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सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन से डीएम नाराज़, लगाई फटकार

February 11, 2026

सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन से डीएम नाराज़, लगाई फटकार

DM Firozabad

जिलाधिकारी फिरोजाबाद

फिरोजाबाद। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बुधवार को अपने कक्ष में सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा की। उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों के प्रति कड़ा रख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्य प्रणाली में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी रमेश रंजन ने समीक्षा में पाया कि जीएमडीआईसी, पीओ डूड़ा और जिला आबकारी अधिकारी की रैंकिंग के ग्रेड ‘सी‘ है।जिलाधिकारी ने इसे अत्यंत असंतोष जनक मानते हुए निर्देशित करते हुए कहा कि इन सभी अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाए, इसमें से कोई भी अधिकारी बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़े, जिलाधिकारी ने निर्देश दिए की ये सभी अधिकारी अपनी रैंकिंग में अनिवार्य रूप से सुधार लाएं।
नगर निगम और स्टांप विभाग के लक्ष्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पाया की वसूली निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे है, नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स और वॉटर टैक्स की कम वसूली पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की, उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग कर राजस्व संग्रह में तेजी लाएं, स्टाम्प विभाग द्वारा लक्ष्य से कम प्राप्ति पर जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए, उन्होंने संबंधित रजिस्ट्रार को फील्ड विजिट करने के आदेश दिए, ताकि स्टांप की कमी को दूर कर राजस्व बढ़ाया जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, सभी विभाग अपनी प्रगति रिपोर्ट में सुधार करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट, अपर जिलाधिकारी न्यायिक आदि उपस्थित रहें।

गणित परीक्षा का भय, स्कूल की जगह पहुंचे दिल्ली, पुलिस ने लापता दोनों बच्चों को किया बरामद

Firozabad Police recovered two miner students

Firozabad पुलिस ने बरामद किए लापता छात्र

Posted on 11.02.2026 Wednesday, Time:08.02 PM Firozabad
फिरोजाबाद 11 फरवरी। दो छात्रों को स्कूल में गणित के पेपर का भय इतना सताया कि वह स्कूल जाने की जगह वह ट्रेन से दिल्ली पहुंच गए। पुलिस ने दोनों लापता बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया है। जिसके बाद परिवार में खुशियां लौटी है।
थाना रसूलपुर के नींबू वाला बाग निवासी दिनेश व विमल कुमार ने 9 फरवरी को थाना रसूलपुर पर सूचना दी थी कि उनके बच्चे कृष (14) पुत्र दिनेश कुमार व शौर्य (11) पुत्र विमल कुमार सुबह 09.00 बजे घर से स्कूल के लिये गये थे लेकिन अभी तक वापस नहीं आये हैं। जिससे वह परेशान है। पुलिस ने दोनों बच्चों की गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। परिजन भी बच्चों की तलाश में जुट हुए थे।
सीओ सिटी प्रवीन तिवारी ने बताया कि बच्चों की सकुशल बरामदगी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देश पर 03 पुलिस टीमों का गठन किया। गठित टीमों द्वारा ऑपरेशन मुस्कान के अन्तर्गत सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करते हुए प्रमुख स्थानों जैसे बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन पर व्यापक सर्च अभियान चलाकर गुमशुदा बच्चो की बरामदगी के प्रसाय किये गये। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के निरीक्षण से ज्ञात हुआ कि उक्त दोनों गुमशुदा बच्चे रेलवे स्टेशन की तरफ गये हैं। पुलिस टीम द्वारा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ पुलिस टीमों से समन्वय कर सर्च ऑपरेशन में गुमशुदा बच्चों के ट्रेन में बैठकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुचने की जानकारी प्राप्त हुई। जिसके बाद थाना रसूलपुर प्रभारी प्रदीप ने पुलिस टीम के साथ फोटो व व्यापक सर्च अभियान से गुमशुदा बच्चों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर उन्हें नई दिल्ली सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया। इसके बाद बरामद बच्चों को उनके परिवारीजन के सुपुर्द किया है। बच्चों को सकुशल पाकर परिवार में खुशियां लौट आई है। दोनों ही परिवारों ने फिरोजाबाद पुलिस के कार्यों की प्रशंसा की है।
सीओ ने बताया कि पूछताछ में बच्चों द्वारा बताया कि गणित की परीक्षा के डर से वह दोनों स्कूल न जाकर दिल्ली की तरफ ट्रेन में बैठकर चले गये थे।

