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बलिया में दिन दहाड़े डकैती, नकाबपोशों ने घर में घुसकर महिलाओं को बनाया बंधक और नकदी जेवरात लेकर हुए फरार

June 7, 2026

बलिया में दिन दहाड़े डकैती, नकाबपोशों ने घर में घुसकर महिलाओं को बनाया बंधक और नकदी जेवरात लेकर हुए फरार

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 07/06/2026

बलिया, 07 जून 2026,   खेज़ुरी थाना अंतर्गत खड़सरा गाँव में दिन दहाड़े आधा दर्जन नकाबपोशों ने असलहे के बल पर एक अल्पसंख्यक परिवार के घर मे डकैती की। विरोध करने पर घर की महिलाओ को बंधक बनाकर जमकर पीटा। घर के सारे जेवरात और नगदी लेकर हुए फरार। मौके पर पहुंची पुलिस ने FIR दर्ज कर डकैतों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें की गठित।

घर के बाहर पुलिस की मौजूदगी की यह तस्वीरे बलिया के खेजुरी थाना क्षेत्र के खडसरा गांव की है जहाँ एक अल्पसंख्यक परिवार के घर मे दिन दहाड़े आधा दर्जन डकैतों ने धावा बोल दिया। पीड़ित परिवार की माने तो उस वक्त घर मे सिर्फ महिलाएं ही थी । डकैतों ने असलहे के बल पर घर का सारा सामान और जेवरात लूट लिया और ले गए विरोध करने पर उन्हें जमकर पीटा। जाते जाते डकैतों ने पुलिस में शिकायत करने पर उनके पति को हत्या करने की धमकी देते गए। पीड़ित परिवार पुलिस से सुरक्षा की मांग कर रहा है।

पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है वही अपराधियो की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमे गठित कर जांच शुरू कर दिया है।

Tripura News सीमा क्षेत्र के भूमि विक्रय अभिलेख जांचें: अमित शाह

अगरतला ( त्रिपुरा) 07 जून 2026, गृह मंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर वित्तीय लेनदेन, भवन निर्माण और संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने का आह्वान किया है। यह निर्देश श्री शाह की अध्यक्षता में बीएसएफ के त्रिपुरा सीमा मुख्यालय में पूर्वोत्तर राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के संबंध में हुई बैठक के दौरान दिया गया। गृह मंत्री ने पिछले पांच वर्षों के भूमि अभिलेखों की जांच कराने का भी निर्देश दिया।
श्री शाह ने कहा कि मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जाने चाहिए और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना राज्यों की जिम्मेदारी है। श्री शाह ने कलेक्टरों और जीएसटी अधिकारियों को प्रशिक्षित करने और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को नकली मुद्रा का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया। गृह मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मादक पदार्थों और हथियारों के खतरे से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने हेतु शिविर आयोजित किए जाने चाहिए और इन शिविरों में पटवारियों (पहरेदारों), स्थानीय पुलिस और बीएसएफ कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है, साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और सुरक्षा के लिए केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय को बढ़ावा दे रही है। बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा, डीजीपी अनुराग धनखड़ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सभी आठ सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित थे।

Moradabad रेलवे स्टेशन पर अनाधिकृत ड्रिंकिंग वाँटर के उन्तीस कार्टन जब्त

कलकत्ता जाने वाली गुरुमुखी एक्सप्रेस के कोचों में छिपाकर रखे गए
रेल नीर की बजाय अन्य ब्रांड पानी बेचा जा रहा

Post on 7.6.26
Sunday Moradabad
Rajesh Bhatia,11.00 Am

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा।
ट्रेनों में रेल नीर की जगह अन्य पानी के ब्रांड की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है।शनिवार को गुरुमुखी एक्सप्रेस ट्रेन -12326 ट्रेन में अनाधिकृत ब्रांड का पानी पकड़ा गया।मुरादाबाद स्टेशन पर वाणिज्य विभाग सक्रिय हुआ। सीआईटी भावेश शर्मा, टीटीई अतुल सिंह आदि स्टाफ ने ट्रेन के कोचों को औखंगाला। टीम ने ट्रेन से पानी के 29 कार्टन बरामद किए।विक्रेता के पास दस्तावेज व होने से सभी कार्टन को जब्त कर लिया गया।

