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हिन्दू समाज के सभी लोगों को एक साथ लेकर चलना होगा: युद्धवीर

January 13, 2026

हिन्दू समाज के सभी लोगों को एक साथ लेकर चलना होगा: युद्धवीर

हिन्दू सम्मेलन में विचार व्यक्त करते हुए स्वामी चैतन्य

भारत को परमवैभव पर ले जाना संघ का उद्देश्य: डा.अशोक दुबे
लखनऊ,11 जनवरी । हिन्दू समाज के सभी लोगों को एक साथ लेकर चलना होगा। समाज परस्पर सहयोगी बने और समरसता का भाव निर्माण हो। राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए जाति भेद से ऊपर उठकर हिन्दू समाज एक साथ आए। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर ने रविवार को सुशांत गोल्फ सिटी लखनऊ में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। युद्धवीर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सेवा के माध्यम से समाज में समरसता निर्माण के लिए काम कर रहा है।

भारत को परमवैभव पर ले जाना संघ का उद्देश्य
अलीगंज हनुमान मंदिर के आंज्जानेय मंडपम में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के प्रान्त प्रचार प्रमुख डा.अशोक दुबे ने संबोधित किया। डा.अशोक दुबे ने कहा कि हिन्दू समाज का सर्वांगीण विकास कर भारत को परमवैभव पर ले जाना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के ध्येय को लेकर संघ स्थापना काल से काम कर रहा है।
डा. अशोक दुबे ने कहा कि संघ की 100 वर्षों की विचार यात्रा,शक्ति और विश्वास की यात्रा है। भारत का मूल विचार अध्यात्म है। सबको साथ लेकर चलने का है। हम सर्वे भवन्तु सुखिन: और वसुधैव कुटुम्बकम को मानने वाले हैं। संतों ने उसी प्रवाह को आगे ले जाने का काम किया।
हिन्दू सम्मेलन को चिन्मय मिशन के कौशिक चैतन्य और नवयुग कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर मंजुला उपाध्याय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय पाण्डेय ने की।

योगी आदित्यनाथ गुरुवार तड़के अर्पित करेंगे गुरु गोरखनाथ को लोक आस्था की खिचड़ी

गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जी महाराज

लाखों की संख्या में जुटेंगे श्रद्धालु, खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंगलवार रात से ही श्रद्धालुओं ने डाला डेरा

खिचड़ी मेला की हर व्यवस्था पर खुद नजर बनाए हुए हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर, 13 जनवरी। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार गुरुवार तड़के (15 जनवरी) को ब्रह्म मुहूर्त में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को लोक आस्था की खिचड़ी चढ़ाकर समूचे जनमानस की सुख-समृद्धि की मंगलकामना करेंगे। हालांकि बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार रात (13 जनवरी) से ही शुरू हो गया। तमाम श्रद्धालु बुधवार को भी खिचड़ी चढ़ाएंगे जबकि गुरुवार को यहां आस्था का जनसमुद्र दिखेगा।

समूची प्रकृति को ऊर्जस्वित करने वाले सूर्यदेव के उत्तरायण होने पर खिचड़ी चढ़ाने की यह अनूठी परंपरा पूरी तरह लोक को समर्पित है। मान्यता है कि महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर मन्नत मांगने वाला कभी निराश नहीं होता। अरुणोदय काल में मकर संक्रान्ति का महापर्व गुरुवार को मनाया जायेगा। इस दिन उत्तर प्रदेश, बिहार तथा देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाएंगे। आनुष्ठानिक कार्यक्रमों का शंखनाद गुरुवार भोर में ही हो जाएगा। सबसे पहले गोरक्षपीठ की तरफ से पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ खिचड़ी चढ़ाकर बाबा को भोग अर्पित करेंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और जनसामान्य की आस्था, खिचड़ी के रूप में निवेदित होनी शुरू हो जाएगी।

मंदिर व प्रशासन की ओर से खिचड़ी महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मकर संक्रांति पर्व को लेकर मंदिर व मेला परिसर सज धजकर पूरी तरह तैयार है। समूचा मंदिर क्षेत्र सतरंगी रोशनी में नहाया हुआ है। यहां श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार रात से ही शुरू हो गया है। मंदिर प्रबंधन की तरफ से उनके ठहरने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। प्रशासन की तरफ से रैन बसेरों में भी पूरी व्यवस्था की गई है।

प्रयागराज के संगम तट पर बसाई गई आधुनिक टेंट कॉलोनी

 

  • माननीय मुख्यमंत्री योगी जी के परिकल्पना के अनुसार तैयार की गई हैं टेंट सिटी – जयवीर सिंह

