संतोष कुमार सिंह
गोरखपुर, रविवार 15 फरवरी महाशिवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ रुद्राभिषेक किया और लोक कल्याण की कामना की। इससे पहले 14 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहर में स्थित दो प्रमुख शिवालयों मुक्तेश्वरनाथ और झारखंडी महादेव मंदिर में पूजा अर्चना किया।
Posted on 15.02.2026 Time 03.55 PM Sunday, Ayodhya, Ram Mandir, RSS Ghosh
अयोध्या, 15 फरवरी। रामनगरी में 22 फरवरी को एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज होने जा रहा है, जब पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घोष वादन श्रीराम जन्मभूमि परिसर में गूंजेगा। 21 से 23 फरवरी तक आयोजित रामार्चनम कार्यक्रम के तहत यह आयोजन होना है। दिल्ली प्रांत से आए 230 स्वयंसेवक रामपथ पर पथ संचलन करते हुए राम मंदिर में घोष वादन की प्रस्तुति देंगे। आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
दिल्ली प्रांत के स्वयंसेवकों का दल 20 को रामनगरी पहुंच जाएगा। 21 को यह दल अभ्यास करेगा, जबकि 22 को राम मंदिर में आयोजन होगा। संघ के घोष दल की ओर से नगाड़ा, तुरही, शंख, बांसुरी, शृंग और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से राष्ट्र भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। संघ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में होने वाला घोष वादन मुख्य रूप से पारंपरिक वाद्य यंत्रों के समूह के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। इसे सैन्य बैंड की शैली में बजाया जाता है। निश्चित धुनों और तालों पर आधारित प्रस्तुति होगी। इस कार्यक्रम के लिए एक विशेष धुन तैयार की गई है।
विशेष बात यह है कि घोष वादन केवल संगीत नहीं, बल्कि अनुशासन, समन्वय और संगठन शक्ति का प्रतीक माना जाता है। एक साथ सैकड़ों स्वयंसेवकों का एक लय में कदमताल और वादन, श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। घोष वादन के दौरान स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में सुसज्जित होकर अनुशासित पंक्तियों में प्रस्तुति देंगे, जो संगठन की एकात्मता को दर्शाता है। यह आयोजन यह भी दर्शाएगा कि राम मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक बन रहा है।
तीन माह से चल रही थी तैयारी
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के घोष वादन कार्यक्रम को लेकर पिछले तीन माह से चल रही थी। कार्यकर्ताओं ने नियमित अभ्यास सत्रों में भाग लिया और विशेष समन्वय बैठकों के माध्यम से कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। राम मंदिर परिसर में पहली बार होने जा रहे इस घोष वादन को अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा के साथ प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रस्तावित पथ संचलन की रूट योजना, समय निर्धारण और सुरक्षा समन्वय को लेकर भी लगातार तैयारी होती रही।
Posted on 15.02.2026 Time 03.40 PM, Sunday, Lucknow, Political Breking
लखनऊ, 15 फरवरी। पूर्व मंत्री और हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी और पीलीभीत के नेता पूर्व मंत्री अनीस अहमद फूल बाबू आज समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उन्हें खुद अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल कराया।
बहुजन समाज पार्टी की सरकार में कद्दावर मंत्री रहे Naseemuddin Siddiqui ने आज समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई।
इस मौके पर अनीस अहमद खान उर्फ फूल बाबू भी सपा में शामिल हुए। अनीस अहमद तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा कई पूर्व विधायकों ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
अपना दल (S) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।
#Naseemuddin Siddiqui and Fool Babu joined Samajwadi Party
Posted on 15.02.2026, Time 03.33 PM Sunday, Sitapur, Police Station Rampur Mathura, MLA Gyan Tiwari
सीतापुर , 15 फरवरी। रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर सेवता से बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी का गुस्सा फूट पड़ा। विधायक अपने समर्थकों के साथ रामपुर मथुरा थाने पहुंचे और थाना परिसर में जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर पुलिस मनमानी कर रही है और आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही।
विधायक ज्ञान तिवारी ने थाने में तैनात दीवान रविशंकर यादव और कांस्टेबल विनोद यादव पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि देर रात एक नौटंकी कार्यक्रम को जबरन बंद कराए जाने के बाद मामला अनावश्यक रूप से तूल पकड़ गया और पुलिस ने नियमों की अनदेखी करते हुए कार्रवाई की। इसी से आक्रोशित होकर वे समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठ गए।
विधायक के थाने पहुंचने की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर अधिकारी पहुंचे और विधायक को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले संवाद के दौरान सीओ ने मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन विधायक अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभारी निरीक्षक, दीवान और कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
विधायक ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके व्यवहार से जनता में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को उच्च स्तर तक उठाएंगे।