सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के भूमि पूजन के साथ क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सीबीएसई शिक्षा की नई शुरुआत
नरेंद्र मिश्रा
मैगलगंज खीरी।क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। श्रीपाल सिंह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, चौखड़िया द्वारा अपनी नवीन शाखा सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सीबीएसई बोर्ड, इटारा, मैगलगंज के भूमि पूजन समारोह का वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भव्य आयोजन किया गया।
भूमि पूजन कार्यक्रम में विद्या भारती एवं जन शिक्षा समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। भूमि पूजन के उपरांत अतिथियों ने श्रीपाल सिंह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पहुंचकर विद्यालय के नवीन द्वार एवं छात्र-छात्राओं के लिए निर्मित भवन का लोकार्पण किया।
इसके बाद विद्यालय परिसर में छात्र अलंकरण समारोह एवं अभिभावक सम्मेलन आयोजित हुआ। अतिथियों ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, संस्कारयुक्त शिक्षा तथा आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों के समन्वय पर जोर दिया। इस अवसर पर विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं तथा जिले में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह और गर्व साफ दिखाई दिया।
क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता होगी पूरी
कस्ता विधायक सौरभ सिंह सोनू एवं मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि क्षेत्र में अच्छे अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नवीन सीबीएसई विद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध होने की राह प्रशस्त हुई है।कार्यक्रम में विद्या भारती के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री यतींद्र कुमार शर्मा, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद जी, अवध प्रांत के प्रांत प्रचारक कौशल जी, जन शिक्षा समिति के प्रदेश निरीक्षक मिथिलेश कुमार अवस्थी, विद्यालय प्रबंधन के पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सरस्वती शिशु मंदिर, मैगलगंज के नवनिर्मित कक्षा-कक्ष का लोकार्पण भी किया गया। नवीन विद्यालय की स्थापना को क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

