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अयोध्या: राममंदिर में 22 को संघ का घोष वादन

February 15, 2026

अयोध्या: राममंदिर में 22 को संघ का घोष वादन

Posted on 15.02.2026 Time 03.55 PM Sunday, Ayodhya, Ram Mandir, RSS Ghosh

अयोध्या, 15 फरवरी। रामनगरी में 22 फरवरी को एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज होने जा रहा है, जब पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घोष वादन श्रीराम जन्मभूमि परिसर में गूंजेगा। 21 से 23 फरवरी तक आयोजित रामार्चनम कार्यक्रम के तहत यह आयोजन होना है। दिल्ली प्रांत से आए 230 स्वयंसेवक रामपथ पर पथ संचलन करते हुए राम मंदिर में घोष वादन की प्रस्तुति देंगे। आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
दिल्ली प्रांत के स्वयंसेवकों का दल 20 को रामनगरी पहुंच जाएगा। 21 को यह दल अभ्यास करेगा, जबकि 22 को राम मंदिर में आयोजन होगा। संघ के घोष दल की ओर से नगाड़ा, तुरही, शंख, बांसुरी, शृंग और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से राष्ट्र भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। संघ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में होने वाला घोष वादन मुख्य रूप से पारंपरिक वाद्य यंत्रों के समूह के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। इसे सैन्य बैंड की शैली में बजाया जाता है। निश्चित धुनों और तालों पर आधारित प्रस्तुति होगी। इस कार्यक्रम के लिए एक विशेष धुन तैयार की गई है।

विशेष बात यह है कि घोष वादन केवल संगीत नहीं, बल्कि अनुशासन, समन्वय और संगठन शक्ति का प्रतीक माना जाता है। एक साथ सैकड़ों स्वयंसेवकों का एक लय में कदमताल और वादन, श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। घोष वादन के दौरान स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में सुसज्जित होकर अनुशासित पंक्तियों में प्रस्तुति देंगे, जो संगठन की एकात्मता को दर्शाता है। यह आयोजन यह भी दर्शाएगा कि राम मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक बन रहा है।

तीन माह से चल रही थी तैयारी
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के घोष वादन कार्यक्रम को लेकर पिछले तीन माह से चल रही थी। कार्यकर्ताओं ने नियमित अभ्यास सत्रों में भाग लिया और विशेष समन्वय बैठकों के माध्यम से कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। राम मंदिर परिसर में पहली बार होने जा रहे इस घोष वादन को अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा के साथ प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रस्तावित पथ संचलन की रूट योजना, समय निर्धारण और सुरक्षा समन्वय को लेकर भी लगातार तैयारी होती रही।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी और फूल बाबू सपा में शामिल

Posted on 15.02.2026 Time 03.40 PM, Sunday, Lucknow, Political Breking

लखनऊ, 15 फरवरी। पूर्व मंत्री और हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी और पीलीभीत के नेता पूर्व मंत्री अनीस अहमद फूल बाबू आज समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उन्हें खुद अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल कराया।

बहुजन समाज पार्टी की सरकार में कद्दावर मंत्री रहे Naseemuddin Siddiqui ने आज समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई।

इस मौके पर अनीस अहमद खान उर्फ फूल बाबू भी सपा में शामिल हुए। अनीस अहमद तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा कई पूर्व विधायकों ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

अपना दल (S) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।

#Naseemuddin Siddiqui and Fool Babu joined Samajwadi Party

सीतापुर में नाराज विधायक का थाने में धरना

Posted on 15.02.2026, Time 03.33 PM Sunday, Sitapur, Police Station Rampur Mathura, MLA Gyan Tiwari

सीतापुर , 15 फरवरी। रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर सेवता से बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी का गुस्सा फूट पड़ा। विधायक अपने समर्थकों के साथ रामपुर मथुरा थाने पहुंचे और थाना परिसर में जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर पुलिस मनमानी कर रही है और आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही।

विधायक ज्ञान तिवारी ने थाने में तैनात दीवान रविशंकर यादव और कांस्टेबल विनोद यादव पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि देर रात एक नौटंकी कार्यक्रम को जबरन बंद कराए जाने के बाद मामला अनावश्यक रूप से तूल पकड़ गया और पुलिस ने नियमों की अनदेखी करते हुए कार्रवाई की। इसी से आक्रोशित होकर वे समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठ गए।
विधायक के थाने पहुंचने की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर अधिकारी पहुंचे और विधायक को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले संवाद के दौरान सीओ ने मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन विधायक अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभारी निरीक्षक, दीवान और कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
विधायक ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके व्यवहार से जनता में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को उच्च स्तर तक उठाएंगे।

केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे

उप्र समाचार सेवा (UPSS), Posted दिनांक: 15 फरवरी 2026, Time 03.16 PM स्थान: वीरभद्र, ऋषिकेश (उत्तराखंड)

Kedarnath Dham Temple Opening Date

Kedarnath dham के कपाट खुलने की तिथि घोषित

वीरभद्र (ऋषिकेश), 15 फरवरी 2026,  केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, यात्रा तैयारियों की रफ्तार तेज हो गई है।
रुद्रप्रयाग जनपद में हिमालय की गोद में स्थित भगवान केदारनाथ  धाम Kedarnath Dham के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खोलने की तिथि की घोषणा महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना और पंचांग गणना के बाद की गई।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार कपाट वृष लग्न में खुलेंगे, जिसे शुभता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और समृद्धि का संकेत भी समझा जाता है, जिससे भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

