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Ayodhya: मंदिर ट्रस्ट से चंपतराय और अनिल मिश्रा के त्यागपत्र की सूचना, आधिकारिक पुष्टि नहीं

June 26, 2026

Ayodhya: मंदिर ट्रस्ट से चंपतराय और अनिल मिश्रा के त्यागपत्र की सूचना, आधिकारिक पुष्टि नहीं

Champatrai General Secretary Shri Ram Janmbhumi Teerth Kshetra Trust

Ayodhya Mandir Breaking News

Posted on 26.06.2026 Time 02.20 PM

अयोध्या, 26 जून 2026 (उप्र समाचार सेवा)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और सदस्य ट्रस्ट डा अनिल मिश्रा के त्यागपत्र की सूचना है, लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों ने सूचना दी है कि दोनों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को त्यागपत्र सौंप दिया है। मगर वहां से त्यागपत्र की की पुष्टि नहीं हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष पदाधिकारियों की गत दिवस कारसेवक पुरम में हुई बैठक में त्यागपत्र पर चर्चा हुई। लेकिन प्रेस को कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद से ही त्यागपत्र की चर्चा शुरू हो गई। कल ही 8 कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

 

चढ़ावा चोरी पर एफआईआर 

Editorial

Editorial 26.06.2026 By Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News

अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर बने भव्य दिव्य मंदिर से चढ़ावा चोरी की घटना अत्यंत कष्टकारी और स्तब्ध करने वाली है। ये बात कल्पना से भी बाहर है कि कोई सनातन समाज का व्यक्ति ही सपने आराध्य को अर्पित श्रद्धालुओं के अर्पण को चुरा लेगा। लेकिन ऐसा हुआ, ये दुर्भाग्यपूर्ण और समस्त हिन्दू समाज को लज्जित करने वाला है। मामले में गुरुवार (25 जून) को एफआईआर दर्ज हो गई है। सभी 8 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अयोध्या कोतवाली में दर्ज एफआईआर में चोरी, संगठित अपराध, धोखाधड़ी की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। मामले की जांच विशेष जांच दल ने की थी। इसकी अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की। एसआईटी का गठन 13 जून को हुआ और 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत हो गई। एसआईटी का गठन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर प्रदेश सरकार ने किया था।

यह प्रकरण 7 जून को चर्चा में आया, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे से 7 करोड़ की चोरी हुई है। हालांकि मंदिर ट्रस्ट को पहले ही गड़बड़ का शक हो गया था और आंतरिक जांच की शुरुआत कर दी गई थी। यह बात ही अखिलेश यादव तक पहुंची और उन्होंने इसमें धनराशि का उल्लेख अपनी तरफ से कर दिया। उन्हें एक मौका मिल गया कि वे संघ, विहिप और राममंदिर आंदोलन को बदनाम कर सके तथा 2027 के चुनाव में इस मुद्दे को भुना सकें। वे बार बार प्रभुश्रीराम के दान चोरी की बात कर रहे है अब भगवान श्रीराम में उनकी अगाध श्रद्धा उमड़ रही है, लेकिन मंदिर बनने से लेकर आजतक प्रभु के दर्शन को नहीं गए। खैर वे राजनीतिज्ञ है और राजनीतिक नफा नुकसान की दृष्टि से ही मुद्दों को देखेंगे।

अब मामला एफआईआर तक पहुंच गया है। एसआईटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट भी शीघ्र आ जाएगी। लेकिन मुख्य प्रश्न ये है कि मंदिर की व्यवस्था में फिर कोई सेंधमारी न हो, ये प्रबंध कैसे हों। इसका एक उपाय तो श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी) ने बताया है। उनका सुझाव है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंध की व्यवस्था के लिए किसी अधिकारी को विशेष कार्याधिकारी या मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया जाय। दूसरा सुझाव विश्व हिंदू परिषद के कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार ने दिया है। उनका कहना है कि मंदिर का प्रबंध केवल आस्था से नहीं हो सकता। इसके लिए एक विस्तृत एस ओ पी की जरूरत है। एक विशेष मानक संचालन प्रणाली बनानी होगी। इसके लिए अनुभवी लोगों का सहयोग लेना होगा। इन दोनों सुझावों पर निर्णय अंतिम रूप से ट्रस्ट की कार्यकारिणी को लेना है। हिंदू समाज की चिंता सब ये है कि कोई भी उपाय किया जाए। कोई भी व्यवस्था हो, वह त्रुटिरहित और आस्था को संरक्षण देनी वाली हो। फिर कोई ऐसा समाचार नहीं मिले जो श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचा सके। इसी से जुड़ा प्रश्न विश्व हिंदू परिषद और मंदिर आंदोलन की साख को बचाने का भी है। पांच सौ साल के संघर्ष का तेज और 40 साल के आंदोलन की प्रतिष्ठा भी बची रहनी चाहिए। अगर ये धूमिल हुई तो शेष दो धर्म स्थल काशी और मथुरा की आकांक्षा प्रभावित हो सकती है।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

June 25, 2026

आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में मनाया गया मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का 61वां पुण्य स्मृति दिवस