लखनऊ: 13 जनवरी, 2026, मकर संक्रांति सहित अन्य प्रमुख स्नान पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए संगम तट पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त टेंट सिटी बसाई गई है। संगम की पुण्य धारा में डुबकी लगाने देश-दुनिया से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन हो रहा है। इसी क्रम में आगंतुकों को सुरक्षित और यादगार अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा संगम तट की रेत पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित टेंट कॉलोनी बसाई गई है, जो कल्पवासियों और पर्यटकों के लिए आस्था के साथ-साथ आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरी है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि प्रयागराज के अरैल सेक्टर-7 में त्रिवेणी पुष्प से पहले विकसित टेंट कॉलोनी में कुल 50 अत्याधुनिक कॉटेज बनाए गए हैं, जिनकी ऑनलाइन बुकिंग यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है। टेंट कॉलोनी को तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें 15 हजार रुपए किराए वाला प्रीमियम, 11 हजार 500 रुपए का लग्जरी और 7 हजार 500 रुपए का डीलक्स कॉटेज शामिल है। यहां कुल 12 प्रीमियम, 8 लग्जरी और 30 डीलक्स टेंट बने हैं। जिनमें ठहरने वाले श्रद्धालुओं के लिए उसी शुल्क में सात्विक भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। टेंट कॉलोनी परिसर में यज्ञशालाएं बनाई गई हैं, जहां लगातार भजन-कीर्तन हो रहा है। सांस्कृतिक रंग देने के लिए कलाग्राम भी विकसित किया गया है, जहां स्थानीय शिल्प और लोककला को बढ़ावा दिया जा रहा है।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि माघ मेले में रोजगार और नवाचार को विशेष बढ़ावा मिला है, जहां संगम टेंट कॉलोनी में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) प्रदर्शनी के जरिए प्रयागराज की पारंपरिक मूंज कला के भी स्टॉल लगे हैं। यहां के कारीगरों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। माघ मेला 2026 न केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहा है, बल्कि उद्यमियों और हस्तशिल्पियों के लिए व्यापार का बड़ा मंच भी बन गया है, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु मूंज से बने डलिया, पेन स्टैंड, रोटी रखने के बर्तन, गमले और सजावटी सामान जैसे उत्पाद पसंद कर रहे हैं। नैनी क्षेत्र के महेवा इलाके की यह पारंपरिक कला, जिसे चांद जैसी कारीगर वर्षों से आगे बढ़ा रही हैं, अब आधुनिक रूप में सामने आकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना पा रही है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन के अनुरूप माघ मेला केवल आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि पर्यटन, रोजगार और स्थानीय कला को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। यूपीएसटीडीसी द्वारा विकसित संगम टेंट कॉलोनी इसका बेहतरीन उदाहरण है, जहां श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव मिल रहा है। उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद के तहत मूंज कला जैसे पारंपरिक शिल्प को मंच देकर स्थानीय कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। योगी जी की सोच है कि प्रदेश का हर आयोजन रोजगार, नवाचार और संस्कृति से जुड़े, और माघ मेला 2026 इसी सोच को जमीन पर उतारता हुआ दिखाई दे रहा है।

पर्यटन मंत्री ने निर्माणाधीन संग्रहालयों, स्मारकों तथा वृहद परियोजनाओं के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह विभागीय परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए

  • सभी निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूरा किया जाए-जयवीर सिंह

