्व से भर दिया है। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा के सीटीवीएस विभाग ने पहली बार सफलतापूर्वक ओपन हार्ट सर्जरी कर एक 13 वर्षीय किशोर की जान बचा ली।

यह केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि आगरा के सरकारी चिकित्सा ढांचे की बड़ी छलांग है। अब तक जिस तरह की जटिल और हाई-रिस्क सर्जरी केवल बड़े मेट्रो शहरों या कॉर्पोरेट अस्पतालों में संभव मानी जाती थी, वह अब आगरा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में सफल होकर एक नई उम्मीद बन गई है।

—–बच्चे की जान पर था बड़ा खतरा

जानकारी के अनुसार, 13 वर्षीय किशोर एक बेहद गंभीर और जटिल बीमारी ‘कांस्ट्रिक्टिव पेरिकार्डिटिस’ (Constrictive Pericarditis) से पीड़ित था। इस बीमारी में हृदय के ऊपर मवाद की एक सख्त परत जम जाती है, जिससे दिल सामान्य रूप से फैल और सिकुड़ नहीं पाता। परिणामस्वरूप हृदय की पंपिंग क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो जाती है और मरीज की जान पर खतरा मंडराने लगता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति में सर्जरी बेहद जोखिमभरी होती है, क्योंकि धड़कते हुए दिल से उस जमी हुई कठोर परत को हटाना तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है। अगर थोड़ी भी चूक हो जाए तो स्थिति जानलेवा हो सकती है।

सीटीवीएस विभाग के प्रोफेसर एवं हेड डॉ. अतुल कुमार गुप्ता ने बताया कि यह ऑपरेशन मेडिकल दृष्टि से अत्यंत जटिल था। उन्होंने बताया कि इस तरह की सर्जरी में 50 प्रतिशत तक जान जाने का जोखिम बना रहता है। लेकिन एसएनएमसी की विशेषज्ञ टीम ने अद्भुत समन्वय, तकनीकी दक्षता और साहस का परिचय देते हुए इस ऑपरेशन को सफल बनाया।
यही वजह है कि इस उपलब्धि को आगरा के चिकित्सा क्षेत्र में ‘मील का पत्थर’ माना जा रहा है।

इस ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने सीटीवीएस विभाग की पूरी टीम को बधाई दी और इसे संस्थान के लिए क्रांतिकारी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि आज हमारे संस्थान ने वह मुकाम हासिल किया है, जो अब तक केवल बड़े मेट्रो शहरों के कॉर्पोरेट अस्पतालों तक सीमित था।

एक 13 साल के बच्चे की जान बचाना हमारे डॉक्टरों की काबिलियत, समर्पण और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा उद्देश्य एस.एन. मेडिकल कॉलेज को सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं का मजबूत केंद्र बनाना है, ताकि आगरा और आसपास के जिलों का कोई भी गरीब मरीज इलाज के अभाव में दिल्ली या जयपुर जाने को मजबूर न हो। प्रशासन की ओर से सीटीवीएस विभाग को अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हर संभव ‘अनकंडीशनल सपोर्ट’ मिलता रहेगा, ताकि भविष्य में ऐसे और भी जटिल ऑपरेशन यहां निरंतर सफल हो सकें। डॉ. प्रशांत गुप्ता का यह बयान साफ संकेत देता है कि एसएनएमसी अब केवल एक मेडिकल कॉलेज नहीं, बल्कि आगरा की नई सुपर-स्पेशलिटी उम्मीद बनकर उभर रहा है।

इस ऐतिहासिक सर्जरी को सफल बनाने में केवल एक डॉक्टर नहीं, बल्कि कई विशेषज्ञों की समर्पित टीम ने मिलकर काम किया। एनेस्थीसिया टीम के डॉ. दीपक, डॉ. मिहिर का सर्जरी के दौरान मरीज को सुरक्षित रखने और पूरी प्रक्रिया को स्थिर बनाए रखने में विशेष योगदान रहा। इस जटिल ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली टीम में डॉ. अतुल कुमार गुप्ता, डॉ. शिव, डॉ. शुभांशु, डॉ. सुलभ, डॉ. आरती, तकनीशियन सचिन, तकनीशियन मोनू, पोस्ट-ऑपरेटिव केयर टीम शामिल थे।