सीनियर डीसीएम का कहना है कि मैसर्स वृंदावन केटरिंग कंपनीके विक्रेता पर अनाधिकृत ब्रांड बेचने पर लगा जुर्माना लगाया गया है ।विक्रेता के पास ब्रांड का पानी बेचने का प्रमाण पत्र नहीं था। रेल प्रशासन ने ड्रिंकिंग वाँटर के कार्टन को जब्त कर लिया गया। पेयजल की पेटियों को लॉस्ट प्रापर्टी में जमा कराया गया है।

धरातल पर उतरते ही भटका आंदोलन

Editorial 07.06.2026 by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News

एक खास मुद्दे और टिप्पणी को लेकर डिजिटल मीडिया में शुरू हुआ आंदोलन जमीन पर उतरते ही दिशा भटक गया। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और उनके सोशल मीडिया समर्थकों ने 6 जून को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। लगभग एक हजार लोग देशव्यापी आह्वान के बाद प्रदर्शन में जुटे। लगभग इतने ही पुलिसकर्मी और मीडिया, सोशल मीडिया, यूट्यूबर और तमाशबीन भी थे। आंदोलन के लिए दिल्ली पुलिस ने 8 घंटे की अनुमति दी थी किंतु यह 6 घंटे में खत्म हो गया।

संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस प्रदर्शन की घोषणा सिर्फ एक सूत्रीय मांग के लिए की थी। यह मांग थी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र। प्रदर्शन के दौरान इस मांग की यहां औपचारिकता पूरी की गई। सरकार को 7 दिन का समय देकर अल्टीमेटम जारी कर दिया गया। किंतु इससे भी बड़ी तस्वीर जो आंदोलन में उभरी वह ये थी कि पूरा आंदोलन एक खास विचारधारा के लोगों के हाथों हाइजैक हो गया। इसमें परंपरागत मोदी विरोधी, भाजपा विरोधी, भारत विरोधी विमर्श गढ़ने वाले समूह हावी हो गए। इन्होंने वही सब करना शुरू कर दिया जो सीएए विरोधी आंदोलन में हुआ। ये ग्रुप अपनी ढ़पली लेकर आंदोलन स्थल पर पहले से ही मौजूद था। इन्होंने आजादी -आजादी के नारे लगाए। मीडिया ने जब प्रश्न किया कि आंदोलन नीट यूजी की गड़बड़ियों और प्रधान के इस्तीफे को लेकर है तो आजादी के नारे का क्या औचित्य है, इस पर ये लोग भड़क गए और गोदी मीडिया कहकर उन्हें वहां से भगाने लगे। इससे पूरा आंदोलन रास्ते से भटकता नजर आया। आंदोलन में तमाम लोग ऐसे थे जिन्हें न तो नीट की कोई जानकारी थी और न ही वे मुद्दे को जानते थे। बस वे तो इस लिए आए कि एक आंदोलन मोदी सरकार के खिलाफ है। आंदोलन के मंच पर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी पहुंचे। उन्होंने पूरी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की बात की।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आंदोलन शुरू करने का ये भारत में पहला प्रयोग है। इसीलिए शायद सरकार ने इस आंदोलन और प्रदर्शन को आसानी से अनुमति दे दी। क्योंकि सरकार इसे एक प्रयोग के रूप में भी परखना चाहती होगी, की क्या सोशल मीडिया पर किसी मुद्दे पर एकजुट हुए लोग यथार्थ में धरातल पर भी सफल हो सकते हैं या नहीं। अथवा सोशल मीडिया पर उभरे समूह और फॉलोअर्स समुद्र के पानी पर उभरे बुलबुले साबित होते है, जो समय के साथ स्वत: ही फूट जाते है ।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की स्थापना को अभी 21 दिन ही हुए है। इस दौरान इसके लाखों सोशल मीडिया फॉलोअर्स हो गए। इंस्टाग्राम पर सीजेपी का अकाउंट बनने के 2 दिन के भीतर ही, 140 लाख फॉलोअर्स हो गए थे। पार्टी एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में 16 मई को अमेरिका में बैठे पूर्व आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता और मीडिया एक्सपर्ट अभिजीत दीपके ने बनाई। क्योंकि 15 मई को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं पर प्रतिकूल टिप्पणी की थी। उन्हें कॉकरोच की तरह बताकर सिस्टम को नुकसान पहुंचाने वाला बताया था। टिप्पणी वास्तव में अपमानजनक और गैर जरूरी थी। इससे युवाओं को भावनात्मक ठेस पहुंची और अपमानित भी हुए। इस आक्रोश का आकलन करके अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया अभियान शुरू कर दिया। जो अब धरना,प्रदर्शन में बदलने लगा है।

