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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना घोटाले में आधा दर्जन ग्राम सचिव निलंबित

February 9, 2026

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना घोटाले में आधा दर्जन ग्राम सचिव निलंबित

Posted on 09.02.2026 Monday, Time 06.49 PM

मुरादाबाद, 9 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुए घोटाले में कार्रवाई का दौर शुरु हो गया है। इसके अलावा मूंढापांडे के बीडीओ का वेतन रोकते हुए विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
मामला सामूहिक विवाह समारोह से जुड़ा है। 4 दिसंबर को मुरादाबाद में बुद्धि विहार और 5 दिसंबर को अन्य जगहों पर हुए समारोह के आयोजनों में फर्जी शादी के मामले सामने आए। विधायक रामवीर सिंह ने सरकारी योजना में गड़बड़ी का मामला उठाया तो शासन इसे गंभीरता से लिया। जिला प्रशासन ने मामले में जांच पड़ताल की। माना गया कि इन समारोहों में करीब 35 शादीशुदा जोड़ों की दोबारा शादी करा दी गई। समारोह में मिलने वाले बर्तन आदि देने में अनियमितता बरती गई। डीएम के कार्रवाई की संस्तुति के बाद शासन से अब निलंबन की कार्रवाई शुरू हो गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर मूंढापांडे के छह ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद खंड विकास अधिकारी समेत पंचायत में अन्य अधिकारियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म में दस साल की कैद

Posted on 09.01.2026 Monday, Time 06.29, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,9 फरवरी (उप्र समाचार सेवा)।
विशेष न्यायाधीश(पाँक्सो कोर्ट)ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म में दस साल की सजा सुनाई है। छह साल पहले हुईं घटना शहर के कटघर क्षेत्र की है। सोमवार को अदालत ने दोषी पर 18 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
वादी की ओर से बिलारी में 6 जुलाई,18 को नाबालिग को अगवा किए जाने की तहरीर दी गई। कहा कि कटघर में वाल्मीकि बस्ती का दीपक कुमार नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया।
आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बरेली के आंवला निवासी दीपक के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा कायम कर लिया।
रिपोर्ट के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता को कब्जे में लिया। साथ ही आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
विशेष लोक अभियोजक अभिषेक भटनागर और मनोज कुमार वर्मा के अनुसार केस की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाँक्सो कोर्ट में हुई। अदालत में पीड़िता और गवाहों के बयान हुए। कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश पाँक्सो कोर्ट-1 अविनाश चंद्र मिश्रा ने साक्ष्य के आधार पर दीपक को दोषी ठहराया। अदालत ने दोषी को दस साल की सजा और 18 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

संसद बनी बंधक- संविधान का अपमान कौन कर रहा है ?

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आलेख

Posted on 09.02.2026 Monday, Time 08.13 AM by Admin, Writer Mratunjay Dixit, Lucknow 