नौ लाख करोड़ से अधिक का बजट

वित्त संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा 2026/27 का बजट भाषण जारी, बजट का आकार 912696.36 करोड़ रूपये का प्रस्ताव किया गया है, है छुट्टा पशु ओर गौवंश संवर्धन के लिए 2000 करोड़ रुपए का ,बजट में 43565 करोड़ रूपये की नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं,बजट में प्राप्ति राशि 848233.18 कोड रुपए अनुमानित किया गया है,
आवकारी मद में 71278 करोड़ रूपये रखा गया है,वाहन कर से16808 करोड़ रूपये प्राप्ति का लक्षण निर्धारित किया गया है।

सरकार ने स्वीकृत किया अखंड वन्देमातरम

जन गण मन से पहले बजेगा वंदे मातरम्, सरकार ने तय किया राष्ट्र गीत का नया नियम
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है.

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

Posted on 11.02.2026 Wednesday, Time 11.54 AM, Vandematram 
नई दिल्ली 11 फरवरी 2026, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है. इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य होगा. मंत्रालय का यह 10 पन्नों का आदेश 28 जनवरी को जारी किया गया है, जो सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक संस्थाओं को भेजा गया है.
आदेश के अनुसार, तिरंगा फहराए जाने के समय, राष्ट्रपति के किसी कार्यक्रम में आगमन और प्रस्थान पर, राष्ट्र के नाम उनके संबोधन से ठीक पहले और बाद में, तथा राज्यपाल या उपराज्यपाल के आगमन-प्रस्थान और भाषणों से पहले-बाद में ‘वंदे मातरम्’बजाया या गाया जाएगा. अगर किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ होगा. इस दौरान उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़े रहना होगा.
वंदे मातरम् के समय खड़ा होना अनिवार्य
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जब ‘वंदे मातरम्’ का आधिकारिक संस्करण बजाया या गाया जाए, तो श्रोताओं को सम्मान में खड़ा होना चाहिए. हालांकि, अगर किसी समाचार फिल्म या डॉक्यूमेंट्री में यह गीत फिल्म का हिस्सा हो, तो दर्शकों से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाएगी, ताकि कार्यक्रम में अव्यवस्था न हो.

दरअसल अब तक ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रोटोकॉल नहीं था, जबकि राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के लिए समय, धुन और प्रस्तुति के नियम पहले से तय हैं. यह पहली बार है जब छह अंतरों वाले विस्तारित संस्करण को आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं.
तीन कैटेगरी में बांटे गए कार्यक्रम

आदेश में कार्यक्रमों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. पहली श्रेणी में वे अवसर हैं, जहां राष्ट्रीय गीत केवल बजाया जाएगा, जैसे- नागरिक अलंकरण समारोह, राष्ट्रपति का औपचारिक राजकीय समारोहों में आगमन-प्रस्थान, आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में, राज्यपाल या उपराज्यपाल का औपचारिक कार्यक्रमों में आगमन-प्रस्थान, परेड में राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के समय आदि.
दूसरी श्रेणी में वे कार्यक्रम शामिल हैं, जहां गीत को बजाने के साथ-साथ सामूहिक गायन भी होगा. इसमें राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अवसर, सांस्कृतिक और औपचारिक समारोह (परेड को छोड़कर), तथा राष्ट्रपति का किसी सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम में आगमन और प्रस्थान शामिल है. इसके लिए कोयर, साउंड सिस्टम और आवश्यकता होने पर गीत के बोल वितरित करने की भी सलाह दी गई है.
तीसरी श्रेणी में वे अवसर हैं, जहां ‘वंदे मातरम्’ गाया जा सकता है, जैसे स्कूलों के कार्यक्रम. आदेश में कहा गया है कि स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत गाकर की जा सकती है और छात्रों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान बढ़ाने के प्रयास किए जाएं.
वंदे मातरम् पर नए आदेश की खास बातें
केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर क्या नया आदेश जारी किया है?

गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि अब ‘वंदे मातरम्’ का छह अंतरों वाला, 3 मिनट 10 सेकंड का आधिकारिक संस्करण कई सरकारी और औपचारिक कार्यक्रमों में बजाया या गाया जाएगा.
किन-किन मौकों पर ‘वंदे मातरम्’ बजाना या गाना अनिवार्य होगा?

राष्ट्रपति के आगमन-प्रस्थान, तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले-बाद, राज्यपाल/उपराज्यपाल के कार्यक्रमों और नागरिक अलंकरण समारोहों जैसे अवसरों पर.
अगर ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ दोनों बजें तो क्रम क्या होगा?

पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया जाएगा.

क्या सभी लोगों के लिए खड़ा होना जरूरी होगा?

हां, जब आधिकारिक रूप से गीत बजाया या गाया जाए तो सभी को सावधान मुद्रा में खड़ा होना होगा.
क्या हर स्थिति में खड़ा होना अनिवार्य है?

नहीं, अगर किसी डॉक्यूमेंट्री या न्यूज़रील में ‘वंदे मातरम्’ फिल्म का हिस्सा हो, तो खड़े होने की जरूरत नहीं होगी.
स्कूलों के लिए क्या निर्देश हैं?

स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ गाकर की जा सकती है.
पहले ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कोई प्रोटोकॉल था?
नहीं, अब तक इसके लिए कोई तय आधिकारिक नियम नहीं थे, जबकि ‘जन गण मन’ के लिए पहले से नियम मौजूद हैं.
वंदे मातरम् पर सरकार का जोर
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब केंद्र सरकार ‘वंदे मातरम्’ को लोकप्रिय बनाने पर जोर दे रही है. हाल ही में संसद में राष्ट्रीय गीत की 150वीं जयंती पर लंबी बहस हुई थी और इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड का विषय भी ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ रखा गया था.
बंगाली साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1870 के दशक में रचित इस गीत के पहले दो अंतरों को 1950 में भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया था. पिछले वर्ष संसद में वंदे मातरम् पर हुई चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि गीत के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ ने इसके महत्व को कमजोर किया और इसे देश के विभाजन से भी जोड़ा.
नए आदेश के साथ ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और प्रस्तुति को लेकर एक स्पष्ट और औपचारिक व्यवस्था तय हो गई है, जिसे देशभर में लागू किया जाएगा.

एटा में शादीशुदा प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पेड़ से लटके मिले शव

एटा 11 फरवरी उप्रससे। जनपद में मलावन थाना क्षेत्र के गांव पुरा में एक शादीशुदा प्रेमी युगल ने गांव से बाहर एक पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह ग्रामीणों ने पेड़ पर दोनों के शव लटके देखे, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

सूचना मिलने पर मलावन थाना पुलिस और क्षेत्राधिकारी सकीट कृतिका सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और फील्ड यूनिट तथा डॉग स्क्वॉड को बुलाया। रमन पुत्र रामेंद्र, उम्र 20 वर्ष और रोशनी पत्नी जोगेंद्र पाल निवासी गांव पुरा के शवों को पेड़ से नीचे उतारा गया और पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। पुलिस इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। समाज के बंधनों के कारण जब वे एक-दूसरे के नहीं हो पाए, तो उन्होंने आत्महत्या का रास्ता चुना।

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