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विद्यार्थियों को मिला एक और अवसर

August 25, 2026

विद्यार्थियों को मिला एक और अवसर

विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया की तिथियां बढ़ीं*
शाहजहांपुर। ( संजीव गुप्त)
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय ने समर्थ पोर्टल के माध्यम से स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया की तिथियों में विस्तार किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय छात्रहित में लिया है। जिन विषयों एवं पाठ्यक्रमों में सीटें रिक्त रह गई हैं, उनमें प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन का अवसर पुनः प्रदान किया गया है।
प्रवेश समन्वयक प्रो आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि समर्थ पोर्टल पर 200 रुपये प्रति छात्र की दर से शुल्क जमा कर स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर पुनः प्रवेश के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया 25 अगस्त 2026 से शुरू होगी। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 26 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन पत्र में सुधार करने के बाद संबंधित महाविद्यालय में उसकी प्रिंटआउट (हार्ड कॉपी) जमा करने की अंतिम अवधि 25 से 27 अगस्त 2026 तक निर्धारित की गई है। वहीं विश्वविद्यालय परिसर एवं संबंधित महाविद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कर शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 29 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अवसर केवल उन विषयों एवं पाठ्यक्रमों के लिए है, जिनमें सीटें अभी रिक्त हैं। विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रवेश प्रक्रिया में विस्तार छात्रहित को ध्यान में रखते हुए किया गया है। साथ ही शासन द्वारा घोषित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से प्रस्तावित हैं। ऐसे में निर्धारित शैक्षणिक मानक पूरे करने के लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों से निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने तथा संबंधित महाविद्यालय में आवश्यक दस्तावेज जमा कर प्रवेश सुनिश्चित कराने की अपील की है। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुधार विंडो रजिस्ट्रेशन के समानांतर खुली रहेगी।
कुलपति ने किया पुस्तक का विमोचन*
शाहजहांपुर। ( संजीव गुप्त)
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में बढ़ते उपयोग और उसकी संभावनाओं पर केंद्रित पुस्तक “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन सोशल साइंस रिसर्च : मेथड्स, एप्लीकेशंस एंड चैलेंजेज” का विमोचन कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने किया। पुस्तक का संपादन नेहरू मेमोरियल शिवनारायण दास कॉलेज, बदायूं के व्यवसाय प्रशासन विभाग के डॉ. प्रवेंद्र दीक्षित एवं समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष कैप्टन (डॉ.) संतोष कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया है। पुस्तक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सामाजिक विज्ञान अनुसंधान से जुड़े विभिन्न आयामों पर विद्वानों द्वारा प्रस्तुत शोध कार्यों को शामिल किया गया है। प्राप्त 27 शोध पत्रों में से विषय की प्रासंगिकता, गुणवत्ता और शोधपरक महत्त्व के आधार पर 10 शोध पत्रों का चयन कर उन्हें पुस्तक में प्रकाशित किया गया है।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक विज्ञान सहित प्रत्येक क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोल रही है। उन्होंने कहा कि शोध की गुणवत्ता, उसकी गति और विश्लेषण की क्षमता को बढ़ाने में एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि शोधकर्ताओं को इसके उपयोग के साथ अकादमिक नैतिकता, मौलिकता, तथ्यपरकता और मानवीय विवेक का विशेष ध्यान रखना होगा। एआई शोधकर्ता का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी क्षमताओं को विस्तार देने वाला प्रभावी उपकरण है। सामाजिक विज्ञान के शोध में इसका जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग समाज की जटिल समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ अनुराग अग्रवाल ने पुस्तक के संपादकों को बधाई देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में शोध की पारंपरिक पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीकी साधनों का समन्वय समय की आवश्यकता है। सामाजिक विज्ञान में एआई के प्रयोग पर केंद्रित यह पुस्तक निस्संदेह शोधार्थियों, शिक्षकों और विषय के अध्येताओं के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।