वर्ष -2026 का बजट सत्र हल्ले-गुल्ले और अराजकता की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है। यहाँ बजट के अतिरिक्त अन्य सभी विषयों को उठाए जाने का प्रयास हो रहा है। स्थितियां इतनी विकट हैं कि संसदीय इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री लोकसभा में उत्तर नहीं दे सके और राष्ट्रपति का अभिभाषण बिना किसी चर्चा के पारित हो गया। यद्यपि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में 97 मिनट लंबा और प्रभावशाली उत्तर दिया। राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्ष द्वारा की गई सभी टिप्पणियों का संज्ञान लेते हुए अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन देश के स्वर्णिम भविष्य और विकास की दिशा को भी दर्शाता है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के समय हंगामा करके देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान करने के बाद जब समय आने पर राहुल गांधी को बोलने का अवसर दिया गया तो उन्होंने विषय से इतर जाकर पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की एक अप्रकाशित पुस्तक कोट करते हुए चीनी घुसपैठ का पुराना मुद्दा उछालने का प्रयास किया। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा नियमों के अंतर्गत व्यवस्था दिए जाने के बाद भी राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे। यह एक आश्चर्यजनक व्यवहार है कि नेता प्रतिपक्ष राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने के स्थान पर पुराने मुद्दे उठाए और उनको भी आपत्तिजनक रूप से रखकर देश की सेना और सदन का अपमान करे। लोकसभा में कांग्रेस तथा इंडी गठबंधन की महिला सांसदों ने जिस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी का रास्ता रोकने की योजना बनायी और लोकसभा अध्यक्ष को प्रधानमंत्री से सदन न आने का अनुरोध करना पड़ा वो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। विडम्बना ये है कि यही लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बाते करते हैं।
राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में भाग न लेकर विपक्षी दलों ने न केवल राष्ट्रपति पद का अपमान किया है अपितु एक गरीब परिवार से निकलकर आई आदिवासी महिला का भी अपमान किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में राहुल गांधी व कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ग़द्दार कहने पर भी राहुल गांधी घेरा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इनका अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच गया है । कांग्रेस छोड़कर कितने ही लोग निकले हैं किसी और को तो ग़द्दार नहीं कहा, ये सिख हैं इसलिए कहा, ये सिखों का, गुरुओं का अपमान था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकसभा में चेयर पर कागज फेकें गए जब असम के सदस्य चेयर की कुर्सी पर विराजमान थे क्या यह असम का अपमान नहीं? जब आंध्र प्रदेश के एक दलित सदस्य चेयर की कुर्सी पर बैठे थे तब उन पर भी कागज फेंके गए क्या यह एक दलित बेटे और संविधान का अपमान नहीं है ?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आखिर कांग्रेस उनके लिए कब्र खुदेगी का नारा क्यों देती है ? हमने जम्मू -कश्मीर से धारा 370 से हटाई इसलिए या हमने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से उबारा है इसलिए? प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने के सपने देखती है? आजकल मोहब्बत की दुकान खोलने वाले “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” के नारे लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं देश के युवाओं के लिए मजबूत जमीन तैयार कर रहा हूं तो कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम करवा रही है। हमने नार्थ ईस्ट में बम बंदूक और आतंक का जो साया बना रहता था वहां शांति और विकास की राह अपनाई इसलिए वह मोदी की कब्र खोद रहे हैं। पाकिस्तानी आतंकवादियो को घर में घुसकर मारते हैं, ऑपरेशन सिंदूर करते हैं और इसलिए वे मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। मोदी तेरी कब्र खुदेगी ये जो उनके भीतर नफरत भरी हुई है मोहब्बत की दुकान में जो आग भरी पड़ी हुई है, उसका कारण है किकांग्रेस इस बात को पचा नहीं पा रही है कि कोई और क्यों प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठा है, ये तो हमारा पैतृक अधिकार था इसलिए वे हताशा में मोदी की कब्र खोदने के नारे लगा रहे हैं । प्रधानमंत्री ने आगे जोड़ा कि कांग्रेस को ये सहन नही हो रहा हे कि जो समस्याएं उसने 60 सालो में पाल- पोस कर बड़ी की थीं मोदी उनका एक- एक करके समाधान क्यों कर रहा है? कांग्रेस को ये सब पसंद नहीं आ रहा है इसलिए अब कांग्रेस के नेता मोदी तेरी कब्र खुदेगी का नारा लगा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपियन यूनियन और फिर अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौते हुए उनके विषय में जानकारी देते हुए बताया कि अब पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है और समझौते कर रही है। कांग्रेस को भी यहअवसर मिला था, उन्होंने यह क्यों नही कर दिखाया?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के माध्यम से कांग्रेस,लेफ्ट व डीएमके सहित टीएमसी पर भी तीखा हमला बोला और उन्होंने बंगाल की टीएसमी सरकार को देश की सबसे निर्मम सरकार बताते हुए कहा कि यह लोग अपने अंदर नहीं झाकते अपितु हमको यहां बैठकर उपदेश देते हैं। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा सांसद सदानंद मास्टर के भाषण का संज्ञान लेते हुए वैचारिक सहिष्णुता की चर्चा की, ज्ञातव्य है कि सदानंद मास्टर के दोनों पैर वामपंथी विचारधारा के लोगों ने निर्ममता से केवल उनकी विचारधारा अलग होने के कारण काट दिए थे।
संसद के वर्तमान सत्र में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने जो रवैया अपनाया है उसने देश के वास्तविक मुद्दों को उठाने का एक सुनहरा अवसर खो दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा को घेरने के बजे उन्होंने भाजपा व प्रधानमंत्री मोदी को ही अपने ऊपर आक्रमण करने का अवसर दे दिया है। भाजपा अब सिख व दलित सांसदों के अपमान का राजनैतिक लाभ उठाने का पूरा प्रयास करेगी। भाजपा चुनाव वाले राज्यों में विरोधी दलों के संसदीय आचरण को भी मुद्दा बनाएगी।
लेखक परिचय