Kedarnath Dham Temple

केदार नाथ मंदिर

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यात्रा जल्दी प्रारंभ हो रही है। वर्ष 2025 में कपाट मई माह में खुले थे, जबकि इस बार अप्रैल में ही दर्शन का अवसर मिलेगा। इससे यात्रा अवधि बढ़ेगी और स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों तथा रोजगार से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

तिथि घोषित होते ही प्रशासन, पुलिस और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पैदल मार्गों से बर्फ हटाने, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, आपदा प्रबंधन दल की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा यात्रियों के लिए ठहरने की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों—देहरादून, हल्द्वानी, नैनीताल और अल्मोड़ा—में यात्रा को लेकर तैयारियाँ शुरू हो गई हैं और श्रद्धालु चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं। अब सभी की नजरें उस शुभ तिथि पर टिकी हैं जब बाबा केदार के कपाट पुनः खुलेंगे और भक्तों को दर्शन का अवसर मिलेगा।

संस्थागत डिलीवरी कराए, गर्भावस्था के समय दवाओ से करे परहेज- डॉ आरती यादव (मनो चिकित्सक)

Dr Arti Yadav, Barabanki

डा आरती यादव से भरता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार दिलीप कुमार श्रीवास्तव

Posted on 15..02.2026 Sunday, Time 10.33 AM Barabanki, Dr Arti Yadav, Dilip Kumar Shrivastava

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या बहुत अधिक है और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की संख्या भी बड़ी है, इसलिए सीपी प्रभावित बच्चों की संख्या भी अन्य राज्यों की तुलना में अधिक होने की संभावना व्यक्त की जाती है।
सेरेब्रल पाल्सी (CP) बच्चों की संख्या में वृद्धि होने के कारण प्रतिदिन बाराबंकी जिला अस्पताल में स्थित मनो चिकित्सा विभाग की ओपीडी में 25 से 30 CP बच्चे इलाज के लिए आते हैं। शनिवार को हमारे संवाददाता दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने मनोचिकित्सक डॉ आरती यादव से सेरेब्रल पाल्सी CP बच्चों के बारे में वार्ता की और इसके कारण निवारण की को समझा उसी के कुछ अंश प्रस्तुत है। मनो चिकित्सक डॉ आरती यादव से जो पूछा गया कि सीपी बच्चों का जन्म किन कारणो से होता है, तो उन्होंने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी (CP) मुख्य रूप से जन्म से पहले, या तुरंत बाद मस्तिष्क के अविकसित रहने या क्षति पहुँचने के कारण होती है। प्रमुख कारणों में ऑक्सीजन की कमी, संक्रमण, समय से पहले जन्म, कम वजन, भ्रूण आघात और जेनेटिक म्यूटेशन ढशामिल हैं, जो बच्चे की हलचल और मांसपेशियों के नियंत्रण को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि मां को रूबेला, ज़ीका वायरस, या अन्य गंभीर संक्रमण होना.
मस्तिष्क का असामान्य विकास गर्भ में बच्चे के मस्तिष्क का सही से विकसित न हो पाना।
जेनेटिक उत्परिवर्तन में बदलाव जो मस्तिष्क विकास को रोकते हैं ।
जन्म के समय दम घुटना या ऑक्सीजन न पहुंचना, गर्भनाल गले में फंसना,डिलीवरी के दौरान मस्तिष्क में चोट लगना आदि कारण हो सकते है। मेनिन्जाइटिस या एन्सेफलाइटिस जैसे गंभीर इन्फेक्शन,शिशु के सिर में आघात, गिरने या दुर्घटना से चोट. मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बाधित होना.
मुख्य जोखिम कारण होते है।
समय से पहले पैदा हुए बच्चो का
जन्म के समय वजन 1.5 कि0ग्रा से कम होना.गर्भ मे एक से अधिक बच्चो का होना CP का कारण हो सकता।
डॉक्टर यादव बताती है कि सीपी का कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होता और कई मामलों में यह जन्मजात मस्तिष्क विकृतियों से जुड़ा होता है।
जब उनसे पूछा गया की क्या सावधानी बरती जाए कि CP बच्चों का जन्म रोका जा सके। तो उन्होंने बताया कि संस्थागत डिलीवरी ही कराई जाए,गर्भावस्था में बिना चिकित्सक की सलाह के किसी भी दवा का प्रयोग न किया जाए, गर्भावस्था में अगर मां को तेज बुखार आ रहा है साथ ही शरीर में दाने निकले हुए हैं तो तत्काल डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। जिन माताओ गर्भावस्था के समय थायराइड या शुगर की समस्या होती है, उन्हें सेरेब्रल बच्चे होने की संभावनाएं अधिक होती है।
डॉ आरती यादव रहती हैं कि सेरेब्रल बच्चों को दवाओ से अधिक योगा ,सर्जरी तथा फिजियोथैरेपी की आवश्यकता होती है जिससे तमाम बच्चे चलने,समझने, अपना कार्य स्वयं करने में सक्षम पाए जाते हैं।
ऐसे बच्चों को पारिवारिक, सामाजिक प्यार सम्मान तथा देख-रेख की अत्यधिक आवश्यकता होती है। और अब तो सरकार भी इन बच्चों पर अधिक ध्यान दे रही है, इनके इलाज की समुचित व्यवस्था के साथ ही इन्हें समझ में जोड़ने के लिए कई योजना चल रही है।

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