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25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, नवाचार और रोजगारपरक शिक्षा का पर्याय बना टीएमयू

September 14, 2026

25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, नवाचार और रोजगारपरक शिक्षा का पर्याय बना टीएमयू

TMU

Teerthankar Mahaveer University Moradabad

एक कॉलेज से शुरू हुई यात्रा ने 16 हजार से अधिक स्टुडेंट्स वाली यूनिवर्सिटी का रूप लिया, 14 सितंबर को 26वें वर्ष में मंगल प्रवेश

वर्ष 2001 में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तीर्थंकर महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (टीएमआईएमटी) कॉलेज से शुरू हुई तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू), मुरादाबाद की शैक्षणिक यात्रा 14 सितंबर 2026 को अपने 25 वर्ष पूर्ण कर 26वें वर्ष में मंगल प्रवेश कर लिया है। ढाई दशक की यह यात्रा केवल संस्थागत विस्तार की कहानी नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, नवाचार, कौशल विकास, रोजगार, खेल, सामाजिक उत्तरदायित्व और वैश्विक शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में निरंतर उपलब्धियों की यात्रा रही है। करीब 130 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विस्तृत हरे-भरे परिसर में आज देश के लगभग सभी प्रमुख राज्यों के साथ नेपाल और भूटान सहित विभिन्न क्षेत्रों के 16 हजार से अधिक स्टुडेंट्स शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी के विभिन्न संस्थानों में 850 से अधिक अनुभवी शिक्षक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवम् रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने में जुटे हैं। जरूरतमंद, मेधावी और जैन स्टुडेंट्स के लिए आकर्षक छात्रवृत्ति योजनाएं भी संचालित हैं।

एक कॉलेज से यूनिवर्सिटी तक का सफर

वर्ष 2001 में कंप्यूटर, मैनेजमेंट, साइंस और तकनीकी पाठ्यक्रमों के साथ शुरू हुई यह यात्रा वर्ष 2005 में डेंटल कॉलेज और वर्ष 2008 में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के साथ चिकित्सा शिक्षा तक पहुंची। इसी वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार से यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी मिली। आज टीएमयू में डेंटल, मेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, पैरामेडिकल साइंसेज, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, मैनेजमेंट, लॉ, फिजिकल एजुकेशन, एजुकेशन, फाइन आर्ट्स और एग्रीकल्चर सहित विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षा उपलब्ध है। यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों के माध्यम से लगभग 150 स्नातक एवं परास्नातक व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और तकनीकी विकास को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रमों तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निरंतर अपडेट किया जा रहा है।

रोजगारपरक शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर

टीएमयू की शिक्षा व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य स्टुडेंट्स को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमशीलता के लिए तैयार करना रहा है। तकनीकी ज्ञान, व्यक्तित्व विकास, अंग्रेजी भाषा में दक्षता और व्यावहारिक कौशल के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। वर्ष 2019 में स्टुडेंट्स के व्यावहारिक अंग्रेजी ज्ञान को और मजबूत करने के लिए परिसर में सीटीएलडी विभाग की स्थापना की गई। देश और दुनिया में उद्योगों की बदलती जरूरतों पर नजर रखते हुए स्टुडेंट्स को इंडस्ट्री एक्सपोजर, औद्योगिक भ्रमण, गेस्ट लेक्चर और प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। देश की प्रमुख कंपनियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधि कैंपस में प्लेसमेंट के लिए पहुंचते हैं। टीएमयू के अनेक पूर्व स्टूडेंट्स देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।

शिक्षा के संग चिकित्सा सेवा भी बनी पहचान

टीएमयू की प्रमुख उपलब्धियों में शिक्षा के साथ चिकित्सा सेवा का विस्तार भी शामिल है। यूनिवर्सिटी से संबद्ध टीएमयू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर एवम् मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के लिए निशुल्क उपचार, बेड और भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वर्ष 2008 से अब तक लाखों मरीजों का उपचार एवम् पंजीकरण किया जा चुका है और बड़ी संख्या में जांच एवम् ऑपरेशन किए गए हैं। टीएमयू मेडिकल कॉलेज में 250 एमबीबीएस सीटें हैं, जबकि सर्जरी सहित 13 विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को मान्यता प्राप्त है।