मृत्युंजय दीक्षित , स्वतंत्र पत्रकार, लेखक हैं।

February 8, 2026

संघ की सौ वर्ष की यात्रा हिन्दू स्वाभिमान और समरसता की यात्राः जोगिन्दर पाल सिंह

Joginder Pal Singh Adress in Hindu Sammelan

हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश महामंत्री जोगिंदर पाल सिंह

Posted on: 08.02.2026 Sunday, Time: 11.17 PM, Moradabad

मुरादाबाद, 08 फरवरी 2026, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश महामंत्री जोगिन्दिर पाल सिंह ने कहा कि है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्ष की यात्रा हिन्दू स्वाभिमान और समरसता की यात्रा है। हिन्दू पुनर्जागरण की यात्रा है। संघ का सौ वर्ष का इतिहास गौरवपूर्ण है। श्री सिंह रविवार को यहां कृष्णा विद्या मन्दिर इंटर कालेज मंगुपुरा में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में  सम्बोधित कर रहे थे।

श्री सिंह ने कहा कि आज शबरी जयंती है। यह हमें समरसा का संदेश देती ही। शबरी ने अनेक वर्ष तक दृढ़ विश्वास के साथ भगवान श्रीराम की प्रतीक्षा की थी। भगवान श्रीराम ने भी शबरी के बेर खाकर समसरसा का संदेश दिया। उन्होंने कहा  हिन्दू समाज और संस्कृति पर अनेक आक्रमण हुए हैं। पहला आक्रमण मुहम्मद बिन कासिम ने सन् 712 में किया था। हमारी संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं को नष्ट करने का प्रयास हुआ। इसके बाद भी अनेक आक्रमण हुए। लेकिन भारत के संत महात्माओं, महापुरुषों ने उन आक्रमओं का डटकर सामना किया। उन्हें विफल करते रहे।

हिन्दू सम्मेलन के अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह का सम्मान

श्री सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना काल की परिस्थितियों और संस्थापक डा केशव बलिराम हेडगेवार के प्रेरणादायी जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ चढकर हिस्सा लिया। संघ संस्थापक डा हेडगेवार ने ही सबसे पहले पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। उनके प्रस्ताव को मानकर ही पूर्ण स्वराज्य दिवस मनाने की परंपरा आरम्भ हुई थी। स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगे प्रतिबंधों की भी उन्होंने चर्चा की। साथ ही बताया कि संघ के योगदान को देखते हुए ही 1963 में संघ को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल किया गया था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर शनि सिंह ने कहा कि आज यह विडम्बना ही है कि हिन्दुओं के देश में हिन्दू सम्मेलन आयोजित करने की आवश्यकता पड़ रही है। उन्होंने उन कारणों पर प्रकाश डाला जिनके कारण हिन्दू समाज को संगठित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्य कर रहा है। श्री सिंह ने संघ के शताब्दी वर्ष में निर्धारित किये गए पंच परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला।  इन पंच परिवर्तनों के लिये समाज को तैयार होने और अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पंच परिवर्तनों में कुटुम्ब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व का जागरण और राष्ट्रीय कर्तव्य को आत्मसात करना है। इनके माध्यम से ही समाज अनेक आसन्न चुनौतियों का सामना करने में सफल होगा।

प्रो. सिंह ने कहा कि हमें यह नारा देना होगा और इसे अपनाना भी होगा-जातिवाद की करो विदाई, हम सब हैं भाई भाई। हमें जातिवाद को दूर करना है, जातियों में नहीं बंटना है। भेदभाव रहित समाज, एकात्म समाज की स्थापना ही संघ का उद्देश्य है। इन पंच परिवर्तनों के भाव को युवा पीढ़ी को समझना और अपनाना आवश्यक है क्योंकि ये युवा ही देश के भविष्य हैं।