पहली बार सरकारी एसएन मेडिकल कॉलेज में इतनी जटिल हाई-रिस्क कार्डियक सर्जरी का सफल होना बड़ी बात है।यह सफलता बताती है कि अगर संसाधन, इच्छाशक्ति और विशेषज्ञता साथ हों, तो सरकारी अस्पताल भी चमत्कार कर सकते हैं।

—आगरा के चिकित्सा जगत में नई उम्मीद की किरण

एसएनएमसी की यह पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी सिर्फ एक मेडिकल उपलब्धि नहीं, बल्कि आगरा के लिए भरोसे, आत्मविश्वास और चिकित्सा आत्मनिर्भरता की शुरुआत है। यह सुविधा उन हजारों परिवारों के लिए आशा का संदेश है जो अब तक गंभीर हृदय रोग होने पर बड़े शहरों के चक्कर काटने को मजबूर थे। अब आगरा कह सकता है कि इलाज के बड़े सपने अब अपने शहर में भी पूरे होंगे।

April 3, 2026

शाहगंज में नगर निगम के ट्रक ने ले ली एक्टिवा सवार की जान!

आगरा, 03 अप्रैल। थाना शाहगंज क्षेत्र के अलबतिया रोड पर हरिओम वाटिका के सामने शुक्रवार को नगर निगम के ट्रक ने एक एक्टिवा सवार युवक की जान ले ली।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नगर निगम का ट्रक अलबतिया रोड की ओर से रामनगर की पुलिया की ओर जा रहा था। जबकि एक्टिवा सवार युवक रामनगर पुलिया से अलबतिया रोड की ओर जा रहा था। अचानक वह ट्रक की चपेट में आ गया और पहियों के बीच फंस गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
क्षेत्रीय लोगों ने ट्रक ड्राइवर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

हादसे से क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि नगर निगम की गाड़ियों से पिछले वर्षों में कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब तक नगर निगम की गाड़ियों की नियमित जांच नहीं होगी और चालकों का भी नियमित परीक्षण नहीं होगा, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
गौरतलब है कि पूर्व में संजय प्लेस के निकट स्थित एक स्कूल की छात्रा की भी नगर निगम के ट्रक की चपेट में आकर जान जा चुकी है।

 भीमनगरी के उद्घाटन के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दिया निमंत्रण

15 अप्रैल को जीआईसी ग्राउंड में होगा यह आयोजन

लोकमित्र ब्यूरो
आगरा। संविधान शिल्पी डॊ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती की तैयारियां जोरःशोर से चल रही हैं। आंबेडकर जयंती महोत्सव के अंतर्गत 15 अप्रैल को होने वाली भीमनगरी के उद्घाटन के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को बुलाए जाने की तैयारी है। विगत दिवस दिल्ली में संसद भवन में ओम बिरला को भीमनगरी में मुख्य अतिथि के रूप में आगरा आने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया।

केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने स्वयं यह निमंत्रण सौंपते हुए लोकसभा अध्यक्ष से 15 अप्रैल को जीआईसी ग्राउंड, आगरा में होने वाले भीमनगरी समारोह के उद्घाटन में शामिल होने का आग्रह किया।

इस अवसर पर भीमनगरी समारोह आयोजन समिति के प्रमुख सदस्य भी मौजूद रहे, जिनमें राहुल सागर, …
[9:55 pm, 03/04/2026] AK Tau: शाहगंज में नगर निगम के ट्रक ने ले ली एक्टिवा सवार की जान!