सवाल फिर वहीं है कि क्या आंदोलन अपने उद्देश्य के अनुरूप है और क्या सही दिशा में है। क्या आंदोलन उसके संस्थापकों के हाथों में है या स्वार्थी तत्वों ने इसे हाइजैक कर लिया है। इन प्रश्नों का उत्तर सिर्फ अभिजीत दीपके को तलाशना होगा। वरना सही मांग के बावजूद ये अभियान युवाओं की सहानुभूति खो देगा।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

June 6, 2026

सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति के समन्वय से ही विश्वगुरु बनेगा भारत : जगद्गुरु रामभद्राचार्य

– अखिल भारतीय संस्कृत परिषद् के विकास के लिए रामभद्राचार्य ने दिए एक लाख रुपये
– सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति का सामंजस्य विषय पर विशिष्ट व्याख्यान
लखनऊ, 06 जून । पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति भारत की अक्षुण्ण धरोहर हैं, जिनमें मानव कल्याण, नैतिक मूल्यों और विश्वबंधुत्व की भावना निहित है। नई पीढ़ी को वैदिक परंपराओं और सनातन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। यही सांस्कृतिक सामंजस्य भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा। इस अवसर पर उन्हाेंने अखिल भारतीय संस्कृत परिषद के विकास के लिए एक लाख रुपये का योगदान देने की घोषणा की। वहीं लखनऊ उत्तर से विधायक नीरज बोरा ने पुस्तकालय एवं अन्य विकास कार्यों के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की।
अखिल भारतीय संस्कृत परिषद लखनऊ के तत्वावधान में शनिवार को परिषद सभागार में सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति का सामंजस्य विषय पर आयोजित विशिष्ट व्याख्यान एवं जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के अभिनंदन समारोह में देशभर के विद्वानों, शिक्षाविदों, संस्कृत प्रेमियों और शोधार्थियों ने सहभागिता की। ज्ञानपीठ, पद्मविभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत जगद्गुरु ने कहा कि प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और वैश्विक शांति का संदेश भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव सभ्यता का अस्तित्व भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने भारतवर्ष और भक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि भारत के प्रति समर्पण ही सच्ची भक्ति और भारतीयता का आधार है। जगद्गुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास ने भी अपने विचार रखे। राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के पूर्व कुलपति प्रो. रामसेवक दुबे ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा रचित भाष्यों की विशिष्टताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
परिषद के मंत्री प्रो. प्रयाग नारायण मिश्र ने संस्था का परिचय प्रस्तुत किया, जबकि अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभूषण त्रिपाठी ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अशोक कुमार शतपथी ने किया। वैदिक मंगलाचरण एवं शांति पाठ कुलवंत और उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
समारोह में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय, डॉ. रविकिशोर त्रिवेदी, डॉ. युग्गीलाल दीक्षित, डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, आईएएस डॉ. नीरज शुक्ल, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, प्रो. हरिशंकर मिश्र, प्रो. रामसुमेर यादव, प्रो. अनिल प्रताप गिरि सहित अनेक विद्वान, शोधार्थी और संस्कृत प्रेमी उपस्थित थे।

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