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तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

March 9, 2026

तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
09/03/2026

चौरीचौरा-खजनी एसडीएम पर आदेश न मानने का आरोप, डीएम से शिकायत

गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा अपने कार्यालय में आने वाले फरियादियों की समस्याएं सुनकर उनका त्वरित समाधान कर रहे थे। इसी दौरान चौरीचौरा तहसील क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने चौरीचौरा तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शासन और जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित अधिकारी आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि गोरखपुर जनपद के 43 गांवों को लेकर शासन द्वारा पहले नोटिफिकेशन जारी किया गया था और बाद में इन गांवों को सर्वे से तहसील में आने के लिए डी-नोटिफिकेशन करते हुए संबंधित तहसीलों को भेज दिया गया। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि सर्वे के दौरान जिन मुकदमों में जो भी आदेश और निर्णय दर्ज किए गए हैं, उन्हें संबंधित तहसीलों की कंप्यूटराइज्ड खतौनी में दर्ज किया जाए, ताकि राजस्व अभिलेखों में वास्तविक स्थिति परिलक्षित हो सके।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश ने शासन के आदेशों का पालन करते हुए जनपद की सभी तहसीलों को इस संबंध में लिखित निर्देश जारी किए थे। इसके बाद जनपद की अधिकांश तहसीलों—सदर, गोला, कैंपियरगंज, खजनी, सहजनवा और बांसगांव—ने सर्वे के दौरान चले मुकदमों में दिए गए आदेशों और निर्णयों को कंप्यूटराइज्ड खतौनी में दर्ज करने का कार्य पूरा कर लिया।
लेकिन चौरीचौरा तहसील प्रशासन पर आरोप लगाते हुए मुन्नीलाल यादव ने कहा कि वहां के एसडीएम शासन और जिलाधिकारी के आदेशों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डी-नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी संबंधित मुकदमों के आदेश और निर्णय खतौनी में दर्ज नहीं किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को लगातार परेशान होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि चौरीचौरा तहसील के अंतर्गत आने वाले कई गांवों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। विशेष रूप से ग्राम खैरजुटा, सरार, मझगांवा, सिहोड़वा, सेमरोना और बौठा सहित कई गांवों के ग्रामीण सालों से तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
मुन्नीलाल यादव ने जिलाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि जब जनपद की अन्य तहसीलों में शासन के निर्देशों का पालन हो चुका है तो चौरीचौरा तहसील में इस कार्य को लंबित रखना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और शासन के आदेशों का तत्काल पालन सुनिश्चित कराया जाए।
इसी दौरान जिलाधिकारी कार्यालय में एक अन्य मामला भी सामने आया। खजनी तहसील क्षेत्र की एक महिला निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिलाधिकारी से मिलने पहुंची थी। महिला ने बताया कि उसने कई बार आवेदन किया, लेकिन अभी तक उसका निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है।
महिला की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी दीपक मीणा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खजनी के एसडीएम को फोन पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित महिला का निवास प्रमाण पत्र आज शाम तक बनाकर उपलब्ध कराया जाए और इसकी सूचना उन्हें मोबाइल पर भेजी जाए।
इसके अलावा जिलाधिकारी कार्यालय में मृतक आश्रित से जुड़ा एक मामला सामने आया। मृतक युवक की माता और भाई जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे और उन्होंने बताया कि उनके बेटे की शादी नहीं हुई थी, लेकिन एक महिला खुद को मृतक की पत्नी बताकर नौकरी पाने की कोशिश कर चुकी है।
परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने इस पूरे मामले की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी को सौंप दी और निर्देश दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कई अन्य फरियादी भी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ने कहा कि शासन के आदेशों का समयबद्ध तरीके से पालन करना प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि अधिकारी ही आदेशों की अनदेखी करेंगे तो आम जनता को न्याय मिलने में कठिनाई होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।

एटा में तीसरी मंजिल से गिरी महिला, अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

एटा 09 मार्च उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में एक 28 वर्षीय महिला की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसे परिजन वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले गए थे।

काशीराम कॉलोनी निवासी मीना (28 वर्ष), पत्नी सत्यवीर, अपनी छत से कपड़े उतारकर ला रही थीं। इसी दौरान उन्हें अचानक चक्कर आ गया और वह तीसरी मंजिल से नीचे गिर गईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल मीना को तुरंत एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। आगरा ले जाते समय रास्ते में ही मीना ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव को वापस एटा ले आए।

घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम कराया।

चौकी प्रभारी मंडी मोहित शर्मा ने बताया कि काशीराम कॉलोनी में एक महिला तीसरी मंजिल से गिर गई थी जिसे उसके परिजन मेडिकल कॉलेज ले गए वहां डॉक्टरों ने उपचार देकर आगरा हायर सेंटर रेफर कर दिया जिसकी रास्ते में ही मौत हो गई। उसके बाद परिजनों से घर वापस ले आए जिसकी सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को मौके पर भेज कर निरीक्षण किया और उसका पोस्टमार्टम कराया।

मुख्यमंत्री योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ गोरखपुर में आक्रोश

Santosh Kumar Singh
Girakhpur
09/03/2026

वकीलों की एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता पर टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ देशभर में आक्रोश का माहौल है। वहीं गोरखपुर में भी लोग अक्रोशित है इस संदर्भ में कैंट थाने में दीवानी कचहरी के वकीलों ने मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है, वकीलों का कहना है कि यदि फिर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई तो वकील सड़क पर उतरने के लिए भी मजबूर होंगे क्योंकि मां, मां होती है, चाहे वह किसी आमजन की हो या मुख्यमंत्री की।

रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें बिहार का एक मौलाना अब्दुल सलीम किसी धार्मिक जलसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी पर टिप्पणी करते हुए गलत भाषा का इस्तेमाल करता नजर आ रहा है, जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोग मौलाना के खिलाफ अक्रोषित हो गए और विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन करते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है, लखनऊ में इस मामले को लेकर जमकर प्रदर्शन हुआ और आरोपी मौलाना के खिलाफ वहां भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी कड़ी में गोरखपुर दीवानी कचहरी के वकीलों ने भी सोमवार को कैंट थाने पहुंचकर आरोपी मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही करने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि मां किसी की भी हो, चाहे वह आमजन की हो या किसी मुख्यमंत्री की मा, मां ही होती है यदि किसी की भी मां के खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणी की जाएगी तो उसका विरोध निश्चित रूप से होगा। इस बारे में अधिवक्ता अवनीश कुमार सिंह का कहना है कि आज हम लोग कैंट थाने पहुंचकर sho से मुलाकात की और एक पत्रक देकर आरोपी अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि कार्यावाई नहीं होती है, तो फिर हम लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे, यह सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं आमजन से जुड़ा हुआ मामला है। सोशल मीडिया पर यदि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ गलत बोलता है,तो उसके खिलाफ सूटसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई निश्चित रूप से होने चाहिए।

पुलिस ने लौटवाए 10 लाख के 60 खोए मोबाइल, पीड़ित हुए खुश

फिरोजाबाद। सर्विलांस, एसओजी एवं जनपद पुलिस टीम ने सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज मोबाइल खोने सम्बन्धी शिकायतों के आधार पर भिन्न-2 कम्पनियों के 60 मोबाइल बरामद किए है। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को इन बरामद मोबाइलों को उनके आवेदकों के सुपुर्द किए है। खोए हुए मोबाइल पाकर पीड़ित खुश हुए है।
भारत सरकार द्वारा देश भर में गुम हुए मोबाइलों की शिकायत दर्ज करने के लिए सीईआईआर पोर्टल चलाया जा रहा है। जिस पर आवेदक अपने गुम हुए मोबाइल की शिकायत स्वयं दर्ज कर सकते है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देश पर जनपद में गुम हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के क्रम में प्रभारी निरीक्षक सर्विलांस, एसओजी प्रेम शंकर पाण्डेय ने जनपद के सभी थानों की पुलिस टीम के साथ समन्वय स्थापित कर आवेदकों द्वारा सीईआईआर पोर्टल, पर अपने मोबाइल गुम होने के सम्बन्ध में जनपद के समस्त थानों पर दर्ज करायी गयी शिकायतों का संज्ञान लेकर कुल 60 मोबाइल भिन्न-2 कम्पनियों के बरामद किए है। जिन्हें सोमवार को उनके आवेदकों के सुपुर्द किया है।
पुलिस के अनुसार बरामद किए गये मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है। जनपद में अब तक कुल 1092 मोबाइल भिन्न-2 जनपद व राज्यों की पुलिस के साथ समनवय स्तापित कर बरामद कर आवेदकों के सुपुर्द किये जा चुके हें।
पीड़ितों ने अपने गुम हुए मोबाइल पाकर पुलिस के कार्य की सराहना करते हुए आभार प्रकट किया है।

मुरादाबाद रेलवे क्षेत्र में युवक की लाश मिली, हत्या की आशंका

संभल के होली चौक का निवासी, ट्रेनों में पानी बेचने, नशा का आदि
फारेंसिक टीम ने घटनास्थल का लिया जाएजा
पीएम रिपोर्ट से चलेगा मौत का कारण
Post on 9.3.26
Monday, Time 7.00 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)
मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से सटे क्षेत्र में युवक की लाश मिली है। युवक की हत्या की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को युवक के ट्रेनों में पानी बेचने, नशे की प्रवृत्ति का होने की पता चला है।
मुरादाबाद में प्लेटफॉर्म पांच के पास केजीके पुल के सामने एक खंडहर में मिला।उसकी पहचान संभल के हातिम सराय स्टेशन के पीछे होली चौक सोनू कुमार (27)के रूप में हुईं हैं। शुरुआत में युवक की पीट कर हत्या किए जाने की संभावना जताई गई। पिता भगवत सिंह कश्यप का कहना है कि सोनू यहां कांशीराम आवास कालोनी में रहकर अपने साथियों के साथ
यहां पानी बेचने का काम करता था। मामले की जांच राजकीय रेलवे पुलिस कर रहीं हैं। एसएसआईं सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि युवक के शरीर पर चोट आदि के निशान नहीं मिले हैं। मौत का कारणों को जानने के लिए फारेंसिक टीम ने घटना स्थल का भी जाएजा लिया।
शुरुआती पड़ताल में पता चला कि युवक ट्रेन में वेंडिंग करता। साथ ही नशे का सेवन करता।
जीआरपी का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पीएम रिपोर्ट से युवक की मौत का कारण पता चल सकेगा।
हालांकि शक है कि घटना को उसके साथ रहने वाले युवकों ने ही अंजाम दिया है। पुलिस अब इन संदिग्ध युवकों की तलाश कर पूछताछ में जुटी है।
हालांकि अभी मौत का कारण साफ नहीं है। मामले की जांच के लिए फारेंसिक टीम को बुलाया गया। युवक के शरीर पर चोट आदि के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम अभी नहीं आईं हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा।

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