मथुरा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बलदेव के “प्रभु प्रिय धाम” में संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका एवं जगत मां मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती (मम्मा) जी का 61वां पुण्य स्मृति दिवस अत्यंत शांति, श्रद्धा और सादगी के साथ “आध्यात्मिक ज्ञान दिवस” के रूप में मनाया गया।
इस अवसर पर स्थानीय प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी ने मातेश्वरी जी के दिव्य जीवन एवं महान व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके कर्म इतने अलौकिक और श्रेष्ठ थे कि उनकी लौकिक माता भी उन्हें प्रेमपूर्वक “मम्मा” कहकर संबोधित करती थीं। उन्होंने कहा कि मम्मा ने अपने प्रेम, तपस्या, सादगी और पवित्रता के बल पर असंख्य लोगों के जीवन को आध्यात्मिक ज्ञान की रोशनी से आलोकित किया। वे हमेशा कहती थीं कि “हर घड़ी अंतिम घड़ी है” तथा “हुक्मी हुकम चला रहा है”। उन्होंने जीवनभर शिवबाबा के प्रत्येक निर्देश का पूर्ण समर्पण भाव से पालन किया और कभी किसी की कमी या कमजोरी नहीं देखी। उनका जीवन प्रेम, ममता, करुणा, दया, शांति और पवित्रता का जीवंत उदाहरण था।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी रेनू दीदी ने मातेश्वरी जगदंबा की शिक्षाओं और विशेषताओं का वर्णन करते हुए एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की। कविता में उन्होंने कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या और महानता का संदेश था तथा उनके दिव्य संस्कार आज भी आत्मिक उन्नति की प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को मम्मा की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने तथा अपने अंदर की एक बुराई को त्यागने का संकल्प भी दिलाया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ब्रह्मावत्सों ने मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही भोग अर्पण कर प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर बी.के. मोहन, संजू गर्ग, नीरज अग्रवाल, अमित, अंकुश, भोला, पिंकी, कृष्ण, कुसुम, रंजन, बंटी, मीरा, निर्मल, सुनीता, गुड्डी, पूनम, राजवती, रूबी, ओमवती, सिया, कमलेश, रेखा, राजकुमारी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सासनी रेलवे कॉलोनी में विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान

हाथरस। सासनी रेलवे कॉलोनी में एक विवाहिता द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार रेलवे कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय राजकुमारी पत्नी आकाश बुधवार शाम अपने घर पर तीन बच्चों के साथ मौजूद थी। बताया जाता है कि उसके पति आकाश रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के लिए गए हुए थे। इसी दौरान राजकुमारी ने अपने तीनों बच्चों को घर से बाहर भेजकर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और फांसी लगा ली।कुछ देर बाद बच्चों ने खिड़की से देखा तो उनकी मां फंदे पर लटकी हुई थी। बच्चों ने तत्काल अपने पिता को सूचना दी। सूचना मिलते ही पति मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक राजकुमारी की मौत हो चुकी थी।बताया गया है कि राजकुमारी का विवाह करीब आठ वर्ष पूर्व हुआ था और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। घटना से परिवार तथा आसपास के लोगों में शोक व्याप्त है।प्रभारी निरीक्षक विपिन चौधरी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

AK-47′ और ‘महाकाल’ गैंग बनाकर सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाले 13 युवक गिरफ्तार

Posted on 25/06/2026
Time 17:43 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

गोरखपुर: 25 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) जिले के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर माहौल खराब करने वाले युवाओं के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ‘AK-47’ और ‘महाकाल’ जैसे आक्रामक नामों से ग्रुप बनाकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक फोटो और मैसेज डालने वाले 13 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

कैंपियरगंज इलाके में 18 से 30 वर्ष की आयु के कुछ युवक सोशल मीडिया पर सक्रिय थे। ये लोग ‘AK-47’ और ‘महाकाल’ जैसे नामों से ग्रुप बनाकर लगातार आक्रामक पोस्ट, हथियारों के साथ तस्वीरें और भड़काऊ मैसेज अपलोड कर रहे थे। इन गतिविधियों के कारण आम जनता में भय का माहौल था और पुलिस को लगातार इसकी शिकायतें मिल रही थीं।

एसएसपी के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ने इन ग्रुपों की निगरानी शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सक्रिय यूजर्स की जानकारी जुटाकर बुधवार और गुरुवार को विशेष अभियान चलाया। प्रभारी कैंपियरगंज के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में कुल 13 युवकों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, इन सभी युवकों पर आम जनता को परेशान करने, समाज में अशांति फैलाने और दूसरों को उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत पाबंद किया गया है।

पकड़े गए युवकों में प्रभाकर यादव (हरनाथपुर), ऋषिकेश साहनी (भरवलिया), ऋषिकेश साहनी (बसंतपुर टोला मनसा पुरवा), विकास उर्फ छोटू (गुलरिया टोला), अनूप गुप्ता (धर्मपुर टोला), गुलशन साहनी (भरवलिया), शेरू खान (रामनगर केवटलिया), रिंकू यादव (रामनगर केवटलिया), रितिक गुप्ता (धर्मपुर टोला), शिवम शर्मा (गुलहरिया टोला), दिपांशु पासवान (महावनखोर), प्रतिक यादव (हरनाथपुर) और नीरज पाल (शवलहिया) शामिल हैं।

इस मामले पर सीओ कैंपियरगंज, अनुज कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर आक्रामकता फैलाने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की सोशल मीडिया सेल लगातार ऐसी गतिविधियों पर नजर रख रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

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