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भाभी बोझ लगने लगी थी, इसलिए मार डाला देवर के थे अवैध सम्बंध

March 24, 2026

भाभी बोझ लगने लगी थी, इसलिए मार डाला देवर के थे अवैध सम्बंध

Mainpuri samachar UP Web News
मैनपुरी। थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव डिल्हा अनूपपुर निवासी पूनम की हत्या अवैध संबंध के चलते रिश्ते के देवर ने अंजाम दी थी, पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने कबूल किया है कि भाभी के साथ उसके संबंध थे, मगर अब भाभी उसे बोझ लगने लगी थी। इसी वजह से उसने उसे रास्ते से हटा दिया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
एसपी ग्रामीण राहुल मिठास ने बताया कि डिल्हा अनूपपुर निवासी सौरभ की शादी 10 साल पहले औरैया के थाना अजीतमल क्षेत्र के गांव जगन्नाथपुर निवासी 30 वर्षीय पूनम के साथ हुई थी। सौरभ अहमदाबाद में नौकरी करता था, पत्नी आठ साल के बच्चे और ससुर के साथ गांव स्थित घर में रहती थी। 10 मार्च को पूनम की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गला घोंट कर हत्या किए जाने की जाने की बात सामने आई। मृतका के भाई बलवीर ने हत्या का आरोप लगाया था।पति की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी, पुलिस ने जांच की तो पता चला कि पूनम की हत्या रिश्ते के देवर रिषभ ने की है। सोमवार को एक सूचना पर प्रभारी निरीक्षक विक्रांत गुर्जर नहर सहन तिराहे पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर रिषभ ने हत्या करने का अपराध कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि मृतका के साथ उसके अनैतिक संबंध थे मगर, पिछले कुछ समय से दोनों के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा था। उसे आने वाले भविष्य में भाभी बोझ लगने लगी थी। इस वजह से 10 मार्च को उसने गला घोंट कर हत्या कर दी। शव को घर के ही बरामदे में डाल दिया था, एसपी ग्रामीण ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, वहां से पुलिस अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।एसपी ग्रामीण ने बताया कि पुलिस जांच कर रही थी, इस बीच पता चला कि आरोपी रिषभ ने कुछ समय पहले पूनम के मोबाइल से सिम चोरी कर लिया था, कुछ दिन बाद उसका इस्तेमाल भी किया। सर्विलांस के जरिये यह बात सामने आई तो रिषभ पर शक मजबूत हो गया। सोमवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने भाभी की हत्या किए जाने की बात कबूल कर ली

युवक की हत्या कर नहर में फेंका था शव, हत्यारोपी गिरफ्तार

फिरोजाबाद। थाना एका पुलिस टीम ने मंगलवार को आठ दिन पूर्व नहर से बरामद शव की शिनाख्त कर हत्यारे को आलाकत्ल सहित गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त ने अंगोछे से गला घोटकर हत्या की गयी थी।
प्रभारी निरीक्षक एका संजुल पांडेय पुलिस टीम के साथ मंगलवार को क्षेत्र में गश्त पर थे तभी उन्होंने वांछित हत्यारोपी योगेश उर्फ कन्हैया को गिरफ्तार किया है। जिसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल एक अंगौछा की बरामदगी हुई है।
थाना प्रभारी ने बताया कि थाना एका क्षेत्र अन्तर्गत 17 मार्च की शाम को जेड़ा झाल नहर से एक युवक का शव मिला था। शव की शिनाख्त परिजनों ने एका निवासी अरविन्द पुत्र स्व. श्रीकिशन के रूप में की थी। पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर पर नामजद अभियुक्त योगेश उर्फ कन्हैया के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर हत्यारोपी की तलाश शुरू कर दी। जिसे आज गिरफ्तार किया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने बताया है कि वह एक ट्रक ड्राइवर है जोकि हरियाणा की ट्रांसपोर्ट कंपनी में ट्रक चलाता है। होली पर वह अपने गांव आया था। तब पता चला कि उसकी बहन व पत्नी के अवैध संबंध अरविन्द (मृतक) व उसके भाई के साथ है। इसी बात से क्षुब्ध होकर वह प्लानिंग के तहत अरविन्द को 16 मार्च को मोटरसाइकिल से जेडा नहर के पास ले गया तथा वहीं दोनों ने बीयर पी। इसके बाद अरविन्द के गले में पडे अंगोछे से उसकी गला घोटकर हत्या कर शव को नहर में फेक दिया।
पुलिस ने हत्यारोपी को कार्यवाही कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया है।

साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
24/03/2026

*फर्जी दस्तावेजों के जरिए खातों से करोड़ों का लेनदेन, भारी मात्रा में सामान बरामद*

गोरखपुर। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना एम्स पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लोगों को लोन दिलाने और सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 2 लैपटॉप, 8 कूटरचित मोहर, 28 हस्ताक्षरित चेक, 4 पासबुक, 3 एटीएम कार्ड और 2 चेकबुक बरामद किए हैं।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब एक पीड़ित ने थाना एम्स में शिकायत दर्ज कराई कि लोन दिलाने के नाम पर आरोपियों ने उसके बैंक खातों के दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड ले लिए। बाद में खातों में संदिग्ध लेनदेन होने पर खाते फ्रीज हो गए। पूछताछ करने पर आरोपियों ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी गिरोह बनाकर जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाते थे। वे पहले लोन या सरकारी योजना का झांसा देकर खाताधारकों से उनके बैंकिंग दस्तावेज हासिल कर लेते थे, फिर उन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसों के ट्रांजैक्शन में करते थे। इसके अलावा, आरोपी कूटरचित स्टैंप और दस्तावेजों के जरिए फर्जी लोन प्रोसेस भी तैयार करते थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में ध्रुव साहनी, सूरज सिंह, अजय उपाध्याय, अखंड प्रताप सिंह उर्फ विक्की, बृजेन्द्र कुमार सिंह, अभिषेक कुमार यादव और अमर कुमार निषाद शामिल हैं। सभी के खिलाफ थाना एम्स में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

गोरखपुर में फर्जी आईएएस गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
24/03/2026

गोरखपुर: फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले प्रीतम निषाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कैंट पुलिस ने जालौन से दबोचा। एसपी सिटी ने प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा किया।

पुलिस के अनुसार, प्रीतम निषाद खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था। उसने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईएएस के नाम से प्रोफाइल भी बना रखी थी। शॉर्टकट से पैसे कमाने के इरादे से वह जालसाजी करता था।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से मोबाइल, टैबलेट और आधार कार्ड बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रीतम निषाद ने दो महिलाओं से शादी की है।

पीड़ित परिवार की शिकायत पर फर्जी आईएएस के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी, जिसके बाद अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

बकाया भुगतान को लेकर आशा बहुओं का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
24/03/2026

सीएमओ का दावा—कोई बाउचर नहीं दिखा पाईं आशा कार्यकर्ता, एसीएम के समझाने पर समाप्त हुआ धरना

गोरखपुर। जनपद में बकाया भुगतान की मांग को लेकर आशा बहुओं ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचीं आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से विभिन्न मदों का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धरने के दौरान आशा बहुओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि वे लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय और अन्य प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र बकाया भुगतान कराने की मांग की।
मामले को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश झा ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी भी आशा कार्यकर्ता का भुगतान वास्तव में लंबित है और उसका संबंधित बाउचर या वैध दस्तावेज उपलब्ध है, तो विभाग तत्काल भुगतान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विभाग पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और बिना प्रमाण के किसी भी भुगतान का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सीएमओ ने यह भी कहा कि धरना दे रहीं आशा बहुएं अपने बकाया भुगतान से संबंधित कोई ठोस बाउचर या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाईं और केवल मौखिक आरोप लगाती रहीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कोई भी कार्यकर्ता उचित प्रमाण प्रस्तुत करता है, तो उसका भुगतान तत्काल कराया जाएगा।
स्थिति को संभालने के लिए एसीएम द्वितीय राजू कुमार मौके पर पहुंचे और आशा बहुओं से वार्ता की। उन्होंने उन्हें शांतिपूर्वक अपनी बात रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने की सलाह दी। अधिकारियों के समझाने के बाद आशा बहुएं धीरे-धीरे शांत हुईं और अंततः बिना कोई बाउचर प्रस्तुत किए धरना समाप्त कर वहां से लौट गईं।
प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगे सभी कर्मियों का भुगतान नियमों के तहत सुनिश्चित किया जाता है और यदि कहीं कोई वास्तविक समस्या है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। वहीं, अधिकारियों ने अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए संबंधित दस्तावेजों के साथ विभाग से संपर्क किया जाए, ताकि समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा सके।

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