बलदेव। पर्यावरण संरक्षण और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत खंड विकास अधिकारी नेहा रावत ने प्राथमिक विद्यालय बलरामपुर में पौधारोपण कर बच्चों और ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ पौधे लगाए तथा उनकी देखभाल का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ खंड विकास अधिकारी नेहा रावत और विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. जगदीश पाठक ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसके बाद विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया।
इस अवसर पर बीडीओ नेहा रावत ने बच्चों को पर्यावरण का महत्व बताते हुए कहा कि पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और संतुलित वातावरण के लिए प्रत्येक बच्चे को हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए। विद्यालय परिसर में हरियाली होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण मिलेगा।
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों में प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विकसित करने का भी महत्वपूर्ण स्थान है। सभी को पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
प्रधानाध्यापक डॉ. जगदीश पाठक ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। पेड़ हमें ऑक्सीजन, छाया और फल प्रदान करते हैं, इसलिए अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनका संरक्षण किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ, ग्रामवासी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक डॉ. जगदीश पाठक ने किया। विद्यालय परिवार ने बीडीओ नेहा रावत का आभार व्यक्त किया।
हाथरस। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लेबर कॉलोनी, मुंशी गजाधर सिंह मार्ग में 10 अगस्त को प्रांतीय वैदिक गणित प्रश्न मंच कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैदिक गणित के प्रति रुचि विकसित करने के साथ गणनाओं को सरल, सहज और रोचक बनाना रहा।कार्यक्रम के संयोजक प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार पांडेय तथा व्यवस्था प्रमुख प्रधानाचार्य लोकेंद्रनाथ शर्मा रहे। उन्होंने वैदिक गणित की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है, जो वर्तमान समय में भी गणनाओं को सरल बनाने में प्रभावी है।कार्यक्रम की सफलता में आचार्य सतीश कुमार सारस्वत, देवकीनंदन, चिरंजीलाल, मनोज शर्मा, हरेंद्र, रोहित एवं विमल सहित अन्य आचार्यों का विशेष योगदान रहा।समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधक मनोज कुमार अग्निहोत्री ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी निरंतर किए जाएंगे।