कोविड काल में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

कोविड-19 महामारी के दौरान टीएमयू अस्पताल को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लेवल-3 कोविड अस्पताल घोषित कर अधिग्रहित किया गया था। उस समय मुरादाबाद मंडल में टीएमयू मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त कोई अन्य लेवल-3 अस्पताल नहीं था। महामारी के दौरान टीएमयू अस्पताल द्वारा प्रदान की गई सेवाओं की प्रदेश स्तर पर सराहना हुई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भी यूनिवर्सिटी प्रबंधन एवम् चिकित्सा टीम के प्रयासों की प्रशंसा की गई।

नवाचार और उद्यमशीलता को संस्थागत आधार

टीएमयू ने स्टुडेंट्स में नवाचार और उद्यमशीलता की संस्कृति विकसित करने के लिए संस्थागत स्तर पर कई पहल की हैं। यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट इन्नोवेशन काउंसिल को शिक्षा मंत्रालय के इन्नोवेशन सेल की मेंटर-मेंटी योजना के अंतर्गत पांच प्रतिष्ठित संस्थानों को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए 2.25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली। बिजनेस इन्क्यूबेशन सेंटर स्टुडेंट्स के नए विचारों को स्टार्टअप और वास्तविक उद्यम में बदलने के लिए मार्गदर्शन, संसाधन और वित्तीय सहयोग उपलब्ध करा रहा है। सेंटर को स्टार्टइन यूपी, एमएसएमई, डीएसटी-आईटीबीआई और एमईआईटीवाई से मान्यता प्राप्त है। यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों में पेटेंट, शोध, प्लेसमेंट और नवाचार भी महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से साझेदारी

टीएमयू ने स्टुडेंट्स को वैश्विक अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विदेशी यूनिवर्सिटीज एवम् संस्थानों के साथ शैक्षणिक साझेदारियां स्थापित की हैं। ड्यूल डिग्री, ज्वाइंट डिग्री, क्रेडिट ट्रांसफर और स्टुडेंट एक्सचेंज जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्टुडेंट्स को अंतर्राष्ट्रीय एक्सपोजर दिया जा रहा है। फिलीपींस, ब्राजील, फ्रांस और यूके के संस्थानों सहित विभिन्न विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर आईआईटी इंदौर, दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन और आईआईटी चेन्नई-मेकर भवन फाउंडेशन सहित प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी सहयोग किया गया है।

खेलों और समग्र विकास का प्रमुख केंद्र

टीएमयू परिसर में स्टुडेंट्स के लिए राष्ट्रीय स्तर की इंडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। यूनिवर्सिटी परिसर में रणजी ट्रॉफी, कूच बिहार ट्रॉफी, सीके नायडू ट्रॉफी, राष्ट्रीय पुरुष एवं महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप और राष्ट्रीय कैरम चैंपियनशिप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताएं आयोजित हो चुकी हैं। स्टुडेंट्स के समग्र विकास के लिए छात्रावास, भोजनालय, पुस्तकालय, वातानुकूलित ऑडिटोरियम, जिम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल मैदान, अंतर्राष्ट्रीय स्तर का इंडोर स्टेडियम और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। दिसंबर ,2022 में शुरू की गई लीडरशिप टॉक सीरीज के माध्यम से स्टुडेंट्स को देश-दुनिया के विशेषज्ञों एवम् प्रख्यात व्यक्तित्वों से सीधे संवाद का अवसर मिल रहा है।

संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिकता का समन्वय

आधुनिक एवम् तकनीकी शिक्षा के साथ टीएमयू ने भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों को भी महत्व दिया है। परिसर में जैन वाटिका और जिनालय के साथ पर्युषण पर्व जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्टुडेंट्स  में अनुशासन, आध्यात्मिकता, नैतिक मूल्यों और सामुदायिक एकता की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है। जैन स्टुडेंट्स के लिए धार्मिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

देश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने की यूनिवर्सिटी की सराहना