लखनऊ: 13 जनवरी, 2026, प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज पर्यटन भवन सभागार में विभाग की प्रमुख और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने फिरोजाबाद में निर्माणाधीन ग्लास म्यूजियम, कल्चरल सेंटर मैनपुरी, आर्य गुरुकुल म्यूजियम और सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स, फिरोजाबाद के विकास की रूपरेखा का गहन अवलोकन एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि फिरोजाबाद में 47 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि से निर्माणाधीन ग्लास म्यूजियम के करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मेक इन इंडिया के तहत बन रहा यह अपनी तरह का देश का पहला ग्लास म्यूजियम होगा, जिसमें हड़प्पा से लेकर यूरोपीय एवं अन्य देशों तक फिरोजाबाद के कांच की पहुंच के इतिहास को दर्शाया जाएगा। म्यूजियम में एआर/वीआर जोन, संस्कृति से संबंधित जानकारी एवं लाइब्रेरी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित करेंगे। मंत्री ने स्पष्ट कहा, बदलाव का स्वागत है लेकिन सुरक्षा में किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ग्लास म्यूजियम के भव्य और आधुनिक आंतरिक स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी गई। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित हो रहे इस तीन मंज़िला म्यूजियम में एक ही छत के नीचे शहर की विरासत, कला और शिल्प को जीवंत रूप में प्रदर्शित करने की परिकल्पना की गई है। म्यूजियम में शहर के इतिहास से परिचय कराने वाली गैलरी के साथ-साथ प्रोडक्ट गैलरी, डिजिटल गैलरी, सोविनियर गैलरी एवं अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। मंत्री जी ने गैलरियों में ब्रज, वृंदावन, नीम करौरी, बटेश्वर और रपड़ी जैसे सांस्कृतिक-धार्मिक स्थलों के कलात्मक चित्रण को भी सम्मिलित करने का सुझाव दिया।
फिरोजाबाद की वैश्विक पहचान बन चुकी चूड़ियों सहित ग्लास की कटाई, जरी, डिज़ाइन और सामग्री निर्माण की पूरी प्रक्रिया को इस म्यूजियम में भव्यता से प्रस्तुत किया जाएगा। आगंतुकों के लिए लाइव ग्लास ब्लोइंग का अनुभव भी आकर्षण का केंद्र होगा, जहां शिल्पकारों की कला को सजीव देखा जा सकेगा। म्यूजियम में उपलब्ध सभी जानकारियां हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में प्रदर्शित की जाएंगी, जिससे देश-विदेश के पर्यटक इस अनूठी विरासत से सहज रूप से जुड़ सकें। आगंतुक फ्लिप बुक जोन में जहां अपनी पसंद की सामग्री देख-पढ़ सकेंगे वहीं बच्चों के लिए इंटरेक्टिव जोन भी होगा। बारकोड स्कैन के माध्यम से म्यूजियम से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
मंत्री जयवीर सिंह ने मैनपुरी में निर्माणाधीन कल्चरल सेंटर के डिजाइन एवं क्यूरेशन प्रगति की रिपोर्ट ली। संस्कृति मंत्री को बताया गया कि कल्चरल सेंटर मैनपुरी में राजा तेज सिंह से जुड़े इतिहास, मैनपुरी का नाम, ऋषियों की भूमि, 800 लोगों की क्षमता वाले ऑडिटोरियम, एंट्रेंस गैलरी, एग्जीबिशन हॉल, सोविनियर स्टॉल, वाच टावर एवं रिसेप्शन आदि की व्यवस्था होगी। सेंटर में विभिन्न गैलरी के माध्यम से आस्था के आयाम, वीरों की भूमि, मैनपुरी की कला-संस्कृति, राजपूत राजाओं के शासन के दौर का इतिहास, पक्षी विहार, तारकशी के इतिहास से रूबरू कराया जाएगा। महाभारत काल और पांचाल के इतिहास को डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से दिखाया जाएगा। सेंटर में होलोग्राफिक प्रोजेक्शन के माध्यम से जैन, बुद्ध और हिंदू से जुड़े स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने विशेषकर बच्चों के लिए एआर/वीआर माध्यम के इस्तेमाल का सुझाव दिया।
पर्यटन विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे आर्य गुरुकुल म्यूजियम को लेकर मंत्री ने प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम आर्य समाज की गौरवशाली परंपरा और उससे जुड़ी महान विभूतियों के जीवन, विचार और योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का एक अभिनव केंद्र होगा। यहां इतिहास को लिखित एवं वीडियो वॉल के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, वेदों का अध्ययन डिजिटल माध्यम से संभव होगा। साथ ही, लाइब्रेरी और एआर/वीआर आधारित नवीन प्रयोग दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेंगे। इसके अलावा, सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स के विकास की भी समीक्षा हुई। मंत्री कि मंदिर परिसर में बहुतायत पर्यटकों का आगमन हो रहा है, जिसे देखते हुए वोटिंग की सुविधा, वाटर फाउंटेन, पार्किंग, साइनेज आदि का विकास किया जा रहा है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य भावी पीढ़ी के समक्ष प्रदेश के गौरवशाली और विस्तृत इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत करना है। आधुनिकता, तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग के माध्यम से हम विरासत को केवल संरक्षित ही नहीं, बल्कि उसे नई पीढ़ी की सोच, समझ और संवेदनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
बैठक में पर्यटन महानिदेशक डॉ० वेदपति मिश्रा, यूपीएसटीडीसी के एमडी आशीष कुमार, पर्यटन मंत्री के सलाहकार जेपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी सहित अन्य मौजूद रहे।

स्थानीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित करें एनएचएआई अधिकारी

  • मुख्यमंत्री ने एनएचएआई की सड़क परियोजनाआें की समीक्षा की
  • एन0एच0ए0आई0 के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासनके बीच बेहतर, सतत् और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश
  • एन0एच0ए0आई0 परियोजनाओं की मुख्य सचिव पाक्षिकतथा जिलाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा करें
  • भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए,किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले

लखनऊ,  12 जनवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न सड़क परियोजनाआें की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत् और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे जुड़ी हैं। अतः सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिल सके।
उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट प्रदेश की अनिवार्य आवश्यकता है, किन्तु यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता। इस वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार की नीति है कि किसी भी परियोजना में अपरिहार्य स्थिति में ही वृक्षों की कटान की जाए और जितने वृक्ष कटें, उससे अधिक संख्या में पौधरोपण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी एनएचएआई परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करें। जहां भी किसी स्तर पर कोई विषय लम्बित हो, उसे मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मुख्य सचिव स्वयं इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा करें, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलम्ब न हो और निर्णय शीघ्रता से लिए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण से सम्बन्धित विषयों पर स्पष्ट निर्देश दिए कि सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए। किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें और परियोजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।

 

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