लेखपाल और दबंग की मिलीभगत
उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी।जनपद में एक महिला पत्रकार को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत करना भारी पड़ गया। आरोप है कि जांच करने आए हल्का लेखपाल ने आरोपी पक्ष से मिलीभगत करके महिला पत्रकार को भद्दी-भद्दी गालियां दिलवाईं और जान से मारने की धमकी दी। यही नहीं, लेखपाल पर आईजीआरएस शिकायत की गोपनीय जांच रिपोर्ट को लीक करने का भी गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने इस मामले में जिला अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर लेखपाल और उसके सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली सदर लखीमपुर खीरी की रहने वाली महिला पत्रकार सुनहरा पुत्री अब्दुल मजीद ने 5 अगस्त 2026 को आईजीआरएस पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत ग्राम नरहर (ब्लॉक फूलबेहड़) में सरकारी भूमि और आंबेडकर पार्क की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे से संबंधित थी।मामले की जांच के लिए 24 अगस्त 2026 को हल्का लेखपाल रवि प्रकाश तोमर को नियुक्त किया गया था। आरोप है कि 24 अगस्त की सुबह लेखपाल ने पीड़िता से फोन पर बात की और मौके पर जाने का बहाना बनाकर फोन काट दिया।
लेखपाल के फोन से मिली धमकी
पीड़िता का आरोप है कि उसी दिन दोपहर करीब 12:02 बजे लेखपाल के आधिकारिक मोबाइल नंबर से उनके पास फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम महताब निवासी ग्राम नरहर बताया।जब महिला पत्रकार ने इस संबंध में लेखपाल के नंबर पर दोबारा जानकारी लेनी चाही, तो महताब ने लेखपाल के ही मोबाइल से पीड़िता को मां-बहन की बेहद गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए फोन काट दिया।
गोपनीय जांच रिपोर्ट लीक करने का आरोप
पीड़िता का कहना है कि इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड खुद लेखपाल रवि प्रकाश तोमर है। उसने आरोप लगाया कि जब शिकायत और जांच की बात लेखपाल से हो रही थी, तो लेखपाल ने अपना फोन और सरकारी जांच की गोपनीय जानकारी आरोपी महताब को क्यों सौंपी? यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार, मिलीभगत और जांच को प्रभावित करने की कोशिश है। पीड़िता के पास इस पूरी घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित है।
कठोर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
महिला पत्रकार ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में मांग की है कि लेखपाल रवि प्रकाश तोमर और महताब के खिलाफ तत्काल सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए।दिनांक 24.08.2026 की लेखपाल के मोबाइल नंबर की सीडीआर और लोकेशन निकलवाई जाए, जिससे साफ हो सके कि उसका फोन महताब के पास कैसे पहुंचा।आईजीआरएस शिकायत के बाद से पीड़िता और उनके परिवार की जान को खतरा बना हुआ है, इसलिए उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान की जाए।