आगरा, 03 अप्रैल। थाना शाहगंज क्षेत्र के अलबतिया रोड पर हरिओम वाटिका के सामने शुक्रवार को नगर निगम के ट्रक ने एक एक्टिवा सवार युवक की जान ले ली।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नगर निगम का ट्रक अलबतिया रोड की ओर से रामनगर की पुलिया की ओर जा रहा था। जबकि एक्टिवा सवार युवक रामनगर पुलिया से अलबतिया रोड की ओर जा रहा था। अचानक वह ट्रक की चपेट में आ गया और पहियों के बीच फंस गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
क्षेत्रीय लोगों ने ट्रक ड्राइवर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

हादसे से क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि नगर निगम की गाड़ियों से पिछले वर्षों में कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब तक नगर निगम की गाड़ियों की नियमित जांच नहीं होगी और चालकों का भी नियमित परीक्षण नहीं होगा, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
गौरतलब है कि पूर्व में संजय प्लेस के निकट स्थित एक स्कूल की छात्रा की भी नगर निगम के ट्रक की चपेट में आकर जान जा चुकी है।

Agra कंगना रनौत केस में अदालत में हुई बहस, किसानों संबंधी बयान पर तीखे सवाल

KANGNA RANAUT

16 अप्रैल को आएगा फैसला

आगरा। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा की सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ दर्ज किसानों के अपमान और राजद्रोह से जुड़े मामले में आज स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में सुनवाई के दौरान जोरदार बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्णय के लिए 16 अप्रैल 2026 की तिथि निर्धारित कर दी है।

यह मामला हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद कंगना रनौत द्वारा किसानों को लेकर दिए गए कथित विवादित बयानों से जुड़ा है। सुनवाई स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए के न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह की अदालत में हुई, जहां लगभग ढाई से तीन घंटे तक दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस चली।

वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा, जो स्वयं किसान पृष्ठभूमि से जुड़े हैं, ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 26 अगस्त 2024 को दिए गए बयान में कंगना रनौत ने किसान आंदोलन को लेकर गंभीर और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कोर्ट में अपनी खेती से जुड़े दस्तावेज (खसरा-खतौनी) भी प्रस्तुत किए और कहा कि इस बयान से करोड़ों किसानों की भावनाएं आहत हुई हैं।

बादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान, दुर्गविजय सिंह भैया, राजवीर सिंह, बीएस फौजदार, विष्णु उपाध्याय, प्रीति कुमारी, राजेंद्र गुप्ता, धीरज, अजय सागर, पवन गौतम सहित कई अधिवक्ताओं ने बहस में हिस्सा लिया। उन्होंने अदालत के समक्ष यह सवाल भी उठाया कि क्या 1947 में मिली आजादी को भीख कहना उचित है और क्या किसान आंदोलन को गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया।

वहीं, कंगना रनौत की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अनुसूया चौधरी ने पक्ष रखते हुए कहा कि विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और इंटरव्यू में आंदोलन के दौरान कुछ विवादित घटनाओं का उल्लेख हुआ था, जिनके आधार पर बयान दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान अलगाववादी नारे और कुछ आपराधिक घटनाएं सामने आई थीं।

इस पर वादी पक्ष ने तीखा प्रतिवाद करते हुए कहा कि किसान आंदोलन केवल तीन कृषि कानूनों के विरोध में था और कुछ अलग घटनाओं के आधार पर पूरे आंदोलन को बदनाम करना गलत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है, उनमें किसी किसान का नाम या प्रत्यक्ष संबंध सिद्ध नहीं हुआ।

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कोर्ट के पूर्व आदेश (16 मार्च 2026) के अनुपालन में कंगना रनौत की ओर से उनकी अधिवक्ता ने 500 रुपये का जुर्माना वादी पक्ष को अदा किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

करीब ढाई घंटे तक चली विस्तृत बहस के बाद अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए 16 अप्रैल 2026 को आदेश सुनाने की तिथि तय कर दी।

इस दौरान जिला कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन कुमार शर्मा सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता भी अदालत परिसर में मौजूद रहे। मामले की अगली सुनवाई अब 16 अप्रैल को होगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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