हिन्दू सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि मेजर राजीव ढल ने कहा कि हम हिन्दू गर्व से कह सकते हैं कि हम हिन्दू हैं। हमारे पूर्वजों ने लालच में आकर, भय के कारण हिन्दू धर्म नहीं छोड़ा। उन पर अनेक अत्याचार हुए, अनेक तरह के प्रलोभन भी दिये गए किन्तु उन्हें स्वीकार नहीं किया। पूर्वजों ने बलिदान कर दिये किन्तु हिन्दू धर्म नहीं त्यागा। इसलिए हम कह सकते हैं कि हमें गर्व है कि हम हिन्दू हैं। भारत पर आक्रमण करने वालों ने हिन्दू संस्कृति को मिटाने का अभियान चलाया। मठ मन्दिर तोड़े गए, उनके स्थान पर मस्जिदें बनायी गईं। यदि उन्हें मस्जिदें बनानी थीं तो कहीं और भी बना सकते थे। लेकिन उन्हें हिन्दू समाज को अपमानित करना था इसलिए हिन्दू मंदिरों को तोड़ा गया, वहीं मस्जिदें बना दी गईं।

मेजर ढल ने कहा कि सिख गुरुओं के बलिदान से हिन्दू समाज की रक्षा हुई। गुरुओं की संतानों ने बलिदान किये। गुरुओं के शीश काट दिये गए। लेकिन उन्होंने हिन्दू धर्म को बचा लिया। भारत विभाजन की विभिषिका और कश्मीर में हुए नरसंहार की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए यह सब किया गया। नेता देखते रहे और नरसंहार होते रहे। भारत विभाजन के समय हो अत्याचारों को झेलते हुए जब अनेक हिन्दू यहां आये तो कोई मदद को नहीं आया। सिर्फ राष्ट्रीय स्वंयंसेवक संघ ने शिविर लगाकर सहायता की थी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि स्वतंत्रता के बाद देश में मुगलों की इतिहास पढ़ाया जाने लगा, कभी गुरुओं के बलिदान का इतिहास नहीं पढ़ाया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि 21वीं शताब्दी, हिन्दू शताब्दी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में हो रहे हिन्दू सम्मेलनों की श्रंखला में सभी समस्याओं की भी समाधान है। उन्होंने बताया कि इसी क्षेत्र में 1982 से 85 के मध्य चार हिन्दू सम्मेलन हुए थे। ये सम्मेलन काशीपुर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर और दिल्ली मे हुए। इन सम्मेलनों की ही शक्ति और जागरण का परिणाम था कि मात्र 46 वर्ष में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य दिव्य मन्दिर बन गया। क्योंकि इन सम्मलेनों से ही राम मन्दिर के निर्माण की मांग उठी थी। हिन्दू सम्मेलन की शक्ति ने उस संघर्ष में निर्णायक विजय दिला दी जोकि 496 साल तक चला था। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाह जितेन्द्र चौधरी ने किया।

 

 

उपज अध्यक्ष का रामपुर में स्वागत

UPAJ President Sarvesh Kumar Singh hounered by Surya Prakash Pal in Rampur

रामपुर में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल ने उपज अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह का स्वागत किया

Posted on 08.02.2026 Sunday, Time 08.32 PM, Rampur

रामपुर, 08 फरवरी 2026, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) श्री सूर्य प्रकाश पाल जी से वरिष्ठ पत्रकार और उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह ने भेंट की। भेंट के दौरान श्री पाल ने अंगवस्त्र भेंट कर उपज प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया।

इस अवसर पर साथ में राष्ट्र सेविका समिति की पदाधिकारी श्रीमती अनीता प्रकाश और उत्तर प्रदेश समाचार सेवा के वरिष्ठ संवाददाता श्री किशन लाल शर्मा भी उपस्थित थे। उपज अध्यक्ष ने श्री सूर्य प्रकाश पाल जी को उत्तर प्रदेश समाचार सेवा का विशेषांक अभ्युदय भेंट किया।

Uttar Pradesh Samachar Sewa Souvenir Abhuday presented to Upadhyaksh UP Rajya pichda varg ayog

उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल को उत्तर प्रदेश समाचार सेवा की स्मारिका अभ्युदय भेंट करते हुए सर्वेश कुमार सिंह

भेंट वार्ता के दौरान श्री पाल से वर्तमान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य पर चर्चा हुई।

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