एटा 07 अगस्त उप्रससे। जनपद में किसानों को उर्वरक निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव (कृषि), उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के निर्देशन में गठित संयुक्त प्रवर्तन टीमों ने शुक्रवार को जनपद की तीनों तहसीलों में एक साथ सघन औचक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान सहकारी समितियों सहित थोक एवं फुटकर उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच कर उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री तथा अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, टैगिंग अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जलेसर तहसील में एक लाइसेंस निलंबित
जलेसर तहसील में एसडीएम जलेसर, जिला कृषि अधिकारी एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान बी-पैक्स शाखा नबीपुर, पौडरी उर्वरक विक्रेता, बेरनी (सादाबाद रोड, अवागढ़) तथा वसुंधरा प्रतिष्ठान से उर्वरकों के दो नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए लेकर प्रयोगशाला भेजे गए। दो प्रतिष्ठान बंद मिलने पर संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि एक प्रतिष्ठान पर अभिलेखों में अनियमितता पाए जाने पर उसका उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
अलीगंज में दो विक्रेताओं को दिए नोटिस
अलीगंज तहसील में एसडीएम अलीगंज, उप कृषि निदेशक एवं सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान दो विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए। एक उर्वरक का नमूना गुणवत्ता परीक्षण के लिए लिया गया। सभी विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरकों की बिक्री करने और अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
सदर तहसील में कीटनाशकों के भी लिए गए नमूने
सदर तहसील में उपजिलाधिकारी सदर, अपर जिला कृषि अधिकारी एवं अपर जिला सहकारी अधिकारी की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान एक प्रतिष्ठान पर अभिलेख व्यवस्थित न मिलने पर नोटिस जारी किया और अभिलेख तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कीटनाशकों के दो नमूने भी गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किए गए।
संयुक्त प्रवर्तन टीमों ने सभी सहकारी समितियों एवं उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि उर्वरकों की बिक्री केवल पीओएस मशीन के माध्यम से, शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर और नियमानुसार की जाए। किसानों को फार्मर आईडी एवं खतौनी के आधार पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा स्टॉक एवं बिक्री संबंधी सभी अभिलेख नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। किसानों से अपील की गई कि वे आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक खरीदें और खरीदते समय रसीद अवश्य प्राप्त करें।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त औचक निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