टीएमयू की विकास यात्रा में पूर्व राष्ट्रपति एवं मिसाइल मैन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, श्रीश्री रविशंकर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पद्म पुरस्कार प्राप्त विभूतियों, राज्यपालों, केंद्रीय एवम् राज्य मंत्रियों, फिल्मी सितारों, संगीतज्ञों, नृत्यांगनाओं, थिएटर कलाकारों और खिलाड़ियों की सहभागिता रही है। यूनिवर्सिटी के भव्य इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना करते हुए एएमयू के तत्कालीन कुलपति एवम् सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जमीरुद्दीन शाह ने एक अवसर पर कहा था, एएमयू ने 100 वर्षों में भी जितना इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा नहीं किया, उतना टीएमयू ने अपेक्षाकृत कम समय में हासिल कर लिया। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने टीएमयू के भव्य परिसर को देखकर इच्छा व्यक्त की थी कि काश वे भी टीएमयू के स्टुडेंट होते।

एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन यूनिवर्सिटी के भविष्य का ख़ाका खींचते हुए बताते हैं, टीएमयू एआई एजुकेशन, एआई टेक्नोलॉजीज, स्टार्टअप्स, इन्नोवेशन में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। यूएनओ के सतत विकास लक्ष्य के 17 बिंदुओं को आत्मसात करने को यूनिवर्सिटी संकल्पित है। क्वालिटी एजुकेशन के प्रति प्रतिबद्ध है। इन उपलब्धियों के बूते यूनिवर्सिटी विश्व की टॉप 100 रैंकिंग में स्थान पाने के लिए लक्षित है। टाइम्स रैंकिंग में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है। यूनिवर्सिटी भविष्य में क्यूएस रैंकिंग में भी अपना स्थान बनाना चाहती है।

कुलाधिपति श्री सुरेश जैनः रोजगारपरक शिक्षा हमारी सफलता का मूलमंत्र

कुलाधिपति सुरेश जैन ने कहा, टीएमयू की सफलता का मूलमंत्र विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, यूनिवर्सिटी की स्थापना से ही यह सोच रही है, ऐसे पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं, जिन्हें पूरा करने के बाद स्टुडेंट्स बेहतर रोजगार प्राप्त करने के साथ अपना कारोबार या स्टार्टअप भी शुरू कर सकें। उच्च शिक्षित एवं अनुभवी शिक्षक छोटे कस्बों से लेकर महानगरों तक के स्टुडेंट्स को आधुनिक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान, व्यक्तित्व विकास और अंग्रेजी भाषा में दक्षता के साथ विद्यार्थियों के समग्र विकास पर निरंतर काम किया जा रहा है।

ग्रुप वाइस चेयरमैन श्री मनीष जैनः टीएमयू एक संकल्प है

ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन ने कहा, टीएमयू एक संकल्प है और सिद्धांतों की आधारशिला है। इसी विचार के साथ टीएमयू ने अपनी स्थापना से अब तक की यात्रा सभी के सहयोग और स्नेह से पूरी की है। आने वाले समय में भी हम सब साथ मिलकर इस सफलता की यात्रा के नए अध्यायों के साक्षी बनेंगे।

एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैनः शैक्षणिक गुणवत्ता हमारी सबसे बड़ी पूंजी

एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन ने कहा, युवाओं को बदलते समय की तकनीक के साथ आत्मनिर्भर बनाना टीएमयू की प्राथमिकता है। यूनिवर्सिटी में नवाचार और कौशल विकास को विशेष महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, एआई, रोबोटिक्स और उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं पर यूनिवर्सिटी की लगातार नजर है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय एवम् अंतर्राष्ट्रीय एमओयू, रैंकिंग, पेटेंट, प्लेसमेंट और इंडस्ट्री कनेक्ट के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उद्योग जगत के विशेषज्ञ समय-समय पर गेस्ट लेक्चर के लिए यूनिवर्सिटी आते हैं और स्टुडेंट्स को इंडस्ट्री एक्सपोजर प्रदान करने के लिए नियमित औद्योगिक भ्रमण भी कराए जाते हैं। श्री जैन ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता ही तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी पूंजी है।

26वें वर्ष में नई उड़ान

14 सितंबर 2026 को 25 वर्ष पूर्ण कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी टीएमयू अब अपनी विकास यात्रा के अगले चरण की ओर बढ़ रही है। गुणवत्तापूर्ण एवम् रोजगारपरक शिक्षा, चिकित्सा सेवा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमशीलता, वैश्विक सहयोग, खेल और संस्कारों के समन्वय के संग यूनिवर्सिटी का लक्ष्य स्टुडेंट्स को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना और उन्हें राष्ट्रीय एवम् वैश्विक स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।